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	<title>गंगा &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>गंगा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>कड़ाके की ठंड; हरिद्वार गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, देवडोलियों ने किया स्नान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Jan 2026 05:08:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गंगा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="339" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-210608.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-210608.png 860w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-210608-300x165.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-210608-768x422.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है। माघ मकर संक्रांति स्नान पर्व की शुरआत घने कोहरे और भयंकर ठंड के बीच हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। ढोल और दमाऊं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="339" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-210608.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-210608.png 860w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-210608-300x165.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-210608-768x422.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है।</p>



<p>माघ मकर संक्रांति स्नान पर्व की शुरआत घने कोहरे और भयंकर ठंड के बीच हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। ढोल और दमाऊं की थाप के बीच देव डोलियों को लाया गया। और गंगा में स्नान कराया गया। श्रद्धाल हर की पैड़ी गंगा घाट पर पहुंचे। भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं दिखा। तड़के से गंगा के सभी घाटों पर लोग स्नान दान और पूजा करते देखे गए। गंगा घाट पर आरती की गई ।</p>



<p><strong>23 वर्ष में बना संक्रांति और एकादशी का शुभदायी संयोग</strong></p>



<p>सूर्य का दक्षिणायन से उत्तरायण में आना और एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना ही मकर संक्रांति कहलाता है। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है। इस विशेष मुहूर्त में स्नान को उत्तम बताते हुए ज्योतिषविद महात्म्य बता रहे हैं।</p>



<p>नारायण ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य आचार्य विकास जोशी ने बताया कि आज बुधवार को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे।उत्तरायण काल को शास्त्रों में शुभ माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य को अर्घ्य देना और दान करना विशेष फलदायी होता है। सुबह स्नान कर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना विशेष फलदायी रहेगा।</p>



<p><strong>सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा</strong></p>



<p>इस दिन सुबह 7 बजकर 31 मिनट बजे से रात 3 बजकर 04 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इसके साथ ही चतुर्ग्रही योग और वृद्धि योग भी रहेगा। इससे दिन और अधिक शुभ है। इस साल मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही है।</p>
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		<title>खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही गंगा, यमुना भी करीब</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Sep 2025 05:35:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गंगा]]></category>
		<category><![CDATA[यमुना]]></category>
		<category><![CDATA[सिंचाई विभाग]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r.jpg 1008w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-768x426.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सिंचाई विभाग की सोमवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.01 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.81 मीटर पहुंच गया और इसमें प्रतिघंटे 1.50 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। गंगा-यमुना नदियों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r.jpg 1008w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-768x426.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सिंचाई विभाग की सोमवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.01 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.81 मीटर पहुंच गया और इसमें प्रतिघंटे 1.50 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।</p>



<p>गंगा-यमुना नदियों का जलस्तर खतरे के निशान की तरफ बढ़ता दिख रहा है। गंगा का जलस्तर 84 मीटर के पार हो गया है तो यमुना का भी इसके करीब है। इसका नतीजा है कि एक दर्जन से अधिक बस्तियां बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। मुश्किल यह कि दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है और टोंस अब भी उफान पर है। ऐसे में बाढ़ का दायरा बढ़ता दिख रहा है।</p>



<p>सिंचाई विभाग की सोमवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.01 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.81 मीटर पहुंच गया और इसमें प्रतिघंटे 1.50 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। दोनों नदियों के खतरे का निशान 84.734 मीटर है।</p>



<p>दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार कुछ कम जरूर हुई है लेकिन वृद्धि का सिलसिला अभी जारी रहेगा। अफसरों के अनुसार दोनों नदियों के जलस्तर में मंगलवार तक बढ़ोतरी जारी रहने के आसार हैं। इसके अलावा टोंस में ज्यादा पानी आ रहा है। इससे संगम के बाद पानी तेजी से निकल भी नहीं पा रहा है। इससे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।</p>



<p><strong>खुल गए चार राहत शिविर, 1100 से अधिक लोग पहुंचे<br></strong>जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। बघाड़ा, सलोरी, बेली, राजापुर, नेवादा आदि मोहल्लों के कछारी इलाकों में ऊपर तक पानी आ गया है और एक दर्जन से अधिक बस्तियां प्रभावित हैं। गंगा के दोनों तरफ शहर की 13 बस्तियों के हजारों परिवारों को तीसरी बार घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसका नतीजा रहा कि सोमवार को राजापुर स्थित ऋषिकुल विद्यालय भी बाढ़ राहत शिविर में तब्दील हो गया और शाम तक पौने तीन सौ लोग इसमें पहुंच भी गए। इस तरह अब चार शिविर चालू हो गए हैं और इनमें करीब 250 परिवारों के 1100 से अधिक लोग पहुंचे हैं। इन शिविरों में लोगों के पहुंचने का सिलसिला रात तक जारी रहा। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए दो अन्य शिविर तैयार भी कर दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें भी चालू कर दिया जाएगा।</p>



<p><strong>घंटों गुल रही बिजली, शिविर में परेशान रहे शरणार्थी<br></strong>बाढ़ की वजह से बेघर हुए लोगों को उमस भरी गर्मी ने भी परेशान किया। मेहबूब अली इंटर कॉलेज बाढ़ रात शिविर में दोपहर में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। यहां दो घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। ऐसे में पंखे नहीं चले। लोग हाथ वाले पंखे के सहारे रहे लेकिन चिपचिपाती गर्मी में इससे राहत नहीं मिली।</p>



<p>शिविर में लोगों को सुबह नाश्ते में चाय के अलावा हलवा और केला मिला। बच्चों को दूध और बिस्किट भी मिला। इसके अलावा दोपहर में खाना मिला लेकिन कई लोग इससे वंचित रह गए। म्योराबाद के कल्लू मिस्त्री, छोटकई वर्मा, अमित वर्मा को सुबह नाश्ता नहीं मिला। कल्लू का कहना था कि दोपहर में खाना भी पर्याप्त नहीं मिला। कल्लू, छोटकई का कहना था कि बाहर से कई लोग आ जा रहे हैं जिन्हें खाना दिया जा रहा है लेकिन उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया। इनका कहना था कि सुबह वे लोग काम से चले गए थे और लौटे तो नाश्ता बंट चुका था। मांगने पर बताया गया कि अब नहीं मिलेगा।</p>



<p><strong>प्रभावित मोहल्ले एवं गांव<br></strong>अफसरों के अनुसार सदर तहसील के अंतर्गत कछार मऊ, मऊ सरैया, बघाड़ा जहरूद्दीन, बघाड़ा बालन, मेहंदौरी कछार, शिवकुटी, नेवादा, बेली, सलोरी की बस्तियों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। फूलपुर में सोनौटी, बदरा धोकरी, लीलापुर, करछना में देहली, भगेसर गांव और मोहल्ले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन मोहल्लों और गांवों में 32 नावें व एक मोटर बोट चलानी पड़ी है।</p>
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		<title> गंगा में नहाते समय पांच बच्चे डूबे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Apr 2024 12:33:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गंगा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/up-2-7.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/up-2-7.jpg 836w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/up-2-7-300x170.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/up-2-7-768x435.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />यूपी के शुक्लागंज में चार बच्चों की गंगा नहाते समय डूबने से मौत हो गई। जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।  शुक्लागंज में गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के जाजमऊ चौकी अंतर्गत चंदन घाट में गंगा नहाते समय पांच बच्चे डूब गए। आसपास के लोग सभी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/up-2-7.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/up-2-7.jpg 836w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/up-2-7-300x170.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/up-2-7-768x435.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>यूपी के शुक्लागंज में चार बच्चों की गंगा नहाते समय डूबने से मौत हो गई। जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। </p>



<p>शुक्लागंज में गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के जाजमऊ चौकी अंतर्गत चंदन घाट में गंगा नहाते समय पांच बच्चे डूब गए। आसपास के लोग सभी को निकाल कर पास के नर्सिंगहोम लेकर पहुंचे। हालत गंभीर बताए जाने पर सभी को कानपुर के रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने चार बच्चों को को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक का इलाज जारी है।</p>



<p>गंगाघाट कोतवाली के जाजमऊ क्षेत्र के रतिराम पुरवा निवासी सलमान का 7 वर्षीय बेटा राज बाबू, बेटी 11 वर्षीय नाजिया बानो यही के रहने वाले निजम का 10 वर्षीय बेटा मोहम्मद मुनाजिर और 8 वर्षीय हमीरपुर रियाज के अलावा एक 10 वर्षीय बच्ची सुबह जाजमऊ के चंदन घाट पर गंगा नहाने गए थे। तभी नहाते समय सभी गहराई में जाने से डूबने लगे। शोर सुनकर आसपास रहे गोताखोरों ने नदी में छलांग लगा दी।</p>



<p>इस दौरान सभी बच्चों को गोताखोरों ने खोज निकाला जिसमें बेहोशी की हालत में सभी को पास के नर्सिंगहोम ले गए। जहां से कानपुर के कांशीराम रेफर कर दिया गया। जहां पर दोपहर को उपचार के दौरान चिकित्सकों ने राज बाबू, नाजिया बानो, मुनाजिर और आमिर को मृत घोषित कर दिया। जिसकी सूचना परिजनों ने दोपहर करीब 2:00 बजे गंगाघाट पुलिस को दी। जानकारी होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जाजमऊ चौकी इंचार्ज विमल कुमार गोयल ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>यूपी: गंगा में दो बार मिले मानव अंग, पुलिस बोली- DNA रिपोर्ट आए तब कुछ कहते हैं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jan 2024 11:23:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[DNA रिपोर्ट]]></category>
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		<category><![CDATA[पुलिस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-79-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-79.png 828w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-79-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-79-768x439.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />बिलग्राम कोतवाल नारायण कुशवाहा ने बताया कि डीएनए टेस्ट की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। वीरेंद्र के पिता सोनेलाल के मामले पर उन्होंने कहा कि वह जनपद कन्नौज से लापता हुए थे। डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। हरदोई जिले में बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गंगा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-79-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-79.png 828w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-79-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/Capture-79-768x439.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>बिलग्राम कोतवाल नारायण कुशवाहा ने बताया कि डीएनए टेस्ट की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। वीरेंद्र के पिता सोनेलाल के मामले पर उन्होंने कहा कि वह जनपद कन्नौज से लापता हुए थे। डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।</p>



<p>हरदोई जिले में बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गंगा नदी मे सवा महीने के अंदर मानव अंग के अलग-अलग टुकड़े मिलने के मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। उधर दूसरी ओर कन्नौज निवासी एक युवक लापता पिता के शव के अंग होने की आशंका में कन्नौज और हरदोई के बीच फुटबाल बनकर रह गया है।</p>



<p>बीती 13 दिसंबर को गंगा नदी में एक मानव हाथ उतराता मिला था। मछुआरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हाथ कब्जे में लिया था। इसके बाद जाल डालकर तलाशी भी कराई गई थी, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने हाथ का अंतिम संस्कार कर दिया और एक टुकड़ा डीएनए टेस्ट के लिए भेजने का दावा किया।<br>इसके बाद 24 जनवरी को भी मछुआरों के जाल में एक मानव सिर फंस गया, जोकि कंकाल हो चुका था। इसके भी दांत को डीएनए टेस्ट के लिए भेजे जाने का दावा पुलिस ने किया है। इस सबके बीच कन्नौज जनपद के भीमापुरगांव निवासी वीरेंद्र आशंकाओं से घिरा हुआ है।</p>



<p><strong>वीरेंद्र ने हाथ अपने पिता का होने की आशंका जताई</strong><br>दरअसल वीरेंद्र के पिता सोनेलाल (50) बीती 10 दिसंबर से लापता है। 13 दिसंबर को जब मानव हाथ गंगा में मिला था, तो वीरेंद्र ने हाथ अपने पिता का होने की आशंका जताई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 24 जनवरी को मानव सिर मिलने के बाद उसने फिर से यही आशंका जताई है।</p>



<p><strong>डीएनए टेस्ट की जांच रिपोर्ट का है इंतजार</strong><br>बिलग्राम कोतवाल नारायण कुशवाहा ने बताया कि डीएनए टेस्ट की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। वीरेंद्र के पिता सोनेलाल के मामले पर उन्होंने कहा कि वह जनपद कन्नौज से लापता हुए थे। डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।</p>
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		<title>रुड़की: गंदगी को लेकर फिर बही गंगा और गंगनहर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Nov 2023 09:09:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[गंगा]]></category>
		<category><![CDATA[रुड़की]]></category>
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<p>हरकी पैड़ी से लेकर रुड़की आसफनगर झाल तक मरम्मतीकरण आदि कार्य के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया गया था। फिर अधिकारियों ने दावा किया कि मिले बजट से गंगा और गंगनहर की पूरी तरह से साफ-सफाई की जाएगी।&nbsp;बंदी के आखिरी दिन गंगनहर की हालत देखकर सफाई का अंदाजा लगाया जा सकता है।</p>



<p>मरम्मत और साफ-सफाई के नाम पर गंगनहर को बंद किया गया। लेकिन, मरम्मत तो हुई ही नहीं, साफ-सफाई भी नहीं की गई। गंगा और गंगनहर अब शुरू कर दी गई है और जमी गंदगी के जख्म गंगनहर अंदर ही रह गए। मरम्मतीकरण और सफाई के नाम पर तीन करोड़ रुपये से केवल खानापूर्ति कर दी गई।</p>



<p>उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से सालाना बंदी के तहत ऊपरी गंगनहर को बंद किया जाता है। जिसमें गंगनहर के गेट, किनारों की साफ-सफाई की जाती है। इस बार बार भी 24 अक्तूबर को दशहरा की रात बंद कर दिया गया था।</p>



<p><strong>पुराने कपड़े और कूड़ा फंसा हुआ</strong><br>उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से हरकी पैड़ी से लेकर रुड़की आसफनगर झाल तक मरम्मतीकरण आदि कार्य के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया गया था। फिर अधिकारियों ने दावा किया कि मिले बजट से गंगा और गंगनहर की पूरी तरह से साफ-सफाई की जाएगी।</p>



<p>सिंचाई विभाग ने जेसीबी मशीन और अन्य संसाधन सफाई के लिए लगाए थे, लेकिन बंदी के आखिरी दिन गंगनहर की हालत देखकर सफाई का अंदाजा लगाया जा सकता है। गंगनहर और घाटों पर अब भी सिल्ट है। घाटों पर जगह-जगह पुराने कपड़े और कूड़ा फंसा हुआ है। यह गंदगी गंगनहर की जख्म है और रविवार की रात गंगनहर के शुरू होते ही इसमें बह गई।</p>



<p><strong>सामाजिक संस्थाओं ने भी बनाई दूरी</strong></p>



<p>वैसे तो धर्मनगरी में गंगा स्वच्छता को लेकर अनेक सामाजिक संगठन बने हुए हैं। लेकिन, गंगनहर बंदी के दौरान अधिकतर सामाजिक संस्थाएं गंगा की साफ-सफाई के लिए आगे नहीं आईं। हरकी पैड़ी से लेकर गंगनहर में कहीं भी पानी नहीं था, बावजूद इसके अधिकांश सामाजिक संस्थाओं ने गंगा की निर्मलता के लिए सफाई अभियान चलाने से दूरी बनाए रखी।</p>



<p>ऊपरी गंगनहर बंदी के दौरान साफ-सफाई के लिए कम समय मिलता है। बात रही गंगा की पूरी तरह से साफ-सफाई के लिए जन सहभागिता की जरूरत थी, जो इस बार नहीं दिखी। बावजूद इसके फिर भी जरूरी कार्य निपटा लिए गए हैं। साफ-सफाई के लिए खुद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी एक दिन का श्रमदान किया था। &#8211; विकास त्यागी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश</p>
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