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	<title>खरमास &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>खरमास &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>आज से शुरू हुआ खरमास, 1 महीने तक भूलकर भी न करें ये काम</title>
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		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 05:16:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="426" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/65.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/65.jpg 757w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/65-300x207.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/65-110x75.jpg 110w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी सूर्य देव देवगुरु बृहस्पति की राशि में गोचर करते हैं, तो उस अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है। यह अवधि (Kharmas 2026) पूरे एक महीने तक, यानी 14 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जब तक सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश नहीं कर जाते। धार्मिक दृष्टि से इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="426" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/65.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/65.jpg 757w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/65-300x207.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/65-110x75.jpg 110w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी सूर्य देव देवगुरु बृहस्पति की राशि में गोचर करते हैं, तो उस अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है। यह अवधि (Kharmas 2026) पूरे एक महीने तक, यानी 14 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जब तक सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश नहीं कर जाते। धार्मिक दृष्टि से इस एक महीने को मांगलिक कामों के लिए अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस दौरान सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं?</p>



<p><strong>क्या न करें? (Kharmas Don’ts)<br></strong>खरमास के दौरान विवाह, सगाई या रोका जैसे शुभ कार्य पूरी तरह से वर्जित होते हैं।<br>इस एक महीने में नए घर में प्रवेश, नई प्रॉपर्टी की खरीदारी या बच्चों का मुंडन संस्कार भूलकर भी न करें।<br>कोई भी नया बिजनेस, नई नौकरी की शुरुआत या बड़ा निवेश खरमास के दौरान टाल देना चाहिए, क्योंकि इससे मनचाही सफलता नहीं मिल पाती।<br>इस पूरे महीने सात्विकता का पालन करें। इस दौरा मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज के सेवन से बचना चाहिए।</p>



<p><strong>क्या करें? (Kharmas Do’s)<br></strong>खरमास में भगवान सूर्य की पूजा का सबसे अधिक महत्व है। ऐसे में रोजाना सुबह उठकर तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।<br>यह समय धार्मिक कामों के लिए बहुत अच्छा है। ऐसे में विष्णु सहस्रनाम का पाठ और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। इससे आपके जीवन की हर बाधा दूर हो जाएगी।<br>इस महीने में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और पीले रंग की वस्तुओं का दान करना बहुत फलदायी होता है।<br>इस दौरान गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इससे मन शांत होता है और जीवन सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।</p>



<p><strong>पूजन मंत्र (Kharmas Puja Mantra)<br></strong>ॐ सूर्याय नमः।।<br>ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।।<br>ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।।</p>
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		<title>इस दिन से शुरू होगा खरमास? न करें ये गलतियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 05:31:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[खरमास]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="331" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-19-213137.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-19-213137.png 759w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-19-213137-300x160.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-19-213137-310x165.png 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हिंदू धर्म में खरमास का समय बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को खरमास कहा जाता है। साल 2026 में मार्च के महीने में खरमास शुरू होने जा रहा है, जिससे एक बार फिर सभी मांगलिक कामों पर कुछ समय के लिए रोक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="331" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-19-213137.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-19-213137.png 759w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-19-213137-300x160.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-19-213137-310x165.png 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हिंदू धर्म में खरमास का समय बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को खरमास कहा जाता है। साल 2026 में मार्च के महीने में खरमास शुरू होने जा रहा है, जिससे एक बार फिर सभी मांगलिक कामों पर कुछ समय के लिए रोक लग जाएगी। आइए जानते हैं मार्च 2026 में खरमास कब से शुरू हो रहा है और इस दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?</p>



<p><strong>खरमास कब शुरू होगा?<br></strong>वैदिक पंचांग के अनुसार, 15 मार्च, 2026 दिन रविवार को 1 बजकर 8 मिनट पर सूर्य का गोचर मीन राशि में होगा। इसी दिन से खरमास की शुरुआत होगी। वहीं, इसका समापन 14 अप्रैल, 2026 को होग।</p>



<p><strong>खरमास में भूलकर भी न करें ये गलतियां<br></strong>विवाह और सगाई – खरमास में देवों के गुरु बृहस्पति का बल कम हो जाता है। विवाह के लिए गुरु का शुभ होना जरूरी होता है, इसलिए इस दौरान शादियां नहीं की जाती हैं।<br>गृह प्रवेश और मुंडन – नए घर में प्रवेश, बच्चों का मुंडन संस्कार भी इस अवधि में नहीं किया जाता है। माना जाता है कि इससे सुख-समृद्धि में कमी आती है।<br>जमीन या वाहन की खरीदारी – भूमि, मकान या नई गाड़ी खरीदने के लिए खरमास को अच्छा नहीं माना जाता।<br>नए कारोबार की शुरुआत – किसी भी नए कारोबार की शुरुआत इस समय करने से बचना चाहिए।</p>



<p><strong>क्यों अशुभ माना जाता है खरमास?<br></strong>इस सूर्य देव अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा के दौरान जब उनके घोड़े थककर रुक जाते हैं, तब सूर्य देव खर यानी (गधों) के साथ अपनी यात्रा शुरू करते हैं। गधों की गति धीमी होती है, इसलिए सूर्य का तेज कम हो जाता है। इसके अलावा ज्योतिषीय दृष्टि से, गुरु की राशि में सूर्य के होने से गुरु की शुभता कम हो जाती है, जिससे मांगलिक काम रोक दिए जाते हैं, क्योंकि किसी भी मांगलिक काम के लिए गुरु का शुभ स्थिति में होना जरूरी होता है।</p>



<p><strong>खरमास में क्या करें?<br></strong>इस महीने में भगवान विष्णु और श्री कृष्ण की पूजा करना बहुत फलदायी होता है।<br>इस दौरान ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करने से आत्मविश्वास और सेहत में सुधार होता है।<br>इस दौरान जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े और गुड़ का दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।</p>
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		<title>कब से शुरू होगा साल का दूसरा खरमास? </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Feb 2026 06:40:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[खरमास]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="321" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-03-224020.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-03-224020.png 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-03-224020-300x156.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />खरमास की अवधि के दौरान शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, जब सूर्य देव धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को खरमास के नाम से जाना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, पहला खरमास 16 दिसंबर 2025 से लेकर 14 जनवरी 2026 तक था। आइए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="321" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-03-224020.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-03-224020.png 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-03-224020-300x156.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>खरमास की अवधि के दौरान शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, जब सूर्य देव धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को खरमास के नाम से जाना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, पहला खरमास 16 दिसंबर 2025 से लेकर 14 जनवरी 2026 तक था। आइए इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं कि कब से शुरू होगा साल का दूसरा खरमास और इस दौरान किन कामों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए।</p>



<p><strong>इस दिन से शुरू होगा खरमास?<br></strong>अगले महीने 14 मार्च को सूर्य राशि मीन राशि में गोचर करेंगे। इसी के साथ के दूसरे की खरमास की शुरुआत होगी। वहीं, इसी का समापन 13 अप्रैल को होगा।</p>



<p><strong>खरमास में क्या न करें?<br></strong>खरमास में भूलकर भी विवाह नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान विवाह करने से दांपत्य जीवन में परेशानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही भावनात्मक दूरी बन सकती है।<br>इसके अलावा खरमास के दौरान गृह प्रवेश या घर नहीं बनवाना चाहिए। इन कामों को करना अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वर्जित कामों को करने से घर में सुख-शांति का वास नहीं होता है। साथ ही परिवार के सदस्यों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।<br>खरमास में नए काम की शुरुआत करने से बचाना चाहिए। इससे जीवन में आर्थिक हानि हो सकती है। साथ ही काम में सफलता नहीं मिलती है।<br>खरमास में मुंडन संस्कार करना वर्जित है।</p>



<p><strong>खरमास में क्या करें?<br></strong>खरमास के दौरान ब्राह्मणों, गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे जातक को शुभ फल की प्रापित होती है और हमेशा अन्न-धन के भंडार भरे रहते हैं।<br>रोजाना सूर्य देव को अर्घ्य दें। इस दौरान सूर्य देव से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।<br>सुबह स्नान करने के बाद विष्णु जी की पूजा करें। भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें।</p>



<p><strong>जरूर करें पवित्र नदी में स्न्नान<br></strong>खरमास के दौरान पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, खरमास में इस उपाय को करने से साधक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। इस दौरान नदी में दीपदान जरूर करना चाहिए। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।</p>
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		<title>खरमास खत्म होने के बाद भी नहीं बजेगी शहनाई, जानें कब से शुरू होंगे शुभ मुहूर्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Jan 2026 11:57:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[खरमास]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-035557.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-035557.png 759w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-035557-300x151.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अगर आप या आपके परिवार में कोई साल 2026 में शादी के बंधन में बंधने की तैयारी कर रहा है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत काम की है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, विशेषकर विवाह के लिए ‘शुभ मुहूर्त’ का होना बहुत जरूरी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब ग्रह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-035557.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-035557.png 759w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-035557-300x151.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अगर आप या आपके परिवार में कोई साल 2026 में शादी के बंधन में बंधने की तैयारी कर रहा है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत काम की है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, विशेषकर विवाह के लिए ‘शुभ मुहूर्त’ का होना बहुत जरूरी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब ग्रह और नक्षत्र सही स्थिति में होते हैं, तभी विवाह का फल सुखद और मंगलमय होता है।</p>



<p>साल की शुरुआत में रहेगी धूम-धाम साल 2026 की शुरुआत शादियों के लिए बहुत शुभ है। जनवरी के महीने में मकर संक्रांति के बाद से शहनाइयां बजनी शुरू हो जाएंगी। इसके बाद मार्च में भी होली से पहले तक कुछ शुभ दिन मिलेंगे। लेकिन, फिर ‘खरमास’ लगने के कारण कुछ समय के लिए मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।</p>



<p><strong>गर्मियों के महीने और चातुर्मास का ब्रेक<br></strong>अप्रैल, मई और जून के महीने शादियों के लिए सबसे बिजी रहते हैं। 2026 में भी इन महीनों में लगन की भरमार रहेगी। हालांकि, जुलाई में ‘देवशयनी एकादशी’ के बाद भगवान विष्णु शयन काल में चले जाएंगे, जिसे ‘चातुर्मास’ कहा जाता है। इन चार महीनों (जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर) में कोई भी शादी या बड़ा मांगलिक कार्य नहीं किया जाएगा।</p>



<p><strong>साल के अंत में फिर से गूंजेगी शहनाई<br></strong>नवंबर में ‘देवउठनी एकादशी’ के साथ ही फिर से शादियों का सीजन शुरू होगा। नवंबर और दिसंबर 2026 में कई ऐसे मुहूर्त हैं जब लोग धूमधाम से विवाह कर सकेंगे। साल के आखिरी दो महीने उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो सर्दियों में शादी करना पसंद करते हैं।</p>



<p><strong>क्यों जरूरी है शुभ मुहूर्त?<br></strong>ज्योतिष के अनुसार, विवाह के वक्त गुरु और शुक्र ग्रह का उदय होना जरूरी है। अगर ये ग्रह ‘अस्त’ होते हैं, तो शादी नहीं की जाती। इसके अलावा, शुभ नक्षत्र जैसे रोहिणी, मृगशिरा और रेवती विवाह के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं। सही मुहूर्त में किया गया विवाह पति-पत्नी के बीच प्रेम और तालमेल को बढ़ाता है।</p>



<p>पंचांग के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत शादियों के मामले में थोड़ी शांत रहेगी। हालांकि, जनवरी में मकर संक्रांति के बाद खरमास समाप्त हो जाएगा। लेकिन, जनवरी 2026 में विवाह के लिए कोई भी शुभ लग्न उपलब्ध नहीं है। ऐसे में शहनाइयों की गूंज के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।</p>



<p>शादी-ब्याह के लिए असली रौनक फरवरी से शुरू होगी, जो मई के मध्य तक चलेगी। आइए जानते हैं 2026 के शुरुआती महीनों में विवाह के सबसे सटीक मुहूर्त:</p>



<p><strong>फरवरी 2026: शादियों के लिए सबसे शुभ महीना<br></strong>फरवरी का महीना विवाह के लिए बहुत अनुकूल रहने वाला है। इस महीने में कुल 5 बड़े मुहूर्त हैं:</p>



<p>शुभ तिथियां: 5, 6, 8, 12 और 19 फरवरी।</p>



<p>मार्च 2026: होली से पहले के मुहूर्त</p>



<p><strong>मार्च में भी शादियों के लिए अच्छे योग बने हुए हैं<br></strong>शुभ तिथियां: 4, 5, 9 और 10 मार्च।</p>



<p>अप्रैल 2026: महीने के अंत में लग्न</p>



<p>अप्रैल के शुरुआती और मध्य भाग में शुभ मुहूर्त की कमी है, लेकिन महीने के अंत में दो शुभ दिन मिल रहे हैं:</p>



<p>शुभ तिथियां: 27 और 30 अप्रैल।</p>



<p>मई 2026: मलमास से पहले की आखिरी धूम</p>



<p>मई का महीना मांगलिक कार्यों के लिए काफी व्यस्त रहेगा, लेकिन यह सिलसिला केवल मध्य मई तक ही चलेगा:</p>



<p>शुभ तिथियां: 1, 3, 7, 8, 13 और 14 मई।</p>



<p>विशेष नोट: 17 मई 2026 से मलमास (अधिक मास) शुरू हो रहा है। इसके बाद एक बार फिर सभी मांगलिक कार्यों और शादियों पर विराम लग जाएगा। इसलिए जो लोग गर्मियों में शादी करना चाहते हैं, उनके लिए 14 मई तक का ही समय सबसे उत्तम है।</p>
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		<title>खरमास में शुभ माने जाते हैं ये काम, जिन्हें करने से दूर होंगे सारे कष्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Dec 2025 05:00:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[खरमास]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-29-205858.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-29-205858.png 761w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-29-205858-300x168.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत हो चुकी है, जो 14 जनवरी 2026 तक चलने वाला है। धनु बृहस्पति की राशि है, जो ज्ञान के कारक हैं। ऐसे में खरमास को बृहस्पति देव की कृपा प्राप्ति के लिए भी खास माना जाता है। इस दौरान आपको कुछ विशेष कार्यों द्वारा सूर्य देव की भी कृपा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-29-205858.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-29-205858.png 761w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-29-205858-300x168.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत हो चुकी है, जो 14 जनवरी 2026 तक चलने वाला है। धनु बृहस्पति की राशि है, जो ज्ञान के कारक हैं। ऐसे में खरमास को बृहस्पति देव की कृपा प्राप्ति के लिए भी खास माना जाता है। इस दौरान आपको कुछ विशेष कार्यों द्वारा सूर्य देव की भी कृपा की प्राप्ति हो सकती है।</p>



<p><strong>जरूर करें ये काम<br></strong>खरमास पूजा-पाठ, जप-तप, दान-पुण्य, व्रत, आत्मचिंतन और सेवा-भाव के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा व उनके मंत्रों का जप करना, धर्मग्रंथ जैसे विष्णु सहस्रनाम, सत्यनारायण कथा और भागवत पाठ करना भी विशेष फलदायी माना जाता है।</p>



<p>साथ ही आप इस अवधि में देवी तुलसी के मंत्रों का भी जाप करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस अवधि में तीर्थ स्थानों की यात्रा से भी शुभ परिणाम मिलते हैं। इस आध्यात्मिक गतिविधियों को करने से आपको आध्यात्मिक पुण्य मिलता है।</p>



<p><strong>करें इन चीजों का दान<br></strong>खरमास की अवधि में दान करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। आप सूर्य देव की कृपा प्राप्ति के लिए खरमास में अपनी क्षमता के अनुसार, गरीबों व जरूरतमंद लोगों में अन्न और धन का दान कर सकते हैं। इसी के साथ खड़े मूंग या मसूर की दाल, लाल कपड़े, काले चने का दान करने से आपके जीवन की सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं। इसके साथ ही पीतल या फिर स्टील के बर्तनों का दान करना भी काफी शुभ होता है।</p>



<p>इसके साथ ही बृहस्पति देव की कृपा के लिए इस अवधि में पीली रंग की चीजों जैसे केला, चने की दाल, हल्दी, पीली मिठाई और पीले रंग के वस्त्रों का दान कर सकते हैं। खरमास में इन सभी चीजों का दान करने से साधक के लिए धन-वैभव में वृद्धि के योग बनने लगते हैं।</p>



<p><strong>बढ़ेगी पॉजिटिव एनर्जी<br></strong>खरमास में घर और पूजा स्थल पर साफ-सफाई का जरूर ध्यान रखें। इसके साथ ही मंदिर, घर के मुख्य द्वार और तुलसी के पास दीपक जलाएं। इससे सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। साथ ही खरमास में पूर्वजों के लिए पिंडदान करना विशेष महत्व रखता है। इससे साधक व उसके परिवार को पितरों की कृपा प्राप्त होती है। इन सभी कार्यों को करने से आपके सभी काम बिना किसी अड़चन के पूरे होते हैं और धन-वैभव में वृद्धि होती है।</p>
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