<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>क्यों आवश्यक है पेट के लिए फाइबर? जानें इसके लाभ &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Mon, 20 Jul 2020 11:51:51 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>क्यों आवश्यक है पेट के लिए फाइबर? जानें इसके लाभ &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>क्यों आवश्यक है पेट के लिए फाइबर? जानें इसके लाभ</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%b5%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f/353354</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Babita Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2020 11:51:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[क्यों आवश्यक है पेट के लिए फाइबर? जानें इसके लाभ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=353354</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="412" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/07/fgjghjhk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/07/fgjghjhk.jpg 750w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/07/fgjghjhk-300x200.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हर कोई यही कहता है कि हमें उन्हीं चीजों का ज्यादा सेवन करना चाहिए जिसमें फाइबर होता है. जब कोई इंसान बीमार होता है तो डॉक्टर उसे फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन करने की सलाह देते हैं. मगर काया आपने कभी सोचा हैं कि आखिर फाइबर में ऐसा क्या होता है जो आपके लिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="412" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/07/fgjghjhk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/07/fgjghjhk.jpg 750w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/07/fgjghjhk-300x200.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><div>हर कोई यही कहता है कि हमें उन्हीं चीजों का ज्यादा सेवन करना चाहिए जिसमें फाइबर होता है. जब कोई इंसान बीमार होता है तो डॉक्टर उसे फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन करने की सलाह देते हैं. मगर काया आपने कभी सोचा हैं कि आखिर फाइबर में ऐसा क्या होता है जो आपके लिए इतना आवश्यक है. फाइबर पेट के लिए अमृत का काम करता है. यह आपकी पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है इसके साथ ही यह आपकी आंतों की अच्छी सफाई भी करता है. परंतु यह बात बहुत महत्वपूर्ण है कि आप कितनी मात्रा और किस तरह से फाइबर का सेवन करते हैं, तो आइए आज हम आपको सेहत के लिए फाइबर के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं.<img decoding="async" class=" wp-image-353357 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/07/fgjghjhk-300x200.jpg" alt="" width="743" height="495" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/07/fgjghjhk-300x200.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/07/fgjghjhk.jpg 750w" sizes="(max-width: 743px) 100vw, 743px" /></div>
<div></div>
<div><strong>फाइबर क्या होता है</strong><br />
फाइबर एक ऐसा कार्बोहाइड्रेट होता हैं, जो पेड़ों के पत्ते, टहनियों और जड़ों का निर्माण करने में सहायक होते हैं. जब आप फाइबर का सेवन करते हैं तो आपको ज्यादा समय तक भूख नहीं लगती. फाइबर जीरो कैलोरी आहार होते हैं जो दो प्रकार के होते हैं: अघुलनशील और घुलनशील. अघुलनशील फाइबर में गेहूं के चोकर, नट्स और बहुत सी सब्जियों शामिल होती हैं. इसकी संरचना मोटी और खुरदरी होती है और यह पानी के साथ मिक्स नहीं होते, इसलिए यह पाचन तंत्र से चिपके रहते हैं. घुलनशील फाइबर में जई, सेम,जौ और कई फल शामिल होते हैं. यह पानी में घुलकर आपके पाचन तंत्र में जैल जैसी चीज बनाते हैं. इससे शुगर का अवशोषण धीमी गति से होने लगता है. ऐसे फाइबर का लगातार सेवन करने से आपके शरीर में कालेस्ट्राल का लेवल कम हो जाता है. एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट में 4 कैलोरी होती है और इतनी ही कैलोरी एक ग्राम घुलनशील फाइबर में पायी जाती है.</div>
<div></div>
<div><strong>फाइबर की मात्रा खाने में कितनी होनी चाहिए</strong><br />
यहां प्रश्&#x200d;न यह है कि आपको कितनी मात्रा में फाइबर का सेवन करना चाहिए. आपको एक दिन में 38 ग्राम फाइबर का सेवन ही करना चाहिए. यह 9 सेब या 12 कटोरी दलिया के बराबर माना जाता है. बहुत से लोग हर रोज लगभग 15 ग्राम फाइबर का सेवन करते हैं. फाइबर का अधिक मात्रा में सेवन करने से हार्ट सम्बन्धी बीमारियां कम होती हैं. एक जरूरी बात यह है कि आप जितनी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट लेते हैं,&#x200d; आपको उतनी ही मात्रा में फाइबर का सेवन भी ज़रूर करना चाहिए. दही, अंगूर के रस, कृत्रिम स्वी&#x200d;टनर, ब्रेड और मैगी नूडल्स जैसे आहार में फाइबर पाया जाता हैं. फाइबर में मौजूद कैलोरीज वज़न कम करने में भी उपयोगी हैं. फाइबर को ज्यादा चबाना खाना होता है जो यह पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्रिया को धीमी करता है, जिससे आपको आपका पेट भरा महसूस होता है.</div>
<div></div>
<div><strong>फाइबर से भरपूर आहार</strong><br />
<strong>&#8211;</strong> रास्&#x200d;पबेरी को हाई फाइबर से भरपूर फल माना जाता है. एक कप रास्&#x200d;पबेरी में होल ग्रेन अनाज ब्रेड की 3 स्&#x200d;लाइस जितना फाइबर पाया जाता है. जो मेटाबॉलिज्&#x200d;म को सुचारु बनाता है. इसका मीठा स्&#x200d;वाद, मिठाई की लालसा को शांत करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और कई महत्त्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं जैसे फास्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम तथा आयरन आदि.</div>
<div></div>
<div><strong>&#8211;</strong> एवोकैडो को हार्ट के हेल्&#x200d;दी मोनोसैचुरेटेड फैट के हाई लेवल के लिए जाना जाता है. यह फाइबर का एक बहुत बड़ा स्रोत है. एक एवोकैडो में लगभग 9 ग्राम फाइबर पाया जाता है. यह ऐसे लोगों के लिए एक बहुत अच्छा विकल्&#x200d;प है जो कार्बोहाइड्रेट प्रतिबंधित आहार के स्थान पर फाइबर की खोज कर रहे हैं.</div>
<div></div>
<div><strong>&#8211;</strong> बींस जैसे राजमा और लोबिया में सबसे ज्यादा फाइबर पाया जाता है. बींस में प्रोटीन तथा घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते है. इसके साथ ही इसमें फैट भी बहुत कम मात्रा में पाया जाता है. यह संतृप्त फैट से मुक्त होता है तथा हेल्थ के लिए आवश्यक कई पोषक तत्वों का अच्छा स्त्रोत होता है. एक कप राजमा व लोबिया में लगभग 15 ग्राम से ज्यादा फाइबर पाया जाता है.</div>
<div></div>
<div><strong>&#8211;</strong> चिया के बीज आपकी पूरी हेल्थ को बनाए रखने में सहायता करते हैं. यह उच्च गुणवत्ता वाले फाइबर से भरपूर होते हैं. इनमें प्रोटीन, फाइबर तथा ओमेगा-3 फैट्स पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं जो आपकी पाचन प्रणाली को बढ़ावा देने, भूख को शांत करने तथा फैट बर्न करने वाले ग्लूकाजोन हार्मोन को बढ़ाने में सहायक होते हैं. एक बड़ी चम्&#x200d;मच चिया बीज में लगभग 5.5 ग्राम फाइबर पाया जाता है.</div>
<div>
<strong>&#8211;</strong> बादाम, पिस्ता और अखरोट में प्रोटीन के साथ ही फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा किशमिश में सॉल्यूबल और नॉन सॉल्यूबल दोनों तरह के फाइबर मौजूद होते हैं. किशमिश से शरीर को तुरंत ऊर्जा प्राप्त होती है.</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
