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	<title>क्या है आई वी एफ की प्रक्रिया &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>क्या है आई वी एफ की प्रक्रिया, जानें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[somali sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Jun 2018 07:08:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन, यह किसी भी समस्या के कारण लाइलाज निसंतान दंपति को बच्चे का तोहफा देने की ऐसी प्रक्रिया है जो दिन प्रतिदिन लोकप्रिय होती जा रही है। आई वी एफ में मां को अंडा बनाने का इंजेक्&#x200d;शन दिया जाता है। इंजेक्&#x200d;शन लगाने का उद्देश्&#x200d;य यह होता है कि ज्&#x200d;यादा से ज्&#x200d;यादा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन, यह किसी भी समस्या के कारण लाइलाज निसंतान दंपति को बच्चे का तोहफा देने की ऐसी प्रक्रिया है जो दिन प्रतिदिन लोकप्रिय होती जा रही है।<img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-144511" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/images-4.jpg" alt="आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन, यह किसी भी समस्या के कारण लाइलाज निसंतान दंपति को बच्चे का तोहफा देने की ऐसी प्रक्रिया है जो दिन प्रतिदिन लोकप्रिय होती जा रही है। आई वी एफ में मां को अंडा बनाने का इंजेक्&#x200d;शन दिया जाता है। इंजेक्&#x200d;शन लगाने का उद्देश्&#x200d;य यह होता है कि ज्&#x200d;यादा से ज्&#x200d;यादा अंडे बनाए जा सकें। और अल्&#x200d;ट्रासाउट के जरिये इसकी निगरानी की जाती है कि अंडा बन रहा है या नहीं। जब उनकी ग्रोथ हो जाती है और वह परिपक्&#x200d;व हो जाते हैं तो उनमें से अंडे निकाल लिये जाते हैं और इसके बाद इन्हें प्रयोगशाला में कल्चर डिश में तैयार पति के स्&#x200d;पर्म के साथ मिलाकर निषेचन के लिए रख दिया जाता है। यह सब अल्ट्रासाइंड के तहत किया जाता है। प्रयोगशाला में इसे दो-तीन दिन के लिए रखा जाता है और इससे बने भ्रूण को वापस महिला के गर्भ में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। आईवीएफ की पूरी प्रक्रिया में दो से तीन सप्ताह का समय लग जाता है। आई वी एफ की प्रक्रिया क्&#x200d;या है और किन कारणों से इसे करवाना चाहिए, आइए अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कंसलटेंट डॉक्&#x200d;टर सुषमा सिन्&#x200d;हा से जानें।" width="331" height="220" /></strong></p>
<p><strong> आई वी एफ में मां को अंडा बनाने का इंजेक्&#x200d;शन दिया जाता है। इंजेक्&#x200d;शन लगाने का उद्देश्&#x200d;य यह होता है कि ज्&#x200d;यादा से ज्&#x200d;यादा अंडे बनाए जा सकें। और अल्&#x200d;ट्रासाउट के जरिये इसकी निगरानी की जाती है कि अंडा बन रहा है या नहीं। जब उनकी ग्रोथ हो जाती है और वह परिपक्&#x200d;व हो जाते हैं तो उनमें से अंडे निकाल लिये जाते हैं और इसके बाद इन्हें प्रयोगशाला में कल्चर डिश में तैयार पति के स्&#x200d;पर्म के साथ मिलाकर निषेचन के लिए रख दिया जाता है। यह सब अल्ट्रासाइंड के तहत किया जाता है। प्रयोगशाला में इसे दो-तीन दिन के लिए रखा जाता है और इससे बने भ्रूण को वापस महिला के गर्भ में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। आईवीएफ की पूरी प्रक्रिया में दो से तीन सप्ताह का समय लग जाता है। आई वी एफ की प्रक्रिया क्&#x200d;या है और किन कारणों से इसे करवाना चाहिए, आइए अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कंसलटेंट डॉक्&#x200d;टर सुषमा सिन्&#x200d;हा से जानें।</strong></p>
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