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	<title>कोरोना वायरस &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>कोरोना वायरस &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>कोरोना वायरस के देश में मिले 602 नए मामले; पांच लोगों की मौत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Jan 2024 05:10:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
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					<description><![CDATA[देश में एक दिन पहले कोरोना के केसों में कमी दर्ज की गई थी, लेकिन आज एक बार फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। देश में एक दिन के अंदर 602 नए केस सामने आए हैं। देश में मिले 602 मामले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटों &#8230;]]></description>
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<p>देश में एक दिन पहले कोरोना के केसों में कमी दर्ज की गई थी, लेकिन आज एक बार फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। देश में एक दिन के अंदर 602 नए केस सामने आए हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">देश में मिले 602 मामले</h2>



<p>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 602 नए मामले सामने आए हैं, जबकि पांच लोगों की मौत हुई है। देश में कोविड-19 के कुल एक्टिव मामलों की संख्या 4,440 हो गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एक दिन पहले घटे कोरोना के केस</h2>



<p>बता दें कि एक दिन पहले यानी दो जनवरी को 573 नए केस मिले थे, जबकि दो लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले 1 जनवरी को देश में 636 नए मामले सामने आए थे और तीन लोगों की कोरोना से जान गई थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कर्नाटक में कोरोना से एक की मौत</h2>



<p>वहीं, कर्नाटक में भी कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने कहा कि कर्नाटक में पिछले 24 घंटे में कोरोना से एक मरीज की मौत हुई है। जबकि 24 घंटे में कुल 148 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं।&nbsp;मृतक की पहचान विजयनगर के 45 वर्षीय पुरुष के रूप में हुई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">राज्य में 1144 एक्टिव मरीजों का चल रहा इलाज</h2>



<p>स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने कहा कि पिछले 24 घंटों में कुल 7305 टेस्ट किए गए थे। कर्नाटक में मंगलवार तक कुल 1144 एक्टिव मामले दर्ज किए गए हैं।&nbsp;दो जनवरी तक बेंगलुरु ग्रामीण में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 28 बताई गई, जबकि बेंगलुरु शहरी में यह संख्या 545 थी।</p>
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		<title>कोरोना वायरस के नए सब वेरिएंट JN.1 के सात नए मरीज मिले</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Dec 2023 05:35:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
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					<description><![CDATA[चीन में कोविड से मची तबाही को अभी ज्यादा समय नहीं बीता है, वहीं इसी बीच अब कोविड सब वेरिएंट जेएन.1 के सात नए केस सामने आए हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण और रोकथाम प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि चीन ने कोविड सब वेरिएंट जेएन.1 के सात संक्रमणों का पता लगाया है। अधिकारियों ने कहा &#8230;]]></description>
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<p>चीन में कोविड से मची तबाही को अभी ज्यादा समय नहीं बीता है, वहीं इसी बीच अब कोविड सब वेरिएंट जेएन.1 के सात नए केस सामने आए हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण और रोकथाम प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि चीन ने कोविड सब वेरिएंट जेएन.1 के सात संक्रमणों का पता लगाया है।</p>



<p>अधिकारियों ने कहा कि जेएन.1 के फैलने का खतरा फिलहाल काफी कम है, लेकिन इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि इसका खतरा आने वाले समय में काफी बढ़ सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या है JN.1?</h2>



<p>यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, जेएन.1 वायरस का एक प्रकार जो COVID -19 का कारण बनता है, वेरिएंट BA.2.86 का ही हिस्सा है। सीडीसी के मुताबिक, स्पाइक प्रोटीन में JN.1 और BA.2.86 के बीच सिर्फ एक ही फर्क देखा गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">JN.1 का पता कब चला?</h2>



<p>JN.1 का पहला मामला संयुक्त राज्य अमेरिका में सितंबर 2023 में पता चला था। 8 दिसंबर तक, संयुक्त राज्य अमेरिका की पब्लिक स्वास्थ्य एजेंसी का अनुमान था कि यह वेरिएंट कुल मामले में से लगभग 15-30% मामलों में पाए गए थे।</p>



<p>सीडीसी के मुताबिक, फिलहाल इस बात का पता नहीं चल सका है कि कोरोना वायरस का इस वेरिएंट में बाकी वेरिएंट से अलग लक्षण दिखते हैं या नहीं। आमतौर पर, COVID-19 के कई वेरिएंट में लगभग एक जैसे ही लक्षण देखे गए हैं।</p>
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		<title>देश में कोरोना वायरस के 20551 नए मामले आए   सामने </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Jaya Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Aug 2022 09:58:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
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					<description><![CDATA[देश में कोरोना वायरस के 20551 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में 70 लोगों की मौत हुई है। वहीं इस दौरान 21595 मरीज ठीक भी हुए हैं। देश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना के नए मामले 20 हजार के पार हो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>देश में कोरोना वायरस के 20551 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में 70 लोगों की मौत हुई है। वहीं इस दौरान 21595 मरीज ठीक भी हुए हैं।</p>



<figure class="wp-block-gallery aligncenter has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="770" height="430" data-id="490918" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2022/08/ज्न्म्वम्म.webp" alt="" class="wp-image-490918" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2022/08/ज्न्म्वम्म.webp 770w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2022/08/ज्न्म्वम्म-300x168.webp 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2022/08/ज्न्म्वम्म-768x429.webp 768w" sizes="(max-width: 770px) 100vw, 770px" /></figure>
</figure>



<p>देश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना के नए मामले 20 हजार के पार हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना को लेकर अपडेट जारी किया है। मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में देशभर में वायरस के 20,551 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 70 लोगों की मौत भी हुई है।</p>



<p>मंत्रालय ने बताया कि देश में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से 21,595 लोग ठीक भी हुए हैं। इसके साथ ही एक्टिव केस 1 लाख 35 हजार 364 हो गए हैं। बता दें कि देश में अब तक कोरोना के कुल 4 करोड़ 41 लाख 7 हजार 588 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 4 करोड़ 34 लाख 45 हजार 624 लोग इससे रिकवर हो चुके हैं। इसके अलावा कुल 5 लाख 26 हजार 600 लोगों की मौत भी हो चुकी है। देश में अब डेली पाजिटिविटी दर 5.14 फीसद जबकि साप्ताहिक पाजिटिविटी दर 4.64 फीसद है।</p>



<p><strong>205 करोड़ से ज्यादा लगी वैक्सीन</strong></p>



<p><strong></strong>देश में अब तक कोरोना वैक्सीन की 205 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी है। 102 करोड़ से ज्यादा लोगों को पहली डोज लगाई जा चुकी है। इसके अलावा लगभग 93.50 करोड़ दूसरी खुराक दी जा चुकी है। वहीं, 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को पहली डोज लगाई जा चुकी है। कोविन एप पर जारी आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में वैक्सीन की 36 लाख 95 हजार 835 डोज दी जा चुकी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>कोरोना वायरस, 27 दिसंबर 2020 को शनि हो जाएंगे अस्त तो होगा प्रकोप कम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Alpana Vaish]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Dec 2020 07:29:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[27 दिसंबर 2020 को शनि हो जाएंगे अस्त तो होगा प्रकोप कम]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
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					<description><![CDATA[शनि के गोचर की अवधि सबसे अधिक होती है। क्योंकि यह ग्रह लगभग ढाई वर्ष में राशि परिवर्तन करता है इसलिए इन 30 महीनों की अवधि में शनि एक राशि में स्थित रहने के दौरान वह वक्री गति भी करता है और पुनः मार्गी हो जाता है। शनि की वक्री अवस्था को सामान्यतः शुभ नहीं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>शनि के गोचर की अवधि सबसे अधिक होती है। क्योंकि यह ग्रह लगभग ढाई वर्ष में राशि परिवर्तन करता है इसलिए इन 30 महीनों की अवधि में शनि एक राशि में स्थित रहने के दौरान वह वक्री गति भी करता है और पुनः मार्गी हो जाता है। शनि की वक्री अवस्था को सामान्यतः शुभ नहीं माना जाता है। शनि के गोचर का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कहा जा रहा है कि शनि के अस्त होने से देश दुनिया में परिवर्तन होंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="740" height="592" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/sxdcsx-13.jpg" alt="" class="wp-image-405421" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/sxdcsx-13.jpg 740w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/sxdcsx-13-300x240.jpg 300w" sizes="(max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>2019 के अंत में कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए घोर विपदा के रूप में सामने आया है। कई ज्योतिषियों का मानना था कि यह शनि, राहु और केतु के परिवर्तन के काण ऐसा हुआ था। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, कोविड-19 की शुरुआत, इसके फैलने की रफ्तार और इसके थमने का वक्त, सब कुछ ग्रहों की चाल और विभिन्न राशियों में उनके भ्रमण पर निर्भर है। इस लिहाज से ज्योतिषियों के अनुसार भारत समेत पूरे विश्व में अब कोरोना वायरस के प्रकोप के अंत की शुरुआत शनि के अस्त होने से हो जाएगी।</p>



<p>कर्म का स्वामी शनि वर्ष 2019 में धनु राशि रहा। इस दौरान 30 अप्रैल को शनि वक्री होकर 18 सितंबर को धनु राशि में पुनः मार्गी हो गया। 2020 में धनु राशि से अपनी स्वराशि मकर में 24 जनवरी को प्रवेश किया। इसी वर्ष 11 मई 2020 से 29 सितम्बर 2020 तक शनि ने मकर राशि में वक्री अवस्था में गोचर किया। अब इसी वर्ष शनि 27 दिसम्बर 2020 को अस्त भी हो जाएंगे, जिससे शनि के प्रभाव कुछ कम हो जाएंगे हैं।</p>



<p>शनि देव माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि, 24 जनवरी 2020 को दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश किया। इसी बीच शनि ने वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश किया। दिनांक 20 जून की रात्रि 9 बजकर 08 मिनिट पर शनि ने अपनी वक्र गति से संचरण करते हुए वृश्चिक राशि में पुन: प्रवेश किया है। मतलब उसका मकर में वक्री और मार्गी होना जारी रहा। इस साल शनि ज्यादातर समय पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहेगा और 27 दिसंबर 2019 को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इस बीच शनि-मंगल समसप्तक, मंगल, राहु-मंगल का अंगारक योग और गुरु का षडाष्टक योग भी रहा, जिसके चलते महामारी का प्रकोप और भी बड़ा। परंतु अब यह कहा जा रहा है कि शनि के 27 दिसंबर को अस्त होकर अपने प्रभाव को कम कर देंगे और अगले साल वे मकर में ही रहेंगे।</p>



<p>धनु से मकर 24 जनवरी 2020 12:00 अपराह्नमकर</p>



<p> से धनु 11 मई 2020 12:00 अपराह्नधनु </p>



<p>से मकर 29 सितम्बर 2020 12:00 अपराह्न</p>



<p><strong>आओ पहले जानते हैं ग्रहों की स्थिति :</strong>साल 2019 में मकर और कुंभ राशि का स्वामी शनि ज्यादातर समय पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहा और 27 दिसंबर 2019 को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर गया। इस पूरे साल शनि धनु राशि में रहा। मतलब बृहस्पति की राशि में रहा। फिर साल 2020 में शनि 24 जनवरी को धनु से निकलकर मकर में पहुंचा। इसी वर्ष 11 मई 2020 से 29 सितम्बर 2020 तक शनि मकर राशि में वक्री अवस्था में गोचर हुआ। इसी वर्ष शनि 27 दिसम्बर 2020 को अस्त भी हो जाएंगे। शनि एक राशि में ढाई वर्ष रहते हैं।</p>



<p>अब ग्रहण को देख लेते हैं : 2019 का पहला सूर्य ग्रहण 6 जनवरी को और दूसरा 2 जुलाई को था। वर्ष 2019 का अंतिम और एक मात्र सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई दिया। इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल 25 दिसंबर 2019 को शाम 05:33 से प्रारंभ होकर 26 दिसंबर 2019 को सुबह 10:57 बजे तक रहा। अब वर्ष 2020 का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून हो होगा।</p>



<p><strong>अब संवत्सर की बात कर लेते हैं :</strong> वर्तमान में विक्रम संवत 2076-77 से प्रमादी नाम का संवत्सर प्रारंभ हुआ है। इसके पहले परिधावी नाम का संवत्सर चल रहा था। प्रमादी से जनता में आलस्य व प्रमाद की वृद्धि होगी।</p>



<p><strong>नारद संहिता का दावा ये किया जा रहा है :</strong> दावा किया जा रहा है कि 10 हजार वर्ष पूर्व लिखी नारद संहिता में पहले ही कोरोना महामारी के फैलने और इसके खात्मा की भविष्यवाणी की गई है। दावा करने वाले इसके लिए एक श्लोक का उदारहण देते हैं&#8230;</p>



<p><strong>भूपावहो महारोगो मध्यस्यार्धवृष्ट य:।</strong></p>



<p><strong>दु:खिनो जंत्व: सर्वे वत्सरे परिधाविनी।</strong></p>



<p>अर्थात परिधावी नामक सम्वत्सर में राजाओं में परस्पर युद्ध होगा महामारी फैलेगी। बारिश असामान्य होगी और सभी प्राणी महामारी को लेकर दुखी होंगे।</p>



<p>ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर दावा : सूर्य ग्रहण और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र से प्रारंभ हुआ यह कोराना वायरस दावे के अनुसार अगले सूर्य ग्रहण तक कम होकर 29 सितंबर को शनि के मकर राशि से निकल जाते तक समाप्त हो जाएगा।</p>



<p>जानकारों की माने तो जिस वर्ष में वर्ष का अधिपति अर्थात राजा शनि होता है वह वर्ष महामारियों को धरती पर लाता है। कुछ लोगों का दावा है कि आयुर्वेद, वशिष्ठ संहित और वृहत संहिता अनुसार जो &#x200d;बीमारी पूर्वा भाद्रपद के नक्षत्र में फैलती है वह अपने चरम पर जाकर लाखों लोगों के काल का कारण बनती हैं क्योंकि इस नक्षत्र में फैले रोग में दवा का असर नहीं होता है।</p>



<p>दावे के अनुसार बृहत संहिता में वर्णन आया है कि &#8216;शनिश्चर भूमिप्तो स्कृद रोगे प्रीपिडिते जना&#8217; अर्थात जिस वर्ष के राजा शनि होते है उस वर्ष में महामारी फैलती है। विशिष्ट संहिता अनुसार पूर्वा भाद्र नक्षत्र में जब कोई महामारी फैलती है तो उसका इलाज मुश्किल हो जाता है। विशिष्ट संहिता के अनुसार इस महामारी का प्रभाव तीन से सात महीने तक रहता है। जिस दिन चीन में यह महामारी फैली अर्थात 26 दिसंबर 2019 को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र ही था और सूर्य ग्रहण भी। दावा किया गया है कि पूर्व के एक देश में ग्रहण के लगने के बाद फैलेगी एक महामारी।</p>



<p>भारत में 25 मार्च 2020 से नवसंवत्सर 2077 वर्ष लगा जिसका नाम प्रमादी है और जिसका राजा बुध एवं मंत्री चंद्र है। प्रमादी सम्वत्सर में अधिकतर जनता में आलस्य और रोग बढ़ जाते हैं। दूसरी ओर शनि अब वक्री हो गए हैं और 21 जून को साल का पहला सूर्य ग्रहण होने वाला है तो ऐसे में दावा किया जा रहा है कि यह महामारी का प्रकोप 21 जून के आते आते घट जाएगा। शनि 29 सितंबर तक मकर राशि में रहेगा तब तक यह रोग पूर्णत: समाप्त नहीं होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ठीक होने पर भी 3 महीने तक, बॉडी में एक्टिव रहेगा कोरोना वायरस</title>
		<link>https://livehalchal.com/even-after-recovery-corona-virus-will-remain-active-in-the-body-for-3-months/402909</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Dec 2020 10:52:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[3 महीने तक बॉडी में]]></category>
		<category><![CDATA[एक्टिव रहेगा]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
		<category><![CDATA[ठीक होने के बाद भी]]></category>
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					<description><![CDATA[कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाने के बाद 14 दिन तक व्यक्ति को आइसोलेट रहना पड़ता है. ऐसा कहा जाता है कि यदि इन 14 दिन डॉक्टर द्वारा दिए गए सुझावों को ढंग से फॉलो किया जाए तो व्यक्ति की कोरोना वायरस रिपोर्ट नेगेटिव आ सकती है, लेकिन कुछ वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस को लेकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाने के बाद 14 दिन तक व्यक्ति को आइसोलेट रहना पड़ता है. ऐसा कहा जाता है कि यदि इन 14 दिन डॉक्टर द्वारा दिए गए सुझावों को ढंग से फॉलो किया जाए तो व्यक्ति की कोरोना वायरस रिपोर्ट नेगेटिव आ सकती है, लेकिन कुछ वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस को लेकर एक नया खुलासा किया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना संक्रमित होने के बाद व्यक्ति के शरीर में कोरोना वायरस के कुछ अंश तीन महीने तक सक्रिय रह सकते हैं. आइए जानते हैं इस रिपोर्ट के बारे में-</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="527" height="401" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/tiks.jpg" alt="" class="wp-image-402910" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/tiks.jpg 527w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/tiks-300x228.jpg 300w" sizes="(max-width: 527px) 100vw, 527px" /></figure>



<p class="has-medium-font-size"><strong>कोराना वायरस का जीवन चक्र</strong>&#8211;</p>



<p>myUpchar के अनुसार, कोरोना एक विषाणु जनित रोग है. विषाणु एक बिना कोशिका का सूक्ष्मजीव है, जो नाभिकीय अम्ल और प्रोटीन से बनता है. इसकी सबसे खास बात है कि ये अपना जीवन चक्र खुद नहीं चला सकता. इसके लिए उसे किसी जीवित कोशिका की जरूरत होती है, यही वजह है यह इंसानों को प्रभावित करता है. ये हजारों वर्षों तक वातावरण में मौजूद रह सकता है. यह वायरस निर्जीव रूप में एकत्रित रह सकते हैं. जब यह हमारे संपर्क यानी किसी जीवित कोशिका के संपर्क में आता है तब यह सक्रिय हो जाता है. कोरोना वायरस मानव शरीर की कोशिका के जीन में बदलाव कर देता है, जिससे कोशिका इसका आदेश मानने लगती है. ऐसा बड़ी तेजी से होता है. हाल ही में इटली और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया है कि कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति में कोरोना के अंश इलाज से ठीक होने के बाद भी मौजूद होते हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस के कुछ अंश 86 दिनों तक व्यक्ति के शरीर में मौजूद रह सकते हैं.</p>



<p class="has-medium-font-size"><strong>वायरस का प्रभाव</strong>&#8211;</p>



<p>रिसर्च में यह भी पता चल रहा है कि जिन लोगों में वायरस का प्रभाव अधिक था, उनमें ट्रीटमेंट लेने के बाद कोरोना वायरस का अंश अधिक दिनों तक रहा. जिन लोगों में वायरस का अधिक प्रभाव नहीं हुआ, उनमें पोस्ट कोविड के लक्षण ना के बराबर रहे. myUpchar के अनुसार, कोरोना वायरस के मरीजों के लिए शुरुआती 5 दिन महत्वपूर्ण होते हैं. यदि इन पांच दिनों में अच्छी देखभाल और दवाओं से वे जल्दी ठीक होते हैं तो उनमें इसका असर काफी कम होता है. कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में ऐसा पाया गया कि उनके संक्रमित होने के कई दिनों बाद तक बीमारी का प्रभाव देखने को मिला. इनमें थकान, गले में खराश आदि लक्षण शामिल थे. वहीं कुछ मामले ऐसे भी थे जिनमें इस वायरस से संक्रमित होने के बाद कोई लक्षण नजर नहीं आए और वे अपने आप ही ठीक हो गए. इसलिए ऐसे मरीजों के शरीर से वायरस बहुत जल्दी निकल जाता है. यह बात इम्यूनिटी की मजबूती पर निर्भर करती है कि वायरस का प्रभाव किस पर अधिक और किस पर कम होगा.</p>



<p class="has-medium-font-size"><strong>जरूर रखें ये सावधानी</strong></p>



<p>कई लोग इस वायरस को लेकर यह सोच रखते हैं कि इससे उन्हें कुछ नहीं होगा और वे लापरवाह हो जाते हैं. ऐसा करना काफी गलत है, क्योंकि कोरोना वायरस का संक्रमण हर किसी के शरीर में अलग-अलग तरह से अटैक कर सकता है. कुछ लोग बुखार, सर्दी खांसी के लक्षण होने पर भी अपने आप को स्वस्थ मानते हैं और कोरोना का चेकअप कराने से आनाकानी करते हैं. ऐसे लोगों में वायरस का अटैक गंभीर हो सकता है. इसमें मरीज के ध्यान न देने पर वायरस उनके फेफड़ों को खराब कर सकता है, जिससे व्यक्ति को अलग से ऑक्सीजन लेने की जरूरत पड़ सकती है. कोरोना संक्रमित को ठीक होने के बाद भी अपनी इम्यूनिटी को बेहतर करने के लिए हल्दी वाला दूध, काढ़ा जरूर लेते रहना चाहिए. साथ ही गर्म पानी के गरारे करना और स्टीम लेना बंद नहीं करना चाहिए.</p>
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		<title>कोरोना वायरस, 27 दिसंबर 2020 को शनि हो जाएंगे अस्त तो होगा प्रकोप कम</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a4%b8-27-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%b0-2020-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b6/401926</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Alpana Vaish]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Dec 2020 06:07:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[27 दिसंबर 2020 को शनि हो जाएंगे अस्त तो होगा प्रकोप कम]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
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					<description><![CDATA[शनि के गोचर की अवधि सबसे अधिक होती है। क्योंकि यह ग्रह लगभग ढाई वर्ष में राशि परिवर्तन करता है इसलिए इन 30 महीनों की अवधि में शनि एक राशि में स्थित रहने के दौरान वह वक्री गति भी करता है और पुनः मार्गी हो जाता है। शनि की वक्री अवस्था को सामान्यतः शुभ नहीं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>शनि के गोचर की अवधि सबसे अधिक होती है। क्योंकि यह ग्रह लगभग ढाई वर्ष में राशि परिवर्तन करता है इसलिए इन 30 महीनों की अवधि में शनि एक राशि में स्थित रहने के दौरान वह वक्री गति भी करता है और पुनः मार्गी हो जाता है। शनि की वक्री अवस्था को सामान्यतः शुभ नहीं माना जाता है। शनि के गोचर का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कहा जा रहा है कि शनि के अस्त होने से देश दुनिया में परिवर्तन होंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="592" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/frgfvh.jpg" alt="" class="wp-image-401928" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/frgfvh.jpg 740w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/frgfvh-300x240.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>2019 के अंत में कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए घोर विपदा के रूप में सामने आया है। कई ज्योतिषियों का मानना था कि यह शनि, राहु और केतु के परिवर्तन के काण ऐसा हुआ था। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, कोविड-19 की शुरुआत, इसके फैलने की रफ्तार और इसके थमने का वक्त, सब कुछ ग्रहों की चाल और विभिन्न राशियों में उनके भ्रमण पर निर्भर है। इस लिहाज से ज्योतिषियों के अनुसार भारत समेत पूरे विश्व में अब कोरोना वायरस के प्रकोप के अंत की शुरुआत शनि के अस्त होने से हो जाएगी।</p>



<p>कर्म का स्वामी शनि वर्ष 2019 में धनु राशि रहा। इस दौरान 30 अप्रैल को शनि वक्री होकर 18 सितंबर को धनु राशि में पुनः मार्गी हो गया। 2020 में धनु राशि से अपनी स्वराशि मकर में 24 जनवरी को प्रवेश किया। इसी वर्ष 11 मई 2020 से 29 सितम्बर 2020 तक शनि ने मकर राशि में वक्री अवस्था में गोचर किया। अब इसी वर्ष शनि 27 दिसम्बर 2020 को अस्त भी हो जाएंगे, जिससे शनि के प्रभाव कुछ कम हो जाएंगे हैं।</p>



<p>शनि देव माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि, 24 जनवरी 2020 को दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश किया। इसी बीच शनि ने वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश किया। दिनांक 20 जून की रात्रि 9 बजकर 08 मिनिट पर शनि ने अपनी वक्र गति से संचरण करते हुए वृश्चिक राशि में पुन: प्रवेश किया है। मतलब उसका मकर में वक्री और मार्गी होना जारी रहा। इस साल शनि ज्यादातर समय पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहेगा और 27 दिसंबर 2019 को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इस बीच शनि-मंगल समसप्तक, मंगल, राहु-मंगल का अंगारक योग और गुरु का षडाष्टक योग भी रहा, जिसके चलते महामारी का प्रकोप और भी बड़ा। परंतु अब यह कहा जा रहा है कि शनि के 27 दिसंबर को अस्त होकर अपने प्रभाव को कम कर देंगे और अगले साल वे मकर में ही रहेंगे।</p>



<p>धनु से मकर 24 जनवरी 2020 12:00 अपराह्नमकर</p>



<p> से धनु 11 मई 2020 12:00 अपराह्नधनु</p>



<p> से मकर 29 सितम्बर 2020 12:00 अपराह्न</p>



<p><strong>आओ पहले जानते हैं ग्रहों की स्थिति :</strong></p>



<p>साल 2019 में मकर और कुंभ राशि का स्वामी शनि ज्यादातर समय पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहा और 27 दिसंबर 2019 को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर गया। इस पूरे साल शनि धनु राशि में रहा। मतलब बृहस्पति की राशि में रहा। फिर साल 2020 में शनि 24 जनवरी को धनु से निकलकर मकर में पहुंचा। इसी वर्ष 11 मई 2020 से 29 सितम्बर 2020 तक शनि मकर राशि में वक्री अवस्था में गोचर हुआ। इसी वर्ष शनि 27 दिसम्बर 2020 को अस्त भी हो जाएंगे। शनि एक राशि में ढाई वर्ष रहते हैं।</p>



<p>अब ग्रहण को देख लेते हैं : 2019 का पहला सूर्य ग्रहण 6 जनवरी को और दूसरा 2 जुलाई को था। वर्ष 2019 का अंतिम और एक मात्र सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई दिया। इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल 25 दिसंबर 2019 को शाम 05:33 से प्रारंभ होकर 26 दिसंबर 2019 को सुबह 10:57 बजे तक रहा। अब वर्ष 2020 का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून हो होगा।</p>



<p><strong>अब संवत्सर की बात कर लेते हैं :</strong> वर्तमान में विक्रम संवत 2076-77 से प्रमादी नाम का संवत्सर प्रारंभ हुआ है। इसके पहले परिधावी नाम का संवत्सर चल रहा था। प्रमादी से जनता में आलस्य व प्रमाद की वृद्धि होगी।</p>



<p><strong>नारद संहिता का दावा ये किया जा रहा है :</strong> दावा किया जा रहा है कि 10 हजार वर्ष पूर्व लिखी नारद संहिता में पहले ही कोरोना महामारी के फैलने और इसके खात्मा की भविष्यवाणी की गई है। दावा करने वाले इसके लिए एक श्लोक का उदारहण देते हैं&#8230;</p>



<p><strong>भूपावहो महारोगो मध्यस्यार्धवृष्ट य:।</strong></p>



<p><strong>दु:खिनो जंत्व: सर्वे वत्सरे परिधाविनी।</strong></p>



<p>अर्थात परिधावी नामक सम्वत्सर में राजाओं में परस्पर युद्ध होगा महामारी फैलेगी। बारिश असामान्य होगी और सभी प्राणी महामारी को लेकर दुखी होंगे।ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर दावा : सूर्य ग्रहण और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र से प्रारंभ हुआ यह कोराना वायरस दावे के अनुसार अगले सूर्य ग्रहण तक कम होकर 29 सितंबर को शनि के मकर राशि से निकल जाते तक समाप्त हो जाएगा।</p>



<p>जानकारों की माने तो जिस वर्ष में वर्ष का अधिपति अर्थात राजा शनि होता है वह वर्ष महामारियों को धरती पर लाता है। कुछ लोगों का दावा है कि आयुर्वेद, वशिष्ठ संहित और वृहत संहिता अनुसार जो &#x200d;बीमारी पूर्वा भाद्रपद के नक्षत्र में फैलती है वह अपने चरम पर जाकर लाखों लोगों के काल का कारण बनती हैं क्योंकि इस नक्षत्र में फैले रोग में दवा का असर नहीं होता है।</p>



<p>दावे के अनुसार बृहत संहिता में वर्णन आया है कि &#8216;शनिश्चर भूमिप्तो स्कृद रोगे प्रीपिडिते जना&#8217; अर्थात जिस वर्ष के राजा शनि होते है उस वर्ष में महामारी फैलती है। विशिष्ट संहिता अनुसार पूर्वा भाद्र नक्षत्र में जब कोई महामारी फैलती है तो उसका इलाज मुश्किल हो जाता है। विशिष्ट संहिता के अनुसार इस महामारी का प्रभाव तीन से सात महीने तक रहता है। जिस दिन चीन में यह महामारी फैली अर्थात 26 दिसंबर 2019 को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र ही था और सूर्य ग्रहण भी। दावा किया गया है कि पूर्व के एक देश में ग्रहण के लगने के बाद फैलेगी एक महामारी।</p>



<p>भारत में 25 मार्च 2020 से नवसंवत्सर 2077 वर्ष लगा जिसका नाम प्रमादी है और जिसका राजा बुध एवं मंत्री चंद्र है। प्रमादी सम्वत्सर में अधिकतर जनता में आलस्य और रोग बढ़ जाते हैं। दूसरी ओर शनि अब वक्री हो गए हैं और 21 जून को साल का पहला सूर्य ग्रहण होने वाला है तो ऐसे में दावा किया जा रहा है कि यह महामारी का प्रकोप 21 जून के आते आते घट जाएगा। शनि 29 सितंबर तक मकर राशि में रहेगा तब तक यह रोग पूर्णत: समाप्त नहीं होगा।</p>
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		<item>
		<title>माउथवॉश के सही तरीके से हो सकता है कोरोना वायरस का खात्मा, जानें क्या है सच्चाई</title>
		<link>https://livehalchal.com/correct-way-of-mouthwash-can-eliminate-corona-virus-know-what-is-the-truth/396271</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Nov 2020 07:43:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[का खात्मा]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
		<category><![CDATA[जानें सच्चाई]]></category>
		<category><![CDATA[माउथवॉश से]]></category>
		<category><![CDATA[हो सकता है]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली. कोरोना वायरस को मारने के लिए वैज्ञानिकों ने दावा किया किया है कि इसे मुंह का कुल्ला करने वाले पदार्थों से नष्ट किया जा सकता है. एक साइंटिफिक स्टडी में यह बताया गया है कि माउथवॉश से कोरोना वायरस को 30 सेकंड में मारा जा सकता है. कार्डिफ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नई दिल्ली.</strong> कोरोना वायरस को मारने के लिए वैज्ञानिकों ने दावा किया किया है कि इसे मुंह का कुल्ला करने वाले पदार्थों से नष्ट किया जा सकता है. एक साइंटिफिक स्टडी में यह बताया गया है कि माउथवॉश से कोरोना वायरस को 30 सेकंड में मारा जा सकता है. कार्डिफ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी में यह बताया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.haqeeqattoday.com/wp-content/uploads/2020/11/mouth-wash.jpg" alt="" class="wp-image-150736" width="808" height="452"/></figure>



<p>डॉक्टर निक क्लैडन नामक पीरियडंटोलोजिस्ट ने स्टडी के परिणामों को समझाते हुए कहा कि माउथवॉश से कोरोना वायरस के जल्दी मरने के संकेत प्राप्त हुए हैं. हालांकि यह भी कहा गया कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए माउथवॉश से इलाज के सबूत नहीं है क्योंकि यह फेफड़ों और श्वसन तंत्र तक नहीं पहुंच सकता जहां वायरस सबसे ज्यादा आक्रमण करता है. अध्ययन में पाया गया कि माउथवॉश में 0.07 फीसदी सिटीपीरीडिनियम क्लोराइड पाया जाता है. इसे लैब जैसे किसी विशेष स्थान पर रखने पर वायरस मारने में सहायता मिल सकती है. हालांकि वैज्ञानिक वायरस के उपचार में इसके प्रभाव के बारे में सुनिश्चित नहीं हैं.</p>



<p>एक अन्य स्टडी में भी यह बात सामने आई है कि CPC आधारित मुंह का कुल्ला करने वाले पदार्थों से वायरस काउंट कम करने में मददगार है. कोरोना वायरस पर रिसर्च करने वाले ज्यादातर वैज्ञानिकों ने माउथवॉश के दावों को मानने से इंकार करते हुए इस पर और ज्यादा रिसर्च की जरूरत बताई है. अमेरिका के वैज्ञानिक डॉक्टर ग्राहम सिन्डर का कहना है कि कई ऐसी चीजें हैं जिनके सम्पर्क में आने से वायरस मर सकता है लेकिन पूरी तरह से इसके सोर्स को खत्म नहीं किया जा सकता.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>मध्यप्रदेश के CM शिवराज सिंह चौहान राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति पर आज बड़ा फैसला लेगे</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-cm-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82/395848</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhavna Vajpai]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Nov 2020 04:17:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[CM शिवराज सिंह चौहान]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ा फैसला]]></category>
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					<description><![CDATA[मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को सुबह 10 बजे राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में उन जिलों की रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी जहां वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे जिलों के कलेक्टर के साथ मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे। इस बैठक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को सुबह 10 बजे राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में उन जिलों की रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी जहां वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे जिलों के कलेक्टर के साथ मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे।</p>



<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.khabarindianetwork.com/wp-content/uploads/2020/11/b967191f-18e6-4d5b-ba53-45c759d22f61.jpg" alt="" class="wp-image-177059" width="761" height="429"/></figure></div>



<p>इस बैठक में संकट प्रबंधन समूह की सिफारिशें रखी जाएंगी। माना जा रहा है कि इन सिफारिशों के आधार पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए थे कि शनिवार को अपने-अपने जिलों में संकट प्रबंधन समूह की बैठक करके रिपोर्ट भेजें।<br>इन पांच शहरों में रात्रि कर्फ्यू लागू</p>



<p>प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रदेश के पांच जिलों में रात्रि कर्फ्यू लागू कर दिया है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा और रतलाम जिलों में रात 10 बजे से सुबह छह बजे कर कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान आवश्यक सेवाओं और फैक्टरी कर्मचारियों को आने-जाने की अनुमति रहेगी। कर्फ्यू के पहले दिन जिलों में सख्ती दिखाई गई।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने शनिवार को राज्य में पूर्ण लॉकडाउन से इनकार किया था, लेकिन कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए&nbsp;यहां कुछ शहरों में रात्रि कर्फ्यू को फिर से लागू किया जा रहा है। प्रदेश के उन शहरों में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू रहेगा, जहां कोरोना संक्रमण की दर पांच फीसदी से ज्यादा है।</p>



<p>हालांकि रात्रि कर्फ्यू लागू करने को लेकर अंतिम फैसला जिला कलेक्टर को करने का अधिकार दिया गया है। जिन शहरों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट (सकारात्मकता दर) पांच फीसदी से ज्यादा है वहां ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों में भी दिखते हैं निमोनिया के गंभीर लक्षण</title>
		<link>https://livehalchal.com/severe-symptoms-of-pneumonia-are-also-seen-in-corona-positive-patients/393092</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Nov 2020 09:02:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
		<category><![CDATA[गंभीर लक्षण]]></category>
		<category><![CDATA[निमोनिया]]></category>
		<category><![CDATA[मौसम और प्रदूषण]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=393092</guid>

					<description><![CDATA[नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के साथ-साथ अब ठंड का मौसम और प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन सब कारणों से निमोनिया से ग्रस्त होने का ख़तरा भी तेज़ी से बढ़ा है। सर्दी के मौसम में वैसे भी बच्चों से लेकर वृद्ध तक किसी को भी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> कोरोना वायरस महामारी के साथ-साथ अब ठंड का मौसम और प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन सब कारणों से निमोनिया से ग्रस्त होने का ख़तरा भी तेज़ी से बढ़ा है।</p>



<p>सर्दी के मौसम में वैसे भी बच्चों से लेकर वृद्ध तक किसी को भी निमोनिया हो जाता है, लेकिन कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण निमोनिया का ख़तरा ज़्यादा बढ़ गया है। लोगों को निमोनिया के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है। सबसे पहले इस दिन को मनाने की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 12 नवंबर 2009 को हुई जिसका उद्देश्य विश्वभर में लोगों के बीच निमोनिया के प्रति जागरूकता फैलाना था।</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.haqeeqattoday.com/wp-content/uploads/2020/11/nimoniaa.jpg" alt="" class="wp-image-149297" width="726" height="584"/></figure>



<p>लैंसेट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपाटोलॉजी जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने कुछ समय पहले एक रिसर्च में पाया कि कोरोना वायरस के ज़्यादातर मरीज़ जो डायरिया से भी ग्रस्त थे, उनमें निमोनिया के गंभीर लक्षण पाए गए, जबकि जिन मरीज़ों को डायरिया की शिकायत नहीं थी उनमें निमोनिया का स्तर गंभीर नहीं पाया गया।</p>



<p class="has-medium-font-size">कोरोना वायरस का आम लक्षण-</p>



<p>इन मरीज़ों में कोरोना वायरस का सबसे आम और पहला लक्षण बुख़ार, खांसी और बलग़म आना था। इनमें से 49 मरीज़ों में डायरिया देखा गया। रिसर्च के मुताबिक, जिन मरीज़ों को डायरिया था उनकी उम्र भी ज़्यादा थी।</p>



<p class="has-medium-font-size">डायरिया और निमोनिया-</p>



<p>शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जिन रोगियों को डियारिया नहीं था उनकी तुलना में डायरिया वाले रोगियों में निमोनिया के गंभीर लक्षण दिखाई दिए। इसके अलावा डायरिया से पीड़ित कोरोना वायरस के मरीज़ों को वेंटीलेटर की भी ज़रूरत पड़ी, जबकि डायरिया और ऑक्सीजन की कमी में कोई रिश्ता नहीं है।</p>



<p class="has-medium-font-size">निमोनिया के शुरुआती लक्षण क्या हैं?</p>



<p>निमोनिया वायरस, बैक्टीरिया, परजीवी के कारण होने वाला रोग है। ये सब श्वास के द्वारा फेफड़ों में पहुंचकर संक्रमण कर देते हैं। स्ट्रेप्टोकोकस नामक बैक्टीरिया के कारण यह सबसे अधिक फैलता है। सर्दी-जुकाम जल्दी ठीक नहीं होने पर यह धीरे-धीरे निमोनिया में बदल जाता है। इस रोग में फेफड़ों में कफ अथवा तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिस कारण सांस लेने में कठिनाई होती है।</p>



<p>निमोनिया के सामान्य संकेत और लक्षण बलगम या खून के साथ खांसी, शरीर के तापमान का 101 डिग्री या इससे अधिक ऊपर होना, अत्यधिक पसीना और ठंड लगना, सांस लेने में कठिनाई, मतली और उल्टी, छाती क्षेत्र में दर्द, घरघराहट, खाने या पीने में दिक्कत, ऊर्जा की कमी।</p>



<p class="has-medium-font-size">क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स-</p>



<p>डॉ. पीयूष गोयल (कंसल्टेंट- पल्मोनोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर, कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, पालम विहार गुरुग्राम) का कहना है कि निमोनिया एक संक्रामक बीमारी है, जो या तो बैक्टीरिया, वायरस या फंगी से होता है। दुनिया में इस बीमारी की वजह से 5 साल के कम उम्र के बच्चे ज्यादा मौत का शिकार होते हैं। भारत में भी बच्चों में निमोनिया होना अन्य देशों के मुक़ाबले ज्यादा आम है। हाल की परिस्थिति में निमोनिया होने से गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं क्योंकि इस समय महामारी का भी कहर जारी है। निमोनिया होने से मरीज़ को कोविड-19 से संक्रमित होने का ख़तरा बढ़ जाता है। वहीं, कोविड-19 से पीड़ित किसी व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे निमोनिया हो सकता है। निमोनिया का इलाज अगर समय पर न किया जाए, तो यह बीमारी जान भी ले सकती है। इस बीमारी से बचने के लिए टीका ज़रूर लगवाना चाहिए।</p>



<p>डॉ. अरुणेश कुमार (सीनियर कंसल्टेंट- पल्मोनोलॉजी एंड हेड-पारस चेस्ट इंस्टिट्यूट, पारस हॉस्पिटल, गुरुग्राम) का कहना है, &#8220;जब इंफेक्शन की वजह से बच्चों और वयस्कों की मौत की बात आती है, तो निमोनिया एक ऐसी संक्रामक बीमारी है, जो पूरी दुनिया होने वाली ज़्यादातर मौतों के लिए ज़िम्मेदार है। मौत का यह आंकड़ा 2.5 मिलयन है, 2019 में इस आंकड़े में 672,000 बच्चे शामिल थे। इस साल कोविड-19 महामारी के कारण मौत का आंकड़ा 75% तक बढ़ा है। निमोनिया के बारे में जागरूकता की कमी और चिकित्सा सेवाओं के विघटन के कारण यह 2.3 मिलियन से अधिक बच्चों की मृत्यु का कारण बन सकता है। यह मौते 35% निमोनिया से और बाकी न्यूबॉर्न सेप्सिस से होगी। हमे रोकथाम की सावधानियों को सख्ती से लागू करने और इंफेक्शन के खिलाफ रणनीतियों को मज़बूत करने की ज़रूरत है। मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिग अपनाना और हाथ धोना बहुत ज़रूरी है। इससे ट्रीटमेंट और डॉयगनोसिस में सुधार देखने को मिलता है।</p>
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		<title>अच्छी खबर चुनाव प्रचार के दौरान, कोरोना संक्रमित स्मृति ईरानी हुईं ठीक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Nov 2020 07:24:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव प्रचार]]></category>
		<category><![CDATA[दौरान हुई]]></category>
		<category><![CDATA[बिहार विधानसभा]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कोरोना से ठीक हो गई हैं। उन्होंने अपने ठीक होने की जानकारी खुद ट्वीट कर दी। अमेठी से भाजपा सांसद स्मृति ईरानी 28 अक्टूबर को कोरोना संक्रमित हुई थीं। दरअसल, इस दौरान वह बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार कर रही थीं। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा,&#8217;मेरा कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया &#8230;]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कोरोना से ठीक हो गई हैं। उन्होंने अपने ठीक होने की जानकारी खुद ट्वीट कर दी। अमेठी से भाजपा सांसद स्मृति ईरानी 28 अक्टूबर को कोरोना संक्रमित हुई थीं। दरअसल, इस दौरान वह बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार कर रही थीं। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा,&#8217;मेरा कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है। मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने मुश्किल की इस घड़ी में मेरी ठीक होने की कामना की&#8217;।</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.haqeeqattoday.com/wp-content/uploads/2020/11/smriti.jpg" alt="" class="wp-image-149255" width="779" height="588"/></figure>



<p>भाजपा की स्टार प्रचारक स्मृति ईरानी ने गोपालगंज में चुनावी सभा की थी। इसी दौरान वह जानलेवा वायरस से संक्रमित हो गई थीं। इस दौरान कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इनमें से एक हैं।</p>
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