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	<title>केदारनाथ धाम &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>केदारनाथ धाम &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>केदारनाथ धाम: मंदिर के चारों ओर सात फीट ऊंचे बैरिकेड्स लगाने की तैयारी</title>
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		<pubDate>Sun, 03 May 2026 08:27:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/56-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/56-5.jpg 814w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/56-5-300x168.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/56-5-768x431.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />चारधाम यात्रा शुरू होते ही केदारनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है। प्रतिदिन औसतन 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जो निर्धारित आदर्श क्षमता से लगभग दोगुना है। ऐसे में अब बीकेटीसी मंदिर के चारों ओर सात फीट ऊंचे बैरिकेड्स लगाने की तैयारी कर रही है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/56-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/56-5.jpg 814w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/56-5-300x168.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/56-5-768x431.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>चारधाम यात्रा शुरू होते ही केदारनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है। प्रतिदिन औसतन 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जो निर्धारित आदर्श क्षमता से लगभग दोगुना है। ऐसे में अब बीकेटीसी मंदिर के चारों ओर सात फीट ऊंचे बैरिकेड्स लगाने की तैयारी कर रही है।</p>



<p>बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने केदारनाथ मंदिर परिसर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। समिति मंदिर के चारों ओर करीब 7 फीट ऊंचे बैरिकेड्स लगाने की योजना बना रही है, जिससे अनावश्यक रूप से घूमने वाले लोगों और रील बनाने वालों पर नियंत्रण किया जा सके।</p>



<p>समिति की ओर से इस संबंध में गढ़वाल आयुक्त को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव में मंदिर परिसर की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और धार्मिक गरिमा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया गया है। बीकेटीसी का कहना है कि जैसे ही प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, बैरिकेडिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्रस्तावित बैरिकेड्स के जरिए मंदिर के मुख्य परिसर को व्यवस्थित तरीके से सीमित किया जाएगा, ताकि केवल दर्शन के उद्देश्य से आने वाले श्रद्धालु ही निर्धारित मार्ग से प्रवेश कर सकें। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।</p>



<p><strong>सख्ती के बावजूद रील बनाने की कोशिश कर रहे लोग<br></strong>केदारनाथ मंदिर परिसर में प्रशासन और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की सख्ती का असर अब नजर आने लगा है। रील बनाने वाले लोगों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है और मंदिर परिसर में वीडियो/रील बनाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर चोरी-छिपे रील बनाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।</p>



<p><strong>क्षमता से दोगुनी भीड़ : व्यवस्थाएं बनाए रखना बड़ी चुनौती<br></strong>जानकारों के अनुसार, केदारनाथ धाम के लिए प्रतिदिन करीब 15 हजार श्रद्धालुओं का आंकड़ा ही व्यवस्थाओं के लिहाज से उपयुक्त माना जाता है। ऐसे में प्रशासन और मंदिर समिति के सामने व्यवस्थाएं बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। भीड़ बढ़ने के कारण दर्शन के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। आवास और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है।</p>



<p>मंदिर परिसर के चारों ओर बैरिकेड्स लगाने के लिए प्रस्ताव गढ़वाल आयुक्त कार्यालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे मंदिर परिसर में अनावश्यक रूप से घूमने वाले लोगों और रील बनाने वालों पर नियंत्रण में सहयोग मिलेगा। – राजन नैथानी, मुख्य प्रभारी अधिकारी केदारनाथ</p>
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		<title>केदारनाथ धाम के कपाट खुले, सीएम धामी आशीर्वाद लेने पहुंचे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 07:00:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[केदारनाथ धाम]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="401" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-26.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-26.jpg 963w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-26-300x195.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-26-768x498.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोषों से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने। प्रदेश के मुखिया सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="401" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-26.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-26.jpg 963w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-26-300x195.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/56-26-768x498.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोषों से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने। प्रदेश के मुखिया सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी संग धाम पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।</p>



<p>धाम के पीएम मोदी के नाम से पहली पूजा हुई। वहीं पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने की अपील की। बाबा केदार के धाम को को करीब 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहले ही धाम पहुंच चुके थे और कपाट खुलने के इस अद्भुत क्षण साक्षी बने। बाबा के कपाट खुलने से हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।</p>



<p>इससे पहले बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली मंगलवार शाम लगभग 4:30 बजे केदारनाथ धाम पहुंची। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से रवाना हुई यह डोली 17 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हुए जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप से होकर केदारपुरी पहुंची।</p>



<p><strong>बाबा केदार की भक्ति में डूबे श्रद्धालु<br></strong>धाम पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर डोली का भव्य स्वागत किया। डोली ने मंदिर की परिक्रमा कर भंडार गृह में प्रवेश किया, जहां विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान 8वीं सिखलाई रेजीमेंट के बैंड की मधुर धुनों और डमरू की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस व आईटीबीपी के जवान तैनात रहे।</p>



<p>कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा केदार की भक्ति में डूबे नजर आए। पीएम मोदी अपने संदेश में पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने की अपील की। इनमें स्वच्छता बनाए रखना, पर्यावरण संरक्षण, सेवा और सहयोग की भावना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और यात्रा के नियमों का पालन करना शामिल है।</p>



<p>इस मौके पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, जिलाधिकारी एवं बीकेटीसी मुख्य कार्य अधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।</p>
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		<title>केदारनाथ: पैदल यात्रा मार्ग पर बर्फ हटाने का काम 80% पूरा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Apr 2026 07:32:58 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[केदारनाथ धाम]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/6-39.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/6-39.jpg 827w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/6-39-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/6-39-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। बर्फ हटाने के कार्य व पुनर्निर्माण, मरम्मत के कार्य ने गति पकड़ी है। आगामी 22 अप्रैल को आम श्रद्धालु और तीर्थ यात्रियों के लिए बाबा केदारनाथ के कपाट खुल रहे हैं। ऐसे में डीडीएमए गुप्तकाशी के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/6-39.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/6-39.jpg 827w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/6-39-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/6-39-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। बर्फ हटाने के कार्य व पुनर्निर्माण, मरम्मत के कार्य ने गति पकड़ी है। आगामी 22 अप्रैल को आम श्रद्धालु और तीर्थ यात्रियों के लिए बाबा केदारनाथ के कपाट खुल रहे हैं। ऐसे में डीडीएमए गुप्तकाशी के कर्मचारी व श्रमिक तेज गति से निर्माण कार्यों को अंतिम स्वरूप दे रहे हैं।</p>



<p>लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजबिंद सिंह ने बताया की बर्फ हटाने का कार्य 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच मार्ग आवाजाही के लिए मार्ग खुल चुका है। उन्होंने बताया कि थारू, लिनचोली, हथनी, भैरव और कुबेर ग्लेशियर में बर्फ 5 से 6 फीट तक हटाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि धूप खिलते ही ऊपर से ग्लेशियर टूट के पैदल मार्ग पर आने की संभावनाएं बनी है।</p>



<p>ऐसे में हर पल सुरक्षा बलों की तैनाती में इन स्थानों पर श्रमिक बर्फ हटाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा की रेलिंग मरम्मत, डेंट पेंट, रैन शेल्टर समेत अन्य कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बार बेमौसमी बर्फबारी के चलते विभाग को खासी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन पूरी टीम पूरे मनोयोग से कार्य कर रही है।</p>
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		<title>कपाट खुलने से पहले केदारनाथ धाम में हुई बर्फबारी, उत्तराखंड में आज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी</title>
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		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 08:25:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[केदारनाथ धाम]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="603" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/YUIT.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/YUIT.png 603w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/YUIT-300x170.png 300w" sizes="auto, (max-width: 603px) 100vw, 603px" />उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में एक बार फिर शनिवार को तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी है। वहीं केदारनाथ धाम में कल से&#160;बर्फबारी का सिलसिला जारी है। 22 अप्रैल को धाम के कपाट खुलने हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून समेत टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="603" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/YUIT.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/YUIT.png 603w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/YUIT-300x170.png 300w" sizes="auto, (max-width: 603px) 100vw, 603px" />
<p>उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में एक बार फिर शनिवार को तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी है। वहीं केदारनाथ धाम में कल से&nbsp;बर्फबारी का सिलसिला जारी है। 22 अप्रैल को धाम के कपाट खुलने हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून समेत टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने और ओलावृष्टि के अलावा 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।</p>



<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से मौसम में इस तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पर्वतीय इलाकों में मौसम बदलने से मैदानी इलाकों के तापमान में भी असर देखने को मिलेगा। इससे गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।</p>



<p>आने वाले दिनों की बात करें तो नौ अप्रैल तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदला रहने के आसार हैं। उधर, शुक्रवार को भी बादल छाए रहने और हवा के चलने से मैदानों का तापमान सामान्य रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।</p>



<p><strong>राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र&nbsp;ने सावधानी बरतने का भेजा पत्र</strong><br>राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने मौसम विभाग के शनिवार को कुछ जिलों में मौसम के आरेंज और कुछ जिलों में यलो अलर्ट के द़ृष्टिगत जिलाधिकारियों को सावधानी बरतने का पत्र भेजा है। इसमें मौसम की स्थिति को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को प्रतिकूल मौसम होने पर प्रतिबंधित या नियंत्रित करने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्र में आवागमन को नियंत्रित करते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरतने का उल्लेख किया गया है। आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के तहत नामित सभी अधिकारी, विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहने और राजस्व उप निरीक्षकों को क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति बनाने को भी कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।</p>
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		<title> बीकेटीसी ने किया तय, केदारनाथ धाम की रूप छड़ी अब देवभूमि से नहीं जाएगी बाहर</title>
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		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 04:48:50 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[केदारनाथ धाम]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-11-214322.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-11-214322.png 879w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-11-214322-300x158.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-11-214322-768x404.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सतपाल महाराज ने बीकेटीसी अध्यक्ष को पत्र भेजा है, जिसमें केदारनाथ धाम के रावल के द्वारा नए रावल की घोषणा करने और रूप छड़ी को बाहर भेजे जाने के मामले में जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। भगवान केदारनाथ की रूप छड़ी को राज्य के बाहर ले जाने के विवाद के बीच श्री &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-11-214322.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-11-214322.png 879w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-11-214322-300x158.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-11-214322-768x404.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सतपाल महाराज ने बीकेटीसी अध्यक्ष को पत्र भेजा है, जिसमें केदारनाथ धाम के रावल के द्वारा नए रावल की घोषणा करने और रूप छड़ी को बाहर भेजे जाने के मामले में जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।</p>



<p>भगवान केदारनाथ की रूप छड़ी को राज्य के बाहर ले जाने के विवाद के बीच श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की बैठक में तय हुआ कि अब रूप छड़ी देवभूमि से बाहर नहीं जाएगी। वहीं, धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने बीकेटीसी अध्यक्ष को पत्र भेजा है, जिसमें केदारनाथ धाम के रावल के द्वारा नए रावल की घोषणा करने और रूप छड़ी को बाहर भेजे जाने के मामले में जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।</p>



<p>बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की बैठक बीते दिन हुई थी, इसमें अन्य विषयों के साथ रूप छड़ी को बाहर जाने का मुद्दा उठा था। बैठक में रूप छड़ी को बाहर ले जाने पर सदस्यों ने रोष व्यक्त किया। वहीं, कैबिनेट मंत्री महाराज का एक पत्र बीकेटीसी में पहुंचा है। इसमें महाराज ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम के रावल के महाराष्ट्र नांदेड में एक कार्यक्रम में नए रावल की घोषणा करने और उसमें ऐतिहासिक रूप छड़ी और बहुमूल्य पवित्र सामग्रियों को भेजे जाने संबंधी जानकारी मीडिया के माध्यम से 13 फरवरी से लगातार प्रचारित हो रही है।</p>



<p>इसके अलावा पुष्ट माध्यमों से अवगत कराया गया है कि संबंधित गतिविधियां सामान्य नियमों और परपंराओं के विपरीत है। पत्र में आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री की केदारनाथ धाम के प्रति विशेष लगाव व विकास के दृष्टिगत लगातार हर गतिविधि पर ध्यान दिया जाता है। धाम के कपाट खुलने को है, इस घटना से एक विपरीत संदेश देश में जा रहा है।</p>



<p>पत्र में कहा गया है कि प्रकरण की जानकारी होने पर मंदिर समिति के स्तर पर जल्द जांच कर बताया जाए। पर अभी तक कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। परंपराओं से जुड़े विषय की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सक्षम स्तर से जल्द जांच की अनिवार्य रूप से बताया जाए। इस संबंध में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बैठक में सदस्यों ने कहा कि रूप छड़ी को बाहर ले जाने की परंपरा नहीं रही है। इससे बोर्ड सदस्यों में रोष था, रूप छड़ी को बाहर ले जाने की परंपरा भी नहीं रही है। तय अब रूप छड़ी देवभूमि से बाहर नहीं जाएगी। कैबिनेट मंत्री महाराज का पत्र मिला है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।</p>



<p><strong>वर्ष-2000 में बाहर ले ले जाने की मांगी गई थी अनुमति<br></strong>रूप छड़ी को देवभूमि से बाहर ले जाने की बात वर्ष 2000 में भी आई थी। उस समय बीकेटीसी के खंचाजी ने पत्र बीकेटीसी के ईओ को आख्या भेजी थी। इसमें कहा गया था कि रावल ने अपने आवेदन में दक्षिण भारत को ले जाने के लिए सामान की सूची दी है। वह परंपरा के अनुसार अभी तक मंदिर के खजाने से कभी बाहर नहीं दी गई है।</p>



<p></p>
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