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	<title>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>देश के बॉर्डर पर एडवांस्ड लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च करेंगे अमित शाह</title>
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		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 06:26:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/५६फ़्घ्व.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/५६फ़्घ्व.jpg 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/५६फ़्घ्व-300x167.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) लॉन्च करेंगे। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे सभी लैंड पोर्ट्स के कामकाज को एक ही सिस्टम में जोड़ने के लिए बनाया गया है। यह सिस्टम एक आधुनिक, टेक्नोलॉजी-आधारित स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम होगा, जो व्यापार को आसान बनाने, कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय सुरक्षा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/५६फ़्घ्व.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/५६फ़्घ्व.jpg 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/५६फ़्घ्व-300x167.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) लॉन्च करेंगे। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे सभी लैंड पोर्ट्स के कामकाज को एक ही सिस्टम में जोड़ने के लिए बनाया गया है।</p>



<p>यह सिस्टम एक आधुनिक, टेक्नोलॉजी-आधारित स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम होगा, जो व्यापार को आसान बनाने, कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगा।</p>



<p>गृह मंत्री डावकी (मेघालय) और श्रीमंतपुर (त्रिपुरा) लैंड पोर्ट्स पर स्टेकहोल्डर्स के लिए ठहरने की नई सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च करेंगे अमित शाह</h3>



<p>लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट ऑपरेटर्स समेत अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा, जिससे देरी कम होगी और कामकाज की क्षमता बढ़ेगी।</p>



<p>यह सिस्टम कार्गो और यात्रियों की प्रोसेसिंग के लिए सुरक्षित एंड-टू-एंड डिजिटल वर्कफ्लो देगा, जिसमें स्लॉट बुकिंग, पेमेंट, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।</p>



<p>गृह मंत्रालय ने कहा, &#8216;आइसगेट, यूलिप और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम जैसे प्रमुख राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के साथ पूरी तरह से जुड़े होने के कारण, एलपीएमएस बार्डर मैनेजमेंट को इंटरआपरेबल, कुशल और पारदर्शी बनाएगा।&#8217;</p>



<p>यह प्लेटफॉर्म लॉजिस्टिक्स और रेगुलेटरी जानकारी के सुरक्षित और रियल-टाइम आदान-प्रदान को संभव बनाता है, जिससे लैंड पोर्ट्स भी एयरपोर्ट और सीपोर्ट पर चल रहे डिजिटल सिस्टम के बराबर स्टैंडर्ड वाले हो जाते हैं।</p>
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		<title>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शिलांग में करेंगे हाई-लेवल बैठक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 06:06:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="341" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/hryu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/hryu.jpg 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/hryu-300x166.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को शिलांग में पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के 73वें पूर्ण सत्र की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें पर्यटन, कृषि, बागवानी और निवेश प्रोत्साहन सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इससे पहले बुधवार को आयोजित बैठक में बांस, अगरवुड, अष्टलक्ष्मी दर्शन और अन्य प्रमुख पहलों एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। एक आधिकारिक बयान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="341" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/hryu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/hryu.jpg 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/hryu-300x166.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को शिलांग में पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के 73वें पूर्ण सत्र की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें पर्यटन, कृषि, बागवानी और निवेश प्रोत्साहन सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इससे पहले बुधवार को आयोजित बैठक में बांस, अगरवुड, अष्टलक्ष्मी दर्शन और अन्य प्रमुख पहलों एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।</p>



<p>एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गुरुवार को क्षेत्रीय विकास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए गठित मुख्यमंत्री उच्च-स्तरीय कार्य बलों द्वारा की गई प्रगति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।</p>



<p>पर्यटन, कृषि एवं बागवानी, निवेश प्रोत्साहन, दूध, अंडे, मछली और मांस में आत्मनिर्भरता, खेल प्रोत्साहन, आर्थिक गलियारा विकास, अवसंरचना एवं संपर्क और हथकरघा एवं हस्तशिल्प पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी।</p>



<p>उम्मीद है कि इन विचार-विमर्शों से राज्यों और हितधारकों के बीच साझा विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समन्वित कार्रवाई को बढ़ावा मिलेगा।</p>



<p>बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहलों की भी समीक्षा की जाएगी। इनमें प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति, पूर्वोत्तर निवेश शिखर सम्मेलन एवं बैंकर सम्मेलन के परिणाम, युवाओं पर केंद्रित पहलें और क्षेत्र में पर्यटन, लाजिस्टिक्स एवं विशिष्ट पहचान (यूएसपी) परियोजनाओं से जुड़े प्रयास शामिल हैं।</p>
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		<title>देशभर में फोरेंसिक लैब्स नेटवर्क बनाने के लिए 30 हजार करोड़ निवेश करेगी सरकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Jan 2026 07:20:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/oiyoiy.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/oiyoiy.png 795w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/oiyoiy-300x168.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/oiyoiy-768x429.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में देशभर में फोरेंसिक लैब्स के नेटवर्क की स्थापना के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने का निर्णय लिया है। 2029 तक हर राज्य में कम से कम एक फोरेंसिक विश्वविद्यालय या केंद्रीय फोरेंसिक लैब स्थापित की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अंडमान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/oiyoiy.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/oiyoiy.png 795w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/oiyoiy-300x168.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/oiyoiy-768x429.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में देशभर में फोरेंसिक लैब्स के नेटवर्क की स्थापना के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने का निर्णय लिया है। 2029 तक हर राज्य में कम से कम एक फोरेंसिक विश्वविद्यालय या केंद्रीय फोरेंसिक लैब स्थापित की जाएगी।</p>



<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजयपुरम में गृह मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।</p>



<p>अपराध से लड़ने के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग करने, केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) जैसे अत्याधुनिक केंद्रों की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">&nbsp;वर्तमान में देश में सात सीएफएसएल हैं</h2>



<p>गृह मंत्री ने कहा, भारत सरकार और राज्य सरकारें अगले पांच वर्षों में देशभर में फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के निर्माण के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं। वर्तमान में देश में सात सीएफएसएल हैं, जबकि आठ नए सीएफएसएल स्थापित किए जा रहे हैं। राज्यों के फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, फोरेंसिक वैन और क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं को मजबूत करने के लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये का अनुदान दिया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पिछले चार वर्षों में 16 हजार से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है</h2>



<p>शाह ने कहा कि फोरेंसिक विज्ञान विभागों के मानकीकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 2029 तक 35 हजार छात्र एनएफएसयू में फोरेंसिक्स का अध्ययन करेंगे। एनएफएसयू की शत प्रतिशत प्लेसमेंट है। गृह मंत्री ने कहा कि अब तक एनएफएसयू के 14 कैंपस स्थापित किए जा चुके हैं। यह विश्वविद्यालय 100 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है।</p>



<p>पिछले चार वर्षों में 16 हजार से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है और अगले चार वर्षों में इस संख्या को लगभग तीन गुना करने का लक्ष्य है।गृह मंत्री ने कहा कि एनएफएसयू ने अब तक 46 पेटेंट दर्ज किए हैं, जिनमें से 30 केवल 2024 में दर्ज किए गए। 96 देशों ने एनएफएसयू के साथ 103 एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। 117 संगठनों ने भी एनएफएसयू के साथ समझौते किए हैं।</p>



<p>शाह ने यह भी कहा कि गृह मंत्रालय ने 2019 से अब तक संसदीय सलाहकार समिति की 12 बैठकें आयोजित की हैं, जिनसे अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। शाह ने कहा, हम 2029 तक ऐसा सिस्टम बनाएंगे जिसमें पूरी न्यायिक प्रक्रिया—&nbsp;एफआइआर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक—तीन वर्षों के भीतर पूरी की जा सके।</p>



<h2 class="wp-block-heading">373 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास</h2>



<p>गृह मंत्री शाह ने शनिवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह नौ योजनाओं का उद्घाटन किया और दो योजनाओं की आधारशिला रखी। इसमें 229 करोड़ रुपये का एक एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर शामिल है। इन विकास योजनाओं में कुल लागत 373 करोड़ रुपये है। शाह ने नवीन न्याय संहिता पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।</p>



<p>अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के नागरिकों के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए शाह ने कहा, कई स्वतंत्रता सेनानियों ने यहां अपने जीवन का एक लंबा समय बिताया। कई वीरों को यहां फांसी दी गई। जब दमन अपने चरम पर था, उनकी आवाजें देश और दुनिया तक नहीं पहुंच रही थीं, लेकिन आज, सेलुलर जेल में बने वीर सावरकर के स्मारक ने पूरे देश और दुनिया को यह बता दिया है कि हजारों शहीदों ने यहां अपने प्राणों की आहुति दी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">&nbsp;&nbsp;शाह ने कहा कि सरकार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पर्यटन के क्षेत्र में संभावनाएं देखती है</h2>



<p>उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1941 को पोर्ट ब्लेयर में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जो भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण क्षण है। शाह ने कहा कि सरकार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पर्यटन के क्षेत्र में संभावनाएं देखती है।</p>
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		<title>बॉर्डर से 30 किमी तक के दायरे में सभी अतिक्रमण हटेंगे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Aug 2025 10:28:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="391" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/iupgoip-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/iupgoip.png 694w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/iupgoip-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />गृह मंत्री ने मंगलवार को नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि यह बात कही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सीमांत गांवों में दूरसंचार, सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="391" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/iupgoip-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/iupgoip.png 694w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/iupgoip-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गृह मंत्री ने मंगलवार को नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि यह बात कही है।</p>



<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सीमांत गांवों में दूरसंचार, सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम ‘वीवीपी’ को सरकारी प्रोग्राम नहीं, प्रशासन की स्पिरिट बनाना है। गृह मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य तभी प्राप्त हो सकेगा, जब यह प्रशासन की स्पिरिट बनेगा। वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम में मनरेगा के तहत कुछ नए तालाब बनाने, सघन वृक्षारोपण और स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की संभावना पर भी विचार किया जाना चाहिए। सीमा से कम से कम 30 किलोमीटर तक के दायरे में सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाने चाहिए। गुजरात ने इस दिशा में बहुत अच्छा काम किया है, वहां समुद्री और भू सीमा से ढेर सारे अतिक्रमण हटाए गए हैं।</p>



<p>गृह मंत्री ने मंगलवार को नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि यह बात कही है। शाह ने कहा कि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-1 में हम कार्यक्रम तक सीमित रहे, लेकिन वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-2 में हमें प्रशासन का दृष्ट्रिकोण बदलने की जरूरत है। उन्होंने सीमावर्ती जिलों के कलेक्टरों से कहा कि वे अवैध धार्मिक अतिक्रमण को हटाने की दिशा में उचित कार्रवाई करें। ये अतिक्रमण एक सुनिश्चित डिजाइन के तहत हो रहे हैं। सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाने चाहिए। अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम का विचार तीन बिंदुओं पर आधारित है, जिनमें सीमांत गांवों से पलायन रोकना, सीमांत गांवों के हर नागरिक को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है। वीवीपी में चिह्नित गांवों को सीमा और देश की सुरक्षा के लिए एक उपकरण बनाना शामिल हैं।</p>



<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के विचार को सामने रखा था, तब यह तय हुआ था कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। न केवल हर सीमांत गाँव को सभी सुविधाओं से युक्त बनाया जाएग, बल्कि सीमांत गांवों में रहने वाले हर नागरिक को भारत सरकार और राज्य सरकार की सभी योजनाओं से लैस करके उनके व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाया जाए। साथ ही इन गांवों को देश और सीमा की सुरक्षा के मजबूत उपकरण के तौर पर विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के अंतिम गाँव को देश के पहले गाँव की उपाधि देकर सीमावर्ती गांवों को देखने का हमारा नजरिया बदलने का काम किया। वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के लिए चिह्नित किए गए देश के पहले गाँव कुछ साल बाद हमारे देश और उसकी सीमाओं की रक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण उपकरण सिद्ध होंगे।</p>



<p>उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम के माध्यम से मल्टी-डायमेंशनल और मल्टी-सेक्टोरल विकास की कल्पना के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने, संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन, पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन और हर तरह से गाँव के जीवन को वाइब्रेंट बनाने के प्रयास हुए हैं।</p>



<p>केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों, वीवीपी में शामिल गांवों के जिला कलेक्टरों और सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की जिम्मेदारी है कि वे वीवीपी तक सीमित नहीं रहें और इस कार्यक्रम के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए यह विचार करें कि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम से आगे बढ़कर और क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं। वीवीपी के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए यह आवश्यक है कि भारत सरकार और राज्य सरकारों के सभी विभाग मिलकर इन सीमावर्ती गांवों को सच्चे अर्थों में सुरक्षा का महत्वपूर्ण उपकरण बनाएं।</p>



<p>अमित शाह ने कहा कि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम की संकल्पना को चरितार्थ करने के लिए सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन, पर्यटन के लिए आवश्यक जनसुविधाओं को बढ़ावा और सहकारी संस्थाओं को प्रोत्साहित कर रोजगार सृजन जैसे कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगर होमस्टे जैसे प्रयोगों को सीमावर्ती गांवों तक ले जाएँ और इनमें बुकिंग के लिए राज्यों के पर्यटन विभाग उचित व्यवस्था करें तो सीमांत गांवों के हर घर में रोजगार होगा। शाह ने कहा कि राज्यों के ग्रामीण विकास विभाग को इन गांवों का गौरव स्थापित करने की दिशा में प्रयास करना होगा और इसमें जिला कलेक्टरों की अहम भूमिका है। अगर गांवों में सभी सुविधाएं और रोजगार हों तो स्थानीय लोगों में गाँव छोड़ कर जाने की इच्छा कभी नहीं होगी। गृह मंत्री ने कहा कि युवा कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विषम भौगोलिक परिस्थिति के बावजूद हमारे नागरिक अपना गाँव नहीं छोड़ें, पलायन न हो और गाँव की आबादी में वृद्धि भी हो।</p>



<p>केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम लागू करने के बाद कई सीमावर्ती गांवों में आबादी बढ़ी है। यह हमारे देश के सभी सीमांत गांव के लिए एक संदेश है कि फिर से आबादी बढ़ने का हमारा यह ट्रेंड सही रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा था कि डेमोग्राफिक बदलाव हमारे लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम में शामिल जिलों के कलेक्टरों को इस मुद्दे को गंभीरता और बारीकी से देखना होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफिक बदलाव सीधे तौर पर देश और सीमाओं की सुरक्षा को प्रभावित करता है। गृह मंत्री ने कहा कि यह नहीं मानना चाहिए कि यह भौगोलिक स्थिति के कारण हो रहा है, बल्कि यह एक निश्चित डिजाइन के तहत हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यों के मुख्य सचिवों और सीएपीएफ को भी इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है।</p>



<p>अमित शाह ने कहा कि योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन के लिए जिला कलेक्टरों को यह विचार करना चाहिए कि क्या वे इसमें केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ समन्वय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल स्वास्थ्य, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में मदद प्रदान कर सकते हैं। श्री शाह ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में आईटीबीपी ने रोजमर्रा की चीजें, जैसे – दूध, सब्जी, अंडे, अनाज आदि वाइब्रेंट गांव से ही खरीदने का सफल प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि हर सीमांत गांव में इस प्रयोग को जमीन पर उतारने की जरूरत है। शाह ने यह भी कहा कि सीमा पर तैनात सेना भी गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से समन्वय कर वाइब्रेंट गांव में रोजगार सृजन की जिम्मेदारी ले।</p>



<p>गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी है कि वे डेयरी कॉपरेटिव बनाकर सीएपीएफ और सेना के दूध की जरुरत को गांव से ही पूरा करे। इससे रोजगार सृजन में सहायता मिलेगी। इस प्रयोग को प्रभावी मॉडल के तौर पर विकसित कर हर वाइब्रेंट विलेज में लागू करने का काम गृह मंत्रालय, सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, रक्षा मंत्रालय के माध्यम से सेना और जिला कलेक्टरो को हाथ में लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोजगार के सृजन से पलायन अपने आप रुकेगा।</p>
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		<title>हिमाचल में प्राकृतिक आपदाओं को लेकर गंभीर केंद्र सरकार</title>
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		<pubDate>Mon, 21 Jul 2025 11:51:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="379" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/22-780x470-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/22-780x470-2.jpg 683w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/22-780x470-2-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर स्थिति का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम के गठन का निर्देश दिया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि शाह की अध्यक्षता में हाल में हुई बैठक में यह बात सामने आई कि हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, &#8230;]]></description>
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<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर स्थिति का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम के गठन का निर्देश दिया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि शाह की अध्यक्षता में हाल में हुई बैठक में यह बात सामने आई कि हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और मूसलधार बारिश में वृद्धि हुई है।</p>



<p>इससे राज्य में बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि, बुनियादी ढांचे और आजीविका को नुकसान हुआ है। इसमें कहा गया है कि शाह ने स्थिति का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) पुणे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर के विशेषज्ञों की एक बहु क्षेत्रीय केंद्रीय टीम के गठन का आदेश दिया।</p>



<p>कहा गया कि इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के विभिन्न भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर केंद्र सरकार ने राज्य के ज्ञापन की प्रतीक्षा किए बिना ही क्षति का मौके पर जाकर प्रत्यक्ष आकलन करने के लिए पहले ही एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) को तैनात कर दिया है। आईएमसीटी 18 से 21 जुलाई तक राज्य के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही है।</p>
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