किसान संगठनों – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 23 Feb 2024 05:40:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg किसान संगठनों – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 किसान संगठनों का दावा- अब तक 167 जख्मी https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a0%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%a4/544121 Fri, 23 Feb 2024 05:39:58 +0000 https://livehalchal.com/?p=544121 गुरुवार को किसानों ने नेशनल हाईवे रोके वहीं 26 को ट्रैक्टर मार्च का एलान किया है। किसान शुक्रवार को ब्लैक डे मनाएंगे। किसान संगठनों का दावा है कि अब तक 167 किसान जख्मी हो चुके हैं। हरियाणा में भी चढ़ूनी गुट ने तीन घंटे के लिए नेशनल हाईवे रोक कर विरोध जताया है।  खनौरी बॉर्डर …]]>

गुरुवार को किसानों ने नेशनल हाईवे रोके वहीं 26 को ट्रैक्टर मार्च का एलान किया है। किसान शुक्रवार को ब्लैक डे मनाएंगे। किसान संगठनों का दावा है कि अब तक 167 किसान जख्मी हो चुके हैं। हरियाणा में भी चढ़ूनी गुट ने तीन घंटे के लिए नेशनल हाईवे रोक कर विरोध जताया है। 

खनौरी बॉर्डर पर बुधवार को हरियाणा पुलिस और पंजाब के किसानों के बीच हुए टकराव में युवा किसान शुभकरण की मौत के विरोध में वीरवार को किसान संगठनों ने पंजाबभर में तीन घंटे के लिए नेशनल हाईवे रोक कर प्रदर्शन किया। वहीं, हरियाणा में भी चढ़ूनी गुट ने तीन घंटे के लिए नेशनल हाईवे रोक कर विरोध प्रकट किया।

देशभर के किसान संगठनों ने भी इसका समर्थन किया। बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने वीरवार और शुक्रवार के लिए दिल्ली कूच स्थगित करने की घोषणा की थी। वीरवार को आंदोलन के 10वें दिन शंभू और खनौरी बॉर्डर पर हालात सामान्य और शांतिपूर्ण रहे।

वहीं, चंडीगढ़ में वीरवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में 26 फरवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने का एलान किया गया है। इसके साथ शुक्रवार को शुभकरण की मौत के विरोध में ब्लैक डे मनाने की घोषणा की गई। इसके अलावा 14 मार्च को दिल्ली में रामलीला मैदान में महापंचायत बुलाई गई है।

पांचवें दौर की बैठक के लिए किसान संगठनों की अगली रणनीति व संपर्क के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें जोगिंदर उगराहां, दर्शनपाल, रविंदर पटियाला, बलबीर राजेवाल, युद्धवीर सिंह और हनन मौला शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के बिगड़ते हालात के बीच किसान संगठनों को पांचवें दौर के बैठक के लिए जल्द ही संपर्क करने को लेकर एक्स पर जानकारी साझा की थी। किसान संगठनों को अभी तक केंद्रीय मंत्रियों की ओर से पांचवें दौर की बैठक के लिए अधिकारिक रूप से कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

इस बीच शंभू बॉर्डर पर किसान नेता बलदेव सिंह जीरा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि अब हरियाणा पुलिस सुरक्षा बलों के साथ हुए टकराव में 167 किसान घायल हुए हैं, जबकि खनौरी बॉर्डर से छह किसान लापता हैं। उन्होंने कहा कि कैंपों और ट्रैक्टरों पर हमला किया गया, इसके पुख्ता सबूत किसान संगठनों के पास हैं।

आंदोलन की अगली रणनीति पर फैसला आज, डल्लेवाल डिस्चार्ज
किसान-मजदूर मोर्चा को-ऑर्डिनेटर सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर 23 फरवरी को फैसला लिया जाएगा। राजिंदरा अस्पताल से वीरवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को डिस्चार्ज किया गया। इस दौरान डल्लेवाल और पंधेर ने अस्पताल के बाहर प्रेसवार्ता की।

पंधेर ने जारी की तस्वीर, हत्या का केस दर्ज करने की मांग
सरवण सिंह पंधेर ने वीरवार को मीडिया के सामने एक तस्वीर जारी की, जिसमें पुलिस फायरिंग करती नजर आ रही है। पंधेर ने कहा कि ये तस्वीर दिखाती है कि सीधी फायरिंग की गई है। पंजाब सरकार को हमला करने वालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करना चाहिए। डल्लेवाल ने खनौरी बॉर्डर पर मरे युवा किसान शुभकरण को पंजाब सरकार की ओर से शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई केंद्र और हरियाणा से है, लेकिन पंजाब की सीमा में घुसकर उन पर हमला करने के मामले में हरियाणा पुलिस पर पंजाब सरकार कार्रवाई करे।

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साढ़े पांच घंटे की बैठक में 10 मांगों पर चर्चा…नहीं बनी बात https://livehalchal.com/pn-10/542208 Tue, 13 Feb 2024 06:36:56 +0000 https://livehalchal.com/?p=542208 किसान संगठनों के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों- पीयूष गोयल और अर्जुन मुंडा के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक के बाद किसान नेताओं ने बाहर आकर ऐलान किया कि आंदोलन जारी है और केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार करके हम मंगलवार सुबह 10 बजे अपने आंदोलन पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने किसानों से दिल्ली कूच …]]>

किसान संगठनों के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों- पीयूष गोयल और अर्जुन मुंडा के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक के बाद किसान नेताओं ने बाहर आकर ऐलान किया कि आंदोलन जारी है और केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार करके हम मंगलवार सुबह 10 बजे अपने आंदोलन पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने किसानों से दिल्ली कूच के लिए तैयार होने का आह्वान भी किया।

पंजाब के किसान संगठनों द्वारा 13 फरवरी को घोषित दिल्ली कूच रोकने की सारी कोशिशें सोमवार देर रात तक चली बैठक के बाद नाकाम रहीं। किसानों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है। अब किसान दिल्ली कूच पर अडिग हैं। चंडीगढ़ में करीब साढ़े पांच घंटे की बातचीत के बाद भी दोनों पक्ष एक दूसरे की बात पर एक राय नहीं हो पाए। 

सोमवार को करीब साढ़े पांच घंटे चली मैराथन बैठक के बाद बाहर निकले किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने मीडिया से कहा कि उनकी मुख्य तीन मांगें- एमएसपी की गारंटी, किसानों के कर्ज माफ करने और 60 से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन देने पर सहमति नहीं बन सकी। हालांकि किसानों पर दर्ज मामले वापस लिए जाने पर केंद्रीय नेताओं ने सहमति जताई थी। 

किसान नेताओं का आरोप-सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं

उन्होंने कहा कि किसान बातचीत के लिए तैयार हैं और केंद्र सरकार जब भी बातचीत के लिए बुलाएगी, हम जरूर जाएंगे। पंधेर ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है और वह केवल समय गुजारना चाहती है। हमने पूरी कोशिश की और मंत्रियों से लंबी बातचीत की लेकिन कोई निर्णय नहीं निकल सका। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि मंगलवार सुबह 10 बजे तक हम सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे, उसके बाद दिल्ली कूच होगा।

वहीं, किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा, ‘काफी देर तक बैठक चली, हर मांग पर चर्चा हुई लेकिन ये मांगें नहीं थीं, यह अलग-अलग समय पर सरकार द्वारा की गई प्रतिबद्धताएं थीं।’

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, ‘किसान संगठनों के साथ गंभीरता से बातचीत हुई। सरकार हमेशा चाहती है कि बातचीत के माध्यम से समाधान निकले। अधिकांश विषयों पर हम सहमति तक पहुंचे लेकिन कुछ विषयों पर हमने स्थाई समाधान के लिए कमेटी बनाने को कहा। हम अभी भी मानते हैं कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से हो सकता है। हम आशान्वित है कि आगे बातचीत के जरिए हम समाधान निकाल लेंगे।’

आठ फरवरी को भी हुई थी बैठक

दिल्ली कूच रोकने के उद्देश्य से गत 8 फरवरी को भी तीन केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच बैठक हुई थी। उस बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए केंद्र से किसानों की जायज मांगे मानने की अपील की थी। इस बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने, पिछले आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने, नकली बीज और नकली स्प्रे बनाने वाली कंपनियों को कड़ी सजा देने की मांगों पर सहमति जता दी थी, लेकिन किसान नेताओं का कहना था कि केंद्र की तरफ से केवल सहमति जताई जा रही है, लिखित रूप से कोई बात नहीं कही जा रही। इस तरह पहली बैठक भी बेनतीजा रही थी।

ये थी किसानों की प्रमुख मांगें

  • स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग
  • किसानों और खेत मजदूरों की कर्ज माफी की मांग
  • लखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों को इंसाफ और आशीष मिश्रा की जमानत रद्द कर सभी दोषियों को सजा की मांग
  • लखीमपुर खीरी कांड में घायल सभी किसानों को वादे के मुताबिक 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग
  • किसान आंदोलन के दौरान दर्ज केस रद्द करने की मांग
  • पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी
  • 200 दिन मनरेगा की दिहाड़ी मिले
  • 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग
  • फसल बीमा सरकार खुद करे
  • किसान और मजदूर को 60 साल होने पर 10 हजार रुपये महीना मिले
  • विश्व व्यापार संगठन से खेती को बाहर किया जाए
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किसान संगठनों का एलान- चंडीगढ़ के भीतर करेंगे आंदोलन https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a0%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a1/532451 Sun, 24 Dec 2023 09:20:09 +0000 https://livehalchal.com/?p=532451 पंजाब के पांच किसान संगठनों ने शनिवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 18 जनवरी को चंडीगढ़ में आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। चंडीगढ़ में किस स्थान पर आंदोलन किया जाएगा, इसका फैसला आठ जनवरी को लिया जाएगा। बैठक में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) की ओर से बलबीर सिंह राजेवाल, अखिल भारतीय किसान …]]>

पंजाब के पांच किसान संगठनों ने शनिवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 18 जनवरी को चंडीगढ़ में आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। चंडीगढ़ में किस स्थान पर आंदोलन किया जाएगा, इसका फैसला आठ जनवरी को लिया जाएगा। बैठक में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) की ओर से बलबीर सिंह राजेवाल, अखिल भारतीय किसान फेडरेशन के प्रेम सिंह, किसान संघर्ष कमेटी के कमलप्रीत सिंह पन्नू, आजाद किसान संघर्ष कमेटी के हरजिंदर सिंह टांडा और बीकेयू मानसा के भोग सिंह ने भाग लिया। सेक्टर 35 स्थित किसान भवन में शनिवार को पांच किसान संगठनों ने बैठक कर आगामी आंदोलन की रूपरेखा पर विचार किया।

बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में राजेवाल ने बताया कि 18 जनवरी को किसान पंजाब में गिरते भूजल स्तर, गन्ने की कम कीमत दिए जाने, एसवाईएल, चंडीगढ़ पंजाब को दिए जाने के मुद्दों को लेकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार किसानों का आंदोलन मोहाली से शुरू होकर चंडीगढ़ नहीं पहुंचेगा, बल्कि इसे चंडीगढ़ के अंदर ही शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है और सूबे के किसान राजधानी में अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद कर सकते हैं। राजेवाल ने यह चेतावनी भी दी कि अगर चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस ने आंदोलन की अनुमति नहीं दी, तो यह किसानों के अधिकारों का हनन होगा, जिसे चुनौती दी जाएगी।

आठ जनवरी को चंडीगढ़ प्रशासन से करेंगे बैठक
राजेवाल ने कहा कि 18 जनवरी को चंडीगढ़ में आंदोलन किस स्थान पर होगा, इस बारे में फैसला आठ जनवरी को चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों को किसानों की मांगों के बारे में भी जानकारी दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी के आंदोलन के बारे में पूरे पंजाब के गांवों में एक लाख पोस्टर बांटे जाएंगे और किसानों को चंडीगढ़ पहुंचने का आह्वान किया जाएगा।

किसानों की मांगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिसे लेकर राज्य और केंद्र की सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। इसके लिए केवल किसानों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पंजाब सरकार की ओर से हाल ही में घोषित गन्ने की कीमतों को नाकाफी बताते हुए उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल की लागत सबसे ज्यादा है और इस दाम से किसान खुश नहीं हैं।

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