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	<title>किसान आन्दोलन &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>किसान आन्दोलन &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>किसान आन्दोलन: थर्मल प्लांट में कोयले की आपूर्ति बंद, तीन दिन से स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 May 2024 06:57:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[किसान आन्दोलन]]></category>
		<category><![CDATA[थर्मल प्लांट में कोयले की आपूर्ति बंद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/पंजाब.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/पंजाब.jpg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/पंजाब-300x171.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />गोबिंदगढ़ थर्मल प्लांट में कोयले की आपूर्ति बंद हो गई है। धनबाद से गोबिंदगढ़ जाने वाली कोयले से लदी मालगाड़ी पिछले तीन दिनों से कैंट रेलवे स्टेशन के लाइन नंबर पांच पर खड़ी है। इसके पीछे कई अन्य मालगाड़ियां भी सहारनपुर-अंबाला रेल सेक्शन पर रोक दी गई हैं। यह सब कार्रवाई वंदे भारत एक्सप्रेस सहित &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/पंजाब.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/पंजाब.jpg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/पंजाब-300x171.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गोबिंदगढ़ थर्मल प्लांट में कोयले की आपूर्ति बंद हो गई है। धनबाद से गोबिंदगढ़ जाने वाली कोयले से लदी मालगाड़ी पिछले तीन दिनों से कैंट रेलवे स्टेशन के लाइन नंबर पांच पर खड़ी है। इसके पीछे कई अन्य मालगाड़ियां भी सहारनपुर-अंबाला रेल सेक्शन पर रोक दी गई हैं।</p>



<p>यह सब कार्रवाई वंदे भारत एक्सप्रेस सहित अन्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए की गई है। बावजूद इसके रविवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाली ट्रेनें शाम को पहुंची और शाम को आने वाली ट्रेनें अगले दिन सुबह स्टेशन पर पहुंची। जानकारी अनुसार नई दिल्ली से कटरा के बीच चलने वाली 22477 वंदे भारत एक्सप्रेस 17:50 घंटे की देरी से गंतव्य स्टेशन पर पहुंची। वापसी में 22478 भी 17:30 घंटे की देरी से गंतव्य पर पहुंची। इसी तरह कई ट्रेेनें देरी से पहुंची।</p>



<p><strong>नहीं मिल रही पुख्ता जानकारी</strong><br>उद्धोषणा करने वाले कर्मचारियों को ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने की सही जानकारी नहीं है। ऐसी एक परेशानी स्टेशन मास्टर के समक्ष रखते हुए छावनी निवासी पूजा ने बताया कि सोमवार को फरीदाबाद में उसका पेपर है। उसे अमृतसर-इंदौर एक्सप्रेस से जाना था। सुबह छह बजे से कैंट स्टेशन पर बैठी है और अब दोपहर के एक बजे हैं।</p>



<p>उसने बताया कि बार-बार एक ही घोषणा हो रही है कि ट्रेन एक घंटा लेट हो गई है, लेकिन अधिकारी ने बताया कि ट्रेन कहां है और कब आएगी। इसकी जानकारी नहीं है। इसलिए वो टिकट को रद्द करवाकर बस से फरीदाबाद के लिए रवाना हो जाए और परीक्षा दे सके।</p>



<p><strong>चंडीगढ़-साहनेवाल रेल सेक्शन की सुरक्षा बढ़ाई</strong><br>अंबाला से अमृतसर और कटरा की तरफ जाने वाले एक मात्र रेल सेक्शन चंडीगढ़-साहनेवाल के 50 किमी लाइन की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। यहां अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। यह फैसला इसलिए किया है कि इस एकल लाइन पर ट्रेनों का दबाव बहुत अधिक बढ़ गया था।</p>



<p>रेल पटरियों के रख-रखाव में जुटे विभाग ने चेतावनी दी थी कि इस मार्ग पर लगातार दौड़ रही ट्रेनों के कारण पटरी को मरम्म्त की आवश्यकता है, अन्यथा कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इसे लेकर अब इस पूरे सेक्शन पर दोपहर के समय ट्रेनों को रोककर पटरी चेक करने का कार्य आरंभ कर दिया गया है। कभी इस कार्य को करने के लिए दो तो कभी चार घंटे का समय लिया जा रहा है।</p>



<p><strong>नहीं निकला समाधान</strong><br>पहले शंभू बार्डर पर बैठे किसानों की वजह से हरियाणा का लिंक पंजाब से टूटा है। इस वजह से परेशानी के अलावा सफर बढ़ गया है। दूसरी बड़ी परेशानी अब किसानों के अंबाला-लुधियाना की मुख्य लाइन पर शंभू रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे लाइनों पर बैठने से शुरू हो गई है और एक बार फिर इसका शिकार यात्री हो रहे हैं। जबकि पिछले दिनों किसानों के साथ हरियाणा व पंजाब सरकार के नुमाइंदों ने बात भी की थी जोकि बेनतीजा रही।</p>



<p><strong>64 रद्द तो 69 बदले मार्ग से</strong><br>अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन पर किसानों को बैठे हुए रविवार को 19 वां दिन हो गया है। ऐसे में अभी तक 3400 से अधिक ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो चुका है। अगर रेलवे के नुकसान की बात करें तो यह भी करोड़ों रुपये तक पहुंच चुका है। रविवार को भी अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से निकलने वाली 145 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। इस कारण 64 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, वहीं 81 ट्रेनों को बदले मार्ग से चलाया गया।</p>



<p>अंबाला से चंडीगढ़ के रास्ते साहनेवाल की तरफ जाने वाली मालगाड़ियों का संचालन किया जा रहा था। इस कारण मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें घंटों देरी से चल रही थी। इन के समय को दुरुस्त करने के मकसद से मालगाड़ियों का संचालन कुछ समय के लिए रोका गया है। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर भी अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है। -नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।</p>



<p><strong>अप और डाउन में एक दर्जन ट्रेनें रद्द</strong><br>पानीपत। पंजाब में किसानों के मुख्य रेल लाइन पर बैठने से दिल्ली-अंबाला रेल लाइन लगातार प्रभावित हो रहा है। रविवार को भी करीब एक दर्जन ट्रेनें रद्द की गई और करीब 38 ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए। इस रूट पर बाकी चलने वाली ट्रेनें भी आगे ट्रैफिक व्यस्त होने के चलते देरी से पहुंची। कालका शताब्दी एक्सप्रेस भी एक घंटे देरी से पहुंची। इसके अलावा अन्य कई ट्रेनों का शेड्यूल बिगड़ गया है। ऐसे में यात्रियों की संख्या भी घटकर आधी रह गई है। दूसरी ट्रेनों में अपेक्षाकृत भीड़ बढ़ गई है।</p>



<p>पानीपत रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के देरी और न पहुंचने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। कालका शताब्दी एक्सप्रेस का कालका पहुंचने का समय सुबह 11:30 का है, लेकिन यह ट्रेन कालका 12:29 बजे पहुंची। जबकि पानीपत रेलवे स्टेशन पर दस मिनट की देरी से पहुंची थी। दिल्ली से कुरुक्षेत्र यात्री गाड़ी का पानीपत पहुंचने का समय सुबह 10 बजे है।</p>



<p>यह गाड़ी 10:26 बजे पानीपत पहुंची। पश्चिमी एक्सप्रेस चंडीगढ़ रूट से अमृतसर पहुंचती है। यह ट्रेन पानीपत रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक घंटे देरी से पहुंची। अमृतसर पहुंचते समय यह करीब पौने दो घंटे लेट हो गई। यह गाड़ी रात सवा आठ की बजाय दस बजे अमृतसर पहुंची। ऐसे में गर्मी के मौसम में ट्रेनें न मिलने से यात्री परेशान हो गए हैं। श्याम सिंह और दीपांशु ने बताया कि पिछले दिनों से रेल यातायात लगातार बाधित है, लेकिन रेलवे का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।</p>



<p><strong>ये ट्रेनें रद्द और रहीं डायवर्ट</strong><br>शान-ए-पंजाब, पठानकोट, फाजिल्का इंटरसिटी एक्सप्रेस, अमृतसर इंटरसिटी एक्सप्रेस, जम्मू मेल ट्रेन अप और डाउन में रद्द रहीं। वहीं आम्रपाली एक्सप्रेस, अमृतसर एक्सप्रेस, मालवा, सचखंड एक्सप्रेस व झेलम एक्सप्रेस का रूट डायवर्ट किया गया। इन ट्रेनों को जींद और जाखल से लुधियाना रवाना की गई।</p>



<p>पंजाब में किसानों के मुख्य ट्रैक पर बैठने के चलते ट्रेनें प्रभावित हैं। करीब एक दर्जन ट्रेनें लगातार रद्द की जा रही हैं, जबकि करीब 38 ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं। यात्रियों को समय-समय पर जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा नोटिस भी चस्पा किया गया है। -धीरज कपूर, अधीक्षक, रेलवे स्टेशन पानीपत।</p>
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		<title>किसान आन्दोलन: दातासिंह वाला बॉर्डर से हटने के मूड में नहीं किसान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Mar 2024 05:27:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[किसान आन्दोलन]]></category>
		<category><![CDATA[दातासिंह वाला बॉर्डर]]></category>
		<category><![CDATA[हटने के मूड में नहीं किसान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-14-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-14.png 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-14-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-14-768x417.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />दातासिंह वाला बॉर्डर पर 13 फरवरी से बैठे किसानों का मूड पीछे हटने का नहीं लग रहा है। एक-दो दिन में लोकसभा चुनाव की घोषणा होने वाली है। इसके बाद केंद्र में नई सरकार बनेगी। इस प्रक्रिया में कम से कम डेढ़ महीने का समय लगेगा। किसानों की मंशा केंद्र में नई सरकार बनने तक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-14-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-14.png 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-14-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/Capture-14-768x417.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>दातासिंह वाला बॉर्डर पर 13 फरवरी से बैठे किसानों का मूड पीछे हटने का नहीं लग रहा है। एक-दो दिन में लोकसभा चुनाव की घोषणा होने वाली है। इसके बाद केंद्र में नई सरकार बनेगी। इस प्रक्रिया में कम से कम डेढ़ महीने का समय लगेगा। किसानों की मंशा केंद्र में नई सरकार बनने तक बॉर्डर पर डटे रहने की है। किसान अब यहां पक्के टेंट लगाकर धरना जारी रखेंगे।</p>



<p>जिस प्रकार पहले किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली बॉर्डर पर सभी जिलों की तरफ से अपने-अपने टेंट लगाए गए थे, उसी प्रकार का दृश्य अब दातासिंह वाला बॉर्डर पर देखने के लिए मिल रहा है। यहां पर हिसार, जींद के टेंट लग चुके हैं। इसके अलावा पंजाब के भी हर जिले से टेंट लगाए जा रहे हैं। इससे साफ है कि किसानों का यह आंदोलन काफी लंबा चल सकता है।</p>



<p>नवंबर 2020 में भी किसानों ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच किया था। सरकार ने जब मांग नहीं मानी तो उन्होंने दिल्ली में बॉर्डर पर डेरा डाल दिया था। यह आंदोलन डेढ़ साल तक चला। इसमें हरियाणा के हर जिले के अपने-अपने टेंट लगाए गए थे। इसके बाद यहां पर खापों की तरफ से भी टेंट लगाए गए। बाकायदा खाप अपने-अपने गांवों से लोगों को यहां रहने के लिए 15-15 दिन की ड्यूटी लगा रही थी।</p>



<p>15 दिन बाद इस टेंटों में दूसरे लोगों को भेज दिया जाता था। इसी प्रकार का नजारा अब यहां दातासिंह वाला बॉर्डर पर देखने के लिए मिलेगा। यहां पर फिलहाल हिसार की तरफ से टेंट लग चुका है। जींद की तरफ से भी टेंट लगाया गया है। आसपास के गांवों के लोग यहां पर प्रतिदिन चाय का बंदोबस्त कर रहे हैं। इसके अलावा यहां अब दूसरे जिलों से भी लोग आने लगे हैं ।</p>



<p><strong>जींद, हिसार, कैथल, सोनीपत और पानीपत के लगे टेंट</strong><br>दातासिंह वाला बॉर्डर पर पानीपत से रणबीर, सोनीपत से हंसवीर, नरवाना से इंद्र सिंह बेलरखां, हिसार से दशरथ, कैथल से होशियार सिंह गिल, हर्षदीप गिल, सुरेश जुल्हेड़ा, दलशेर ढाकल, अशोक पहलवान ने अपने-अपने जिलों के टेंट लगा लिए हैं। इन सभी का कहना है कि एक-एक गांव की तरफ से पांच-पांच किसानों की ड्यूटी यहां पर 10-10 दिन के लिए लगा दी गई है। दस दिन बाद यह किसान वापस अपने गांव चले जाएंगे। इनके स्थान पर दूसरे किसान यहां धरने में शामिल होंगे।</p>



<p>किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़, सुनील बदोवाल, होशियार सिंह खरल ने कहा कि 10 मार्च को प्रदेश में रेल रोकने का काम किया जाएगा। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह वापस नहीं जाएंगे।<br>दिल्ली में डेढ़ साल तक किसानों का आंदोलन चला था। अब दातासिंह वाला बॉर्डर पर चाहे दो साल आंदोलन चले, कोई परेशानी नहीं है। यदि उनके नेताओं ने दिल्ली कूच का निर्णय लिया तो वह बीच में दिल्ली कूच को भी तैयार हैं। यदि लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार से बातचीत के लिए भी उन्हें रुकना पड़े तो इसके लिए भी वह तैयार हैं।</p>
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		<title>बड़ीखबर! किसानों ने ठुकराया सरकार का प्रस्ताव</title>
		<link>https://livehalchal.com/hr-27/543542</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Feb 2024 05:07:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[किसान आन्दोलन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="405" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/प्दफ्ल्क्ग--large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/प्दफ्ल्क्ग-.jpg 914w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/प्दफ्ल्क्ग--medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/प्दफ्ल्क्ग--768x503.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />किसान अपनी मांगो को लेकर बॉर्डर पर डटे हुए हैं। वहीं किसानों की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। जिसमें किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। किसान नेता डल्लेवाल ने कहा कि&#160;जो सरकार मे प्रस्ताव दिया, उसका अगर नाप-तोल किया जाए तो उसमें कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि&#160;ये प्रोपोजल किसानों के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="405" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/प्दफ्ल्क्ग--large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/प्दफ्ल्क्ग-.jpg 914w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/प्दफ्ल्क्ग--medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/प्दफ्ल्क्ग--768x503.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>किसान अपनी मांगो को लेकर बॉर्डर पर डटे हुए हैं। वहीं किसानों की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। जिसमें किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। किसान नेता डल्लेवाल ने कहा कि&nbsp;जो सरकार मे प्रस्ताव दिया, उसका अगर नाप-तोल किया जाए तो उसमें कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि&nbsp;ये प्रोपोजल किसानों के पक्ष में नहीं हैं।&nbsp;</p>



<p>वहीं शंभू बॉर्डर पर डटे संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक की लीडशिप अभी केंद्रीय मंत्रियों के प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है। उन्होंने चंडीगढ़ में हुई चौथी बैठक के बाद प्रस्ताव पर विचार करने के लिए 2 दिन का समय मांगा है। वह अपना फैसला 21 तारीख बताएंगे। उन्होंने कहा कि अगर सहमति बनी तो ठीक नहीं तो 21 को किसान शांतिपूर्वक दिल्ली कूच करेंगे।</p>



<p>किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच रविवार को चौथे दौर की बैठक में केंद्रीय मंत्रियों ने 3 फसलों मक्का, कपास व तीन दालें अरहर और उड़द जबकि एक अन्य पर MSP देने का प्रस्ताव दिया है। इन्हें सहकारी सभाओं के जरिए पांच साल तक खरीदेंगे। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यह 5 साल का कांट्रैक्ट नैफेड और NCCF से होगा।</p>



<p>केंद्रीय मंत्रियों और किसानों की रविवार शाम मीटिंग शुरू हुई थी। मीटिंग में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, नित्यानंद राय, पीयूष गोयल समेत मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, जगजीत सिंह डल्लेवाल मौजूद थे।</p>
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