कहा- सबूत दो वर्ना नजरबंदी खत्म – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Wed, 11 Oct 2017 12:15:43 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg कहा- सबूत दो वर्ना नजरबंदी खत्म – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 हाफिज पर मेहरबान पाक सरकार को कोर्ट की फटकार, कहा- सबूत दो वर्ना नजरबंदी खत्म https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%9c-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be/84767 Wed, 11 Oct 2017 12:15:43 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=84767 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद की नजरबंदी खत्म हो सकती है। लाहौर हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर पाकिस्तान सरकार ने उसके खिलाफ सबूत नहीं पेश किए तो नजरबंदी का फैसला रद्द कर दिया जाएगा। जमात-उद-दावा का चीफ सईद इस साल 31 जनवरी से लाहौर में नजरबंद है। लाहौर हाई कोर्ट ने सईद को नजरबंदी में …]]>
मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद की नजरबंदी खत्म हो सकती है। लाहौर हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर पाकिस्तान सरकार ने उसके खिलाफ सबूत नहीं पेश किए तो नजरबंदी का फैसला रद्द कर दिया जाएगा। जमात-उद-दावा का चीफ सईद इस साल 31 जनवरी से लाहौर में नजरबंद है।हाफिज पर मेहरबान पाक सरकार को कोर्ट की फटकार, कहा- सबूत दो वर्ना नजरबंदी खत्म
लाहौर हाई कोर्ट ने सईद को नजरबंदी में रखने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की थी। सुनवाई में गृह सचिव को सईद और उसके साथ चार लोगों की नजरबंदी से जुड़े तमाम दस्तावेजों के  साथ हाजिर होने को कहा गया था।

लेकिन वह हाजिर नहीं हुए। इस पर जस्टिस सैयद मजहर अली अकबर नकवी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को लंबे समय तक सिर्फ प्रेस क्लीपिंग्स के आधार पर नजरबंद नहीं रखा जा सकता।

सईद के मामले में सरकार का रवैया यह दिखाता है कि उसके पास ठोस सबूत नहीं हैं। अगर सरकार ने सईद के खिलाफ सबूत पेश नहीं किया तो नजरबंदी के फैसले को खारिज किया जा सकता है।

डिप्टी अटॉर्नी जनरल के साथ पहुंचे गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने अदालत से कहा कि इस्लामाबाद में बेहद जरूरी सरकारी काम में व्यस्त होने की वजह से सचिव अदालत में पेश नहीं हो सके।

सरकारी वकील ने सईद की नजरबंदी के खिलाफ याचिका का जवाब देने के लिए कुछ और समय मांगा। सरकार के इस रवैये को देखते हुए जस्टिस नकवी ने अफसोस जताया कि एक सरकारी आदमी को बचाने के लिए अफसरों की फौज तैनात कर दी जाती है लेकिन अदालत की सहायता के लिए एक अफसर भी मुहैया नहीं कराया जाता।

अदालत की कार्रवाई रोकने की बार-बार दरख्वास्त से नाराज जज ने सुनवाई 13 अक्टूबर तक टाल दी। सईद के वकील ए के डोगर ने कहा सरकार ने जमात-उद-दावा के नेता को अफवाहों और आशंकाओं के आधार पर नजरबंद किया है।

उन्होंने कहा कि जब तक पुख्ता सबूत न हो आप किसी को नजरबंद नहीं रख सकते। हालांकि पंजाब सरकार ने अदालत से कहा है कि सईद को अगर छोड़ा गया तो कानून-व्यवस्था भंग हो सकती है और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है। गौरतलब है कि सईद और उसके चार सहयोगियों को लाहौर में आतंकरोधी कानून के तहत नजरबंद किया गया है।

 
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