कर्नाटक उच्च न्यायालय – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Tue, 14 Nov 2023 09:17:30 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg कर्नाटक उच्च न्यायालय – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 हाई कोर्ट ने कर्नाटक सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को लगाई फटकार https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%95%e0%a4%be/524636 Tue, 14 Nov 2023 09:17:28 +0000 https://livehalchal.com/?p=524636 कर्नाटक उच्च न्यायालय ने आरक्षित श्रेणी के एक उम्मीदवार को सिर्फ इसलिए सामान्य श्रेणी में स्थानांतरित करने के लिए कर्नाटक सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (केएमएफ) को फटकार लगाई है, क्योंकि नौकरी आवेदन के साथ उसने जो सामाजिक स्थिति प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड किया था, उसकी लिखावट अधिकारियों के समझ में नहीं आई थी। यह माना …]]>

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने आरक्षित श्रेणी के एक उम्मीदवार को सिर्फ इसलिए सामान्य श्रेणी में स्थानांतरित करने के लिए कर्नाटक सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (केएमएफ) को फटकार लगाई है, क्योंकि नौकरी आवेदन के साथ उसने जो सामाजिक स्थिति प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड किया था, उसकी लिखावट अधिकारियों के समझ में नहीं आई थी। यह माना गया कि प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत यह कहता है कि राज्य एजेंसी को उम्मीदवार से अधिक सुपाठ्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए कहना चाहिए था।

मुख्य न्यायाधीश ने क्या कहा?

मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी वराले और न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने अपने हालिया फैसले में कहा, “हम यह समझने में असफल हैं कि अगर फेडरेशन ने अपीलकर्ता से एक सुपाठ्य प्रमाणपत्र को वेब-होस्ट करने के लिए कहा होता तो क्या आसमान टूट पड़ता।”

यह है पूरा मामला

केएमएफ ने देवराज पीआर द्वारा अपलोड किए गए प्रमाण पत्र को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि यह पढ़ने योग्य नहीं था और उसे सामान्य श्रेणी में भेज दिया था, जबकि वह आरक्षित श्रेणी के तहत नौकरी मांग रहा था। उन्होंने एकल न्यायाधीश पीठ से संपर्क किया था, जिसने 14 फरवरी, 2023 को उनकी याचिका खारिज कर दी थी। फिर उन्होंने एक अपील दायर की जिसे डिवीजन बेंच ने अनुमति दे दी थी। पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 12 के अनुसार केएमएफ एक राज्य इकाई है और उसे अपने व्यवहार में निष्पक्ष होना चाहिए।

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