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	<title>करप्शन के आरोप पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>करप्शन के आरोप पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, एक साथ दो जिलों के DM सस्पेंड</title>
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		<dc:creator><![CDATA[somali sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Jun 2018 09:34:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/yogi_cm_1528357847_618x347.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद यूपी सीएम ने गोंडा और फतेहपुर के डीएम को निलंबित कर दिया है. पिछले दो दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी की ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है. मुख्यमंत्री ने गोंडा के डीएम जेबी सिंह, फतेहपुर के डीएम प्रशांत कुमार को निलंबित किया. बताया जा रहा है कि दोनों डीएम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप था. जेबी सिंह को खाद्यान अनियमितता और प्रशांत को सरकारी जमीन गलत तरीके से निजी व्यक्ति को देना का आरोप था. ऐसा पहली बार हुआ है कि जब दो डीएम एक साथ निलंबित हुए है. एक दिन पहले भी की थी कार्रवाई आपको बता दें कि एक ही दिन पहले मंत्री अनुपमा जायसवाल के दो निजी सचिवों को भी हटाया गया था. अनुपमा जायसवाल के जिम्मे बाल विकास और पुष्टाहार मंत्रालय है और इनके निजी सचिवों पर ट्रान्सफर पोस्टिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे. कैराना और नूरपुर उपचुनाव में हार और सरकार के भीतर सहयोगियों के तेवर को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है. आखिर क्यों हटाया गया? जनपद गोंडा में सरकारी खाद्यान्न बांटने में गड़बड़ी और डीएम के स्तर पर अप्रभावी तथा अत्यधिक शिथिल नियंत्रण की वजह से न सिर्फ गोंडा के जिलाधिकारी बल्कि जिला आपूर्ति अधिकारी और जिला खाद्य विपणन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. साथ ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए गये हैं ताकि मिसाल स्थापित हो सके. दूसरी तरफ फतेहपुर में गेहूं खरीद में अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने फतेहपुर के जिलाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस मामले में भी में एफ0आई0आर0 दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं. आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ ने दो जिलों के डीएम को बदल दिया था. जिसमें राजशेखर को बस्ती का जिलाधिकारी बनाया गया था, जबकि सहारनपुर की कमान आलोक पांडेय को दी गई थी. गौरतलब है कि पिछले कई दिनों में योगी सरकार पर उनके ही साथियों ने सवाल उठाए हैं. हाल ही में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि अधिकारी पैसा तो लेते हैं लेकिन काम नहीं करते हैं. हाल ही में पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने भी योगी सरकार के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपना फूडपार्क शिफ्ट करने की बात की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि इस सरकार में काम नहीं हो रहा है, सिर्फ फाइलें अटकाईं जा रही हैं. जिसके बाद यूपी सीएम ने खुद योगगुरु रामदेव और बालकृष्ण से बात की थी." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/yogi_cm_1528357847_618x347.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/yogi_cm_1528357847_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद यूपी सीएम ने गोंडा और फतेहपुर के डीएम को निलंबित कर दिया है. पिछले दो दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी की ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है. मुख्यमंत्री ने गोंडा के डीएम जेबी सिंह, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/yogi_cm_1528357847_618x347.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद यूपी सीएम ने गोंडा और फतेहपुर के डीएम को निलंबित कर दिया है. पिछले दो दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी की ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है. मुख्यमंत्री ने गोंडा के डीएम जेबी सिंह, फतेहपुर के डीएम प्रशांत कुमार को निलंबित किया. बताया जा रहा है कि दोनों डीएम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप था. जेबी सिंह को खाद्यान अनियमितता और प्रशांत को सरकारी जमीन गलत तरीके से निजी व्यक्ति को देना का आरोप था. ऐसा पहली बार हुआ है कि जब दो डीएम एक साथ निलंबित हुए है. एक दिन पहले भी की थी कार्रवाई आपको बता दें कि एक ही दिन पहले मंत्री अनुपमा जायसवाल के दो निजी सचिवों को भी हटाया गया था. अनुपमा जायसवाल के जिम्मे बाल विकास और पुष्टाहार मंत्रालय है और इनके निजी सचिवों पर ट्रान्सफर पोस्टिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे. कैराना और नूरपुर उपचुनाव में हार और सरकार के भीतर सहयोगियों के तेवर को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है. आखिर क्यों हटाया गया? जनपद गोंडा में सरकारी खाद्यान्न बांटने में गड़बड़ी और डीएम के स्तर पर अप्रभावी तथा अत्यधिक शिथिल नियंत्रण की वजह से न सिर्फ गोंडा के जिलाधिकारी बल्कि जिला आपूर्ति अधिकारी और जिला खाद्य विपणन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. साथ ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए गये हैं ताकि मिसाल स्थापित हो सके. दूसरी तरफ फतेहपुर में गेहूं खरीद में अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने फतेहपुर के जिलाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस मामले में भी में एफ0आई0आर0 दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं. आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ ने दो जिलों के डीएम को बदल दिया था. जिसमें राजशेखर को बस्ती का जिलाधिकारी बनाया गया था, जबकि सहारनपुर की कमान आलोक पांडेय को दी गई थी. गौरतलब है कि पिछले कई दिनों में योगी सरकार पर उनके ही साथियों ने सवाल उठाए हैं. हाल ही में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि अधिकारी पैसा तो लेते हैं लेकिन काम नहीं करते हैं. हाल ही में पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने भी योगी सरकार के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपना फूडपार्क शिफ्ट करने की बात की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि इस सरकार में काम नहीं हो रहा है, सिर्फ फाइलें अटकाईं जा रही हैं. जिसके बाद यूपी सीएम ने खुद योगगुरु रामदेव और बालकृष्ण से बात की थी." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/yogi_cm_1528357847_618x347.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/yogi_cm_1528357847_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p align="justify">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद यूपी सीएम ने गोंडा और फतेहपुर के डीएम को निलंबित कर दिया है. पिछले दो दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी की ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है.<img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-143238" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/yogi_cm_1528357847_618x347.jpeg" alt="उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद यूपी सीएम ने गोंडा और फतेहपुर के डीएम को निलंबित कर दिया है. पिछले दो दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी की ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है.  मुख्यमंत्री ने गोंडा के डीएम जेबी सिंह, फतेहपुर के डीएम प्रशांत कुमार को निलंबित किया. बताया जा रहा है कि दोनों डीएम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप था. जेबी सिंह को खाद्यान अनियमितता और प्रशांत को सरकारी जमीन गलत तरीके से निजी व्यक्ति को देना का आरोप था. ऐसा पहली बार हुआ है कि जब दो डीएम एक साथ निलंबित हुए है.  एक दिन पहले भी की थी कार्रवाई  आपको बता दें कि एक ही दिन पहले मंत्री अनुपमा जायसवाल के दो निजी सचिवों को भी हटाया गया था. अनुपमा जायसवाल के जिम्मे बाल विकास और पुष्टाहार मंत्रालय है और इनके निजी सचिवों पर ट्रान्सफर पोस्टिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे. कैराना और नूरपुर उपचुनाव में हार और सरकार के भीतर सहयोगियों के तेवर को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है.   आखिर क्यों हटाया गया?  जनपद गोंडा में सरकारी खाद्यान्न बांटने में गड़बड़ी और डीएम के स्तर पर अप्रभावी तथा अत्यधिक शिथिल नियंत्रण की वजह से न सिर्फ गोंडा के जिलाधिकारी बल्कि जिला आपूर्ति अधिकारी और जिला खाद्य विपणन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. साथ ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए गये हैं ताकि मिसाल स्थापित हो सके.  दूसरी तरफ फतेहपुर में गेहूं खरीद में अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने फतेहपुर के जिलाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस मामले में भी में एफ0आई0आर0 दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं.  आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ ने दो जिलों के डीएम को बदल दिया था. जिसमें राजशेखर को बस्ती का जिलाधिकारी बनाया गया था, जबकि सहारनपुर की कमान आलोक पांडेय को दी गई थी. गौरतलब है कि पिछले कई दिनों में योगी सरकार पर उनके ही साथियों ने सवाल उठाए हैं. हाल ही में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि अधिकारी पैसा तो लेते हैं लेकिन काम नहीं करते हैं.  हाल ही में पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने भी योगी सरकार के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपना फूडपार्क शिफ्ट करने की बात की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि इस सरकार में काम नहीं हो रहा है, सिर्फ फाइलें अटकाईं जा रही हैं. जिसके बाद यूपी सीएम ने खुद योगगुरु रामदेव और बालकृष्ण से बात की थी." width="618" height="347" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/yogi_cm_1528357847_618x347.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/yogi_cm_1528357847_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /></p>
<p align="justify">मुख्यमंत्री ने गोंडा के डीएम जेबी सिंह, फतेहपुर के डीएम प्रशांत कुमार को निलंबित किया. बताया जा रहा है कि दोनों डीएम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप था. जेबी सिंह को खाद्यान अनियमितता और प्रशांत को सरकारी जमीन गलत तरीके से निजी व्यक्ति को देना का आरोप था. ऐसा पहली बार हुआ है कि जब दो डीएम एक साथ निलंबित हुए है.</p>
<p align="justify"><b>एक दिन पहले भी की थी कार्रवाई</b></p>
<p align="justify">आपको बता दें कि एक ही दिन पहले मंत्री अनुपमा जायसवाल के दो निजी सचिवों को भी हटाया गया था. अनुपमा जायसवाल के जिम्मे बाल विकास और पुष्टाहार मंत्रालय है और इनके निजी सचिवों पर ट्रान्सफर पोस्टिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे. कैराना और नूरपुर उपचुनाव में हार और सरकार के भीतर सहयोगियों के तेवर को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है.</p>
<p><b>आखिर क्यों हटाया गया?</b></p>
<p align="justify">जनपद गोंडा में सरकारी खाद्यान्न बांटने में गड़बड़ी और डीएम के स्तर पर अप्रभावी तथा अत्यधिक शिथिल नियंत्रण की वजह से न सिर्फ गोंडा के जिलाधिकारी बल्कि जिला आपूर्ति अधिकारी और जिला खाद्य विपणन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. साथ ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए गये हैं ताकि मिसाल स्थापित हो सके.</p>
<p align="justify">दूसरी तरफ फतेहपुर में गेहूं खरीद में अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने फतेहपुर के जिलाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस मामले में भी में एफ0आई0आर0 दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं.</p>
<p align="justify">आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ ने दो जिलों के डीएम को बदल दिया था. जिसमें राजशेखर को बस्ती का जिलाधिकारी बनाया गया था, जबकि सहारनपुर की कमान आलोक पांडेय को दी गई थी. गौरतलब है कि पिछले कई दिनों में योगी सरकार पर उनके ही साथियों ने सवाल उठाए हैं. हाल ही में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि अधिकारी पैसा तो लेते हैं लेकिन काम नहीं करते हैं.</p>
<p align="justify">हाल ही में पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने भी योगी सरकार के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपना फूडपार्क शिफ्ट करने की बात की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि इस सरकार में काम नहीं हो रहा है, सिर्फ फाइलें अटकाईं जा रही हैं. जिसके बाद यूपी सीएम ने खुद योगगुरु रामदेव और बालकृष्ण से बात की थी.</p>
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