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	<title>कजरी तीज &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>कजरी तीज &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>कजरी तीज व्रत पर जरूर करें इस कथा का पाठ, विवाह से जुड़ी मुश्किलें होंगी दूर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Aug 2025 04:57:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[कजरी तीज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="304" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-23-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-23.jpg 831w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-23-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-23-768x378.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हिंदू पंचांग को देखते हुए इस साल कजरी तीज का व्रत (Kajari Teej 2025) 12 अगस्त 2025 यानी आज के दिन रखा जा रहा है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। इस व्रत का पालन करने से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। वहीं इस दिन इसकी व्रत &#8230;]]></description>
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<p>हिंदू पंचांग को देखते हुए इस साल कजरी तीज का व्रत (Kajari Teej 2025) 12 अगस्त 2025 यानी आज के दिन रखा जा रहा है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। इस व्रत का पालन करने से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। वहीं इस दिन इसकी व्रत कथा का पाठ परम कल्याणकारी माना गया है जो इस प्रकार है।</p>



<p>कजरी तीज व्रत का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है। यह सुहागिन महिलाओं के लिए एक विशेष पर्व है, जो पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है। वहीं, इस दिन (Kajari Teej 2025) कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। कजरी तीज पर व्रत रखने के साथ-साथ इसकी कथा सुनना भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>



<p>इस कथा का पाठ करने से न सिर्फ वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है, बल्कि विवाह से जुड़ी सभी मुश्किलें भी दूर होती हैं, तो आइए पढ़ते हैं।</p>



<p><strong>कजरी तीज की व्रत कथा (Kajari Teej Vrat Katha Ka Path)<br></strong>एक गांव में ब्राह्मण परिवार रहता था। ब्राह्मण की पत्नी ने भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर कजरी तीज का व्रत किया। व्रत के दौरान उसने अपने पति से सत्तू लाने को कहा। सत्तू के लिए ब्राह्मण के पास धन नहीं था। तो ऐसे में उसने चोरी करने का फैसला लिया। इसके बाद वह रात के समय दुकान में सत्तू लेने के लिए घुस गया। उसी दौरान दुकान के मालिक की नींद खुल गई और उसने ब्राह्मण को पकड़ लिया और उसकी पत्नी सत्तू का इंतजार कर रही थी। वहीं, चांद निकल आया था।</p>



<p>जब दुकान के मालिक ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से सत्तू मिला। ऐसे में ब्राह्मण ने सारी बात बता दी। उसकी बात को सुनकर मालिक को उसपर बेहद तरस आया और कहा कि आज से वो उसकी पत्नी को अपनी बहन के रूप में मानेगा। अंत में मालिक ने ब्राह्मण को मेहंदी, सत्तू, गहने और धन देकर विदा किया। इसके बाद सभी साधक ने देवी कजली की विधिवत पूजा की।</p>
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		<title>कजरी तीज व्रत में महिलाएं भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना टूट जाएगा व्रत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 05:38:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[कजरी तीज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="448" height="459" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/43-9-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/43-9.jpg 448w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/43-9-medium.jpg 293w" sizes="(max-width: 448px) 100vw, 448px" />कजरी तीज (Kajari Teej 2025) का हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व है जो 12 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। इस व्रत में कुछ गलतियों से बचना चाहिए वरना व्रत खंडित हो सकता है तो आइए उन नियमों के बारे में जानते हैं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="448" height="459" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/43-9-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/43-9.jpg 448w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/43-9-medium.jpg 293w" sizes="auto, (max-width: 448px) 100vw, 448px" />
<p>कजरी तीज (Kajari Teej 2025) का हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व है जो 12 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। इस व्रत में कुछ गलतियों से बचना चाहिए वरना व्रत खंडित हो सकता है तो आइए उन नियमों के बारे में जानते हैं जो इस प्रकार हैं।</p>



<p>कजरी तीज का पर्व हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है। हिंदू पंचांग को देखते हुए इस साल कजरी तीज का व्रत (Kajari Teej 2025) 12 अगस्त, 2025 को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत करती हैं और पूजा-अर्चना करके अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करती हैं। इस व्रत को बड़ी तीज और सत्तू तीज के नाम से भी जाना जाता है।</p>



<p>इस व्रत को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं, जिनमें से कुछ ऐसी गलतियां हैं, जो महिलाओं को भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। आइए उन नियमों के बारे में जानते हैं।</p>



<p><strong>व्रत में न करें ये गलतियां (Kajari Teej 2025 Vrat Me Na Karen Ye Galtiyan)<br></strong>व्रत के दौरान भूलकर भी पानी न पिएं। यह एक निर्जला व्रत है और इसमें पानी पीने से व्रत खंडित हो जाता है।<br>व्रत के दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन से बचें। व्रत खोलने के बाद भी सात्विक भोजन ही करें।<br>व्रत के दिन किसी से भी झगड़ा न करें और अपशब्दों का प्रयोग न करें। मन में शांति और पवित्रता बनाए रखें।<br>व्रत के दिन पुराने या मैले कपड़े न पहनें। नए या साफ वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।<br>व्रत के दिन सोने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दिन में सोने से व्रत का फल कम हो जाता है।</p>



<p><strong>कजरी तीज व्रत रखने के नियम (Kajari Teej 2025 Vrat Niyam)<br></strong>व्रत शुरू करने से पहले सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।<br>व्रत का संकल्प लें।<br>भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें।<br>सूर्योदय से पहले सरगी का सेवन करना चाहिए।<br>सरगी में फल, सूखे मेवे, और दूध का सेवन करना शुभ माना जाता है।<br>इस दिन सोलह शृंगार का विशेष महत्व है। महिलाएं नए कपड़े और गहने पहनकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें।<br>रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है। चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का भोजन ग्रहण करें।</p>
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		<title>कजरी तीज व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? यहां जानिए व्रत के नियम और लाभ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Aug 2025 05:28:02 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[कजरी तीज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="452" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-15-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-15.jpg 847w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-15-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-15-768x561.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />कजरी तीज का त्योहार हर साल भाव के साथ रखा जाता है। यह भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल यह 12 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। आइए इस व्रत के नियम और लाभ (Benefits Of &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="452" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-15-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-15.jpg 847w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-15-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-15-768x561.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>कजरी तीज का त्योहार हर साल भाव के साथ रखा जाता है। यह भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल यह 12 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। आइए इस व्रत के नियम और लाभ (Benefits Of The Kajari Teej Vrat) को विस्तार से जानते हैं।</p>



<p>कजरी तीज व्रत का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस दिन कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने के लिए व्रत रखती हैं। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस व्रत को बड़ी तीज या सत्तू तीज के नाम से भी जाना जाता है।</p>



<p>हिंदू पंचांग को देखते हुए इस साल कजरी तीज का व्रत (Kajari Teej 2025) 12 अगस्त, 2025 को रखा जाएगा, तो आइए इस व्रत से जुड़े प्रमुख नियम जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।</p>



<p><strong>कजरी तीज व्रत के नियम (Kajari Teej Puja Rules)<br></strong>कजरी तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है। यह व्रत बिना पानी पिए 24 घंटे का होता है। व्रत शुरू होने से पहले सूर्योदय से पहले सरगी खानी चाहिए। सरगी में फल, मिठाई, सूखे मेवे और दूध शामिल करें। शाम के समय माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। पूजा में दीपक, धूप, फल, फूल और मिठाई अर्पित करें। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोलें। अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का भोजन ग्रहण करें। व्रत के दौरान दिन में भोजन और पानी नहीं लिया जाता है।</p>



<p><strong>व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं (Kajari Teej 2025 Vrat Rules)<br></strong>क्या खाएं (What to Eat During Fast)<br>व्रत खोलने के बाद हल्का भोजन करना चाहिए।<br>सेब, केला, अनार, पपीता जैसे फल खा सकते हैं।<br>दही या छाछ पी सकते हैं।<br>बेसन या मेवे की बनी मिठाई खा सकते हैं।<br>सत्तू का सेवन शुभ माना जाता है। ऐसे में इसे पानी में घोलकर पी सकते हैं।</p>



<p><strong>क्या नहीं खाएं (What Not To Eat Fast)<br></strong>व्रत खोलने के बाद तले हुए भोजन से बचें।<br>इस दिन मांसाहार, प्याज और लहसुन का सेवन बिल्कुल न करें।<br>मसालेदार भोजन से परहेज करें।</p>



<p><strong>कजरी तीज के लाभ (Benefits Of The Kajari Teej Vrat)<br></strong>कजरी तीज का व्रत पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है।<br>कहते हैं कि इस व्रत के प्रभाव से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है।<br>इस व्रत को रखने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा मिलती है।<br>इसके अलावा इस व्रत को रखने से परिवार में प्यार और एकता बढ़ती है।</p>
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		<title>कजरी तीज की पूजा में जरूर करें ये काम, वैवाहिक जीवन होगा सुखी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 Aug 2025 05:06:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[कजरी तीज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="315" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3454-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3454.jpg 846w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3454-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3454-768x391.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />कजरी तीज का त्योहार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह व्रत (Kajari Teej 2025) 12 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से मनचाहा वर मिलता है। कजरी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="315" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3454-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3454.jpg 846w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3454-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3454-768x391.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>कजरी तीज का त्योहार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह व्रत (Kajari Teej 2025) 12 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से मनचाहा वर मिलता है।</p>



<p>कजरी तीज का त्योहार हर साल भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। यह भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ता है। हिंदू पंचांग को देखते हुए इस साल कजरी तीज का व्रत 12 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन शिव-पार्वती की आराधना करने से मनचाहा वर मिलता है।</p>



<p>इसके साथ ही विवाह से जुड़ी सभी तरह की मुश्किलें दूर होती हैं। वहीं, इस दिन (Kajari Teej 2025) गौरी चालीसा का पाठ परम कल्याणकारी माना गया है, जो इस प्रकार है।</p>



<p><strong>।।गौरी चालीसा।।</strong></p>



<p><strong>&#8221;चौपाई&#8221;</strong><br>मन मंदिर मेरे आन बसो,</p>



<p>आरम्भ करूं गुणगान,</p>



<p>गौरी माँ मातेश्वरी,</p>



<p>दो चरणों का ध्यान।</p>



<p>पूजन विधि न जानती,</p>



<p>पर श्रद्धा है अपार,</p>



<p>प्रणाम मेरा स्वीकारिये,</p>



<p>हे माँ प्राण आधार।</p>



<p>नमो नमो हे गौरी माता,</p>



<p>आप हो मेरी भाग्य विधाता,</p>



<p>शरणागत न कभी घबराता,</p>



<p>गौरी उमा शंकरी माता।</p>



<p>आपका प्रिय है आदर पाता,</p>



<p>जय हो कार्तिकेय गणेश की माता,</p>



<p>महादेव गणपति संग आओ,</p>



<p>मेरे सकल क्लेश मिटाओ।</p>



<p>सार्थक हो जाए जग में जीना,</p>



<p>सत्कर्मो से कभी हटूं ना,</p>



<p>सकल मनोरथ पूर्ण कीजो,</p>



<p>सुख सुविधा वरदान में दीज्यो।</p>



<p>हे माँ भाग्य रेखा जगा दो,</p>



<p>मन भावन सुयोग मिला दो,</p>



<p>मन को भाए वो वर चाहूं,</p>



<p>ससुराल पक्ष का स्नेहा मैं पायु।</p>



<p>परम आराध्या आप हो मेरी,</p>



<p>फ़िर क्यों वर में इतनी देरी,</p>



<p>हमरे काज सम्पूर्ण कीजियो,</p>



<p>थोडे़ में बरकत भर दीजियो।</p>



<p>अपनी दया बनाए रखना,</p>



<p>भक्ति भाव जगाये रखना,</p>



<p>गौरी माता अनसन रहना,</p>



<p>कभी न खोयूं मन का चैना।</p>



<p>देव मुनि सब शीश नवाते,</p>



<p>सुख सुविधा को वर मैं पाते,</p>



<p>श्रद्धा भाव जो ले कर आया,</p>



<p>बिन मांगे भी सब कुछ पाया।</p>



<p>हर संकट से उसे उबारा,</p>



<p>आगे बढ़ के दिया सहारा,</p>



<p>जब भी माँ आप स्नेह दिखलावे,</p>



<p>निराश मन में आस जगावे।</p>



<p>शिव भी आपका काहा ना टाले,</p>



<p>दया दृष्टि हम पे डाले,</p>



<p>जो जन करता आपका ध्यान,</p>



<p>जग में पाए मान सम्मान।</p>



<p>सच्चे मन जो सुमिरन करती,</p>



<p>उसके सुहाग की रक्षा करती,</p>



<p>दया दृष्टि जब माँ डाले,</p>



<p>भव सागर से पार उतारे।</p>



<p>जपे जो ओम नमः शिवाय,</p>



<p>शिव परिवार का स्नेहा वो पाए,</p>



<p>जिसपे आप दया दिखावे,</p>



<p>दुष्ट आत्मा नहीं सतावे।</p>



<p>सात गुण की हो दाता आप,</p>



<p>हर इक मन की ज्ञाता आप,</p>



<p>काटो हमरे सकल क्लेश,</p>



<p>निरोग रहे परिवार हमेशा।</p>



<p>दुख संताप मिटा देना माँ,</p>



<p>मेघ दया के बरसा देना माँ,</p>



<p>जबही आप मौज में आय,</p>



<p>हठ जय माँ सब विपदाएं।</p>



<p>जिस पे दयाल हो माता आप,</p>



<p>उसका बढ़ता पुण्य प्रताप,</p>



<p>फल-फूल मै दुग्ध चढ़ाऊ,</p>



<p>श्रद्धा भाव से आपको ध्यायु।</p>



<p>अवगुण दृष्टि दृष्टि दृष्टि मेरे ढक देना माँ,</p>



<p>ममता आंचल कर देना मां,</p>



<p>कठिन नहीं कुछ आपको माता,</p>



<p>जग ठुकराया दया को पाता।</p>



<p>बिन पाऊ न गुन माँ तेरे,</p>



<p>नाम धाम स्वरूप बहू तेरे,</p>



<p>जितने आपके पावन धाम,</p>



<p>सब धामो को मां प्राणम।</p>



<p>आपकी दया का है ना पार,</p>



<p>तभी को पूजे कुल संसार,</p>



<p>निर्मल मन जो शरण में आता,</p>



<p>मुक्ति की वो युक्ति पाता।</p>



<p>संतोष धन्न से दामन भर दो,</p>



<p>असम्भव को माँ सम्भव कर दो,</p>



<p>आपकी दया के भारे,</p>



<p>सुखी बसे मेरा परिवार।</p>



<p>आपकी महिमा अति निराली,</p>



<p>भक्तो के दुःख हरने वाली,</p>



<p>मनोकामना पुरन करती,</p>



<p>मन की दुविधा पल मे हरती।</p>



<p>चालीसा जो भी पढें सुनाया,</p>



<p>सुयोग वर् वरदान में पाए,</p>



<p>आशा पूर्ण कर देना माँ,</p>



<p>सुमंगल साखी वर देना माँ।</p>



<p>गौरी माँ विनती करूँ,</p>



<p>आना आपके द्वार,</p>



<p>ऐसी माँ कृपा किजिये,</p>



<p>हो जाए उद्धार।</p>



<p>हीं हीं हीं शरण में,</p>



<p>दो चरणों का ध्यान,</p>



<p>ऐसी माँ कृपा कीजिये,</p>



<p>पाऊँ मान सम्मान।</p>
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		<title> 11 या 12 अगस्त, कब है कजरी तीज?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Aug 2025 04:48:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[कजरी तीज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="463" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2.jpg 847w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />कजरी तीज के दिन सुकर्मा योग (Teej Teej Ravi Yog Benefits) समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से व्रती की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी। कजरी तीज के दिन मंदिरों में शिव-शक्ति की भक्ति भाव से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="463" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2.jpg 847w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>कजरी तीज के दिन सुकर्मा योग (Teej Teej Ravi Yog Benefits) समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से व्रती की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी। कजरी तीज के दिन मंदिरों में शिव-शक्ति की भक्ति भाव से पूजा की जाती है।</p>



<p>सनातन धर्म में भादप्रद महीने का खास महत्व है। इस महीने में भगवान कृष्ण, भगवान गणेश और राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। भादप्रद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जगत के पालहार भगवान कृष्ण का अवतरण दिवस मनाया जाता है। वहीं, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इससे पहले शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से गणेश महोत्सव मनाया जाता है।</p>



<p>हालांकि, भाद्रपद माह का पहला पर्व कजरी तीज है। यह पर्व हर साल भादप्रद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन देवों के देव महादेव और मां पार्वती की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही शिव-शक्ति के निमित्त व्रत रखा जाता है। यह व्रत विवाहित महिलाएं और अविवाहित लड़कियां रखती हैं। इस व्रत की महिमा शास्त्रों में विस्तारपूर्वक वर्णित है। आइए, कजरी तीज की सही डेट जानते हैं-</p>



<p><strong>कजरी तीज महत्व</strong><br>हर साल भाद्रपद महीने में कजरी त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। वहीं, कुंवारी लड़कियां शीघ्र विवाह के लिए व्रत करती हैं। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। इसके लिए कजरी तीज का पर्व देश भर के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। खासकर, उत्तर भारत में कजरी तीज को लेकर विशेष उत्साह और उमंग देखा जाता है।</p>



<p><strong>कजरी तीज शुभ मुहूर्त (Teej Teej 2025 Shubh Muhurat)<br></strong>वैदिक पंचांग के अनुसार, 11 अगस्त को भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि शुरू होगी। वहीं, 12 अगस्त को सुबह 08 बजकर 40 मिनट पर भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि समाप्त होगी।</p>



<p>तिथि को लेकर भक्तजनों में संशय है। सनातन धर्म में आमतौर पर उदया तिथि मान है। इस प्रकार 12 अगस्त को कजरी तीज मनाई जाएगी। व्रती कजरी तीज की तिथि के लिए स्थानीय पंचांग का सहारा ले सकती हैं।</p>



<p><strong>पंचांग</strong><br>सूर्योदय – सुबह 05 बजकर 49 मिनट पर<br>सूर्यास्त – शाम 07 बजकर 03 मिनट पर<br>ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 23 मिनट से 05 बजकर 06 मिनट तक<br>विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 38 मिनट से 03 बजकर 31 मिनट तक<br>गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 03 मिनट से 07 बजकर 25 मिनट तक<br>निशिता मुहूर्त – रात 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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