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	<title>कई&#8230; रोगों की रामबाण दवा है सिर्फ नीम की पत्ती &#8211; Live Halchal</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhavna Vajpai]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jan 2020 11:09:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="561" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/images-4.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/images-4.jpg 561w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/images-4-300x170.jpg 300w" sizes="(max-width: 561px) 100vw, 561px" />नीम को संस्कृत में अरिष्ट कहते हैं जिसका अर्थ है पूर्ण, श्रेष्ठ या कभी खराब न होने वाला&#124; नीम अपने नाम का मतलब सार्थक करता है&#124; यह अकेला ही कई बिमारियों का इलाज कर सकता है&#124; इसीलिए इसे भारत में गांव का दवाखाना कहा जाता है&#124; एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक, एंटीडायबिटिक (मधुमेह), एंटीवायरल, एंटीफंगल, बुखार एवं दर्द कम करने के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="561" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/images-4.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/images-4.jpg 561w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/images-4-300x170.jpg 300w" sizes="(max-width: 561px) 100vw, 561px" /><p>नीम को संस्कृत में अरिष्ट कहते हैं जिसका अर्थ है पूर्ण, श्रेष्ठ या कभी खराब न होने वाला| नीम अपने नाम का मतलब सार्थक करता है| यह अकेला ही कई बिमारियों का इलाज कर सकता है| इसीलिए इसे भारत में गांव का दवाखाना कहा जाता है|</p>
<p><img decoding="async" class=" wp-image-308851 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/images-4-300x170.jpg" alt="" width="776" height="440" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/images-4-300x170.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/images-4.jpg 561w" sizes="(max-width: 776px) 100vw, 776px" /></p>
<p>एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक, एंटीडायबिटिक (मधुमेह), एंटीवायरल, एंटीफंगल, बुखार एवं दर्द कम करने के साथ-साथ अन्य 140 यौगिक पदार्थों का मिश्रण हमें नीम में मिलता है| केवल नीम के पत्ते ही नहीं बल्कि तने, जड़, छाल सभी गुणकारी हैं| त्वचा सम्बन्धी बिमारियों या एलेर्जी जैसे कील-मुंहासे, छाले, खाज-खुजली, एक्जिमा, सोरायसिस आदि के लिए यह बेहद फायदेमंद साबित हुआ है|</p>
<p>नीम का रस या अर्क मधुमेह, कैंसर, हृदयरोग, हर्पीस, एलर्जी, अल्सर, हिपेटाइटिस (पीलिया) जैसी बिमारियों जड़ से खत्म करने में मदद करता है| चलिए जानते हैं नीम के कुछ और लाभ:-</p>
<p>1.  जख्म या जलने पर नीम का उपयोग</p>
<p>नीम में एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण हैं जो कटे, जले या उस स्थान पर जहाँ ज़ख्म है उसे जल्दी ठीक करता है| ज़ख्म को बढ़ने से रोकता है और उसे कम करने में मदद करता है|  की पत्तियों का पेस्ट बनाकर घाव पर लगाएं और देखें नीम का कमाल|</p>
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<p>2.  दांतों के लिए फायदेमंद</p>
<p>जहाँ आज लोग ब्रश और मेहेंगे टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं, पहले केवल नीम के दातुन के सेवन से हमारे पूर्वज अपने दातों की पूरी देखभाल करते थे| डॉक्टर आज भी नीम के दातुन के सेवन की सलाह देते हैं| यह दातों की सफाई तो करता ही है साथ ही साथ मसूड़ों की देखभाल और पायरिया से भी बचाता है|</p>
<p>3.  बालों की देखभाल</p>
<p>अगर आप अपने बालों के झड़ने और रूखेपन से परेशान हैं तो निम्म आपके बालों को फिर से स्वस्थ कर सकता है| एंटीफूगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण नीम बालों में रुसी, खुजली और फंगस को खत्म करता है| इसके लिए नीचे दिए गए उपाय करें –</p>
<p>नीम की कुछ पत्तियों को 3-4 गिलास पानी में उबालें और तब तक उबालें जब तक पानी का रंग हरा न हो जाए| अब इसे ठंडा होने के लिए रख दें| शैम्पू करने के बाद इस पानी से बालों को धोएं| नीम का पानी बालों के लिए नेचुरल कंडीशनर जैसा है|</p>
<p>इसके अतिरिक्त आप नीम के पाउडर में थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें| फिर इस पेस्ट को बालों में 30 मिनट तक लगा कर रखें| 30 मिनट के बाद बालों को शैम्पू से धो लें|</p>
<p>4.  एलेर्जी के लिए</p>
<p>यह तो सभी को पता कि नीम बहुत कड़वी होती है परन्तु यही कड़वाहट हमारे शरीर को एलर्जी से बचा सकती है| नीचे दिए गए उपाय से खून साफ होगा और रक्त संचार ठीक होगा|</p>
<p>नीम के पत्तों की पेस्ट बना कर उसकी छोटी-छोटी गोलियां बना कर रख लें| रोज़ सुबह एक गोली शहद में डुबो कर निगल लें| इसके बाद एक घंटा खाली पेट रहें ताकि इसका असर जल्दी और ज़्यादा हो|</p>
<p>5.  बदन में छिपे बैक्टीरिया को खत्म करे नीम</p>
<p>हमारे शरीर में तरह तरह के बैक्टीरिया होते हैं, कुछ लाभकारी और कुछ खतरनाक| अगर इन खतरनाक बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाये तो कई बीमारियां होती हैं जैसे पेट में कीड़े आ जाना या आँतों में हानिकारक बैक्टीरिया आ जाना आदि| इसके लिए नहाने से पहले नीम का लेप बदन पे लगाएं और सूखने पर पानी से धो लें|</p>
<p>6.  कैंसर को ठीक करने की क्षमता रखता है नीम</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कई बिमारियों के साथ-साथ नीम कैंसर होने से भी बचाता है| नीम में एंटीट्यूमर और एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे कई पदार्थ होते हैं जो शुरूआती कैंसर को ठीक करने में प्रभावकारी साबित हुए है| यह इम्यून सिस्टम को मज़बूत कर फ्री रेडिकल्स को निकलता है| यह सेल्स के डिवीज़न को रोकने में सक्षम है|</p>
<p>7.  नाखून और कान के लिए नीम का तेल प्रभावकारी</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अगर किसी को कान में दर्द रहता है तो वह नीम का तेल इस्तेमाल कर फिर से स्वस्थ हो सकते हैं| और अगर नाखून से सम्बन्धी कोई भी दिक्कत है तो भी यह तेल आपकी मदद करेगा| इसे इन्फेक्टेड एरिया पर लगाइए और देखिये इसके लाभ| इससे नाख़ून मज़बूत बनेंगे और टूटने या छिलने से बचेंगे|</p>
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