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	<title>औद्योगिक विकास &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>औद्योगिक विकास &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा: लीज पर मालगाड़ियां लेगी सरकार</title>
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		<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 07:21:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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		<category><![CDATA[औद्योगिक विकास]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="376" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/5-28.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/5-28.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/5-28-300x182.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />पंजाब सरकार की इस योजना से बड़े औद्योगिक पार्क विकसित करने में सुविधा होगी और नए निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। सीएम मान इसी के मद्देनजर इस योजना को जल्द सिरे चढ़ा धरातल पर उतारना चाहते हैं। पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और उद्यमियों का माल समय पर अपने गंतव्यों तक पहुंचाने के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="376" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/5-28.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/5-28.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/5-28-300x182.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पंजाब सरकार की इस योजना से बड़े औद्योगिक पार्क विकसित करने में सुविधा होगी और नए निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। सीएम मान इसी के मद्देनजर इस योजना को जल्द सिरे चढ़ा धरातल पर उतारना चाहते हैं।</p>



<p>पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और उद्यमियों का माल समय पर अपने गंतव्यों तक पहुंचाने के मद्देनजर सरकार मालगाड़ियों को लीज पर लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे केंद्रीय रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा। इससे जहां पंजाब के व्यापार को रफ्तार मिलेगी। वहीं, उद्यमियों को इससे काफी लाभ पहुंचेगा।</p>



<p>इस योजना के तहत पंजाब सरकार भारतीय रेलवे से विशेष रैक वाली मालगाड़ियों को लीज पर लेने के लिए विमर्श कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसकी पुष्टि कर दी है। उन्होंने इसे पंजाब के औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया है।</p>



<p>इससे पंजाब के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मंडी गोबिंदगढ़, राजपुरा व बठिंडा आदि को सीधे बंदरगाहों और देश के बड़े व्यापारिक बाजारों से जोड़ने की तैयारी है। सार्वजनिक-निजी मॉडल (पीपीपी फ्रेमवर्क) पर काम करते हुए सरकार रेलवे के साथ मिलकर इस व्यवस्था को लागू करेगी ताकि व्यापारियों को मालगाड़ी की बुकिंग के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची से मुक्ति मिल सके। इस योजना का मकसद सूबे के औद्योगिक क्षेत्रों को सस्ता, तेज और भरोसेमंद माल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।</p>



<p><strong>उद्यमियों, कारोबारियों को होगा लाभ<br></strong>रेल परिवहन बड़े पैमाने पर सड़क परिवहन की तुलना में कम खर्चीला माना जाता है। यदि हजारों टन माल एक साथ भेजा जाएगा तो लागत काफी घट सकती है और इससे उद्यमियों का मार्जिन बढ़ेगा। रैक पंजाब से भरे जाएंगे ओर सीधे गंतव्य तक पहुंचेंगे। डेडिकेटेड रैक होने की वजह से माल समय पर पहुंचेगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को भी राहत अपना माल भेजने में आसानी होगी। पंजाब का बड़ा हिस्सा निर्यात आधारित उद्योगों का है। यदि कंटेनर समय पर बंदरगाह पहुंचेंगे तो विदेशी खरीदारों के ऑर्डर पूरे करने में आसानी होगी और इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।</p>



<p><strong>नए निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा<br></strong>पंजाब सरकार की इस योजना से बड़े औद्योगिक पार्क विकसित करने में सुविधा होगी और नए निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। सीएम मान इसी के मद्देनजर इस योजना को जल्द सिरे चढ़ा धरातल पर उतारना चाहते हैं।</p>



<p>इससे सूबे में वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित होंगे। पंजाब का उद्योग आज भी काफी हद तक ट्रकों पर निर्भर है। विशेषकर टेक्सटाइल, साइकिल, मशीन टूल्स, कृषि उपकरण, स्टील और खेल उत्पाद से जुड़ा उद्योग का अधिकतर माल सड़क मार्ग से मुंबई, गुजरात, चेन्नई, कोलकाता और दक्षिण भारत तक भेजा जाता है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट लागत लगातार बढ़ रही है। ट्रकों की उपलब्धता हर समय नहीं रहती। राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम और देरी होती है। ऐसे में निर्यात के लिए बंदरगाह तक समय पर माल पहुंचाना चुनौती बन जाता है।</p>
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		<title>औद्योगिक विकास दर दो सालों के निचले स्तर पर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[publisher]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Aug 2017 11:06:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[औद्योगिक विकास]]></category>
		<category><![CDATA[औद्योगिक विकास दर दो सालों के निचले स्तर पर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="552" height="369" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/iip.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="औद्योगिक विकास दर दो सालों के निचले स्तर पर" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/iip.jpg 552w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/iip-300x201.jpg 300w" sizes="(max-width: 552px) 100vw, 552px" />औद्योगिक विकास का पहिया थम सा गया है, क्योंकि जून के महीने में औद्योगिक विकास दर 2 सालो के सबसे निचले स्तर पर आ गयी है. उद्योग की ये हालत से ब्याज दरों में और कटौती का दवाब बढ़ गया है. आर्थिक समीक्षा के दूसरे भाग ने भी ब्याज दर घटाने की पूरजोर वकालत की है. &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="552" height="369" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/iip.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="औद्योगिक विकास दर दो सालों के निचले स्तर पर" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/iip.jpg 552w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/iip-300x201.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 552px) 100vw, 552px" /><p><strong>औद्योगिक विकास का पहिया थम सा गया है, क्योंकि जून के महीने में औद्योगिक विकास दर 2 सालो के सबसे निचले स्तर पर आ गयी है. उद्योग की ये हालत से ब्याज दरों में और कटौती का दवाब बढ़ गया है. आर्थिक समीक्षा के दूसरे भाग ने भी ब्याज दर घटाने की पूरजोर वकालत की है.<a href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%94%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%8b/70824/iip" rel="attachment wp-att-70827"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-70827" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/iip.jpg" alt="औद्योगिक विकास दर दो सालों के निचले स्तर पर" width="552" height="369" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/iip.jpg 552w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/iip-300x201.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 552px) 100vw, 552px" /></a></strong></p>
<p><strong>सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून के महीने में औद्योगिक विकास दर (-)0.1 फीसदी रही. मई के महीने में ये दर 2.8 फीसदी थी जबकि बीते साल जून के महीन में ये दर 8 फीसदी दर्ज की गयी थी. उद्योग की विकास दर शून्य से नीचे जाने की एक बड़ी वजह विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट रही. इस क्षेत्र की विकास दर (-)0.4 फीसदी रही जबकि मई में ये दर 2.61 फीसदी दर्ज की गयी थी. बीते साल जून में विनिमार्ण क्षेत्र की विकास दर साढ़े सात फीसदी थी.</strong></p>
<p><strong>वैसे परेशानी भारी मशीनो और कार, टीवी फ्रिज जैसे टिकाऊ उपभोक्ता सामान के मामले में भी देखने को मिली. भारी मशीनों के मामले में औद्योगिक विकास दर (-)6.8 फीसदी दर्ज की गयी. भारी उद्योग की विकास दर में गिरावट का मतलब ये हुआ कि कंपनियां नये कल-कारखाने नहीं लगा रही हैं या फिर पुरानी मशीनों को हटाकर नयी मशीनें नहीं ला रही है. कारोबार नहीं फैलाने की एक वजह मांग में कमी हो सकती है. इसका सबूत टिकाऊ उपभोक्ता सामान के मामले में देखने को मिला जहां विकास दर (-)2.1 फीसदी रहा.</strong></p>
<p class="post-title"><strong><a title="Permalink to आज रात 5 रुपए का सिक्का बना देगा आपको मालामाल जाने…कैसे" href="http://www.livehalchal.com/5-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%aa/70704" target="_blank" rel="bookmark noopener">आज रात 5 रुपए का सिक्का बना देगा आपको मालामाल जाने…कैसे</a></strong></p>
<p><strong>औद्योगिक विकास दर में कमी की वैसे तो कई वजहें है, लेकिन उनमें सें एक वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी भी है. पहली जुलाई से जीएसटी लागू होने के पहले डीलर्स ने नया स्टॉक नहीं तैयार करना उचित समझा. वहीं बीते साल इन महीनो के दौरान औद्योगिक विकास दर काफी ऊंची रही थी. इन सब का असर ये हुआ है कि इस साल जून के महीने में औद्योगिक विकास दर बढ़ने के बजाए घट गयी.</strong></p>
<p><strong>अब सवाल ये है कि आगे क्या होगा? जानी मानी रिसर्च एजेंसी इक्रा की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिती नायर कहती हैं कि जुलाई के महीने में विकास दर, बीते साल के 5.2 फीसदी की विकास दर का पीछा करते नजर आएगी. इसकी वजहें ये है कि जीएसटी लागू होने के बाद नए सिरे से स्टॉक तैयार करना शुरु हो गया है. गाड़ियों का उत्पादन बढ़ रहा है और बिजली का उत्पादन बढ़ रहा है.</strong></p>
<p><strong>खुदरा महंगाई दर के आंकड़े सोमवार को</strong><br />
<strong>बहरहाल, अब सबकी नजर सोमवार को जारी होने वाले खुदरा महंगाई दर के आंकड़ों पर है. जून के महीने के लिए खुदरा महंगाई दर 1.54 फीसदी रही. ध्यान रहे कि सरकार और रिजर्व बैंक के बीच हुए समझौते के मुताबिक खुदरा महंगाई दर दो से छङ फीसदी (4% +2%) बीच रखने का लक्ष्य है. मतलब ये कि जून के महीने में खुदरा महंगाई दर लक्ष्य से भी नीचे आ गया. इसीके बाद रिजर्व बैंक गवर्नर की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में चौथाई फीसदी की कमी की. अब उम्मीद की जा रही है कि जुलाई में खुदरा महंगाई दर में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, फिर भी ये दो फीसदी से नीचे ही रहेगी.</strong></p>
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