ओलंपिक – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Wed, 24 Jul 2024 09:11:50 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg ओलंपिक – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 ओलंपिक पर आधारित हैं ये दस बेहतरीन हॉलीवुड फिल्में-सीरीज https://livehalchal.com/%e0%a4%93%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%b8/572002 Wed, 24 Jul 2024 09:11:48 +0000 https://livehalchal.com/?p=572002 ओलंपिक पर आधारित फिल्में कई लोगों को पसंद होती हैं खासकर उन दर्शकों को जिन्हें खेल से अधिक लगाव होता है। ऐसी ही कुछ हॉलीवुड की बेहतरीन फिल्में और वेब सीरीज हैं, जो ओलंपिक खेल पर आधारित हैं, जो दर्शकों की आज भी पसंदीदा खेल फिल्मों में से एक हैं। खासकर ऐसी फिल्में, जो ओलंपिक …]]>

ओलंपिक पर आधारित फिल्में कई लोगों को पसंद होती हैं खासकर उन दर्शकों को जिन्हें खेल से अधिक लगाव होता है। ऐसी ही कुछ हॉलीवुड की बेहतरीन फिल्में और वेब सीरीज हैं, जो ओलंपिक खेल पर आधारित हैं, जो दर्शकों की आज भी पसंदीदा खेल फिल्मों में से एक हैं। खासकर ऐसी फिल्में, जो ओलंपिक खेलों को किसी एथलीट के रूप में दर्शाती हैं। खेल और इतिहास में जुड़ी प्रसिद्ध हस्तियों की बायोपिक फिल्में और वेब सीरीज आपके लिए लेकर आए हैं।

ओलंपिक थीम पर आधारित फ्लेचर ड्रामा फिल्म ‘एडी द ईगल’ एक सच्ची कहानी पर आधारित है, जिसमें टैरॉन एगर्टन ने एडी “द ईगल” एडवर्ड्स की भूमिका निभाई है, जो एक ब्रिटिश स्की जम्पर है, जिन्होंने 1928 के बाद से ओलंपिक स्की जंपिंग में ग्रेट ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करने वाला पहला प्रतियोगी बनकर इतिहास रच दिया था। 2016 में आई फिल्म ‘एडी द ईगल’ में टैरॉन एगर्टन और टॉम और जैक कॉस्टेलो ने अभिनय किया था। यह फिल्म माइकल डेविड एडवर्ड्स की बायोपिक है। माइकल को ‘एडी द ईगल’ के नाम से बेहतर जाना जाता है। ‘एडी द ईगल’ मैक्स और सिनेमैक्स के साथ-साथ प्राइम वीडियो और ऐप्पल टीवी+ के जरिए उन चैनलों के एक्सटेंशन पर स्ट्रीम हो रही है।

साल 1981 में निर्देशक ह्यूग हडसन की रिलीज हुई फिल्म ‘चैरियट्स ऑफ फायर’ यहूदी और ईसाई ट्रैक एथलीटों की कहानी है, जो ब्रिटेन से हैं और 1924 के ओलंपिक में भाग लेने के लिए प्रशिक्षण लेते हैं। इस फिल्म ने 1982 में ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता था। ‘चैरियट्स ऑफ फायर’ वॉच टीसीएम के जरिए स्ट्रीमिंग कर रहा है। इसे ऐप्पल टीवी+ प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है।

जॉन टर्टेलटब ने 1993 में आई ‘कूल रनिंग्स’ का निर्देशन किया है, जो एक जमैका के धावक की कहानी को दर्शाती है, जो पहली जमैका बॉबस्लेड टीम शुरू करने के लिए एक पूर्व ओलंपियन इरविंग ब्लिट्जर (जॉन कैंडी) की तलाश करता है, जिसने 1988 के ओलंपिक में शुरुआत की थी। यह फिल्म एक सच्ची कहानी पर आधारित है। यह डिज्नी+ पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है।

2007 में आई ‘ब्लेड्स ऑफ ग्लोरी’ में विल फेरेल और जॉन हेडर के साथ एमी पोहलर भी नजर आए। इस फिल्म में फेरेल और हेडर दो प्रतिद्वंद्वी ओलंपिक आइस स्केटर्स की भूमिका निभाते हैं, जिनसे उनके स्वर्ण पदक छीन लिए जाते हैं और पुरुषों की एकल प्रतियोगिता स्पर्धा से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया जाता है। ‘ब्लेड्स ऑफ ग्लोरी’ हुलु और पैरामाउंट+ पर स्ट्रीम हो रही है।

‘फॉक्सकैचर’ अमेरिकी ओलंपिक कुश्ती चैंपियन भाइयों मार्क शुल्ट्ज (चैनिंग टैटम) और डेव शुल्ट्ज (मार्क रफालो) पर आधारित है। वैनेसा रेडग्रेव ने जीन डू पॉन्ट की भूमिका निभाई। बता दे इस फिल्म को 2015 के ऑस्कर के लिए पांच नामांकन मिल चुके हैं। ‘फॉक्सकैचर’ पीकॉक पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है। अब बात करते हैं ‘मिरेकल हर्ब ब्रूक्स’ की। यह सच्ची कहानी पर आधारित है, जो एक पूर्व अमेरिकी पेशेवर हॉकी खिलाड़ी है, जो 1980 की ओलंपिक टीम को रूसी टीम पर जीत दिलाने के लिए कोचिंग देते हैं।

मिरेकल डिज्नी+ पर स्ट्रीम हो रही है। अब बात करते हैं ‘द बॉयज इन द बोट’ की, जो डैनियल जेम्स ब्राउन की 2013 में इसी नाम से लिखी गई किताब पर आधारित है। जॉर्ज क्लूनी द्वारा निर्देशित यह फिल्म वाशिंगटन विश्वविद्यालय की क्रू टीम की 1936 के बर्लिन ओलंपिक की कहानी को दर्शाती है। ‘द बॉयज इन द बोट’ प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है।

स्टीफन हॉपकिंस ने जेसी ओवेन्स के बारे में बायोपिक ‘रेस’ का निर्देशन किया, जो एक फील्ड एथलीट थे, जिन्होंने 1936 के ओलंपिक में भाग लिया था। स्टीफन जेम्स ने ओवेन्स की भूमिका निभाई है। ‘रेस’ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। अब बात करते हैं 2014 में आई ‘अनब्रोकन’ की।

यह लॉरा हिलेनब्रांड की किताब पर आधारित है। इस फिल्म का निर्देशन एंजेलीना जोली ने किया है। ‘अनब्रोकन’ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। अब बात करते हैं 2022 में आई ‘द स्विमर्स’ की। यह एक सच्ची कहानी पर आधारित है। यह बायोग्राफिकल ड्रामा दो बहनों की कहानी है। इस फिल्म का निर्देशन सैली एल होसैनी ने किया है। ‘द स्विमर्स’ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।

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राष्ट्रीय खेलों में चमकेंगे राज्य ओलंपिक के सितारे https://livehalchal.com/uk-16/530345 Thu, 14 Dec 2023 06:00:03 +0000 https://livehalchal.com/?p=530345 उत्तराखंड में अगले साल राष्ट्रीय खेलों से पहले राज्य ओलंपिक होंगे। जिसमें सीनियर वर्ग के लिए ओपन प्रतियोगिता होगी। इसमें दम दिखाने वालों को राष्ट्रीय खेलों में सीधे एंट्री मिलेगी। बेशक वे किसी एसोसिएशन से संबंद्धता रखते हों या नहीं। विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा ने कहा, नियम तो यह है कि फेडरेशन के माध्यम …]]>

उत्तराखंड में अगले साल राष्ट्रीय खेलों से पहले राज्य ओलंपिक होंगे। जिसमें सीनियर वर्ग के लिए ओपन प्रतियोगिता होगी। इसमें दम दिखाने वालों को राष्ट्रीय खेलों में सीधे एंट्री मिलेगी। बेशक वे किसी एसोसिएशन से संबंद्धता रखते हों या नहीं।

विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा ने कहा, नियम तो यह है कि फेडरेशन के माध्यम से खिलाड़ियों को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। यदि कोई खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करता है, तो उसे राष्ट्रीय खेलों में सीधे प्रवेश मिलेगा।

राष्ट्रीय खेलों से पहले होने वाली राज्यस्तरीय प्रतियोगिता की तैयारी की जा रही है। जो चैंपियन हैं उन्हें मौका मिलेगा। इसके साथ ही इसके लिए राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा।

विभिन्न प्रतियोगिता में जो पहले, दूसरे, तीसरे व चौथे स्थान पर रहे हैं, उनमें से भी खिलाड़ियों को चयनित कर उन्हें खेलने का अवसर दिया जाएगा। विशेष प्रमुख सचिव ने कहा, उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर रहा है। जिसे देखते हुए बेहतर खेलने वाला राज्य का कोई भी खिलाड़ी प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सकेगा।

विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य ओलंपिक खेल जनवरी और फरवरी में होने हैं। देहरादून सहित विभिन्न जिलों में सुविधा के अनुसार इन खेलों का आयोजन किया जाएगा। इसी के आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद 25 से 30 दिन के बाद चार से पांच चरणों में कैंप लगेंगे।

राज्यस्तरीय प्रतियोगिता को लेकर मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। बैठक में खेलों की तैयारी पर चर्चा हुई। इसमें यह भी तय किया गया है कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए जरूरत पड़ने पर विदेश से भी कोच मंगाए जाएंगे।
– अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख सचिव

राज्यस्तरीय प्रतियोगिता जल्द शुरू होगी। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के जरूरत पड़ने पर राज्य के बाहर के राज्य से जुड़े कोच भी मंगाए जाएंगे।
– रेखा आर्य, खेल मंत्री

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इस परेशानी के बावजूद ओलंपिक के लिए बिना वेतन के छुट्टी पर हैं निशानेबाज राही… https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a6-%e0%a4%93%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%aa/207901 Sat, 09 Feb 2019 05:09:41 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=207901 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला निशानेबाज राही सरनोबत को लगता है कि एक दशक से ज्यादा समय तक शीर्ष स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बावजूद वह वित्तीय रूप से सुरक्षित नहीं हैं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर की इस 28 वर्षीय पिस्टल निशानेबाज को लगता है कि इतने समय …]]>

एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला निशानेबाज राही सरनोबत को लगता है कि एक दशक से ज्यादा समय तक शीर्ष स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बावजूद वह वित्तीय रूप से सुरक्षित नहीं हैं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर की इस 28 वर्षीय पिस्टल निशानेबाज को लगता है कि इतने समय की मेहनत के बाद उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत हो जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं है।

एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक से उन्हें 70 लाख रुपए (महाराष्ट्र सरकार से 50 लाख रुपए और खेल मंत्रालय से 20 लाख रुपए) का इनाम मिला लेकिन शीर्ष स्तर के निशानेबाज का खर्चा काफी रहता है और उन्होंने इसमें से अपने व्यक्तिगत कोच मुंखबायर दोर्जसुरेन को भी कुछ हिस्सा दिया जो पूर्व ओलंपिक पदकधारी और मंगोलिया के विश्व चैम्पियन है, पर अभी वह जर्मनी के नागरिक हैं।

वह उन्हें हर साल करीब 50 लाख रुपए देती हैं और नहीं जानती कि कब तक वह उन्हें अपनी जेब से यह राशि दे पाएंगी। लेकिन वह 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए अपनी ट्रेनिंग से जरा भी समझौता नहीं करना चाहतीं।

ओजीक्यू राही का प्रायोजक है और वह अपने राज्य के राजस्व विभाग में डिप्टी कलेक्टर हैं लेकिन अपनी खेल प्रतिबद्धताओं के कारण 2017 सितंबर से वह बिना वेतन के चल रही हैं। उन्होंने कहा, ”मुझे लगता हे कि पेशवर निशानेबाज के तौर पर मेरे पास चार साल से ज्यादा का समय नहीं है और भारत के लिये 12 साल तक खेलने के बावजूद भी मेरे वित्तीय हालत इतने अच्छे नहीं है।”

उन्होंने कहा, ”मैंने राज्य के राजस्व विभाग से बिना वेतन के छुट्टी ली हुई है। मुझे सितंबर 2017 से वेतन नहीं मिला है। मैंने अपने नियोक्ता से मुंबई जाकर बात करने के बारे में सोचा लेकिन पेशेवर निशानेबाज के तौर पर समय निकालना काफी मुश्किल है। हमारे लगातार टूर्नामेंट हैं और अगर टूर्नामेंट नहीं हों तो हम ट्रेनिंग में व्यस्त रहते हैं। मैं भी ज्यादा प्रायोजक चाहती हूं लेकिन इस प्रक्रिया से वाकिफ नहीं हूं।”

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