ऐसे जानें आपकी कुंडली में एक से अधिक विवाह के योग तो नहीं हैं – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Mon, 02 Apr 2018 04:58:13 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg ऐसे जानें आपकी कुंडली में एक से अधिक विवाह के योग तो नहीं हैं – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 ऐसे जानें आपकी कुंडली में एक से अधिक विवाह के योग तो नहीं हैं https://livehalchal.com/%e0%a4%90%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/130349 Mon, 02 Apr 2018 04:58:13 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=130349 विवाह व्यक्ति के जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण पढाव है, जिससे उसके जीवन में कई नए रिश्तों का जन्म होता है. हर व्यक्ति की कुंडली में विवाह का निर्धारण उसकी कुंडली में विराजमान गृहों की दशा पर निर्भर करता है. गृह ही व्यक्ति के जीवन में विवाह का कारक होते हैं. किसी व्यक्ति की कुंडली में एक से …]]>

विवाह व्यक्ति के जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण पढाव है, जिससे उसके जीवन में कई नए रिश्तों का जन्म होता है. हर व्यक्ति की कुंडली में विवाह का निर्धारण उसकी कुंडली में विराजमान गृहों की दशा पर निर्भर करता है. गृह ही व्यक्ति के जीवन में विवाह का कारक होते हैं. किसी व्यक्ति की कुंडली में एक से अधिक विवाह के योग हो सकते हैं. एक से अधिक विवाह को बहु विवाह योग भी कहा जाता है. तो आइये जानते हैं व्यक्ति की कुंडली में बहु विवाह योग कौन सी गृह दशा के कारण बनता है.ऐसे जानें आपकी कुंडली में एक से अधिक विवाह के योग तो नहीं हैं

1. जिस व्यक्ति की कुंडली में चन्द्र और शुक्र एक ही भाव में स्थित होते हैं और उन भावों में उनकी स्थिति मजबूत होती है, तो ऐसे व्यक्तियों का एक से अधिक विवाह होता है.

2. व्यक्ति की कुंडली का लग्नेश उच्च या स्वराशिगत केंद्र भाव में विराजमान होता है, तो ऐसे व्यक्तियों की एक से अधिक पत्नियां होती हैं.

3. जब किसी व्यक्ति की कुंडली का लग्न एक उच्च गृह राशि में स्थित होता है, तो इन व्यक्तियों के भी एक से अधिक विवाह होते हैं.

4. जब व्यक्ति की कुंडली में लग्नेश और चतुर्थ भाव का स्वामी केंद्रीय भाव में स्थित होता है, तो यह व्यक्तियों के एक से अधिक विवाह का योग बनाते हैं.
5. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सप्तमेश भाव में शनि विराजमान होता है और वह किसी पाप गृह से युक्त होता है, तो ऐसे व्यक्ति के एक से अधिक विवाह होते हैं. 

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