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	<title>एलपीजी संकट &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>एलपीजी संकट &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>एलपीजी संकट: मोगा के किसान के घर बायोगैस से जल रहा चूल्हा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 11:56:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[एलपीजी संकट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/hgyufi.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/hgyufi.png 634w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/hgyufi-300x166.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />देश भर में एलपीजी संकट के बीच लोग सिलिंडर के लिए लंबी-लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं। वहीं मोगा के गांव राजेआना के किसान निर्मल सिंह मौज में हैं। दरअसल, निर्मल सिंह ने साल 2011 में मात्र 20 हजार रुपये की लागत से अपने घर में बायोगैस प्लांट लगाया था। इस प्लांट &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/hgyufi.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/hgyufi.png 634w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/hgyufi-300x166.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>देश भर में एलपीजी संकट के बीच लोग सिलिंडर के लिए लंबी-लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं।</p>



<p>वहीं मोगा के गांव राजेआना के किसान निर्मल सिंह मौज में हैं। दरअसल, निर्मल सिंह ने साल 2011 में मात्र 20 हजार रुपये की लागत से अपने घर में बायोगैस प्लांट लगाया था। इस प्लांट से निकलने वाली गैस से ही उनके घर का खाना तैयार होता है। आज जब एलपीजी के लिए लोग परेशान हैं, वहीं निर्मल सिंह को उनके इस बायोगैस प्लांट ने बड़ी राहत दी है। उन्हें न तो लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है और न ही महंगे दामों पर गैस सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। किसान के लिए बायोगैस एक वरदान साबित हुआ।</p>



<h2 class="wp-block-heading">25 गज में 20 हजार की कीमत से लगाया प्लांट</h2>



<p>निर्मल सिंह ने बताया कि उन्होंने घर में दूध के लिए पशु पाले हुए हैं, जिनसे निकलने वाले गोबर का सही उपयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने अपने घर पर बायोगैस प्लांट लगाया। यह प्लांट लगभग 25 गज क्षेत्र में करीब 20 हजार रुपये की लागत से तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें इस बायोगैस प्लांट का खास फायदा समझ नहीं आया, लेकिन आज जब देश में LPG को लेकर संकट है तब उन्हें इस बायोगैस का असली महत्व समझ आया।&nbsp;</p>



<p>निर्मल सिंह ने कहा कि उनके घर में तो जैसे अपनी ही गैस एजेंसी खुली हुई है, इसलिए उन्हें कभी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ी। पिछले 15 साल में उन्होंने करीब 1.5 लाख रुपये की बचत की है, वह भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के। उन्होंने बताया कि इस प्लांट को चलाने में कोई खास मेहनत नहीं लगती। रोजाना केवल दो टोकरी गोबर को पानी के साथ मिलाकर प्लांट में डालना होता है। सुबह यह प्रक्रिया करने के बाद शाम तक गैस तैयार हो जाती है। इस गैस से उनके 5 सदस्यों वाले परिवार का खाना आराम से बन जाता है।&nbsp;</p>



<h2 class="wp-block-heading">पूरी तरह सुरक्षित है बायोगैस</h2>



<p>निर्मल सिंह ने बताया कि बायोगैस पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें गैस लीकेज से आग लगने का कोई खतरा नहीं होता। उन्होंने कहा कि पंजाब में ज्यादातर किसानों के पास पशु होते हैं, इसलिए सभी किसानों को इस तकनीक का लाभ उठाना चाहिए।</p>



<p>उन्होंने कहा कि बायोगैस अपनाने वाले किसानों पर एलपीजी संकट का कोई असर नहीं पड़ेगा। कम खर्च, कम मेहनत और अधिक लाभ, यही बायोगैस की सबसे बड़ी खासियत है। आधुनिक दौर में यह पुरानी तकनीक किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।</p>



<p></p>
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		<title>देश में खत्म होगा एलपीजी संकट: रसोई गैस से लदे दो जहाजों ने होमुर्ज स्ट्रेट किया पार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Mar 2026 05:28:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[एलपीजी संकट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="335" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/yuu.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/yuu.png 738w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/yuu-300x163.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट पार कर एलपीजी (रसोई गैस) से लदे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। ये जहाज शुक्रवार तक देश के बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे। इन जहाजों में करीब 93 हजार टन एलपीजी है। एलपीजी की आपूर्ति में होगी सहायता पेट्रोलियम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="335" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/yuu.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/yuu.png 738w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/yuu-300x163.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट पार कर एलपीजी (रसोई गैस) से लदे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। ये जहाज शुक्रवार तक देश के बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे। इन जहाजों में करीब 93 हजार टन एलपीजी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एलपीजी की आपूर्ति में होगी सहायता</h2>



<p>पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि इससे एलपीजी की आपूर्ति को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। इसके साथ ही दैनिक जागरण को सूचना मिली है कि पश्चिम एशिया विवाद के मद्देजनर हाल ही में भारत ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से जो एलपीजी जहाज खरीदे हैं, वह भी अगले सात से 10 दिनों के भीतर भारतीय तटों पर पहुंचेंगे।</p>



<p>घरेलू उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इन जहाजों का आगमन देश की दैनिक एलपीजी जरूरत को काफी हद तक पूरा करेगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">शुक्रवार सुबह मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचेगा जहाज</h2>



<p>मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 47,600 टन एलपीजी से लदा जहाज जग वसंत 26 मार्च यानी गुरुवार शाम तक कांडला बंदरगाह पहुंचेगा जबकि 45,000 टन एलपीजी से लदा पाइन गैस जहाज 27 मार्च यानी शुक्रवार सुबह मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचेगा।</p>



<p>इन दोनों जहाजों ने होर्मुज से निकलते समय ईरानी तट के करीब से नया रूट अपनाया था और भारतीय नौसेना की निगरानी में सुरक्षित निकले। जग वसंत पर 33 और पाइन गैस पर 27 भारतीय नाविक सवार हैं।</p>



<p>शर्मा ने स्पष्ट किया- &#8220;एलपीजी की स्थिति चिंताजनक जरूर है लेकिन घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया गया है। पेट्रोकेमिकल्स और अन्य उत्पादों का उत्पादन रोककर रिफाइनरियों को एलपीजी पर ध्यान केंद्रित करने के आदेश दिए गए थे।&#8221;</p>



<p>उन्होंने बताया कि सभी रिफाइनरियां वर्तमान में उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार पर्याप्त है। हमारे पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टाक है।</p>



<p>भारत में औसतन रोजाना 80 हजार से 90 हजार टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से सामान्य तौर पर 55-60 प्रतिशत (करीब 55 हजार टन) आयात से आती है, जबकि बाकी घरेलू उत्पादन से।</p>



<p>हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयात प्रभावित होने पर सरकार ने आठ मार्च को आपातकालीन आदेश जारी कर सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने का निर्देश दिया था।</p>



<p>उसके बाद से घरेलू उत्पादन में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। अब रोजाना घरेलू उत्पादन 48 हजार टन से ज्यादा हो गया है, जो पहले करीब 35 हजार टन था।</p>



<p>पूरी बढ़ी हुई मात्रा घरेलू उपभोक्ताओं (यानी रसोई गैस सिलेंडर) के लिए ही जा रही है।इन दो जहाजों से आने वाली एलपीजी लगभग एक दिन की पूरी खपत के बराबर है। यह स्टाक सीधे रिफाइनरियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पहुंचेगा, जिससे बाजार में दबाव कम होगा।</p>



<p>साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी (होटल, रेस्टोरेंट आदि) की आपूर्ति भी धीरे-धीरे बहाल की जा रही है। सरकार ने पहले वाणिज्यिक उपयोग पर रोक लगाई थी, अब उसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया गया है।</p>



<p>शर्मा ने अफवाहों पर रोक लगाते हुए कहा- &#8220;कोई पेट्रोल पंप बंद नहीं है। पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं। आम जनता घबराकर सिलेंडर बुकिंग न करे। होर्डिंग यानी जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर नजर रखी जा रही है।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 20 भारतीय जहाज फंसे</h2>



<p>जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 20 भारतीय जहाज फंसे हैं, जिनमें 540 नाविक हैं। ये सभी सुरक्षित हैं और दूतावास उनके संपर्क में है।</p>



<p>होर्मुज में पांच और एलपीजी जहाज हैं, जिनमें से एक के जल्द निकलने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि बहुत जल्द शेष बचे जहाजों के भी होर्मुज मार्ग से निकलने की पूरी संभावना है।</p>



<p>सरकार का जोर इस बात पर है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने और अमेरिका, आस्ट्रेलिया जैसे वैकल्पिक बाजारों से नई खरीद करने से आपूर्ति तेजी से बढ़े। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे जरूरत के अनुसार ही बुकिंग करें। 25 दिन का बुकिंग गैप बनाए रखा गया है ताकि जमाखोरी रुके।</p>



<h2 class="wp-block-heading">यह भी जानिये</h2>



<p>एलपीजी घरेलू सिलेंडरों की मांग प्रतिदिन 55 लाख सिलेंडर है। इसकी ऑनलाइन बुकिंग में बढ़ोतरी हुई है जो 84 से बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई है।<br>कामर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई मे भी सुधार हो रहा है। इसके कुल उत्पादन का 50 प्रतिशत राज्यों को आवंटित किया जा रहा है। इस दौरान होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट व अस्पतालों को प्राथमिकता।<br>कामर्शियल एलपीजी के बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को पीएनजी पर शिफ्ट किया गया। अकेले मार्च में ही 3.50 लाख से अधिक घरेलू व व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं।<br>घरेलू पीएनजी व वाहनों में सीएनजी की आपूर्ति शत प्रतिशत की जा रही है। उद्योगों को अभी इसकी आपूर्ति करीब 80 प्रतिशत ही की जा रही है।<br>राज्यों को 48 हजार किलो लीटर केरोसीन तेल का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। इनमें से 15 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने अपना आवंटन ले भी लिया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एलपीजी की जमाखोरी-कालाबाजारी पर 642 एफआईआर, 155 गिरफ्तार</h2>



<p>सरकार ने मंगलवार को बताया कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए राज्यों भर में कार्रवाई जारी है और अब तक लगभग 642 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।</p>



<p>कार्रवाई के तहत, पिछले 24 घंटों में देशभर में लगभग 3,400 जगहों पर छापे मारे गए और करीब 1,000 सिलिंडर जब्त किए गए। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि देशभर में सभी रिटेल आउटलेट्स सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>पंजाब में एलपीजी संकट: आपूर्ति में 20 फीसदी की कटौती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 08:59:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[एलपीजी संकट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/6-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/6-3.jpg 818w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/6-3-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/6-3-768x434.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />पंजाब में एलपीजी आपूर्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ पंजाब के प्रधान गुरपाल सिंह मान ने आरोप लगाया है कि सरकार ने राज्य में एलपीजी आपूर्ति में करीब 20 प्रतिशत की कटौती कर दी है, जिससे आम लोगों से लेकर कारोबारी वर्ग तक परेशान है। प्रेसवार्ता में मान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/6-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/6-3.jpg 818w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/6-3-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/6-3-768x434.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पंजाब में एलपीजी आपूर्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ पंजाब के प्रधान गुरपाल सिंह मान ने आरोप लगाया है कि सरकार ने राज्य में एलपीजी आपूर्ति में करीब 20 प्रतिशत की कटौती कर दी है, जिससे आम लोगों से लेकर कारोबारी वर्ग तक परेशान है।</p>



<p>प्रेसवार्ता में मान ने बताया कि पहले जहां हर महीने करीब 27 लाख घरेलू गैस सिलिंडर भेजे जाते थे, अब यह संख्या घटकर लगभग 21 लाख रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि डीलरों को लोगों के गुस्से का सामना न करना पड़े।</p>



<p>मान ने दावा किया कि व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लुधियाना में करीब 6 हजार मीट्रिक टन की कमर्शियल गैस मार्केट होने के बावजूद सप्लाई बाधित है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 980 गैस एजेंसियां 96 लाख उपभोक्ताओं की मांग पूरी करती हैं और हर महीने लगभग 27 लाख सिलिंडर वितरित किए जाते हैं। हालांकि, मौजूदा हालात में रोजाना 2 से 5 हजार बुकिंग लंबित हो रही हैं और बैकलॉग बढ़ता जा रहा है। फेडरेशन के अनुसार, लगभग 50 हजार कर्मचारी ग्राउंड पर काम कर रहे हैं। कोविड-19 के दौरान भी एलपीजी आपूर्ति बाधित नहीं हुई थी और डीलरों ने घर-घर सिलिंडर पहुंचाया था, लेकिन अब हालात विपरीत हो गए हैं।</p>



<p>मान ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार 71 दिनों का स्टॉक होने का दावा कर रही है, तो फिर कुछ ही घंटों में संकट क्यों गहरा गया। उन्होंने कहा कि प्लांट अपनी क्षमता से कम चल रहे हैं और कई जगह बंद भी किए जा रहे हैं, जिससे सप्लाई पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ओटीपी सिस्टम के जरिए सिलिंडर वितरण किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।</p>



<p>फेडरेशन ने सरकार से मांग की है कि एलपीजी संकट को स्वीकार करते हुए जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि आम लोगों और व्यापारियों को राहत मिल सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>एलपीजी संकट के बीच दिल्ली में धधकने लगी सियासत की आग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 07:43:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[एलपीजी संकट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/56-4.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/56-4.jpg 803w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/56-4-300x171.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/56-4-768x439.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />राजधानी में एलपीजी गैस की किल्लत से जहां आम लोगों की रसोई के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं, वहीं इस संकट ने सियासत की आंच तेज कर दी है। गैस की कमी, बढ़ती कालाबाजारी और लंबी कतारों को लेकर राजनीतिक दल आमने-सामने आ गए हैं। जनता रसोई गैस के लिए जूझ रही है, जबकि सत्ता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/56-4.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/56-4.jpg 803w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/56-4-300x171.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/56-4-768x439.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>राजधानी में एलपीजी गैस की किल्लत से जहां आम लोगों की रसोई के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं, वहीं इस संकट ने सियासत की आंच तेज कर दी है। गैस की कमी, बढ़ती कालाबाजारी और लंबी कतारों को लेकर राजनीतिक दल आमने-सामने आ गए हैं। जनता रसोई गैस के लिए जूझ रही है, जबकि सत्ता और विपक्ष इस मुद्दे पर एक-दूसरे को घेरने में जुटे हैं।</p>



<p>वहीं राजधानी में कई संगठनों ने गैस की किल्लत पर सरकार को घेरते हुए रैली भी निकाली। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि एलपीजी सिलिंडर की कमी से अटल कैंटीन, रैन बसेरों में रहने वाले गरीबों को समय पर भोजन नहीं मिल पा रहा है।</p>



<p>राजधानी में एलपीजी संकट और बढ़ती महंगाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में गैस सिलिंडर लेकर यात्रा निकालकर केंद्र की माेदी सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।</p>



<p>पार्टी ने दावा किया कि यह शोभा यात्रा राजधानी के करीब 250 वार्डों में निकाली गई। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देश में गैस सिलिंडर की किल्लत और लंबी कतारों की स्थिति सरकार की विफल नीतियों का परिणाम है। त्रिलोकपुरी में आयोजित शोभा यात्रा के दौरान विधायक कुलदीप कुमार ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।</p>



<p>उन्होंने आरोप लगाया कि एलपीजी सिलिंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। लोक समाज पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सतबीर सिंह करौतिया ने किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा ने 4 अप्रैल को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की भी घोषणा की है।</p>



<p>प्रदेश भाजपा ने देश में गैस की कमी का माहौल मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कुछ राजनीतिक दलों के दुष्प्रचार के कारण बनने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव के चलते सप्लाई प्रभावित हुई है, लेकिन देश में गैस की कमी का माहौल बनाया जा रहा है और उससे लोगों में भ्रम पैदा हो गया है।</p>
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