एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Mon, 05 Oct 2020 12:35:22 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 हाथरस में अराजक तत्व सुनियोजित तरीके से अमन चैन बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं : एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a5%e0%a4%b0%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%95-%e0%a4%a4%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf/379849 Mon, 05 Oct 2020 12:35:22 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=379849 यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का कहना है कि कुछ संगठनों द्वारा हाथरस कांड के सहारे प्रदेश का माहौल और सरकार की छवि बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है। मामले में अलग-अलग थानों में मुकदमे लिखे गए हैं और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले लोगों के खिलाफ 13 केस दर्ज …]]>

यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का कहना है कि कुछ संगठनों द्वारा हाथरस कांड के सहारे प्रदेश का माहौल और सरकार की छवि बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है। मामले में अलग-अलग थानों में मुकदमे लिखे गए हैं और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले लोगों के खिलाफ 13 केस दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि हाथरस में प्रशासन की तरफ से विभिन्न राजनैतिक दलों के पांच-पांच लोगों को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी गई थी लेकिन कई दलों ने नियमों को तोड़ते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्व सुनियोजित तरीके से अमन चैन बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम मामले की विवेचना कर रहे हैं। वहीं, विवादित पोस्टर लगाने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

हाथरस में दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर कुछ अराजक तत्व प्रदेश में अमन चैन बिगाड़ने और जातीय द्वेष फैलाने के उद्देश्य से पीड़ित परिवार को भड़काने, गलत बयान देने के लिए दबाव बनाने और उन्हें 50 लाख रुपये का प्रलोभन देने की कोशिश करने वालों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

रविवार को कोविड गाइडलाइन्स का उल्लंघन करते हुए भीड़ हिंसा पर उतारू हो गई, हल्का बल उपयोग करके स्थिति को नियंत्रित किया गया। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

 

]]>
परिवारवालों की सहमति से ही पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार किया गया था: एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b9/378316 Wed, 30 Sep 2020 11:53:36 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=378316 उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा है कि हाथरस गैंगरेप पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने जबरन नहीं किया है. मीडिया के साथ विशेष बातचीत में प्रशांत कुमार ने कहा कि परिवारवालों की सहमति के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया गया था. उन्होंने कहा कि देर …]]>

उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा है कि हाथरस गैंगरेप पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने जबरन नहीं किया है. मीडिया के साथ विशेष बातचीत में प्रशांत कुमार ने कहा कि परिवारवालों की सहमति के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया गया था. उन्होंने कहा कि देर होने से शव खराब भी हो रहा था. अंतिम संस्कार के वक्त पीड़िता के परिवारवाले भी मौजूद थे.

एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर जिला प्रशासन ने ट्वीट किया था कि उसका अंतिम संस्कार परिवारवालों की मौजूदगी और उनकी सहमति से किया गया. उन्होंने कहा कि पीड़िता की मृत्यु 29 सितंबर की सुबह हुई थी और पोस्टमार्टम के बाद डेडबॉडी खराब हो रही थी. इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने परिवार की सहमति से पीड़िता का अंतिम संस्कार किया.

एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि अगर शव का अंतिम संस्कार करने में किसी तरह की जोर जबर्दस्ती की गई है तो इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम इस मामले में पीड़िता के परिजनों का बयान लेगी और जांच करेगी.

उन्होंने कहा कि हो सकता है कि रात को अंतिम संस्कार को लेकर परिवार की महिलाओं को कोई आपत्ति हो, लेकिन डेड बॉडी खराब हो रही थी. प्रशांत कुमार ने कहा कि समाज में कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में जबर्दस्ती नहीं की है, अगर डेडबॉडी रह जाती तो उसमें ऐसा क्या बदलाव हो जाता?

एडीजी ने कहा कि जब वहां संयुक्त मजिस्ट्रेट ने अंतिम संस्कार की जानकारी दी है तो हमें सभी चीजें खारिज नहीं कर देनी चाहिए.

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले में पारदर्शिता रहे इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है. उन्होंने कहा है स्थानीय अधिकारियों पर भरोसा करना होगा. जब मजिस्ट्रेट ने कहा है कि परिवार की सहमति से अंतिम संस्कार किया गया है तो हमें इस पर भरोसा किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर अंतिम संस्कार में देरी की वजह से शव खराब हो जाता तो क्या होता?

इस सवाल पर एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, रिपोर्ट आने के बाद इसे मीडिया के साथ साझा किया जाएगा. हालांकि उन्होंने कहा कि जब पीड़िता सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा था तो उस वक्त के मेडिकल रिपोर्ट में ऐसी कोई बात नहीं थी.

उन्होंने कहा कि 22 सितंबर को पीड़िता ने पहली बार गैंगरेप की बात की थी, इसके बाद पुलिस इसकी जांच में जुट गई. उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यौन हमले की पुष्टि हो सकेगी.

इस बाबत एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि ये बात सही है कि दोनों परिवारों के बीच बीतें सालों में टकराव हुआ था. ये मामला 2001 का है तब कई धाराओं में मारपीट का केस दर्ज किया गया था. 2015 में दोनों पार्टियों ने इस मामले में समझौता कर लिया था इसके बाद सभी आरोपी जेल से बाहर आ गए थे.

]]>