एचएमपीवी वायरस – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 11 Jan 2025 09:07:37 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg एचएमपीवी वायरस – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 एचएमपीवी वायरस का एक और मामला आया सामने https://livehalchal.com/%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%be/598645 Sat, 11 Jan 2025 09:07:34 +0000 https://livehalchal.com/?p=598645 HMPV virus in Assam असम में 10 महीने के बच्चे में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) संक्रमण पाया गया है। बच्चे का डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एएमसीएच) में इलाज चल रहा है और अब उसकी हालत स्थिर है। एएमसीएच के अधीक्षक डॉ. भुइयां ने बताया कि बच्चे को चार दिन पहले सर्दी-जुकाम के लक्षणों …]]>

HMPV virus in Assam असम में 10 महीने के बच्चे में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) संक्रमण पाया गया है। बच्चे का डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एएमसीएच) में इलाज चल रहा है और अब उसकी हालत स्थिर है। एएमसीएच के अधीक्षक डॉ. भुइयां ने बताया कि बच्चे को चार दिन पहले सर्दी-जुकाम के लक्षणों के चलते सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

भारत में एचएमपीवी वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब असम में इसका नया मामला सामने आया है। शनिवार को अधिकारियों ने बताया कि 10 महीने के बच्चे में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) संक्रमण पाया गया है।

डिब्रूगढ़ में चल रहा इलाज
अधिकारियों ने बताया कि बच्चे का डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एएमसीएच) में इलाज चल रहा है और अब उसकी हालत स्थिर है।

एएमसीएच के अधीक्षक डॉ. ध्रुबज्योति भुइयां ने बताया कि बच्चे को चार दिन पहले सर्दी-जुकाम के लक्षणों के चलते सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

नियमित जांच में चला पता
अस्पताल के अधीक्षक ने कहा कि लाहोवाल स्थित आईसीएमआर-आरएमआरसी से जांच के नतीजे मिलने के बाद कल एचएमपीवी संक्रमण की पुष्टि हुई। भुइयां ने बताया कि इन्फ्लूएंजा और फ्लू से संबंधित मामलों में जांच के लिए नमूने नियमित तौर पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद को भेजे जाते हैं, उसी में ये रिपोर्ट आई।

ध्रुबज्योति भुइयां ने आगे कहा कि यह एक नियमित जांच थी, जिसके दौरान एचएमपीवी संक्रमण का पता चला। बच्चा अब स्थिर है। यह एक सामान्य वायरस है और चिंता की कोई बात नहीं है।

ये कोई नया वायरस नहीं, 2014 में भी मिले थे केस
उधर, आईसीएमआर- क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र लाहोवाल (डिब्रूगढ़) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बिस्वजीत बोरकाकोटी ने कहा कि 2014 से हमने डिब्रूगढ़ जिले में 110 एचएमपीवी मामलों का पता लगाया है। यह इस मौसम का पहला मामला है। हर साल इसका पता चलता है और इसमें कुछ भी नया नहीं है।

तेजी से बढ़ रहे मामले
बता दें कि देश में एचएमपीवी वायरस के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। अब तक 13 मामले सामने आ चुके हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, केरल समेत कई राज्यों में इसके मामले मिले हैं।

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उत्तराखंड में एचएमपीवी वायरस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट https://livehalchal.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%9a%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%b5/598132 Tue, 07 Jan 2025 11:21:59 +0000 https://livehalchal.com/?p=598132 वैश्विक स्तर पर तेजी से फैल रहा ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य निदेशालय ने सभी जिलों को रोकथाम व बचाव के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। सभी अस्पतालों में संक्रमित मरीजाें के लिए उपचार के लिए आइसोलेशन बेड व ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के निर्देश …]]>

वैश्विक स्तर पर तेजी से फैल रहा ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य निदेशालय ने सभी जिलों को रोकथाम व बचाव के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

सभी अस्पतालों में संक्रमित मरीजाें के लिए उपचार के लिए आइसोलेशन बेड व ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। हालांकि, उत्तराखंड में अभी तक एचएमपीवी का कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रभारी स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. सुनीता टम्टा ने सभी जिलों के डीएम व सीएमओ को सभी अस्पतालों में इन्फ्लूएंजा व निमोनिया रोगियों के उपचार के लिए आइसोलेशन बेड, वार्ड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन की व्यवस्था करने को कहा है।

इसके अलावा सभी मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों के साथ चिकित्सा उपकरण, डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सालय और समुदाय स्तर पर इन्फ्लूएंजा व सर्दी खांसी, बुखार, निमोनिया से पीड़ित मरीजों को सघन निगरानी की जाएगी।

बचाव के लिए क्या करें
बच्चों व बुजुर्गों के साथ अन्य किसी अन्य गंभीर रोग से ग्रसित मरीज विशेष सावधानी बरतें, छींकते व खांसते समय नाक व मुंह को ढकने के लिए रुमाल और टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, साबुन से हाथों को धोएं, सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण होने पर डॉक्टरों से परामर्श लें, वायरस के लक्षण पाए जाने पर दूसरे लोगों से दूरी बनाएं।

क्या न करें
इस्तेमाल किए गए टिश्यू पेपर व रुमाल का दोबारा उपयोग न करें, हाथ मिलाने से परहेज करें, संक्रमित लोगों से नजदीकी संपर्क से बचें, बिना डॉक्टरों के परामर्श से कोई दवा का इस्तेमाल न करें, बार-बार आंख, नाक, व मुंह को छूने से बचें।

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