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	<title>एएमयू &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>AMU: मेडिकल में हड़ताल पर गए डॉक्टर, दर्द में थे मरीज, गिड़गिड़ाते रहे तीमारदार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Aug 2025 07:34:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/o7p-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/o7p.png 636w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/o7p-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में 28 अगस्त की रात 8:30 बजे विधि के दो छात्रों और जूनियर डॉक्टरों के बीच मारपीट के बाद इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दी गईं। जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। गुस्साए डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा के गेट पर ताला डाल दिया। दूर दराज से आए मरीजों को लौटना पड़ा। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/o7p-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/o7p.png 636w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/o7p-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में 28 अगस्त की रात 8:30 बजे विधि के दो छात्रों और जूनियर डॉक्टरों के बीच मारपीट के बाद इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दी गईं। जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। गुस्साए डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा के गेट पर ताला डाल दिया। दूर दराज से आए मरीजों को लौटना पड़ा। विवाद के बाद मौके पर प्रॉक्टोरियल टीम के साथ पुलिस भी पहुंच गई।</p>



<p>दरअसल 28 अगस्त रात 8:30 बजे यूनिवर्सिटी के विधि विभाग का एक छात्र अपने साथी को लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचा था। शीघ्र दिखाने को लेकर विधि के दोनों छात्रों और जूनियर डॉक्टर के बीच बहस शुरू हो गई। बात बढ़ गई और मारपीट हो गई। इससे जूनियर डॉक्टर भड़क गए। उन्होंने इमरजेंसी सेवा के गेट पर ताला डाल दिया और हड़ताल पर चले गए। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीज-तीमारदार परेशान हो गए।</p>



<p>आसपास और दूरदराज से आने वाले मरीज लौटने लगे। इनमें कुछ मरीजों की हालत बहुत खराब थी। उन्हें इलाज की फौरन जरूरत थी, उनके परिजनों ने डॉक्टरों से देखने के लिए गुजारिश भी की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। कहा, हड़ताल हो गई है, कहीं और ले जाएं। इसके बाद कुछ तीमारदार आस-पास के नर्सिंग होम में अपने मरीजों को लेकर पहुंचे। वहीं कुछ तीमारदारों ने शहर के दीनदयाल संयुक्त अस्पताल और मलखान सिंह जिला अस्पताल का भी रुख किया। कुछ महिलाओं को प्रसव होना था, उनके परिजन उन्हें लेकर मोहन लाल गौतम जिला महिला अस्पताल पहुंचे।</p>



<p>जेएन मेडिकल कॉलेज में साथी छात्र को दिखाने के दौरान विधि के छात्र और जूनियर डॉक्टर के बीच मारपीट हो गई। विधि के छात्र प्रॉक्टर ऑफिस पहुंचे और अपने साथ जूनियर डॉक्टरों द्वारा मारपीट करने की सूचना दी। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-प्रो. मोहम्मद वसीम अली, प्राॅक्टर, एएमयू</p>



<p>जेएन मेडिकल कॉलेज में विधि के छात्र और जूनियर डॉक्टर के बीच मारपीट हो गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शांति व्यवस्था स्थापित की। छात्र मजरूब का डाॅक्टरी मुआयना करा दिया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन और प्रॉक्टोरियल टीम के साथ समन्वय स्थापित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।-मयंक पाठक, सीओ नगर प्रथम</p>



<p><strong>दर्द में थे मरीज, गिड़गिड़ाते रहे तीमारदार…चिकित्सा व्यवस्था गुस्से का शिकार<br></strong>कोई हादसे का शिकार था तो किसी की सांसें उखड़ रही थीं। मरीजों को देखकर उनके तीमारदार डॉक्टरों के आगे गिड़गिड़ाने लगे। लेकिन डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि यहां इलाज नहीं मिलेगा कहीं दूसरी जगह ले जाओ। करीब 300 मरीजों को मेडिकल कालेज से लौटा दिया गया।</p>



<p><strong>हड़ताल के बाद इमरजेंसी से मरीज को ले जाते परिजन<br></strong>रात 8:30 बजे इमरजेंसी से जूनियर डॉक्टर उठकर चले गए, जिससे चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। मरीजों और तीमारदारों की बेचैनी बढ़ गई। इमरजेंसी के गेट के बाहर खड़े तीमारदार डॉक्टरों के आगे हाथ जोड़कर खड़े हो गए कि वह उनके मरीज को देख लें। लेकिन डॉक्टर नहीं रुके। हड़ताल के बाद सुरक्षाकर्मियों ने भी मरीजों को लौटाना शुरू कर दिया। सर्वाइकल की समस्या से जूझ रहीं जमालपुर की नूरजहां बिना इलाज कराए लौट गईं। एटा से आए शकूर अहमद सांस की समस्या से पीड़ित हैं। उनके परिजनों ने डॉक्टरों से देखने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसी तरह बाईखुर्द की रेखा भी बिना उपचार कराए लौट गईं। बलद और ताज मोहम्मद भी लौट गए, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ है।</p>



<p><strong>पांच महीने में तीसरी बार हुई हड़ताल<br></strong>जेएन मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच महीने में बृहस्पतिवार को तीसरी बार जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर गए हैं। 13 जून की रात को मेडिकल कॉलेज में मरीज के तीमारदारों ने सुरक्षाकर्मियों से मारपीट की थी और जूनियर डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी दे दी थी। इसके बाद 14 जून को जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। 22 अप्रैल को एएमयू में हॉर्स शो के दौरान हुई मारपीट की घटना में घायल एक व्यक्ति को जेएन मेडिकल कॉलेज लाया गया था। वहां कुछ लोगों ने इलाज कर रहे रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ अभद्रता और फायरिंग कर दी थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं बंद कर हड़ताल शुरू कर दी थी।</p>



<p><strong>जूनियर डॉक्टरों की मांगें<br></strong>मेडिकल कॉलेज के प्रवेश प्वाइंट पर मेटल डिटेक्टर लगवाए जाएं, जिससे हथियार के साथ कोई व्यक्ति परिसर में प्रवेश न कर पाए<br>इमरजेंसी के पास अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रहे, ताकि मरीज के साथ अनावश्यक लोगों को अंदर प्रवेश करने से रोका जा सके।<br>जिन लोगों ने डाॅक्टरों के साथ अभद्रता और फायरिंग की है, उनकी गिरफ्तारी हो और उनके खिलाफ कार्रवाई हो</p>
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		<title>पद्मश्री साहित्यकार काजी अब्दुल सत्तार का दिल्ली में हुआ निधन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[somali sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Oct 2018 09:46:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उर्दू के प्रख्यात साहित्यकार]]></category>
		<category><![CDATA[एएमयू]]></category>
		<category><![CDATA[पद्मश्री प्रोफेसर काजी अब्दुल सत्तार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="377" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/CaptureSAAAAA.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/CaptureSAAAAA.png 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/CaptureSAAAAA-300x183.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />उर्दू के प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री प्रोफेसर काजी अब्दुल सत्तार का रविवार रात उपचार के दौरान दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे और पिछले डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती थे। एएमयू के उर्दू विभाग से सेवानिवृत्त हुए प्रोफेसर काजी अब्दुल सत्तार के निधन की खबर से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="377" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/CaptureSAAAAA.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/CaptureSAAAAA.png 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/CaptureSAAAAA-300x183.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><section class="article-detail">
<div class="article-desc"><strong>उर्दू के प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री प्रोफेसर काजी अब्दुल सत्तार का रविवार रात उपचार के दौरान दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे और पिछले डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती थे।<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-184467" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/CaptureSAAAAA.png" alt="" width="693" height="423" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/CaptureSAAAAA.png 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/CaptureSAAAAA-300x183.png 300w" sizes="auto, (max-width: 693px) 100vw, 693px" /></strong></p>
<div class="ad-dt"></div>
<p><strong>एएमयू के उर्दू विभाग से सेवानिवृत्त हुए प्रोफेसर काजी अब्दुल सत्तार के निधन की खबर से साहित्यकारों में शोक की लहर दौड़ गई है। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद में 1933 में उनका जन्म हुआ था।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने शिकस्त की आवाज, मज्जू भैया, गुबार ए शाब, सलाहुद्दीन अयूबी, दारा शिकोह, गालिब, हजरत जान पीतल का घंटा, बादल जैसे उपन्यासों की रचना की है। उन्हें 1974 में पदम श्री अवार्ड से सम्मानित किया गया था। उनका अंतिम संस्कार अलीगढ़ में किया जाएगा।</strong></p>
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