उनकी पुत्रवधू – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Thu, 18 Jun 2020 06:57:27 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg उनकी पुत्रवधू – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 उत्‍तराखंड के श्रम मंत्री, उनकी पुत्रवधू, सचिव श्रम व श्रम विभाग को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी माँगा जवाब https://livehalchal.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e2%80%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/342942 Thu, 18 Jun 2020 06:57:27 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=342942 हाईकोर्ट ने भवन निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में गड़बड़ियों व निर्माण श्रमिकों को फायदा पहुंचाने के बजाय बोर्ड चेयरमैन की पुत्रवधू के एनजीओ को लाभ पहुंचाने के मामले में बुधवार को सुनवाई की। मामले में कोर्ट ने बोर्ड चेयरमैन श्रम मंत्री हरक सिंह रावत व उनकी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं सहित सचिव श्रम व केंद्र सरकार …]]>

हाईकोर्ट ने भवन निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में गड़बड़ियों व निर्माण श्रमिकों को फायदा पहुंचाने के बजाय बोर्ड चेयरमैन की पुत्रवधू के एनजीओ को लाभ पहुंचाने के मामले में बुधवार को सुनवाई की। मामले में कोर्ट ने बोर्ड चेयरमैन श्रम मंत्री हरक सिंह रावत व उनकी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं सहित सचिव श्रम व केंद्र सरकार के श्रम विभाग को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।

कोर्ट ने बोर्ड द्वारा मजदूरों के हित ना करने, बोर्ड के साधनों से एनजीओ को लाभ पहुंचाने और अधिकांश बड़े निर्माणों और निर्माण श्रमिकों के नियोक्ताओं व बिल्डरों से कल्याणकारी सैस की जानबूझकर वसूली न करने संबंधी मामले पर शपथ पत्र दायर करने के लिए कहा है। साथ ही श्रमायुक्त उत्तराखंड तथा केंद्रीय श्रम सचिव को भी इस मामले में जवाब दायर करने के लिए कहा है।

हल्द्वानी निवासी अमित पांडेय ने जनहित याचिका दायर कर मामले में निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड उत्तराखंड द्वारा अनियमितता तथा मजदूरों के हित के बजाय एक एनजीओ के हित में बोर्ड के संसाधन खर्च करने का विषय उठाया गया है और साथ ही उक्त बोर्ड की गतिविधियों की जांच की मांग की गई है।

मामले में बोर्ड चेयरमैन को ईमानदारी से पद का निर्वहन न करने के कारण हटाने की मांग भी की गई है। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ ने याचिका में मजदूरों के हित में उठाए गए इस अनियमितता के विषय को महत्वपूर्ण बताया है।

 

]]>