उत्तर प्रदेश – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 18 Sep 2026 10:29:43 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg उत्तर प्रदेश – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 यूपी: 26 ग्लोबल कंपनियां यूपी में जीसीसी में करेंगी निवेश https://livehalchal.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-26-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa/683156 Fri, 18 Sep 2026 10:29:42 +0000 https://livehalchal.com/?p=683156 उत्तर प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के कई हब विकसित करने की तैयारी है। औद्योगिक विकास विभाग ने 2000 से अधिक कंपनियों से संपर्क चुना है। इनमें तत्काल निवेश के लिए 26 कंपनियां चुनी गई हैं। इनसे 3936 करोड़ रुपये के निवेश और 22 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। विभाग …]]>

उत्तर प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के कई हब विकसित करने की तैयारी है। औद्योगिक विकास विभाग ने 2000 से अधिक कंपनियों से संपर्क चुना है। इनमें तत्काल निवेश के लिए 26 कंपनियां चुनी गई हैं। इनसे 3936 करोड़ रुपये के निवेश और 22 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। विभाग जमीन, कार्यालय विश्वविद्यालयों व निजी क्षेत्र के सहयोग से प्रतिभा ढांचा विकसित कर रहा है। वहीं, 25 विश्वविद्यालयों से एमओयू कर पूर्व छात्रों के डाटा से टैलेंट पूल बनेगा।

चार प्रस्ताव अंतिम चरण में : अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, ऑप्टम और बार्कलेज एंकर जीसीसी हैं। एलजी, अमेरिप्राइज, एओएन, मेटलाइफ और टेबल स्पेस से बातचीत चल रही है। एडोबी, फिसर्व और ईएक्सएल समेत 150 जीसीसी कंपनियां संभावित लक्ष्य समूह में हैं। 1710 करोड़ रुपये के निवेश वाले चार प्रस्तावों को उच्चस्तरीय समिति की मंजूरी मिल चुकी है। ये कैबिनेट अनुमोदन अथवा लेटर ऑफ कम्फर्ट चरण में हैं। 14 मामले डीपीआर स्तर पर हैं, जिनमें 1223 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। दो मामलों में जमीन की अड़चन है।

नोएडा में विस्तार की तैयारी: नोएडा में 169 जीसीसी संचालित हैं। यहां 12 विकल्पों में 24.6 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड-ए स्पेस मैप किया गया है। 26.9 लाख वर्ग फुट तत्काल उपलब्ध है। किराया 65 से 85 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रतिमाह है। सेक्टर-127 में 57 फीसदी जगह है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 167 एकड़ जमीन जीसीसी के लिए तैयार है। इसमें नोएडा के वाणिज्यिक भूखंडों की 37.4, ग्रेटर नोएडा की 77 और 52.8 एकड़ जमीन शामिल है। 10.1 लाख वर्ग फुट तैयार किराये की जगह चिह्नित है।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर प्रदेश की मेधा को रोकने और बाहर से प्रतिभा लाने में मील का पत्थर साबित होंगे। तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ वेतन मिलेगा। जल्द परिणाम आएंगे।

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उमस-गर्मी के बाद आज से बदलेगा उत्तर प्रदेश में मौसम https://livehalchal.com/%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a4%b8-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a5%87/683003 Tue, 15 Sep 2026 07:55:42 +0000 https://livehalchal.com/?p=683003 उत्तर प्रदेश के तराई और दक्षिणी जिलों में मंगलवार से अगले दो दिन छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बादलों की सक्रिया बढ़ने और अरब सागर से आ रही नमी के असर से यूपी में अगले 48 घंटे में कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें कमी …]]>

उत्तर प्रदेश के तराई और दक्षिणी जिलों में मंगलवार से अगले दो दिन छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बादलों की सक्रिया बढ़ने और अरब सागर से आ रही नमी के असर से यूपी में अगले 48 घंटे में कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें कमी आएगी।

सोमवार को बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई। बलिया, गोरखपुर, बांदा, झांसी, उरई, बरेली आदि में गरज चमक के साथ बूंदें पड़ीं। वहीं प्रदेश के ज्यादातर जिलों में धूप खिली। माैसम विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के 44 जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई है।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी ट्रफ लाइन के एक बार फिर उत्तर की ओर खिसकने के संकेत हैं । अगले दो तीन दिन तराई, मध्यांचल और पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं। बताया कि 19 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क होने की संभावना है। इसी के साथ पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने के लिए भी परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। इस सीजन में अब तक यूपी में वर्षा सामान्य से तीन प्रतिशत कम दर्ज हुई है।

लखनऊ में रहेगा बादलों का डेरा

राजधानी के माैसम में बदलाव की आहट है। माैसम विभाग का कहना है कि मंगलवार और बुधवार को यहां बादलों की सक्रियता बढ़ने और छिटपुट बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। सोमवार को दिन में धूप खिली और माैसम शुष्क रहा। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में बादलों की सक्रियता बढ़ने और अरब सागर से आ रही नमी के असर से हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान लगभग स्थिर रहते हुए 33.9 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री की गिरावट के साथ 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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यूपी: एक और सिक्स लेन हाईवे का सर्वे शुरू, 50 सड़कों से जुड़ेगा नया कॉरिडोर https://livehalchal.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%b5%e0%a5%87/682647 Mon, 07 Sep 2026 11:27:39 +0000 https://livehalchal.com/?p=682647 उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) में कनेक्टिविटी की सुविधा बढ़ाने के लिए रायबरेली के लालगंज से बाराबंकी तक सिक्स लेन हाईवे बनेगा। इसके लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। यह हाईवे महाराजगंज और हैदरगढ़ होकर गुजरेगा। साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे व राजमार्ग के साथ करीब 50 मार्गों को जोड़ेगा। …]]>

उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) में कनेक्टिविटी की सुविधा बढ़ाने के लिए रायबरेली के लालगंज से बाराबंकी तक सिक्स लेन हाईवे बनेगा। इसके लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। यह हाईवे महाराजगंज और हैदरगढ़ होकर गुजरेगा। साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे व राजमार्ग के साथ करीब 50 मार्गों को जोड़ेगा।

हैदरगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-सुल्तानपुर नेशनल हाईवे के बाद बाराबंकी में इसे लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा। हैदरगढ़ में यातायात को कस्बे से बाहर निकालने के लिए वाईपास भी प्रस्तावित है। हाईवे का निर्माण लोक निर्माण विभाग कराएगा। 

डीएम ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि एससीआर के तहत इस परियोजना पर विचार चल रहा है। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता अजीत सोनकर ने बताया कि अभी सर्वे किया गया है। इस बड़े प्रोजेक्ट पर 1000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। योजना के चलते बाराबंकी से नई सड़क तक करीब 37 किलोमीटर सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है।

500 गांवों की बदलेगी तस्वीर
प्रस्तावित सिक्स लेन में कोठी से बाराबंकी तक बांदा-बहराइच मार्ग का हिस्सा भी शामिल है।
इसके अलावा लालगंज, महाराजगंज, हैदरगढ़ और बाराबंकी क्षेत्र की करीब 50 छोटी-बड़ी सड़कें इससे जुड़ेंगी।
इससे आसपास के करीब 500 गांवों की तस्वीर बदलेगी। फिलहाल शासन से बजट की मंजूरी का इंतजार है।

प्रस्तावित मार्ग के मुख्य पॉइंट्स
लालगंज से महाराजगंज करीब 50 किलोमीटर
महाराजगंज से हैदरगढ़ करीब 30 किलोमीटर
हैदरगढ़ से प्रसिद्ध शिवधाम श्री अवसानेयवर महादेव मंदिर के पास से कोठी होते हुए बाराबंकी तक करीब 40 किलोमीटर

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UP: संस्कृत छात्रों को हाईस्कूल के बाद सीधे मिलेगा बीएएमएस में दाखिला https://livehalchal.com/up-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%b8%e0%a5%8d/676423 Fri, 26 Jun 2026 05:37:36 +0000 https://livehalchal.com/?p=676423 उत्तर प्रदेश में संस्कृत छात्रों के लिए खुशखबरी है। उन्हें हाईस्कूल के बाद अब सीधे बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) में दाखिला मिलेगा। इसके लिए प्रदेश में पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू होंगे। ये गाजियाबाद, बस्ती, गोंडा, आगरा और मिर्जापुर जिले में खुलेंगे। संस्कृत छात्रों को विभिन्न तरह के व्यावसायिक कोर्स से जोड़ा जा …]]>

उत्तर प्रदेश में संस्कृत छात्रों के लिए खुशखबरी है। उन्हें हाईस्कूल के बाद अब सीधे बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) में दाखिला मिलेगा। इसके लिए प्रदेश में पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू होंगे। ये गाजियाबाद, बस्ती, गोंडा, आगरा और मिर्जापुर जिले में खुलेंगे।

संस्कृत छात्रों को विभिन्न तरह के व्यावसायिक कोर्स से जोड़ा जा रहा है। इसी रणनीति के तहत राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने मिलकर पारंपरिक वैदिक मूल्यों और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को जोड़ने के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया है। हर राज्य में आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू होंगे। इनमें बीएएमएस की पढ़ाई होंगी। हाईस्कूल तक संस्कृत की पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्रवेश परीक्षा के जरिये दाखिला दिया जाएगा। इंटीग्रेटेड बीएएमएस कोर्स 7.5 साल का होगा। उत्तर प्रदेश में पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् शुरू करने की तैयारी है। आयुष विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है।

कैसे होगा दाखिला
आयुर्वेद के मूल ग्रंथ (जैसे- चरक संहिता, सुश्रुत संहिता) संस्कृत में हैं। केंद्रीय संस्कृत विवि नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा है। सभी आयुर्वेद गुरुकुलम् इसी विवि से संबद्ध होंगे। दाखिले के लिए विवि द्वारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। इसे पीएपी एनईईटी नाम दिया गया है। गुरुकुलम् के पास खुद का अस्पताल होगा। जहां छात्रों को व्यावहारिक और क्लिनिकल ट्रेनिंग दी जाएगी

एक वर्ष का होगा इंटर्नशिप
यह एक आवासीय ग्रेजुएशन कोर्स है। 10वीं कक्षा के बाद छात्रों को आयुर्वेद डॉक्टर बनने का एक सीधा रास्ता देगा है। यह कोर्स 7.5 साल का होगा। पहले दो वर्ष तक प्री आयुर्वेद शिक्षा और फिर 4.5 वर्ष तक बीएएमएस की पढ़ाई होगी। साथ ही एक वर्ष इंटर्नशिप होगा।

क्या है आयुर्वेद गुरुकुलम्
आयुर्वेद गुरुकुलम चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। इसकी शुरुआत केंद्रीय संस्कृत विवि खुद के परिसरों में इसी वर्ष से करने की तैयारी में है। देश का सबसे पहला मुख्य आयुर्वेद गुरुकुलम् नासिक और दूसरा नई दिल्ली स्थित केंद्रीय संस्कृत विवि में शुरू करने की तैयारी है। केरल में आयुर्वेद गुरुकुलम नाम से निजी पारंपरिक संस्थान व चिकित्सा केंद्र चल रहा है। यहां दुनिया भर के छात्रों को पंचकर्म, आयुर्वेद कॉस्मेटोलॉजी और पारंपरिक केरल चिकित्सा पद्धतियों में शॉर्ट टर्म और डिप्लोमा कोर्सेज कराता है।

आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु का कहना है कि संस्कृत भाषा की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए यह बड़ा अवसर है। संस्कृत छात्र आयुर्वेद की मूल ग्रंथों की पढ़ाई करके चिकित्सक बनेंगे। चरक संहिता, सुश्रुत संहिता सहित अन्य वेदों-पुराण का पाठ करेंगे। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसे एक साथ पांच आयुर्वेद गुरुकुलम् का तोहफा मिला है।

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नर्सिंग कॉलेजों का निरीक्षण करने वाली टीम को लगाना होगा बॉडी कैमरा, धांधली रोकने की नई रणनीति https://livehalchal.com/%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95/667846 Mon, 06 Apr 2026 06:17:00 +0000 https://livehalchal.com/?p=667846 उत्तर प्रदेश में निजी नर्सिंग कॉलेजों के निरीक्षण में होने वाली धांधली रोकने की नई रणनीति बनाई गई है। अब निरीक्षण करने वाली टीम को बॉडी कैमरा लगाना होगा। हर गतिविधि का लाइव प्रसारण किया जाएगा। प्रदेश में हर साल करीब 250 निजी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। जो कॉलेज पहले से खुले …]]>

उत्तर प्रदेश में निजी नर्सिंग कॉलेजों के निरीक्षण में होने वाली धांधली रोकने की नई रणनीति बनाई गई है। अब निरीक्षण करने वाली टीम को बॉडी कैमरा लगाना होगा। हर गतिविधि का लाइव प्रसारण किया जाएगा।

प्रदेश में हर साल करीब 250 निजी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। जो कॉलेज पहले से खुले हैं, उनमें सीटें बढ़ाने के लिए भी निरंतर आवेदन आ रहे हैं। इस वर्ष नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स के लिए आनलाइन आवेदन लिए जा चुके हैं। 

उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी में करीब ढाई हजार से अधिक आवेदन जमा हुए हैं। आवेदन करने वाले कॉलेजों की जांच की जाएगी। जांच में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलने के बाद मान्यता दी जाएगी। आमतौर पर आरोप लगता है कि जांच पर जाने वाली टीम लेनदेन करती है। 

कॉलेज संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

कॉलेजों में संसाधन नहीं होने के बाद भी मान्यता मिल जाती है। वहीं, तमाम कॉलेजों में सभी व्यवस्थाएं होने के बाद भी मान्यता नहीं मिलती है। पिछले वर्ष सभी सुविधाएं होने के बाद भी कई कॉलेज मान्यता और सीट वृद्धि से बाहर हो गए थे। कुछ कॉलेज संचालकों ने हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। 

निरीक्षण के लिए जाने वाली टीम हमेशा विवादों में रहती है। इस विवाद को खत्म करने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नई रणनीति तैयार की है। तय किया है कि इस वर्ष स्थलीय निरीक्षण के दौरान सजीव प्रसारण की व्यवस्था की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी के सचिव को इस संबंध में निर्देश जारी किया गया है।

निगरानी के लिए एजेंसी तय

सचिव को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि बॉडी कैमरा रिकार्डिंग, लाइव स्ट्रीमिंग एवं स्थलीय निरीक्षण की निगरानी के लिए कार्यालय में सजीव प्रसारण की व्यवस्था संबंधी कार्य यूपी डेस्को को दिया गया है। इसी तरह एरिया मेजरमेंट और सिविल संबंधी कार्य के लिए एकेटीयू अथवा पीडब्ल्यूडी जैसी संस्थाओं के जरिए पैनल तैयार किया जाए।

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