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	<title>उत्तराखण्ड &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>उत्तराखण्ड &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>उत्तराखण्ड में 1544 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए आज ही करें आवेदन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Apr 2024 11:22:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क-large.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क-large.webp 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क-medium.webp 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क-768x432.webp 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क.webp 1200w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />उत्तराखण्ड में सरकारी शिक्षक भर्ती के मौकों का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अलर्ट। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड में गढ़वाल मण्डल तथा कुमाऊँ मण्डल के अंतर्गत सहायक अध्यापक (एलटी) के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। कुल 1544 पदों के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क-large.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क-large.webp 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क-medium.webp 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क-768x432.webp 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/प्ल्प्क.webp 1200w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>उत्तराखण्ड में सरकारी शिक्षक भर्ती के मौकों का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अलर्ट। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड में गढ़वाल मण्डल तथा कुमाऊँ मण्डल के अंतर्गत सहायक अध्यापक (एलटी) के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। कुल 1544 पदों के लिए की जा रही उत्तराखण्ड सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी शुक्रवार, 12 अप्रैल को समाप्त होने जा रही है।</p>



<p><strong>ऐसे करें आवेदन<br></strong>ऐसे में जिन इच्छुक उम्मीदवारों ने अभी तक अप्लाई नहीं किया है, वे उत्तराखण्ड सहायक अध्यापक भर्ती के लिए अपना अप्लीकेशन आधिकारिक वेबसाइट, uksssc.net.in पर सबमिट कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत उम्मीदवार पहले पोर्टल पर पंजीकरण करें और फिर पंजीकृत विवरणों से लॉग-इन करके उम्मीदवार अपना अप्लीकेशन सबमिट कर सकेंगे। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को निर्धारित 300 रुपये शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से करना होगा। आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 150 रुपये ही है।</p>



<p><strong>कौन कर सकता है आवेदन?<br></strong>उत्तराखण्ड सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आवेदन हेतु उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से सम्बन्धित दो विषयों के साथ स्नातक होना चाहिए और मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएड या एलटी डिप्लोमा किया होना चाहिए। चार वर्षीय बीएएड या बीएससीएड उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों की आयु 1 जुलाई 2024 को 21 वर्ष से कम तथा 42 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा में राज्य के आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को छूट दी जाएगी, अधिक जानकारी व अन्य विवरणों के लिए भर्ती (Uttarakhand Assistant Teacher Recruitment 2024) अधिसूचना देखें।</p>
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		<title>उत्तराखण्ड: प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश, लोगों को कराया ठंड का अहसास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Oct 2023 06:29:16 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[17 अक्तूबर]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="407" height="368" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/Uk-wearher.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/Uk-wearher.png 407w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/Uk-wearher-300x271.png 300w" sizes="(max-width: 407px) 100vw, 407px" />कल 17 अक्तूबर को भी ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले को छोड़ अन्य सभी जिलों में भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को ठंड का अहसास कराया। हरिद्वार में तेज तूफान से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="407" height="368" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/Uk-wearher.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/Uk-wearher.png 407w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/Uk-wearher-300x271.png 300w" sizes="auto, (max-width: 407px) 100vw, 407px" />
<p>कल 17 अक्तूबर को भी ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले को छोड़ अन्य सभी जिलों में भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>



<p>राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को ठंड का अहसास कराया। हरिद्वार में तेज तूफान से धूल मिट्टी, कूड़ा तेज शहर के रोड और गलियों में पसर गया । तेज आंधी के चलते कई जगह पेड़ की शाखाएं टूट कर गिर गई है।</p>



<p>उत्तरकाशी में बादल छाए हुए हैं साथ ही ठंडी हवाएं चल रही है। वहीं विकासनगर में मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग की ओर से आज सोमवार को बारिश होने के आसार बताए गए थे। केंद्र ने पर्वतीय जिलों में बारिश का ऑरेंज और मैदानी इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है।</p>



<p>सभी पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बिजली चमकने और गजर्न के साथ बारिश के आसार हैं। जबकि मैदानी जिलों में भी कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना जताई थी।</p>



<p>मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कल यानी 17 अक्तूबर को भी ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले को छोड़ अन्य सभी जिलों में भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि 18 अक्तूबर से प्रदेशभर का मौसम शुष्क रहेगा।</p>
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		<title>यहां बसी है सृष्टि की रचना से लेकर कलयुग के अंत तक की कहानी</title>
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		<pubDate>Mon, 27 Mar 2017 11:10:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="278" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg 1000w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-300x135.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-768x346.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /> स्कंद पुराण में इस गुफा के विषय में कहा गया है कि इसमें भगवान शिव का निवास है। सभी देवी-देवता इस गुफा में आकर भगवान शिव की पूजा करते हैं।इस मंदिर में मां के दर्शन से होती है कुंवारी लड़कियों को सौभाग्य की प्राप्ति समय-समय पर दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणियां भी आती रहती हैं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="278" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg 1000w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-300x135.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-768x346.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong><span class="m20 text19 textblack"> स्कंद पुराण में इस गुफा के विषय में कहा गया है कि इसमें भगवान शिव का निवास है। सभी देवी-देवता इस गुफा में आकर भगवान शिव की पूजा करते हैं।</span></strong><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-45311" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg" alt="" width="1000" height="450" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg 1000w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-300x135.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-768x346.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /><span style="color: #0000ff"><a style="color: #0000ff" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%b8/45294" target="_blank">इस मंदिर में मां के दर्शन से होती है कुंवारी लड़कियों को सौभाग्य की प्राप्ति</a></span></strong></p>
<p><strong>समय-समय पर दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणियां भी आती रहती हैं लेकिन अभी दुनिया खत्म होने में काफी वक्त है। भारत के कुछ गुफाएं और मंदिर ऐसे हैं जहां यह रहस्य छुपा हुआ है।पाताल भुवनेश्वर दरअसल एक प्राचीन और रहस्यमयी गुफा है जो अपने आप में एक रहस्यमयी दुनिया को समेटे हुए है। गुफा में पहुंचने पर एक अलग ही अनुभूति होती है। जैसे कि आप किसी काल्पनिक लोक में पहुंच गए हों। गुफा में उतरते ही सबसे पहले गुफा के बाईं तरफ शेषनाग की एक विशाल आकृति दिखाई देती जिसके ऊपर विशालकाय अर्द्धगोलाकार चट्टान है जिसके बारे में कहा जाता है कि शेषनाग ने इसी स्थान पर पृथ्वी को अपने फन पर धारण किया है।</strong></p>
<div><strong>उत्तराखण्ड की पहाड़ी वादियों के बीच बसे सीमान्त कस्बे गंगोलीहाट की पाताल भुवनेश्वर गुफा किसी आश्चर्य से कम नही है। सृष्टि की रचना से लेकर कलयुग का अंत कब और कैसे होगा इसका पूरा वर्णन भी यहां पर है। यहां पत्थरों से बना एक- एक शिल्प तमाम रहस्यों को खुद में समेटे हुए है। मुख्य द्वार से संकरी फिसलन भरी 80 सीढियां उतरने के बाद एक ऐसी दुनिया नुमाया होती है जहां युगों युगों का इतिहास एक साथ प्रकट हो जाता है। गुफा में बने पत्थरों के ढांचे देष के आध्यात्मिक वैभव की पराकाष्ठा के विषय में सोचने को मजबूर कर देते हैं। ये एकमात्र ऐसा स्थान है जहां पर चारों धामों के दर्शन एक साथ होते हैं। शिवजी की जटाओं से बहती गंगा की धारा यहां नजर आती है तो अमृतकुंड के दर्शन भी यहां पर होते हैं। ऐरावत हाथी भी आपको यहां दिखाई देगा और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार स्वर्ग का मार्ग भी यहां से शुरू होता है।</strong></div>
<div><strong>स्कंद पुराण में इस गुफा के विषय में कहा गया है कि इसमें भगवान शिव का निवास है। सभी देवी-देवता इस गुफा में आकर भगवान शिव की पूजा करते हैं। गुफा के संकरे रास्ते से जमीन के अंदर आठ से दस फीट अंदर जाने पर गुफा की दीवारों पर शेषनाग सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकृति नज़र आती है। मान्यता है कि पाण्डवों ने इस गुफा के पास तपस्या की थी। बाद में आदि शंकराचार्य ने इस गुफा की खोज की।इस गुफा में चार खंभा है जो चार युगों अर्थात सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग तथा कलियुग को दर्शाते हैं। इनमें पहले तीन आकारों में कोई परिवर्तन नही होता। जबकि कलियुग का खंभा लम्बाई में अधिक है और इसके ऊपर छत से एक पिंड नीचे लटक रहा है। यहां के पुजारी का कहना है कि 7 करोड़ वर्षों में यह पिंड 1 ईंच बढ़ता है। मान्यता है कि जिस दिन यह पिंड कलियुग के खंभे से मिल जाएगा उस दिन कलियुग समाप्त होगा और महाप्रलय आ जाएगा।</strong></div>
<p><span style="color: #0000ff"><strong><a style="color: #0000ff" title="Permalink to ये है दुनिया का सबसे खतरनाक रेल ट्रैक, सावधानी से करें इसपर सफर" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be/45168" target="_blank" rel="bookmark">ये है दुनिया का सबसे खतरनाक रेल ट्रैक, सावधानी से करें इसपर सफर</a></strong></span></p>
<div><strong>पौराणिक महत्व पुरातात्विक साक्षों की मानें तो इस गुफा को त्रेता युग में राजा ऋतुपर्ण ने सबसे पहले देखा। द्वापर युग में पाण्डवों ने यहां चौपड़ खेला और कलयुग में जगदगुरु शकराचार्य का 822 ई के आसपास इस गुफा से साक्षात्कार हुआ तो उन्होंने यहां तांबे का एक शिवलिंग स्थापित किया। इसके बाद चन्द राजाओं ने इस गुफा के विषय मे जाना और आज यहाँ देश विदेश से सैलानी आते हैं एवं गुफा के स्थपत्य को देख दांतो तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं। मान्यताएं चाहे कुछ भी हो पर एकबारगी गुफा में बनी आकृतियों को देख लेने के बाद उनसे जुड़ी मान्यताओं पर भरोसा किये बिना नहीं रहा जाता। गुफा की शुरुआत में शेषनाग के फनों की तरह उभरी संरचना पत्थरों पर नज़र आती है। मान्यता है कि धरती इसी पर टिकी है। आगे बढने पर एक छोटा सा हवन कुंड दिखाई देता है।</strong></div>
<div></div>
<div><strong>कहा जाता है कि राजा परीक्षित को मिले श्राप से मुक्ति दिलाने के लिए उनके पुत्र जन्मेजय ने इसी कुण्ड में सभी नागों को जला डाला परंतु तक्षक नाम का एक नाग बच निकला जिसने बदला लेते हुए परीक्षित को मौत के घाट उतार दिया। हवन कुण्ड के ऊपर इसी तक्षक नाग की आकृति बनी है। आगे चलते हुए महसूस होता है कि हम किसी की हडिडयों पर चल रहे हों। सामने की दीवार पर काल भैरव की जीभ की आकृति दिखाई देती है। कुछ आगे मुड़ी गरदन वाला गरुड़ एक कुण्ड के ऊपर बैठा दिखई देता है। माना जाता है कि शिवजी ने ने इस कुण्ड को अपने नागों के पानी पीने के लिये बनाया था। इसकी देखरेख गरुड़ के हाथ में थी। लेकिन जब गरुड़ ने ही इस कुण्ड से पानी पीने की कोशिश की तो शिवजी ने गुस्से में उसकी गरदल मोड़ दी। कुछ आगे ऊंची दीवार पर जटानुमा सफेद संरचना है।</strong></div>
<div></div>
<div><strong>यहीं पर एक जलकुण्ड है मान्यता है कि पाण्डवों के प्रवास के दौरान विश्वकर्मा ने उनके लिये यह कुण्ड बनवाया था। गुफा की शुरुआत पर वापस लौटने पर एक मनोकामना कुण्ड है। मान्यता है कि इसके बीच बने छेद से धातु की कोई चीज पार करने पर मलोकामना पूरी होती है। आष्चर्य ही है कि जमीन के इतने अन्दर होने के बावजूद यहां घुटन नहीं होती शान्ति मिलती है। देवदार के घने जंगलों के बीच बसी रहस्य और रोमान्च से सराबोर पाताल भुवनेश्वर की गुफा की सैलानियों के बीच आज एक अलग पहचान है। कुछ श्रृद्धा से, कुछ रोमान्च के अनुभव के लिये, और कुछ शीतलता और शान्ति की तलाश में यहां आते हैं।</strong></div>
<p class="m20 text17"> <strong><span style="color: #0000ff"><a style="color: #0000ff" title="Permalink to ये है दुनिया के सबसे शरारती बच्चे, इनकी शरारत देख आपको आ जाएगी हंसी…." href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/36682" target="_blank" rel="bookmark">ये है दुनिया के सबसे शरारती बच्चे, इनकी शरारत देख आपको आ जाएगी हंसी….</a></span></strong></p>
<div><strong>ये सब सुनने में किसी कहानी की तरह लगते हैं लेकिन धर्म में अगर आपकी जरा सी भी आस्था है तो इस स्थान पर पहुंचने के बाद आप इन चीजों पर यकीन करने से खुद को चाहकर भी नहीं रोक सकते। इस स्थान पर ऊपर वर्णित आकृतियां भले ही निर्जीव हो लेकिन वास्तव में ये इतनी सजीव लगती हैं कि आप इन्हें चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर सकते।पाताल भुवनेश्वर गुफा का विस्तृत वर्णन स्कन्द पुराण के मानस खंड के 103 अध्याय में मिलता है। पाताल भुवनेश्वर अपने आप में एक दैवीय संसार को समेटे हुए है।</strong></div>
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