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	<title>उत्तरकाशी आपदा &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>उत्तरकाशी आपदा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>उत्तरकाशी आपदा: 15 फीट नीचे दबे लोगों को तलाशना चुनौती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Aug 2025 07:39:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरकाशी आपदा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/463-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/463.png 638w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/463-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सिलक्यारा सुरंग हादसे की तरह धराली में भी चट्टानों का मलबा आधुनिक तकनीकों की परीक्षा लेगा। आपदाग्रस्त क्षेत्र से अधिकांश जीवित लोगों को तो निकाल लिया गया है। मलबे में भी विभिन्न उपकरणों के सहारे जिंदगी की तलाश चल रही है मगर जो लोग कई फीट नीचे दब गए हैं उन्हें तलाशना बड़ी चुनौती है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/463-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/463.png 638w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/463-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सिलक्यारा सुरंग हादसे की तरह धराली में भी चट्टानों का मलबा आधुनिक तकनीकों की परीक्षा लेगा। आपदाग्रस्त क्षेत्र से अधिकांश जीवित लोगों को तो निकाल लिया गया है। मलबे में भी विभिन्न उपकरणों के सहारे जिंदगी की तलाश चल रही है मगर जो लोग कई फीट नीचे दब गए हैं उन्हें तलाशना बड़ी चुनौती है।</p>



<p>विशेषज्ञ मानते हैं कि 15 से 20 फीट नीचे मलबे में दबे लोगों को तलाशने में तकनीक भी ज्यादा कारगर साबित नहीं होगी। ऐसे में केवल मैन्युअली खोदाई करने के बाद ही लोगों को मलबे से निकाला जा सकता है। दरअसल, 12 नवंबर 2023 को उत्तरकाशी में ही सिलक्यारा सुरंग में आए मलबे में 41 मजदूर फंस गए थे। इन्हें वहां से निकालने के लिए देश दुनिया की लगभग हर तकनीक का सहारा लिया गया था। विश्व प्रसिद्ध ऑगर मशीन का भी सहारा लिया गया।</p>



<p>विदेश से विशेषज्ञों की एक टीम भी उत्तरकाशी पहुंची जिन्होंने अपने अनुभव से उस अंधेरी सुरंग में जिंदगियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई। करीब 15 दिन चली जद्दोजहद के बाद आखिरकार कोयला खदानों को खोदने वाले हाथों की याद आई। रैट माइनर्स ने हाथों से खोदकर सुरंग के मलबे में रास्ता बनाया और सभी 41 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया।</p>



<p>इसके बाद रैट मानइर्स की न सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर में खूब चर्चाएं हुईं। इसी तरह धराली में मलबे में फंसे लोगों को खोजने के लिए कुछ अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग हो रहा है। इनमें थर्मल इमेजिंग कैमरा, रडार आदि शामिल हैं। ये सब तकनीकें जीवित लोगों को तलाशने में कारगर साबित होती हैं। मसलन थर्मल इमेजिंग कैमरा शरीर की गर्मी का पता लगाकर तस्वीरें बनाता है।</p>



<p><strong>15 से 20 फीट मलबा पूरे मैदान पर फैला हुआ<br></strong>इसी तरह कुछ ऐसे उपकरण भी हैं जो सांस, दिल की धड़कन, ऑक्सीजन आदि की पहचान कर मलबे में जीवित लोगों का पता लगा सकते हैं। धराली में अब चुनौतियां इससे अलग हैं। 15 से 20 फीट मलबा पूरे मैदान पर फैला हुआ है। गत मंगलवार को चंद सेकेंड के लिए आए 15 मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से लाखों टन मलबे में बहुत से लोग पलक झपकते ही समा गए। अब यहां एक मैदान की तरह दिखता है जिस पर पानी भी बह रहा है।</p>



<p>विशेषज्ञ मानते हैं कि इतने नीचे दबे लोगों को तलाशने के लिए ये तकनीकें बेहद कम कारगर साबित होंगी। इसके लिए वहां पर मशीनों और मजदूरों की मदद से थोड़ी-थोड़ी खोदाई कर ही मलबा हटाकर दबे लोगों को निकाला जा सकता है। डीआईजी एनडीआरएफ गंभीर सिंह चौहान ने बताया कि एनडीआरएफ और अन्य फोर्स के पास उपकरण काफी हैं लेकिन ये कितने कारगर साबित होते हैं इसका पता अभी कुछ समय बाद ही लग सकता है। यहां पर 15 से 20 फीट मलबा है। ऐसे में यहां इनके सफल होने की संभावना न के बराबर है। फिलहाल खोजी डॉग के माध्यम से वहां पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है।</p>
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		<title>उत्तरकाशी आपदा: सिलक्यारा की तरह धराली में भी तकनीक की परीक्षा लेगा मलबा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Aug 2025 09:33:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरकाशी आपदा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/7856-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/7856.jpg 655w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/7856-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सिलक्यारा सुरंग हादसे की तरह धराली में भी चट्टानों का मलबा आधुनिक तकनीकों की परीक्षा लेगा। आपदाग्रस्त क्षेत्र से अधिकांश जीवित लोगों को तो निकाल लिया गया है। मलबे में भी विभिन्न उपकरणों के सहारे जिंदगी की तलाश चल रही है मगर जो लोग कई फीट नीचे दब गए हैं उन्हें तलाशना बड़ी चुनौती है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/7856-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/7856.jpg 655w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/7856-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सिलक्यारा सुरंग हादसे की तरह धराली में भी चट्टानों का मलबा आधुनिक तकनीकों की परीक्षा लेगा। आपदाग्रस्त क्षेत्र से अधिकांश जीवित लोगों को तो निकाल लिया गया है। मलबे में भी विभिन्न उपकरणों के सहारे जिंदगी की तलाश चल रही है मगर जो लोग कई फीट नीचे दब गए हैं उन्हें तलाशना बड़ी चुनौती है।</p>



<p>विशेषज्ञ मानते हैं कि 15 से 20 फीट नीचे मलबे में दबे लोगों को तलाशने में तकनीक भी ज्यादा कारगर साबित नहीं होगी। ऐसे में केवल मैन्युअली खोदाई करने के बाद ही लोगों को मलबे से निकाला जा सकता है।</p>



<p>दरअसल, 12 नवंबर 2023 को उत्तरकाशी में ही सिलक्यारा सुरंग में आए मलबे में 41 मजदूर फंस गए थे। इन्हें वहां से निकालने के लिए देश दुनिया की लगभग हर तकनीक का सहारा लिया गया था। विश्व प्रसिद्ध ऑगर मशीन का भी सहारा लिया गया। विदेश से विशेषज्ञों की एक टीम भी उत्तरकाशी पहुंची जिन्होंने अपने अनुभव से उस अंधेरी सुरंग में जिंदगियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई।</p>



<p>करीब 15 दिन चली जद्दोजहद के बाद आखिरकार कोयला खदानों को खोदने वाले हाथों की याद आई। रैट माइनर्स ने हाथों से खोदकर सुरंग के मलबे में रास्ता बनाया और 41 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया।</p>



<p><strong>15 फीट नीचे दबे लोगों को तलाशना चुनौती<br></strong>कुछ ऐसे उपकरण भी हैं जो सांस, दिल की धड़कन, ऑक्सीजन आदि की पहचान कर मलबे में जीवित लोगों का पता लगा सकते हैं। धराली में अब चुनौतियां इससे अलग हैं। 15 से 20 फीट मलबा पूरे मैदान पर फैला हुआ है। गत मंगलवार को चंद सेकेंड के लिए आए 15 मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से लाखों टन मलबे में बहुत से लोग पलक झपकते ही समा गए।</p>
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		<title>उत्तरकाशी आपदा: छह बार आया मलबे का सैलाब…</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Aug 2025 08:02:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरकाशी आपदा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="335" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/45-10-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/45-10.jpg 662w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/45-10-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />धराली गांव में खीर गंगा में आए सैलाब का कहर मंगलवार देर शाम तक चलता रहा। दोपहर में जहां पानी के साथ बहकर आए मलबे ने धराली बाजार को तबाह कर दिया था। वहीं देर शाम तक करीब पांच से छह बार बह कर आए मलबे ने नदी के दूसरी ओर ग्रामीणों के घरों को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="335" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/45-10-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/45-10.jpg 662w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/45-10-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>धराली गांव में खीर गंगा में आए सैलाब का कहर मंगलवार देर शाम तक चलता रहा। दोपहर में जहां पानी के साथ बहकर आए मलबे ने धराली बाजार को तबाह कर दिया था। वहीं देर शाम तक करीब पांच से छह बार बह कर आए मलबे ने नदी के दूसरी ओर ग्रामीणों के घरों को भी जमींदोज कर दिया। इतनी तबाही के बावजूद यहां स्थित समेश्वर देवता मंदिर को कोई क्षति नहीं हुई, जबकि इसके आसपास के घर मलबे में दब गए।</p>



<p>धराली गांव में बीते मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे खीर गंगा में पानी और मलबे का एक ऐसा सैलाब आया जिसने 20 से 30 सेकेंड के भीतर पूरे धराली बाजार को तबाह कर दिया।</p>



<p>यहां मौजूद होटल, दुकानें और बगीचों के साथ ही पांडवकालीन कल्प केदार मंदिर इस सैलाब में जमीदोंज हो गया। जबकि कई लोग भी मलबे में दब गए। कितने लोग मलबे में दबे हैं इसकी संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।</p>



<p>इस सैलाब के बाद भी खीर गंगा से मलबे का आना बंद नहीं हुआ। देर शाम तक करीब पांच से छह बार मलबे का सैलाब नीचे आता रहा। खीर गंगा के दूसरी ओर ग्रामीणों के घर भी इस मलबे की चपेट में आ गए।</p>



<p>देर रात तक धराली गांव में बने बॉस्केटबाल मैदान से लेकर पूरा बाजार क्षेत्र और भागीरथी नदी के किनारे के करीब एक किमी क्षेत्र ने मैदान का रूप ले लिया।</p>



<p>इस तबाही के बीच समेश्वर देवता मंदिर और कुछ भवन पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि इन घरों में रह रहे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।</p>
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		<title>उत्तरकाशी आपदा: कंट्रोल रूम में डटे सीएम धामी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Aug 2025 06:08:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरकाशी आपदा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/54-4-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/54-4.jpg 659w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/54-4-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली-हर्षिल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों और सभी जिलों में आपदा तैयारियों को लेकर बुधवार देर शाम भी उत्तरकाशी के कंट्रोल रूम में समीक्षा की। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर करने और प्रभावितों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/54-4-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/54-4.jpg 659w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/54-4-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली-हर्षिल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों और सभी जिलों में आपदा तैयारियों को लेकर बुधवार देर शाम भी उत्तरकाशी के कंट्रोल रूम में समीक्षा की। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर करने और प्रभावितों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सामग्री जल्द उपलब्ध कराने कराने के निर्देश दिए।</p>



<p>सीएम ने बंद सड़क मार्ग को जल्द खोलने को कहा है। जहां तक सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं, वहां हेलिकाप्टर के माध्यम से पहुंच बनाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सा टीमों की उपलब्धता बनाए रखने और बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाओं को तत्काल बहाल करने के भी निर्देश दिए है।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह का विशेष रूप से आभार प्रकट किया | उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की समय पर दी गई सहायता से राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकी है।</p>



<p>बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बीआरओ, सेना स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण, ऊर्जा, जल संस्थान और संचार विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
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