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	<title>ईरान &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>ईरान &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>ईरान में प्रदर्शन के दौरान जलती दुकान की कर रही थी रिकॉर्डिंग</title>
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		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 10:23:34 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[ईरान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="611" height="365" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/kjglk.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/kjglk.png 611w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/kjglk-300x179.png 300w" sizes="(max-width: 611px) 100vw, 611px" />ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान एक सुपरमार्केट में लगी आग का वीडियो बनाने और तस्वीरें खींचने वाली 43 वर्षीय महिला लीला अबोलहसानी को इस्लामिक अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने उन पर आगजनी में शामिल होने और मोहरेबेह यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध का झूठा आरोप लगाया है, जबकि उनके &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="611" height="365" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/kjglk.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/kjglk.png 611w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/kjglk-300x179.png 300w" sizes="(max-width: 611px) 100vw, 611px" />
<p>ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान एक सुपरमार्केट में लगी आग का वीडियो बनाने और तस्वीरें खींचने वाली 43 वर्षीय महिला लीला अबोलहसानी को इस्लामिक अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।</p>



<p>अधिकारियों ने उन पर आगजनी में शामिल होने और मोहरेबेह यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध का झूठा आरोप लगाया है, जबकि उनके परिवार का कहना है कि वे केवल आग की घटना को रिकॉर्ड कर रही थीं।</p>



<p>यह क्रूर मामला इस साल जनवरी में हुए बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर ईरान सरकार की दमनकारी कार्रवाई का हिस्सा है, जिसे लेकर दुनियाभर के मानवाधिकार संगठनों द्वारा गंभीर चिंता जताई जा रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ईश्वर के खिलाफ युद्ध का आरोप</h2>



<p>दो बच्चों की मां लेयला अबोलहसानी को 8 जनवरी को मध्य ईरान के इस्फहान प्रांत के शाहीन शहर में गिरफ्तार किया गया था। ईरानवायर की रिपोर्ट के अनुसार, लेयला ने ओफोग कूरश नामक एक प्रमुख सुपरमार्केट चेन के स्टोर में लगी आग की तस्वीरें ली थीं, जिसके बाद से इस्फहान की दौलताबाद जेल में बंद हैं।</p>



<p>लेयला को मोहरेबेह के आरोप में दोषी ठहराया गया है। ईरान की इस्लामी कानूनी प्रणाली में इसका अर्थ ईश्वर के खिलाफ दुश्मनी या ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ना होता है। इस आरोप के तहत दोषी पाए जाने पर मौत की सजा का कड़ा प्रावधान है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट में अपील</h2>



<p>ईरानवायर के मुताबिक, अधिकारियों ने लेयला पर स्टोर में आग लगाने की घटना में शामिल होने का सीधा आरोप लगाया है। हालांकि, इस बात के कोई भी सबूत पेश नहीं किए गए हैं जो उन्हें आगजनी से जोड़ते हों। इसके अलावा, मुकदमे की कार्यवाही और कानूनी बचाव की प्रकृति का विवरण भी गुप्त रखा गया है।</p>



<p>मई के अंत में इस्फहान क्रांतिकारी अदालत की शाखा 5 के पीठासीन न्यायाधीश वाहिद हेम्मतनेजाद ने लेयला को फांसी की सजा सुनाई थी। लेयला ने इस कड़े फैसले के खिलाफ अपील की है, जिसके बाद उनका मामला ईरान के सुप्रीम कोर्ट में भेज दिया गया है, जहां फिलहाल इस फैसले की समीक्षा की जा रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सच उजागर करने वालों के लिए चेतावनी</h2>



<p>जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों के साथ हो रहे क्रूर व्यवहार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चिंता बनी हुई है। एक अमेरिका स्थित समाचार आउटलेट से बात करते हुए एक ईरानी शरणार्थी ने लेयला के मामले को सरकार का विरोध करने वालों और घटनाओं का दस्तावेजीकरण करने वालों के लिए एक सख्त चेतावनी बताया।</p>



<p>शरणार्थी का कहना है कि लेयला को केवल वहां हो रही घटनाओं को रिकॉर्ड करने के लिए गिरफ्तार किया गया। उनका यह काम दुनिया को यह दिखाने में बहुत प्रभावी हो सकता था कि ईरानी शासन कितना क्रूर है।</p>



<p>अधिकारियों का मकसद इस मामले के जरिए उन लोगों में डर पैदा करना है जो सच बोलने या घटनाओं को उजागर करने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग हमेशा के लिए चुप रहें और सच्चाई छिपी रहे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता</h2>



<p>यह संभावित फांसी ऐसे समय में सामने आई है जब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में मौत की सजा के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर ईरान अंतरराष्ट्रीय जांच के घेरे में है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने हाल ही में ईरान की कार्रवाइयों पर गंभीर चिंता जताते हुए बताया था कि 19 मार्च से अब तक ईरान ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोपों में कम से कम 56 लोगों को फांसी दी है, जिनमें से 27 मामले जनवरी के प्रदर्शनों से सीधे तौर पर जुड़े थे।</p>



<p>उन्होंने यह भी बताया कि मार्च के बाद से मौत की सजा के मामलों में भारी वृद्धि हुई है, और 100 से अधिक अन्य लोग ऐसे आरोपों का सामना कर रहे हैं जिनमें मौत की सजा हो सकती है। वोल्कर तुर्क ने स्पष्ट किया कि मौत की सजा जीवन के अधिकार के साथ पूरी तरह असंगत है और मानवीय गरिमा के खिलाफ है।</p>
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		<title>ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का दायरा बढ़ा, भारत भी निशाने पर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 11:15:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="358" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3.png 757w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-300x174.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए है जिनकी चपेट में भारत भी आ गया है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए चार भारत-आधारित कंपनियों और तीन भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="358" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3.png 757w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/3-300x174.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए है जिनकी चपेट में भारत भी आ गया है।</p>



<p>ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए चार भारत-आधारित कंपनियों और तीन भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे पहले से तनावपूर्ण अमेरिकी-भारत संबंधों में नया तनाव पैदा हो सकता है।</p>



<p>अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने सोमवार को भारत की कस्टम ब्रोकर कंपनी पोर्टईज पार्टनर्स एलएलपी पर ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कई खेप भारत लाने में मदद करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाया। इसके भागीदार इंद्रिसमिया अशरफमिया शेख और हरिश रामचंद्र रंगी (दोनों भारतीय नागरिक) को भी प्रतिबंधित किया गया।</p>



<p><strong>अन्य तीन कंपनियां हैं<br></strong>सदाशिव ओवरसीज लिमिटेड (फरवरी 2024 से जून 2025 के बीच करीब 69 मिलियन डॉलर के ईरानी पेट्रोलियम उत्पाद आयात का आरोप)<br>पीपी सॉफ्टटेक प्राइवेट लिमिटेड (जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच करीब 25 मिलियन डॉलर)<br>प्रकृतिस इन्फ्रा इम्पेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (मई 2023 से फरवरी 2026 के बीच करीब 25 मिलियन डॉलर)</p>



<p>पीपी सॉफ्टटेक के डायरेक्टर प्रशांत गर्ग को भी प्रतिबंधित किया गया। कुल आयात करीब 120 मिलियन डॉलर का है, लेकिन वाशिंगटन का संदेश साफ है कि ईरान के साथ कारोबार अब सिर्फ ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन करने का मुद्दा नहीं रह गया है। विदेशी बिचौलिए, आयातक, ब्रोकर, शिपिंग कंपनियां और वित्तीय संस्थान भी निशाने पर आ सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&#8216;ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट&#8217;</h3>



<p>अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार यह अभियान ईरान की शेष वित्तीय लाइफलाइन काटने के लिए है। तेल, पेट्रोकेमिकल राजस्व, शिपिंग, बैंकिंग, प्रौद्योगिकी, सोना, विमानन और डिजिटल एसेट्स को निशाना बनाया जा रहा है। इस दौर में करीब 60 संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगाए गए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">भारत पर असर</h3>



<p>भारत ने पिछले वर्षों में ईरान के साथ आर्थिक संबंध काफी कम कर दिए हैं, लेकिन चाबहार पोर्ट (जिससे भारत अफगानिस्तान तक पहुंचता है) और चावल, चाय, दवाओं जैसे निर्यात अभी भी महत्वपूर्ण हैं। दुबई आधारित व्यापार और वित्तीय लेन-देन प्रभावित होने से भुगतान और शिपिंग में दिक्कतें बढ़ सकती हैं।</p>



<p>विश्लेषकों के अनुसार टैरिफ, रूस और ट्रंप प्रशासन के लेन-देन वाले रवैये से पहले से प्रभावित संबंध और बिगड़ सकते हैं। एशिया नीति विशेषज्ञ इवान फेगेनबाम ने कहा कि इन प्रतिबंधों से अमेरिकी-भारत संबंधों पर असर पड़ेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>ईरान का सैन्य भंडार भरेगा रूस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 06:40:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/rtyerty.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/rtyerty.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/rtyerty-300x163.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;ईरान, अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध के दौरान खत्म हुए अपने सैन्य भंडार को फिर से भरने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए रूस कैस्पियन सागर के रास्ते ईरान को विस्फोटक, ड्रोन के पार्ट्स और गोला-बारूद भेज रहा है। NBC न्यूज को मिले और एक पश्चिमी अधिकारी द्वारा पुष्टि किए गए यूरोपीय सरकार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/rtyerty.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/rtyerty.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/rtyerty-300x163.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;ईरान, अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध के दौरान खत्म हुए अपने सैन्य भंडार को फिर से भरने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए रूस कैस्पियन सागर के रास्ते ईरान को विस्फोटक, ड्रोन के पार्ट्स और गोला-बारूद भेज रहा है। NBC न्यूज को मिले और एक पश्चिमी अधिकारी द्वारा पुष्टि किए गए यूरोपीय सरकार के दस्तावेज के अनुसार से जानकारी सामने आई है।</p>



<p>NBC को मिले यूरोपीय सरकार के एक आधिकारिक दस्तावेज से पुष्टि हुई है कि इन शिपमेंट्स में TNT, ड्रोन के पार्ट्स और गोला-बारूद शामिल हैं। विश्लेषकों द्वारा देखी गई सैटेलाइट तस्वीरों से भी पता चलता है कि इस शिपमेंट में बैलिस्टिक मिसाइल बनाने के लिए जरूरी पार्ट्स भी शामिल हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मॉस्को और तेहरान के बीच सैन्य संबंधों में बड़ा बदलाव</h3>



<p>ये ट्रांसफर मॉस्को और तेहरान के बीच सैन्य संबंधों में एक बड़ा बदलाव दिखाते हैं। जहां पहले ईरान ने यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को बड़ी संख्या में शाहेद टाइप के ड्रोन सप्लाई किए थे, वहीं हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि अब रूस ईरान की सैन्य क्षमताओं को फिर से बढ़ाने में मदद कर रहा है।</p>



<p>कैस्पियन सागर की सीमाएं केवल रूस, ईरान, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और अजरबैजान से लगती हैं। अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत, यह सागर पूरी तरह से इन पांच देशों के अधिकार क्षेत्र में आता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पश्चिमी नौसेना बल को कैस्पियन सागर से जाने की इजाजत नहीं</h3>



<p>किसी भी पश्चिमी नौसेना बल को इसके पानी में कानूनी रूप से जाने की इजाजत नहीं है, कोई भी सहयोगी युद्धपोत रूसी और ईरानी बंदरगाहों के बीच जाने वाले कार्गो को रोक नहीं सकता है। जहाज बिना किसी का ध्यान खींचे अपने &#8216;ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम&#8217; ट्रांसपोंडर को बंद कर सकते हैं। यह रास्ता उन सभी &#8216;चोकपॉइंट्स&#8217; से बचकर निकलता है जिन पर अमेरिका नजर रख सकता है।</p>



<p>ये कथित ट्रांसफर इस साल की शुरुआत में इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद हुए हैं। इन हमलों में कैस्पियन सागर पर स्थित ईरानी बंदरगाह &#8216;बंदर अंजली&#8217; को निशाना बनाया गया था, जिसे सैन्य सप्लाई रूट का हिस्सा माना जाता था। &#8216;द टाइम्स ऑफ इजराइल&#8217; ने रिपोर्ट किया था कि इन हमलों से बंदरगाह के इंफ्रास्ट्रक्चर और ईरानी नौसेना की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ईरान को दोबारा तैयारी करने में मिल सकती है मदद</h3>



<p>हालिया संघर्ष के दौरान ईरान के ड्रोन भंडार का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया और उसे निशाना बनाया गया, साथ ही उसकी मिसाइल और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी अमेरिका और इजराइल के लगातार हमले हुए।</p>



<p>रूस से मिलने वाली कथित सप्लाई तेहरान को अपने खत्म हो चुके हथियारों के भंडार के कुछ हिस्सों को फिर से तैयार करने में मदद कर सकती है, हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों से यह पता नहीं चलता है कि कितना सामान ट्रांसफर किया गया है या ईरान का सैन्य पुनर्निर्माण किस हद तक आगे बढ़ा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>USS लिंकन पर सैनिकों का मानसिक संतुलन बिगड़ा, ट्रप ने भेजा नया युद्धपोत</title>
		<link>https://livehalchal.com/uss-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a4%bf/681069</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 06:55:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/67uytgjh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/67uytgjh.jpg 777w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/67uytgjh-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/67uytgjh-768x433.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन को तैनात करने जा रहा है। दरअसल, 250 से अधिक दिनों की असामान्य रूप से लंबी तैनाती के कारण लिंकन पर सवार सैनिकों में गंभीर मानसिक तनाव,सुसाइड के प्रयास और बुनियादी सुविधाओं (दूषित पानी, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/67uytgjh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/67uytgjh.jpg 777w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/67uytgjh-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/67uytgjh-768x433.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन को तैनात करने जा रहा है।</p>



<p>दरअसल, 250 से अधिक दिनों की असामान्य रूप से लंबी तैनाती के कारण लिंकन पर सवार सैनिकों में गंभीर मानसिक तनाव,सुसाइड के प्रयास और बुनियादी सुविधाओं (दूषित पानी, भोजन की कमी और टूटे टॉयलेट) के बिगड़ने की खबरें सामने आई हैं।</p>



<p>दुषित खाना-पानी और सैनिकों की सुसाइड की कोशिश के बीच अब अमेरिका ने इस फाइटर जेट को ले जाने में सक्षम जंगी जहाज की जगह यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को मिडिल ईस्ट भेजने का फैसला लिया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हिंद महासागर की ओर बढ़ रहा जार्ज वाशिंगटन</h2>



<p>अमेरिकी नौसेना के बयानों और सैन्य गतिविधियों से अवगत अधिकारियों के अनुसार, विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन हिंद महासागर की ओर बढ़ रहा है। यह पोत हाल ही में वियतनाम के दा नांग से रवाना होकर सिंगापुर और मलक्का जलडमरूमध्य से गुजरा है।</p>



<p>हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों और नौसेना ने इन दावों का खंडन करते हुए इस फेरबदल को एक पूर्व-निर्धारित रोटेशन का हिस्सा बताया है। न कि &#8216;यूएसएस अब्राहम लिंकन&#8217; को लेकर उठ रही चिंताओं की सीधी प्रतिक्रिया।</p>



<p>वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा।</p>



<p><br>अमेरिका द्वारा यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब यूएसएस अब्राहम लिंकन में सवार नाविकों के परिवारों और सांसदों ने उन रिपोर्टों पर चिंता जताई है जिनमें कहा गया है कि लिंकन जहाज पर सवार नाविक 250 दिनों से अधिक समय तक समुद्र में रहने के बाद गंभीर मानसिक आघात और बिगड़ती जीवन स्थितियों का सामना कर रहे हैं। जिसके कारण नाविक आत्मघाती कदम भी उठा रहे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">नवंबर से समय से मिडिल ईस्ट में तैनात है अब्राहम लिंकन</h2>



<p>गौरतलब है कि अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर सवार लगभग 5,000 नाविक और मरीन सैनिक 21 नवंबर को सैन डिएगो से रवाना हुए, जिसे शुरू में प्रशांत क्षेत्र में तैनाती के रूप में योजनाबद्ध किया गया था। 28 फरवरी को ईरान के साथ अमेरिकी युद्ध शुरू होने के बाद इसे मिडिल ईस्ट की ओर मोड़ दिया गया था।</p>



<p>सांसदों के अनुसार, यह विमानवाहक पोत अब 200 से अधिक दिनों से लगातार किसी बंदरगाह पर नहीं रुका है, जिससे इसकी तैनाती चालक दल और नौसेना की लंबे समय तक चलने वाले अभियानों को बनाए रखने की क्षमता की एक असाधारण परीक्षा बन गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अमेरिकी नौसेना ने खबरों का खंडन किया</h2>



<p>अमेरिकी नौसेना ने लिंकन पोत पर बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट के दावों का खंडन करते हुए कहा है कि पोत पर आत्महत्या के विचारों या आत्महत्या के प्रयासों में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। नौसेना ने यह भी कहा है कि नौसैनिकों को चिकित्सकों के साथ-साथ स्वच्छ पानी और पौष्टिक भोजन की सुविधा उपलब्ध है।</p>



<p>रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी लिंकन पोत की खराब स्थितियों की खबरों को खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह से गलत बताया। हालांकि, नौसेना ने स्वीकार किया है कि युद्ध ने मिडिल ईस्ट में पारंपरिक आपूर्ति केंद्रों को बाधित किया है, जिससे भोजन, स्वच्छता सामग्री और डाक की कमी और देरी हुई है।</p>
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		<title>ईरान पर हमले के लिए US आर्मी ने दिए सैनिकों को टिप्स</title>
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		<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 06:58:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/98oi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/98oi.jpg 780w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/98oi-300x168.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/98oi-768x430.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान पर हमला करने के लिए नए और क्रिएटिव तरीके खोजना शुरू कर दिया है। दावा है कि इसके लिए मिडिल ईस्ट में तैनात इस अमेरिकी कॉम्बैट यूनिट ने मिलिट्री एनालिस्ट्स के एक बड़े ग्रुप से संपर्क किया है। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएस सेंट्रल कमांड &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/98oi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/98oi.jpg 780w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/98oi-300x168.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/98oi-768x430.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान पर हमला करने के लिए नए और क्रिएटिव तरीके खोजना शुरू कर दिया है। दावा है कि इसके लिए मिडिल ईस्ट में तैनात इस अमेरिकी कॉम्बैट यूनिट ने मिलिट्री एनालिस्ट्स के एक बड़े ग्रुप से संपर्क किया है।</p>



<p>अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएस सेंट्रल कमांड के एक अधिकारी ने कहा कि ईरान से निपटने के लिए नए आइडिया लाने के लिए सैनिकों के साथ एक ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन शुरू किया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप कर रहे विकल्प पर विचार</h2>



<p>अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ट्रंप ने पास ईरान के साथ डील करने के लिए अब बेहद ही सीमित विकल्प बचे हैं। ट्रंप ने पिछले हफ्ते भी ईरान पर भयंकर हमले करने की चेतावनी दी थी। लेकिन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के फोन के बाद उन्होंने इन हमलों को रद कर दिया था।</p>



<p>ट्रंप बार-बार ईरान पर हमले तेज करने की धमकी दे रहे हैं, लेकिन अमेरिका के सबसे शक्तिशाली हथियारों से भी बहुत ज्यादा कुछ हासिल नहीं हो पा रहा है। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका को शायद अब जमीन पर सैनिक उतारने पड़ें, लेकिन ट्रंप इसके लिए तैयार नहीं हैं।</p>



<p>ईरान पर हमलों का कोई उचित परिणाम नहीं दिखने पर ट्रंप सिर्फ एक प्रतीकात्मक जीत के साथ युद्ध खत्म करने पर भी विचार कर रहे हैं। एक सूत्र ने कहा कि ट्रंप ऐसी जगह पर हमला कर सकते हैं, जिसे पहले भी निशाना बनाया गया हो, ताकि एक प्रतीकात्मक जीत मिल सके और वे युद्ध से बाहर निकल सकें।</p>
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