<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव कई दूसरे देशों के लिए साबित हो सकता है नुकसानदेह &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Fri, 03 Jan 2020 07:38:39 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.9</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव कई दूसरे देशों के लिए साबित हो सकता है नुकसानदेह &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव कई दूसरे देशों के लिए साबित हो सकता है नुकसानदेह</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc/302808</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Jaya Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jan 2020 07:38:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव कई दूसरे देशों के लिए साबित हो सकता है नुकसानदेह]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=302808</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/dwsfefe.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/dwsfefe.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/dwsfefe-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />मिडिल ईस्&#x200d;ट एक बार फिर बुरी तरह से अस्थिर होता दिखाई दे रहा है। इसकी वजह अमेरिका द्वार ईरानियन रिवोल्&#x200d;यूशनरी गार्ड के मेजर जनरल और कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराना है, जिसने यहां के हालात बद से बदतर कर दिए हैं। अमेरिका-ईरान में बीते वर्ष जो तनाव पैदा हुआ था वह नए साल में ऐसी करवट लेगा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/dwsfefe.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/dwsfefe.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/dwsfefe-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p>मिडिल ईस्&#x200d;ट एक बार फिर बुरी तरह से अस्थिर होता दिखाई दे रहा है। इसकी वजह अमेरिका द्वार ईरानियन रिवोल्&#x200d;यूशनरी गार्ड के मेजर जनरल और कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराना है, जिसने यहां के हालात बद से बदतर कर दिए हैं। अमेरिका-ईरान में बीते वर्ष जो तनाव पैदा हुआ था वह नए साल में ऐसी करवट लेगा इस बारे में किसी ने नहीं सोचा था। आलम ये है कि मिडिल ईस्&#x200d;ट में एक बार फिर गल्&#x200d;फ वार जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जानकार मानते हैं कि यदि लंबे समय तक यही तनाव कायम रहा तो यह स्थिति न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के कई दूसरे बड़े देशों के लिए भी काफी बुरी होगी। मिडिल ईस्&#x200d;ट में फैले इस तनाव के मुद्दे पर दैनिक जागरण ने विदेश मामलों के जानकार ऑब्&#x200d;जरवर रिसर्च फाउंडेशन प्रोफेसर हर्ष वी पंत से बात की। <img decoding="async" class="size-medium wp-image-302811 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/dwsfefe-300x249.jpg" alt="" width="300" height="249" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/dwsfefe-300x249.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/dwsfefe.jpg 650w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>ईरान करेगा जवाबी कार्रवाई </strong></p>
<p>प्रोफेसर पंत का कहना है कि अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई के बाद ईरान की सरकार पर जवाबी कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ गया है। उनके मुताबिक ईरान आगामी दिनों में कार्रवाई तो करेगा लेकिन अमेरिका के खिलाफ सीधी लड़ाई में उतरने से वह बचेगा। ईरान न तो इसके काबिल है और न ही इसके लिए तैयार। पंत की मानें तो ईरान जवाबी कार्रवाई करने से पहले इस बारे में भी जरूर विचार करेगा कि यह हमला होमलैंड पर किया जाए या फिर अमेरिका के दूसरे समर्थकों या मित्र सेनाओं पर। इसमें ज्&#x200d;यादा संभावना मित्र सेनाओं पर हमले की है।अमेरिका ने ईरान पर हमला कर ये बता दिया है कि वह जो चाहे कर सकता है। हालांकि वह ये नहीं मानते हैं कि इस बार हालात खाड़ी युद्ध की तरह खराब होंगे, लेकिन वो इतना जरूर मानते हैं कि यह एक सीमित दायरे का युद्ध जरूर होगा। इसका असर भी व्&#x200d;यापक होगा।</p>
<p><strong>नया युद्ध क्षेत्र बना इराक</strong></p>
<p>जहां तक इराक की बात है तो अमेरिका और ईरान के बीच वह एक नया युद्ध क्षेत्र बन गया है। इस लिहाज से उसके ऊपर काफी दबाव है। इस दबाव से बाहर आना उसके लिए चुनौतीपूर्ण है। आपको बता दें कि इराक में इन दिनों सब कुछ सामान्&#x200d;य नहीं है। सरकार के खिलाफ लगातार वहां पर विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। वहीं शिया और सुन्&#x200d;नी के मसले पर भी जबरदस्&#x200d;त तनाव है। कहा जा सकता है कि इराक एक बार फिर से वही दबाव झेल रहा है जो उसने खाड़ी युद्ध में सद्दाम की मौत के बाद झेला था। वहीं दूसरी तरफ ईरान की यदि बात की जाए तो उसकी अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था की हालत काफी खराब है। ईरान में डेमोक्रेट्स इस वक्&#x200d;त लीडिंग रोल में है और रिफॉर्मिस्&#x200d;ट काफी दबाव में है।</p>
<p><strong>गलत साबित हुई धारणा</strong></p>
<p>गौरतलब है कि दो दिन पहले ही इराक स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ था वहीं इससे पहले भी कई ऐसे वाकये सामने आए हैं जिसकी वजह से लगातार ये बात सामने आ रही थी कि अमेरिका ईरान के सामने कमजोर पड़ रहा है। ऐसा इसलिए था क्&#x200d;योंकि अमेरिका ईरान को जवाब नहीं दे रहा था। लेकिन अमेरिका के हालिया हमले ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। प्रोफेसर पंत का मानना है कि मिडिल ईस्&#x200d;ट का तनाव जल्&#x200d;द खत्&#x200d;म होने वाला नहीं है। उनके मुताबिक कम से कम छह माह तक ये तनाव कम नहीं होने वाला है।</p>
<p><strong>यूरोपीय देश नहीं कर पाएंगे तनाव कम </strong></p>
<p>इस तनाव के कम न होने की वजह एक ये भी है कि इसमें अमेरिका-ईरान के बीच हुई परमाणु डील में शामिल देश भी कुछ नहीं कर सकेंगे। अब ये मामला काफी आगे निकल गया है। दोनों देश अब आमने सामने हैं, ऐसे में कोई भी तीसरा देश इस तनाव को कम करने को मध्&#x200d;यस्&#x200d;थता की स्थिति में फिलहाल नहीं है। पंत का कहना है कि मौजूदा हालात में अमेरिका ने पहली बार सीधे ईरान को निशाना बनाया है। इससे पहले वो ईरानी समर्थक जिसमें आतंकी ग्रुप शामिल थे, को निशाना बना रहा था। वर्तमान में जो हालात बनें हैं उसमें ईरान को जवाब देना जरूरी होगा, लिहाजा हालात का बिगड़ना तय है।</p>
<p><strong>खराब हुए हालात तो होगी मुश्किल</strong></p>
<p>वर्तमान हालात के भारत और अन्&#x200d;य देशों पर पड़ने वाले असर के बाबत पंत का कहना था कि यदि हालात लंबे समय तक ऐसे ही रहते हैं तो यह भारत ही नहीं चीन के लिए भी खराब होगा। लंबे समय तक यूं ही हालात बरकरार रहने पर तेल आपूर्ति निश्चिततौर पर प्रभावित होगी और वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें भी बढ़ेंगी। चीन और भारत दोनों के लिए ही यह स्थिति सही नहीं होगी। यही वजह है कि भारत हमेशा ही क्षेत्र की स्थिरता को बेहद जरूरी मानता आया है। वहीं अमेरिका के लिए यह हालात काफी पॉजीटिव हैं। इसकी वजह है कि अमेरिका अब उस मात्रा में तेल नहीं खरीदता है जो गल्&#x200d;फ वार से पहले था। यहां पर एक बात और गौर करने वाली ये भी है है कि जिस तर्ज पर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है यह काबलियत अन्&#x200d;य देशों में नहीं है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
