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	<title>इस्तीफे &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>इस्तीफे &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>महाराष्ट्र: पूर्व मंत्री खडसे ने की अजीत पवार से इस्तीफे की मांग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Nov 2025 07:06:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="430" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/HJMM-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/HJMM-2.jpg 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/HJMM-2-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार पर एक कंपनी से संबंधित 300 करोड़ रुपये के भूमि सौदे पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जिसके बाद पूर्व मंत्री और राकांपा (शरद पवार गुट) के नेता एकनाथ खडसे ने भूमि सौदे में कथित अनियमितताओं की जांच उच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="430" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/HJMM-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/HJMM-2.jpg 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/HJMM-2-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार पर एक कंपनी से संबंधित 300 करोड़ रुपये के भूमि सौदे पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जिसके बाद पूर्व मंत्री और राकांपा (शरद पवार गुट) के नेता एकनाथ खडसे ने भूमि सौदे में कथित अनियमितताओं की जांच उच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। कभी भाजपा में रहे खडसे ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक अजित पवार को देवेंद्र फडणवीस सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए।</p>



<p>खडसे ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा की जानी चाहिए, न कि सरकार द्वारा। अन्यथा, जांच का अंत अजीत पवार के खिलाफ पहले के मामलों की तरह होगा। मेरी मांग है कि जांच पूरी होने तक अजीत पवार को इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर वह इसमें शामिल नहीं हैं, तो वह अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं, लेकिन उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।’ पूर्व राज्य मंत्री ने आगे कहा, “पार्थ पवार की कंपनी की पूंजी सिर्फ एक लाख रुपये है, लेकिन उन्होंने 300 करोड़ रुपये का सौदा किया। उन्हें यह पैसा किसने दिया? उन्होंने इतनी बड़ी धनराशि कैसे जुटाई? इन सबकी जांच होनी चाहिए। यह सौदा संदिग्ध है।’</p>
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		<title>राजकुमार के इस्तीफे से बढ़ा दिल्ली का सियासी पारा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Apr 2024 06:53:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
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		<category><![CDATA[इस्तीफे]]></category>
		<category><![CDATA[राजकुमार]]></category>
		<category><![CDATA[सियासी पारा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="423" height="434" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/delhi-2-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/delhi-2-3.jpg 423w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/delhi-2-3-medium.jpg 292w" sizes="(max-width: 423px) 100vw, 423px" />मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल जाने से दिल्ली आम आदमी पार्टी और भाजपा की सियासत का अखाड़ा बनी हुई थी, ऐसे में बुधवार को कैबिनेट मंत्री राजकुमार आनंद के पद और पार्टी छोड़ने से सियासी पारा नए सिरे से ऊपर चढ़ा है। संसदीय चुनावों की बिसात बिछने के साथ ही राजनीतिक दलों में शह और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="423" height="434" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/delhi-2-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/delhi-2-3.jpg 423w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/delhi-2-3-medium.jpg 292w" sizes="auto, (max-width: 423px) 100vw, 423px" />
<p>मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल जाने से दिल्ली आम आदमी पार्टी और भाजपा की सियासत का अखाड़ा बनी हुई थी, ऐसे में बुधवार को कैबिनेट मंत्री राजकुमार आनंद के पद और पार्टी छोड़ने से सियासी पारा नए सिरे से ऊपर चढ़ा है।</p>



<p>संसदीय चुनावों की बिसात बिछने के साथ ही राजनीतिक दलों में शह और मात का खेल शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल जाने से दिल्ली आम आदमी पार्टी और भाजपा की सियासत का अखाड़ा बनी हुई थी, ऐसे में बुधवार को कैबिनेट मंत्री राजकुमार आनंद के पद और पार्टी छोड़ने से सियासी पारा नए सिरे से ऊपर चढ़ा है।</p>



<p>माना जा रहा है कि अपने मंत्री के इस्तीफे और उनके अनुसूचित जाति की अनदेखी करने के आरोपों से बचाव कर पाना आप के लिए आसान नहीं होगा। इसने भाजपा के आप पर हमलावर होने की नई जमीन तैयार की है। इसमें फिर से राजनीतिक नैतिकता का सवाल भी आप के सामने खड़ा होगा। इस्तीफे के तुंरत बाद आप ने डैमेज कंट्राेल करने की कोशिश भी की। आप नेताओं ने इसे भाजपा के डर और विधायकों की तोड़-फोड़ के आरोपों का प्रमाण बताया।</p>



<p>सियासी जानकारों का मानना है कि अनुसूचित जाति कोटे से दिल्ली सरकार के मंत्री राजकुमार आनंद का इस्तीफा चुनावों से पहले आप के लिए बड़ा झटका है। इससे भाजपा को आप और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम को बल मिलेगा। खासतौर से इसलिए भी कि आनंद ने आप पर अनुसूचित जाति का विरोधी होने का आरोप लगाया है। यह इस्तीफा मुख्यमंत्री आवास में हुई उस बैठक के ठीक बाद दिया गया है, जब पूरी आप 14 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती को संविधान बचाओ-तानाशाही हटाओ दिवस के तौर पर मनाने की रणनीति तैयार कर रही थी। माना जा रहा है कि आनंद अगर शांत नहीं बैठते हैं तो आप को अपने एक बागी को जवाब देने में भी ऊर्जा लगानी पड़ेगी। साथ में अपने विधायकों की एकजुटता बनाए रखने की रणनीति पर भी काम करना पड़ेगा।</p>



<p><strong>दिल्लीवासियों को गुमराह करने और धोखेबाजी की कहानी का अंत : सचदेवा</strong><br>इस्तीफे के बाद प्रदेश भाजपा ने आप पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का आरोप है कि मंत्री राजकुमार आनंद का इस्तीफा दिल्लीवासियों को गुमराह करने और धोखेबाजी की कहानी के अंत की शुरुआत है। यह वही कहानी है, जिसे अरविंद केजरीवाल ने 2011 में अन्ना आंदोलन के साथ शुरू किया था। अन्ना आंदोलन से अरविंद केजरीवाल के साथी रहे आनंद अपनी अंतरात्मा की आवाज पर सरकार से इस्तीफा देने को मजबूर हुए हैं।</p>



<p>आप के दूसरे नेता, विधायक व मंत्री भी देर तक शांत नहीं रहेंगे। वहीं, भाजपा नेता प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि आप के मुख्यमंत्री सहित आधी सरकार जेल में है और बाकी जाने की तैयारी कर रहे हैं। जो बाहर बचे हुए हैं वे पार्टी को छोड़कर जा रहे हैं। प्रवेश वर्मा का आरोप है कि आप सरकार भ्रष्टाचारी, अनैतिक और अराजक लोगों के हाथ में है।</p>



<p><strong>अरविंद केजरीवाल दिल्ली में राजनीतिक विश्वास खो चुके : बांसुरी</strong><br>प्रदेश भाजपा मंत्री बांसुरी स्वराज ने कहा कि राजकुमार आनंद का इस्तीफा इस बात का गवाह है कि आज आम आदमी पार्टी और खुद अरविंद केजरीवाल दिल्ली में अपना राजनीतिक विश्वास खो चुके हैं। कल आए दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय के उस भाग को पढ़कर सुनाया, जिसमें न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किस तरह अरविंद केजरीवाल ने गोवा चुनाव के लिए शराब घोटाले के पैसे का इस्तेमाल किया है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले के बाद अनेक लोगों का अरविंद केजरीवाल को लेकर भ्रम टूटा है, अनेक लोगों की अंतर आत्मा उन्हें कचोट रही है और राजकुमार आनंद ने भी जो इस्तीफा दिया है उसमें एक बड़ा कारण कल का फैसला है।</p>



<p><strong>ईडी-सीबीआई के जरिये विधायकों मंत्रियों को तोड़ रही भाजपा : संजय</strong><br>दिल्ली सरकार के मंत्री राजकुमार आनंद के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी भाजपा पर आक्रामक है। आप सांसद संजय सिंह ने जोर देकर कहा कि मंत्री के इस्तीफे से साबित हो गया है कि भाजपा ने आप को खत्म करने के लिए केजरीवाल को गिरफ्तार किया है।&nbsp;</p>



<p>संजय सिंह ने कहा कि बहुत जल्द राजकुमार आनंद भाजपा में शामिल होंगे, जबकि बीते नवंबर में 23 घंटे तक चली ईडी की रेड में भाजपा ने आनंद को महाभ्रष्ट करार दिया था। ईडी की कार्रवाई का मकसद भ्रष्टाचार उजागर करना नहीं है, बल्कि दिल्ली व पंजाब में आप की सरकार गिराना है।&nbsp;</p>



<p>संजय सिंह ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद भी आप पूरी तरह एकजुट है। मंत्री के इस्तीफे के बाद पार्टी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा कि यह सच साबित हो गया है कि ईडी के छापों से पार्टी और विधायक टूट सकते हैं। भाजपा ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल कर विधायकों, मंत्रियों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल करवा रही है।&nbsp;</p>



<p>संजय सिंह के मुताबिक, यह वक्त आप के हर मंत्री व विधायक की परीक्षा का है। वक्त बताएगा कि क्या हम बहादुर के रूप में याद किए जाएंगे या कायर की तरह। आप के निष्ठावान मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला करेंगे। संजय सिंह का कहना है कि राजकुमार आनंद से सहानुभूति हो सकती है, क्योंकि उनका परिवार है। हो सकता है कि वे दबाव न झेल पाए हों, लेकिन ऐसे समय में ही बहादुरों की परीक्षा होती है। हमें ऐसी भी जानकारी मिली है कि राजकुमार आनंद को ईडी का 12 अप्रैल का नोटिस भी मिला है, शायद इसलिए वे दबाव झेल नहीं सके। आप में अनुसूचित जाति की सुनवाई न होने के आरोपों पर संजय सिंह ने कहा कि आनंद ने पहले ऐसी कोई शिकायत नहीं की, बल्कि इस्तीफा देने से दो घंटे पहले उन्होंने मेरा वीडियो ट्वीट किया था।</p>



<p><strong>आनंद को हम बेईमान नहीं कहेंगे : भारद्वाज</strong><br>इस मौके पर मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आनंद को हम धोखेबाज और बेईमान नहीं कहेंगे। एक परिवार चलाने वाला आदमी, जिसके बच्चे हैं, समाज में इज्जत और रिश्तेदार हैं, ऐसे में अगर उसे ईडी पकड़कर ले जाएगी और तिहाड़ में कई साल सड़ाएगी, ये सुनकर वे डर गए। हर आदमी संजय सिंह नहीं हो सकता।</p>



<p>उन्होंने कई बार ये बात पार्टी के सदस्यों से भी कही कि जैसे ही थोड़ा एक्टिव होता हूं, वैसे ही फोन आ जाता है। सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, भाजपा ने ऐसी हालत कर दी है कि एक मंत्री इस तरह से इस्तीफा दे रहा है। भाजपा एक बार तो कामयाब हो गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि उनको संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन बनना है। राजकुमार आनंद नहीं बनना है।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पीएम नेतन्याहू के इस्तीफे की मांग लेकर सड़कों पर उतरे लोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Apr 2024 10:11:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[इस्तीफे]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम नेतन्याहू]]></category>
		<category><![CDATA[मांग]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="368" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-4-4-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-4-4.jpg 720w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-4-4-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />प्रदर्शनकारी शनिवार को तेल अवीव कैसरिया और हाइफा की सड़कों पर हाथ में तख्ती लिए बड़ी संख्या में उतरे। सीएनएन के अनुसार तेल अवीव में प्रदर्शनकारियों को नारे लगाते हुए सुना गया हम नहीं डरते आपने देश को नष्ट कर दिया और हम इसे ठीक कर देंगे। हम उन्हें (बंधकों को) ताबूतों में नहीं बल्कि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="368" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-4-4-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-4-4.jpg 720w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/inter-4-4-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>प्रदर्शनकारी शनिवार को तेल अवीव कैसरिया और हाइफा की सड़कों पर हाथ में तख्ती लिए बड़ी संख्या में उतरे। सीएनएन के अनुसार तेल अवीव में प्रदर्शनकारियों को नारे लगाते हुए सुना गया हम नहीं डरते आपने देश को नष्ट कर दिया और हम इसे ठीक कर देंगे। हम उन्हें (बंधकों को) ताबूतों में नहीं बल्कि जिंदा वापस चाहते हैं। कई बैनरों में लिखा हुआ था कि दोबारा चुनाव कराए जाएं।</p>



<p>इजरायल एक तरफ हमास और अन्य आतंकवादियों से लड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर इजरायल में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और हमास के साथ चल रहे युद्ध के बीच देश में जल्द चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। साथ प्रदर्शनकारियों ने हमास के द्वारा बंधक बनाए लोगों की रिहाई का आह्वान किया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">तेल अवीव, कैसरिया और हाइफा की सड़कों पर उतरे लोग</h2>



<p>सीएनएन के अनुसार, प्रदर्शनकारी शनिवार को तेल अवीव, कैसरिया और हाइफा की सड़कों पर हाथ में तख्ती लिए बड़ी संख्या में उतरे। सीएनएन के अनुसार, तेल अवीव में प्रदर्शनकारियों को नारे लगाते हुए सुना गया, &#8220;हम डरते नहीं हैं; आपने देश को नष्ट कर दिया, और हम इसे ठीक कर देंगे। हम उन्हें (बंधकों को) ताबूतों में नहीं, बल्कि जिंदा वापस चाहते हैं </p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू को दोषी-दोषी के नारे लगाए</h2>



<p>बता दें कि इजरायली सेना की तमाम कोशिशों के बाद भी कई बंधकों को वापस लाने में नाकाम रही हैं और बंधकों के परिजन लगातार सरकार पर उन्हें वापस लाने का दबाव बना रहे हैं। सीएनएन के अनुसार, हाइफा में प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू को &#8220;दोषी, दोषी, दोषी&#8221; कहते हुए सरकार को विफल बताया। कई बैनरों में लिखा हुआ था कि दोबारा चुनाव कराए जाएं।</p>



<p>इजरायली पुलिस के एक बयान के अनुसार, तेल अवीव में शनिवार को सरकार विरोधी रैली के दौरान एक पुलिस अधिकारी को मुक्का मारने और घायल करने के आरोप में एक प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार किया। इजरायल पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर मार्च करते समय अलाव न जलाने की चेतावनी देते हुए कहा कि यह भीड़ के आसपास जीवन के लिए खतरा हो सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">गाजा में हमास ने अभी भी बंधक बना रखा है</h2>



<p>प्रधानमंत्री पर दबाव बढ़ रहा है क्योंकि उनकी दक्षिणपंथी सरकार के विरोधी लगभग एक सौ बंधकों के परिवारों के साथ एकजुट हो गए हैं जिन्हें गाजा में हमास ने अभी भी बंधक बना रखा है। गाजा पर इजराइल के युद्ध से पहले भी विभाजनकारी न्यायिक सुधारों को लेकर नेतन्याहू के खिलाफ कई महीनों तक प्रदर्शन हुए थे। हमास ने सात अक्टूबर को इजरायल पर अचानक हमला बोलकर लगभग 250 लोगों को पकड़ लिया था जिनमें से इजरायल का अनुमान है कि 130 अभी भी गाजा में हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">इजरायल ने लेबनान पर किए हमले</h2>



<p>इजरायल ने रविवार तड़के पूर्वी लेबनान की बेका घाटी पर हवाई हमले किए। दो लेबनानी सुरक्षा सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया, सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने लेबनान के ऊपर एक इजरायली ड्रोन को मार गिराया है। सूत्रों ने बताया कि इजरायली हमले में सीरिया की सीमा के पास जनता गांव में हिजबुल्लाह के एक प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया।</p>



<p>सूत्रों ने कहा कि एक हमले का लक्ष्य पूर्वी शहर बालबेक के पास सफरी शहर था, और कोई हताहत नहीं हुआ। फिलिस्तीनी समूह हमास द्वारा इजरायल पर हमला शुरू करने के एक दिन बाद, आठ अक्टूबर से हिज्बुल्लाह लेबनान की दक्षिणी सीमा पर इजरायल पर गोलीबारी कर रहा है, जिसके कारण क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ईरान ने मार गिराया एक इजरायली ड्रोन</h3>



<p>ईरान समर्थित समूह ने शनिवार की शुरुआत में एक इजरायली ड्रोन को मार गिराने की जिम्मेदारी ली थी। हिजबुल्लाह ने एक बयान में कहा कि इजरायली सेना का ड्रोन, जिसे शनिवार, 6 अप्रैल, 2024 की शाम को लेबनानी क्षेत्र में इस्लामी प्रतिरोध सेनानियों ने मार गिराया था, वह हर्मीस 900 प्रकार का है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इस्तीफे का दबाव बढ़ा, विफल रहने के बाद टेरीजा पर, आखिरी ब्रेक्जिट दांव&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 May 2019 05:01:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[इस्तीफे]]></category>
		<category><![CDATA[टेरीजा]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेक्जिट दांव]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="399" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/1490247841.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/1490247841.jpg 620w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/1490247841-300x194.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे पर बुधवार को इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया। उनका अंतिम ब्रेक्जिट दांव विफल रहा। सभी सांसदों ने उनके प्रयास को ठुकरा दिया और यहां तक कि उनके कुछ मंत्रियों ने आलोचना भी की। ब्रेक्जिट रिफ्रेंडम पर अपना रुख नरम कर लेने के बाद भी उनका राजनीतिक भविष्य अधर में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="399" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/1490247841.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/1490247841.jpg 620w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/1490247841-300x194.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे पर बुधवार को इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया। उनका अंतिम ब्रेक्जिट दांव विफल रहा। सभी सांसदों ने उनके प्रयास को ठुकरा दिया और यहां तक कि उनके कुछ मंत्रियों ने आलोचना भी की।</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-236140 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/1490247841.jpg" alt="" width="620" height="400" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/1490247841.jpg 620w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/1490247841-300x194.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 620px) 100vw, 620px" /></p>
<p><strong> ब्रेक्जिट रिफ्रेंडम पर अपना रुख नरम कर लेने के बाद भी उनका राजनीतिक भविष्य अधर में लटक गया है।टेरीजा के इस्तीफे की मांग ने ब्रिटेन के ब्रेक्जिट संकट को और गहरा कर दिया है। ब्रिटेन ने जिस समय यूरोपीय यूनियन से अलग होने के लिए मतदान किया था तब से करीब तीन साल का समय बीत चुका है।</strong></p>
<p><strong> निर्धारित विदायी के दो माह शेष रह जाने के दौरान यह साफ नहीं हो पाया है कि कब और कैसे ब्रेक्जिट होगा। मंगलवार को आखिरी प्रयास में ब्रिटिश संसद बुरी तरह बंटा हुआ था। टेरीजा ने सांसदों को इस बात पर मतदान करने की पेशकश की कि क्या दूसरा ब्रेक्जिट रिफ्रेंडम कराया जा सकता है, लेकिन कंजरवेटिव और विपक्षी लेबर के सांसदों ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री के एग्रीमेंट बिल वापस लेने की आलोचना की। गुरुवार को यूरोपीय चुनाव के बाद प्रधानमंत्री अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकती हैं।</strong></p>
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