इसरो ने रचा एक और इतिहास उपग्रह जीसैट-30 लॉन्च – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 17 Jan 2020 05:10:35 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg इसरो ने रचा एक और इतिहास उपग्रह जीसैट-30 लॉन्च – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 इसरो ने रचा एक और इतिहास उपग्रह जीसैट-30 लॉन्च https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%89%e0%a4%aa/308138 Fri, 17 Jan 2020 05:10:35 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=308138 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 17 जनवरी शुक्रवार को सुबह करीब दो बजकर 35 मिनट पर संचार उपग्रह जी-सैट30 का प्रक्षेपण यूरोपीयन स्पेस एजेंसी एरियनस्पेस के फ्रेंच के गुआना में एरियन-5 व्हीकल से सफलतापूर्वक कर दिया। इसके थोड़ी देर बाद यह व्हीकल से अलग हो गया और अपनी कक्षा की ओर बढ़ गया। ये …]]>

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 17 जनवरी शुक्रवार को सुबह करीब दो बजकर 35 मिनट पर संचार उपग्रह जी-सैट30 का प्रक्षेपण यूरोपीयन स्पेस एजेंसी एरियनस्पेस के फ्रेंच के गुआना में एरियन-5 व्हीकल से सफलतापूर्वक कर दिया। इसके थोड़ी देर बाद यह व्हीकल से अलग हो गया और अपनी कक्षा की ओर बढ़ गया। ये सैटेलाइट इनसैट-4ए की जगह लेगा। जीसैट-30 का वजन करीब 3,357 किलोग्राम है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि इस सैटेलाइट के सफल प्रक्षेपण के बाद कु-बैंड और सी-बैंड कवरेज में बढ़ोतरी होगी। इससे भारतीय क्षेत्र और द्वीपों के साथ बड़ी संख्या में खाड़ी और एशियाई देशों के साथ ऑस्ट्रेलिया में पहुंच बढ़ेगी। जीसैट-30 संचार सैटेलाइट है जो 15 साल के मिशन के लिए प्रक्षेपित किया गया है।
इसरो ने इस सैटेलाइट को 1-3केबस मॉडल में तैयार किया है जो जियोस्टेशनरी ऑर्बिट के सी और कु-बैंड से संचार सेवाओं में मदद करेगा। इसरो के अनुसार इस सैटेलाइट की मदद से टेलीपोर्ट सेवा, डिजिटल सैटेलाइट न्यूज गैदरिंग, डीटीएच टेलिविजन सेवा, मोबाइल सेवा कनेक्टिविटी जैसे कई सुविधाओं को बेहतर करने में मदद मिलेगी। कु-बैंड सिग्नल से पृथ्वी पर चल रही गतिविधियों को पकड़ा जा सकता है।

एरियन स्पेस एजेंसी से भारत का करार

एरियन स्पेस ने बयान जारी कर कहा है कि भारत के जी-सैट30 सैटेलाइट को गुआना स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। इससे पहले 1981 में प्रयोगात्मक उपग्रह एपल को लॉन्च किया था। एरियन स्पेस से 23 उपग्रहों की परिक्रमा चल रही है और भारत ने 24 उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए करार किया है।

जी-सैट-31 फरवरी में हुआ था लॉन्च

गुआना के स्पेस सेंटर से 6 फरवरी 2019 को संचार उपग्रह जी-सैट 31 को लॉन्च किया गया था। इसी तरह यहींसे 5 दिसंबर 2018 को 5,854 किलोग्राम वजनी जी-सैट11 को प्रक्षेपित किया गया था जो इसरो द्वारा निर्मित सबसे भारी उपग्रह था। इस उपग्रह से देशभर में इंटरनेट

पहुंचाना था।
विशेषज्ञों का मानना है कि महज एक उपग्रह की लॉन्चिंग के लिए पूरी जीएसएलवी-एमके-3 तकनीक को अपनाने में समय लगता है। इस कारण उन देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों से संपर्क किया जाता है जो इस तरह की तकनीक से उपग्रह को लॉन्च कर रही हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी दूसरे देशों के मिशन को अपने स्पेस सेंटर से अंजाम देती हैं।
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