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	<title>इनकम टैक्स &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>इनकम टैक्स &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>क्या 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स के पास होगा आपके बैंक अकाउंट-ईमेल का एक्सेस?</title>
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		<pubDate>Tue, 23 Dec 2025 08:54:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[इनकम टैक्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="323" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-23-005252.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-23-005252.png 818w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-23-005252-300x157.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-23-005252-768x402.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक दावे में कहा जा रहा है कि 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स विभाग को आपके बैंक अकाउंट और ईमेल का एक्सेस मिल जाएगा। सरकार ने इस दावे का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह से फर्जी बताया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई भी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="323" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-23-005252.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-23-005252.png 818w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-23-005252-300x157.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-23-005252-768x402.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक दावे में कहा जा रहा है कि 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स विभाग को आपके बैंक अकाउंट और ईमेल का एक्सेस मिल जाएगा। सरकार ने इस दावे का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह से फर्जी बताया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई भी नियम नहीं बनाया गया है और नागरिकों की वित्तीय जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित है।</p>



<p>सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 1 अप्रैल 2023 से आपके बैंक अकाउंट और ईमेल से लेकर सोशल मीडिया अकाउंट्स का एक्सेस इनकम टैक्स के पास होगा। नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 को लेकर यह दावा किया जा रहा है।</p>



<p>नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत बढ़ी हुई निगरानी के बारे में ऑनलाइन फैल रहे दावों के बीच, यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या टैक्स अधिकारियों को 1 अप्रैल, 2026 से टैक्सपेयर्स के सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी करने की इजाजत दी जाएगी। इन अफवाहों पर सरकार ने सफाई देते हुए कहा है कि ऐसे दावे गुमराह करने वाले और गलत हैं। यानी यह दावा फेक है।</p>



<p><strong>सरकार ने वायरल पोस्ट की बता दी सच्चाई</strong></p>



<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक फैक्ट-चेक पोस्ट में, PIB फैक्ट चेक ने कहा कि ये दावे गुमराह करने वाले हैं। इसमें कहा गया है, &#8220;@IndianTechGuide की एक पोस्ट में दावा किया गया है कि 1 अप्रैल, 2026 से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास टैक्स चोरी रोकने के लिए आपके सोशल मीडिया, ईमेल और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म को एक्सेस करने का &#8216;अधिकार&#8217; होगा। इस पोस्ट में किया जा रहा दावा गुमराह करने वाला है।&#8221;</p>



<p>PIB ने इस पोस्ट में आगे बताया कि इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 247 के प्रावधान सख्ती से सिर्फ सर्च और सर्वे ऑपरेशन तक सीमित हैं। जब तक कोई टैक्सपेयर बड़े टैक्स चोरी के सबूतों की वजह से किसी फॉर्मल सर्च ऑपरेशन से नहीं गुजर रहा होता, तब तक डिपार्टमेंट को उसके प्राइवेट डिजिटल स्पेस को एक्सेस करने का कोई अधिकार नहीं है।</p>



<p>इस पोस्ट में आगे कहा गया कि इन शक्तियों का इस्तेमाल रूटीन जानकारी इकट्ठा करने/प्रोसेसिंग के लिए, या जांच के तहत मामलों के लिए भी नहीं किया जा सकता। ये उपाय खास तौर पर सर्च और सर्वे के दौरान काले धन और बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी को टारगेट करने के लिए बनाए गए हैं, न कि रोजमर्रा के कानून मानने वाले नागरिक के लिए।</p>



<p>वहीं, टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि टैक्सपेयर्स के डिजिटल स्पेस तक पहुंच सिर्फ बड़े टैक्स चोरी के सबूतों के आधार पर औपचारिक रूप से मंजूर सर्च ऑपरेशन के दौरान ही दी जाती है, जबकि कुछ टैक्सपेयर्स और स्टेकहोल्डर्स ने इन प्रावधानों के दायरे के बारे में सवाल उठाए हैं।</p>
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		<title>इनकम टैक्स का नया कानून अधिसूचित, अगले साल अप्रैल से लागू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Aug 2025 10:31:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[इनकम टैक्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-25-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-25.png 711w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-25-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />इनकम टैक्स बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अधिसूचित कर दिया गया है। यह नया कानून वर्ष 2026 के एक अप्रैल से लागू होगा। यह कानून इनकम टैक्स कानून 1961 की जगह लेगा। टैक्स कानून को सरल बनाने की कोशिश नए कानून के माध्यम से टैक्स कानून को सरल बनाने की कोशिश की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-25-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-25.png 711w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-25-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>इनकम टैक्स बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अधिसूचित कर दिया गया है। यह नया कानून वर्ष 2026 के एक अप्रैल से लागू होगा। यह कानून इनकम टैक्स कानून 1961 की जगह लेगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">टैक्स कानून को सरल बनाने की कोशिश</h2>



<p>नए कानून के माध्यम से टैक्स कानून को सरल बनाने की कोशिश की गई है। पेज की संख्या आधी कर दी गई है और अप्रासंगिक हो चुके प्रावधान को हटा दिया गया है। उदाहरण के लिए अभी इनकम टैक्स रिटर्न भरने के दौरान मूल्यांकन वर्ष और वित्त वर्ष का उल्लेख करना होता था।</p>



<h2 class="wp-block-heading">छोटे टैक्सपेयर्स की सहूलियत का ख्याल</h2>



<p>नए कानून में सिर्फ टैक्स ईयर का उल्लेख करना होगा और जिस वित्तवर्ष का टैक्स भरा जाएगा उसे ही टैक्स ईयर कहा जाएगा। टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। छोटे टैक्सपेयर्स की सहूलियत का ख्याल रखते हुए उन्हें कुछ सुविधाएं भी दी गई है। जैसे अब समय बीत जाने के बाद भी टैक्स रिटर्न भरने पर उन्हें रिफंड मिल सकेगा।</p>



<p>एमएसएमई की नई परिभाषा को टैक्स प्रविधान से जोड़ दिया गया है। तय समय सीमा के नौ महीने के अंदर आईटीआर भरा जा सकेगा। चार साल पहले के टैक्स इयर के अपडेटेड रिटर्न भी भरने की सुविधा दी गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">टैक्सपेयर्स को भी रखना होगा यह ध्यान</h2>



<p>नए बिल के लागू होने पर टैक्सपेयर्स को अपने सभी खर्च और आय का बिल्कुल ध्यान रखना होगा। अगर आपके खाते में कोई ऐसी राशि दिख रही है जिसका हिसाब विभाग को नहीं दिख रहा है तो उस राशि के बारे में पूछा जा सकता है और संतोषप्रद जवाब नहीं देने पर उस राशि को आय मान लिया जाएगा।</p>



<p>वैसे ही, किसी खर्च का विवरण आईटीआर में नहीं है और उस खर्च के बारे में विभाग को संतोषप्रद जवाब नहीं दिया जाता है तो उसे भी आय मान लिया जाएगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">टैक्स अधिकारियों किया गया है मजबूत</h2>



<p>टैक्स अधिकारियों को नए बिल में सशक्त बनाया गया है। टैक्स अधिकारी बुक एकाउंट को जांच के लिए 15 दिनों तक रख सकते हैं। नए बिल में के प्रावधान के मुताबिक सर्च के दौरान सभी डिजिटल डक्यूमेंट्स जैसे कि फोन, लैपटॉप, ईमेल या अन्य डिजिटल उपकरण को टैक्स अधिकारी अपने कब्ज में ले सकता है। रिटर्न के प्रोसेसिंग समय को काफी कम करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि रिफंड को और तेज किया जा सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>इंदौर और भीकनगांव में इनकम टैक्स के छापे, रियल एस्टेट कारोबारी और काॅटन कारोबारी निशाने पर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Feb 2025 07:12:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[इनकम टैक्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-427-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-427.jpg 720w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-427-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अफसरों ने सबसे पहले परिवार के सदस्यों के फोन लिए और जांच होने तक किसी को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी। मीडिया हाउस के मालिक होने के अलावा हृदयेश रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े है। परिवार के साथ ग्लोबल ट्रेड वेंचर्स कंपनी से भी जुड़े हैै। आयकर विभाग की टीम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-427-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-427.jpg 720w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-427-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अफसरों ने सबसे पहले परिवार के सदस्यों के फोन लिए और जांच होने तक किसी को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी। मीडिया हाउस के मालिक होने के अलावा हृदयेश रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े है। परिवार के साथ ग्लोबल ट्रेड वेंचर्स कंपनी से भी जुड़े हैै।</p>



<p>आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह इंदौर और खरगोन के समीप भीकनगांव में रियल एस्टेट कारोबारी के यहां छापे मारे। इंदौर में मीडिया हाउस के मालिक और रियल इस्टेट कारोबारी हृदयेश दीक्षित के यहां सुबह टीम पहुंची।</p>



<p>जब परिवार के लोग सोए हुए थे। दीक्षित परिवार के यहां सोमवार को पार्टी थी। इस कारण परिवार के लोग देर रात को ही घर लौटे थे और सुबह आयकर की टीम ने दस्तक दे दी। अफसरों ने सबसे पहले परिवार के सदस्यों के फोन लिए और जांच होने तक किसी को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी। मीडिया हाउस के मालिक होने के अलावा हृदयेश रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े हैं। परिवार के साथ ग्लोबल ट्रेड वेंचर्स कंपनी से भी जुड़े हैं। छापा इस कंपनी की जांच के लिए ही मारा गया है। दीक्षित परिवार के यहां वर्ष 2009 में भी आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा था।</p>



<p>तब महिला व बाल विकास विभाग के पोषण आहार के ठेके और उससे जुड़ी दो फैक्टरियों के बारे में पता चला था। इसके अलावा भीकनगांव में अनंत एग्रो एजेंसी पर भी आयकर विभाग ने जांच की। एजेंसी का काॅटन के अलावा जमीनों की खरीदी बिक्री का कारोबार है। अफसरों ने रिकार्ड खंगाले। यहां टीम सुबह चार बजे पहुंची थी।</p>
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		<title>इनकम टैक्स में राहत से एक लाख करोड़ की होगी बचत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Feb 2025 11:29:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[इनकम टैक्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="487" height="398" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/UHTU7-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/UHTU7.jpg 487w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/UHTU7-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 487px) 100vw, 487px" />आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश बजट में सरकार ने इनकम टैक्स में एक लाख करोड़ की जो राहत दी है, उससे गैर खाद्य पदार्थ श्रेणी में वाहन तो खाद्य पदार्थों की श्रेणी में प्रोसेस्ड फूड व बेवरेज सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन मिलने जा रहा है। एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="487" height="398" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/UHTU7-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/UHTU7.jpg 487w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/UHTU7-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 487px) 100vw, 487px" />
<p>आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश बजट में सरकार ने इनकम टैक्स में एक लाख करोड़ की जो राहत दी है, उससे गैर खाद्य पदार्थ श्रेणी में वाहन तो खाद्य पदार्थों की श्रेणी में प्रोसेस्ड फूड व बेवरेज सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन मिलने जा रहा है। एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।</p>



<p>एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस एक लाख करोड़ की जो बचत होगी और उसमें अगर 0.7 मार्जिनल प्रोपेन्सिटी खपत मान लेते हैं तो आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था में 3.3 लाख करोड़ रुपए की खपत होने का अनुमान है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बूस्ट मिल सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>जीएसटी कलेक्शन में होगा 40 हजार करोड़ का इजाफा</strong></h4>



<p>इस अतिरिक्त खपत से जीएसटी संग्रह में 40,000 करोड़ का इजाफा हो सकता है जिससे राज्यों को 28,000 करोड़ की अतिरिक्त आय होगी। एसबीआई का मानना है कि एफएमसीजी, हेल्थकेयर, मनोरंजन, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट जैसे तमाम सेक्टर को खपत में होने वाली इस बढ़ोतरी का लाभ मिलने जा रहा है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>..इस तरह जीडीपी को 0.6 प्रतिशत बढ़ने में मिलेगी मदद</strong></h4>



<p>इससे इन सेक्टर की सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में एक प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है जिससे जीडीपी को 0.6 प्रतिशत तक बढ़ाने में मदद मिलेगी। खाने-पीने पर होने वाली खपत में बढ़ोतरी से खाद्य पदार्थों से जुड़े सेक्टर को भी लाभ मिलेगा।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>इनकम टैक्स में राहत से होगी एक लाख करोड़ के टैक्स की बचत</strong></h4>



<p>रिपोर्ट के मुताबिक 3.3 लाख करोड़ में से 199056 करोड़ रुपए गैर खाद्य पदार्थों पर तो 130944 करोड़ खाद्य पदार्थों पर खर्च होंगे। खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक 37257 करोड़ प्रोसेस्ड फूड व बेवरेज सेक्टर पर खर्च होने का अनुमान है। इनकम टैक्स में राहत से एक लाख करोड़ रुपए के टैक्स की बचत होगी और 8-12 लाख सालाना कमाने वाले वर्ग सबके अधिक लाभान्वित होंगे क्योंकि टैक्स देने वालों की संख्या में सबसे अधिक इस वर्ग के लोग है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>गैर खाद्य पदार्थ में किन सेक्टर पर कितने होंगे खर्च (करोड़ में)</strong></h4>



<p>वाहन -27918<br>ड्यूरेबल गुड्स -22671<br>कपड़े -15840<br>फुटवियर -2838<br>मेडिकल-12837<br>पान-गुटका -7821<br>फ्यूल व लाइट -18447<br>टायलट व अन्य घरेलू सामान -16995<br>शिक्षा -19701<br>उपभोक्ता वस्तु -18876<br>मनोरंजन -5841<br>किराया -21714</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title> इनकम टैक्स में कटौती के बाद GST घटाने पर फैसला जल्द</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Feb 2025 10:24:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[इनकम टैक्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="540" height="411" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/hjgku-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/hjgku.jpg 540w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/hjgku-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 540px) 100vw, 540px" />वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2025 में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी। उन्होंने न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख तक की सालाना आय को टैक्स फ्री कर दिया। अब सरकार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में सुधार करने वाली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि जीएसटी दरों की समीक्षा का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="540" height="411" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/hjgku-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/hjgku.jpg 540w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/hjgku-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 540px) 100vw, 540px" />
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2025 में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी। उन्होंने न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख तक की सालाना आय को टैक्स फ्री कर दिया। अब सरकार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में सुधार करने वाली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि जीएसटी दरों की समीक्षा का काम लगभग पूरा हो चुका है और परिषद जल्द ही स्लैब की संख्या और दरों में कमी पर फैसला लेगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>जीएसटी का अभी कैसा है स्वरूप?</strong></h4>



<p>अभी जीएसटी एक चार स्तरीय टैक्स स्लैब है। इसमें पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत की स्लैब है। विलासिता से जुड़ी वस्तुओं पर 28 प्रतिशत का उच्चतम कर लगाया जाता है। वहीं, पैक किए गए खाद्य पदार्थ और आवश्यक वस्तुएं सबसे कम पांच प्रतिशत की स्लैब में हैं। सीतारमण की अध्यक्षता वाली परिषद ने जीएसटी दरों में बदलाव के साथ-साथ स्लैब को कम करने का सुझाव देने के लिए मंत्रियों का एक समूह (जीओएम) गठित किया था।</p>



<p>वित्त मंत्री ने कहा, ‘जीएसटी दरों को तर्कसंगत और सरल बनाने का काम लगभग तीन साल पहले शुरू हुआ था। हालांकि बाद में इसका दायरा बढ़ाया गया। अब काम लगभग पूरा हो चुका है।’ उन्होंने कहा कि परिषद में शामिल राज्यों के वित्त मंत्रियों से दरों पर अधिक गहराई से विचार करने को कहा, क्योंकि वे आम लोगों द्वारा उपभोग की जाने वाली रोजमर्रा की वस्तुओं से संबंधित हैं।निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और कोई संरचनात्मक मंदी नहीं है। सीतारमण ने कहा कि बजट में कर राहत प्रधानमंत्री की करदाताओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने उन अटकलों का खंडन किया कि यह कदम दिल्ली विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुरानी कर व्यवस्था को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>पूंजीगत व्यय में नहीं आई कमी</strong></h4>



<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूंजीगत व्यय से जुड़े एक सवाल पर कहा कि इसमें कमी नहीं आई है, बल्कि यह बढ़कर 11.21 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो जीडीपी का 4.3 प्रतिशत है। वित्त मंत्री 2025-26 के लिए बजट में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) पर 11.21 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमानों में 10.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।</p>



<p>वित्त वर्ष 2023-24 में यह 10 लाख करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022-23 में 7.5 लाख करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2021-22 में 5.54 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2020-21 में 4.39 लाख करोड़ रुपये था। बजट में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है और वित्त वर्ष 2024-25 के लिए लक्ष्य को 10 आधार अंकों से घटाकर जीडीपी का 4.8 प्रतिशत कर दिया गया है।</p>
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