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	<title>इजरायल &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>इजरायल &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>इजरायल को लेकर बदले ट्रंप के सुर</title>
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		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 09:31:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yutiu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yutiu.jpg 723w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yutiu-300x167.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते के एलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हवाई हमला करके इस शांति समझौते को लगभग पटरी से उतार दिया था, जिसकी वजह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yutiu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yutiu.jpg 723w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yutiu-300x167.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते के एलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हवाई हमला करके इस शांति समझौते को लगभग पटरी से उतार दिया था, जिसकी वजह से वाशिंगटन और तेहरान के बीच यह समझौता होने में देरी हुई।</p>



<p>&#8216;द न्यूयॉर्क टाइम्स&#8217; को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने नेतन्याहू को एक बहुत ही मुश्किल इंसान बताया। उन्होंने कहा कि इजरायल को इस शांति समझौते के लिए अमेरिका का बहुत शुक्रगुजार होना चाहिए, क्योंकि इस डील ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोक दिया है। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि&nbsp;ईमानदारी से कहूं तो उन्हें हमारा आभारी होना चाहिए। क्योंकि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो इजरायल दो घंटे भी नहीं टिक पाता।</p>



<h3 class="wp-block-heading">19 जून को स्विट्जरलैंड में साइन होगी डील</h3>



<p>अमेरिका और ईरान दोनों ने साफ किया है कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को&nbsp;तुरंत और स्थायी रूप से खत्म किया जाएगा। यह ऐतिहासिक समझौता 19 जून को स्विट्जरलैंड में साइन होने वाला है।</p>



<p>इस डील के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य के कमर्शियल समुद्री रास्ते को खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य को लेकर गाइडलाइंस (नियम) तय की जाएंगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस समझौते के बाद यह समुद्री व्यापारिक रास्ता हमेशा के लिए टोल-फ्री हो जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">इजरायल के लिए स्वीकार करना क्यों है मुश्किल?</h3>



<p>बता दें कि इस पूरी शांति बातचीत में इजरायल को शामिल नहीं किया गया था, और इजरायल ने इस समझौते की खबर पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया भी नहीं दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के लिए इस डील को स्वीकार करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि उनके पास ईरान और लेबनान के हिजबुल्लाह जैसे उसके समर्थित संगठनों के साथ जंग जारी रखने के अपने घरेलू राजनीतिक कारण हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ट्रंप की चेतावनी- बात नहीं मानी तो वसूलेंगे 20% रेवेन्यू</h3>



<p>ट्रंप ने इंटरव्यू में चेतावनी भी दी कि अगर ईरान सरकार तय समय सीमा के भीतर अंतिम परमाणु समझौते पर राजी नहीं होती है, तो अमेरिकी सेना ईरान पर फिर से हमले शुरू कर देगी। यही नहीं, ट्रंप ने एक अनोखा प्रस्ताव रखते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका मिडिल ईस्ट का रक्षक बन जाएगा, लेकिन इसके बदले में पूरे क्षेत्र की कमाई (रेवेन्यू) का 20 प्रतिशत हिस्सा लेगा।</p>



<p>जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या सऊदी अरब और यूएई जैसे अमेरिकी सहयोगी देश अमेरिका को एक &#8216;पेड पुलिस फोर्स&#8217; बनाने की इस बात पर सहमत हैं, तो उन्होंने सीधा जवाब न देते हुए सिर्फ इतना कहा कि उन्होंने अभी इस मुद्दे पर बातचीत शुरू ही की है। उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ तब होगा, अगर ईरान दुश्मन बना रहता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ईरान के नए सुप्रीम लीडर पर बदला ट्रंप का सुर</h3>



<p>इसके अलावा दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने ईरान के मौजूदा नेतृत्व और वहां के नए सर्वोच्च नेता आयतल्लाह मोजतबा खमेनेई को व्यावहारिक बताया। ट्रंप का यह रुख युद्ध के शुरुआती दिनों से बिल्कुल अलग है, जब उन्होंने ईरानी जनता से अपील की थी कि अमेरिकी और इजरायली बमबारी खत्म होने के बाद वे उठ खड़े हों और अपनी सरकार का तख्तापलट कर दें।</p>
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		<title>अमेरिका-ईरान समझौते पर भड़का इजरायल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 08:49:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[इजरायल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="339" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iyhkju.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iyhkju.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iyhkju-300x165.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते पर इजरायल की तरफ से पहली आधिकारिक और तीखी प्रतिक्रिया आई है। इजरायल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने सोमवार को साफ लफ्जों में एलान किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुई यह डील इजरायल पर बिल्कुल भी लागू नहीं होगी। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="339" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iyhkju.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iyhkju.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iyhkju-300x165.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते पर इजरायल की तरफ से पहली आधिकारिक और तीखी प्रतिक्रिया आई है। इजरायल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने सोमवार को साफ लफ्जों में एलान किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुई यह डील इजरायल पर बिल्कुल भी लागू नहीं होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल अपने सुरक्षा फैसले खुद लेने के लिए पूरी तरह आजाद है।</p>



<p>बता दें कि इजरायली मंत्री का यह बयान तब आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध में एक अस्थायी संघर्षविराम को आगे बढ़ाने पर शुरुआती सहमति बनी है। इस समझौते पर शुक्रवार, 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से दस्तखत होने की उम्मीद है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&#8216;हम अमेरिका के गुलाम नहीं&#8217;</h3>



<p>शांति समझौते के एलान के बाद इस्राइली मंत्री ग्विर ने दो टूक अंदाज में कहा कि&nbsp;इजरायल अपने सुरक्षा हितों को अंतरराष्ट्रीय समझौतों के भरोसे नहीं छोड़ सकता। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट में लिखा कि ट्रंप का समझौता हमें नहीं बांध सकता।</p>



<p>उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इजरायल संयुक्त राज्य अमेरिका के अधीन नहीं है, हम एक स्वतंत्र और संप्रभु देश हैं। हम अमेरिका से प्यार करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के आभारी हैं, फिर भी इजरायल कोई बनाना रिपब्लिक (कमजोर देश) नहीं है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>हिजबुल्ला को लेकर साफ किया रुख</strong></h3>



<p>इसके अलावा बेन-ग्विर का मानना है कि हिजबुल्ला और ईरान समर्थित अन्य संगठनों से निपटने के लिए इजरायल के पास सैन्य कार्रवाई करने की पूरी आजादी होनी चाहिए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&#8216;विदेशी दबाव मानने की चुकाई है खून की कीमत&#8217;</h3>



<p>अपने विरोध को सही ठहराते हुए इजरायली मंत्री ने इतिहास का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि जब भी इजरायल ने विदेशी दबाव के आगे घुटने टेके हैं, उसे नुकसान उठाना पड़ा है। बेन-ग्विर ने ओस्लो समझौते, 2006 के लेबनान समझौते और गाजा में बरती गई नरमी का उदाहरण देते हुए कहा कि हर बार जब हमने इजरायल की सुरक्षा की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने आत्मसमर्पण किया, तो हमने ब्याज के साथ इसकी कीमत खून से चुकाई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">लेबनान पर सख्त रुख, हिजबुल्लाह को खत्म करने की मांग</h3>



<p>बेन-ग्विर ने अपनी पोस्ट में लेबनान का जिक्र करते हुए कहा कि वह ऐसे किसी भी समझौते के खिलाफ हैं जो इजरायली सेना के हाथ बांधे। उन्होंने कहा कि हम इस समझौते के साझेदार नहीं हैं जो हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता। उन्होंने मांग की कि इजरायल को हिजबुल्लाह के खात्मे से कम किसी भी बात पर समझौता नहीं करना चाहिए और जंग के दौरान कब्जा की गई जमीन से इजरायली सेना को वापस नहीं हटना चाहिए।</p>



<p>उन्होंने उत्तरी इजरायली कस्बों की सुरक्षा की बात करते हुए चेतावनी दी कि लेबनान से इजरायल की तरफ दागे गए हर ड्रोन या मिसाइल का जवाब बेरूत के दहिया पर इजरायली हमले से दिया जाएगा। यह डर कुछ महीने पहले तक कायम था और हम इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">शुक्रवार को समझौते पर दस्तखत की तैयारी</h3>



<p>गौरतलब है कि इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की प्रक्रिया जारी है। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी समझौते की पुष्टि की है, लेकिन कहा है कि जब तक 19 जून को अंतिम दस्तावेज पर दस्तखत नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title> इजरायल ने ईरान पर किए हमले तो ट्रंप ने नेतन्याहू को चेताया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 08:45:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[इजरायल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/78yuijhk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/78yuijhk.jpg 733w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/78yuijhk-300x165.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सावधान रहने के लिए कहा और ईरान के खिलाफ जवाबी हमले रोकने का दबाव भी डाला। अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद ईरान ने इजरायल पर हमला किया। ट्रंप ने कहा कि जब इजरायल ईरान के दर्जनों संवेदनशील ठिकानों पर हमले की तैयारी कर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/78yuijhk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/78yuijhk.jpg 733w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/78yuijhk-300x165.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सावधान रहने के लिए कहा और ईरान के खिलाफ जवाबी हमले रोकने का दबाव भी डाला। अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद ईरान ने इजरायल पर हमला किया।</p>



<p>ट्रंप ने कहा कि जब इजरायल ईरान के दर्जनों संवेदनशील ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा था तब उन्होंने नेतन्याहू को सीधे चेतावनी दी थी। एक्सियोस (Axios) ने ट्रंप के हवाले से बताया, &#8220;मैंने कहा कि बीबी तुम्हें सावधान रहना चाहिए वरना बहुत जल्द तुम अकेले पड़ जाओगे।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">&#8216;नेतन्याहू पीछे हटने को तैयार&#8217;</h2>



<p>एक इजरायली सूत्र के अनुसार, इस बातचीत के बाद नेतन्याहू पीछे हटने को तैयार हो गए, बशर्ते ईरान आगे कोई हमला न करे। यह दखल तब हुआ जब इजरायल और ईरान के बीच फिर से गोलीबारी हुई। दो महीने पहले सीजफायर शुरू होने के बाद यह पहली बार था कि दोनों देशों ने एक दूसरे पर हमले किए। ईरान ने रविवार को इजरायल पर मिसाइलों की बौछार की, जिसके जवाब में इजरायल ने पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दोनों तरफ से हमले रुके</h2>



<p>सोमवार तक दोनों पक्षों ने लड़ाई रोकने का संकेत दे दिया था। ईरान ने कहा कि वह हमले रोक देगा और इसके बाद नेतन्याहू ने घोषणा की कि इजरायली हमले फिलहाल रोक दिए जाएंगे। बाद में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू को सीधा आदेश देने के बजाय उनकी समझदारी पर भरोसा करते हुए उनसे अपील की थी।</p>



<p>ईरान के साथ चल रही बातचीत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, &#8220;मैंने बस इतना कहा कि हमें समझदारी से काम लेना होगा। हम एक बहुत मजबूत और बहुत अच्छे समझौते पर हस्ताक्षर करने के बहुत करीब हैं।&#8221; बीबीसी ने ट्रंप के हवाले से यह जानकारी दी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कई देशों ने अमेरिका से किया था संपर्क</h2>



<p>ट्रंप के मुताबिक, इस इलाके के कई देशों ने अमेरिकी दखल की मांग करते हुए वॉशिंगटन से संपर्क किया था। उन्होंने कहा, &#8220;ये देश बहुत चिंतित थे। उन्हें वह डील पसंद है जिस पर हम बातचीत कर रहे हैं।&#8221; साथ ही Axios की एक रिपोर्ट के अनुसार, उनके प्रशासन को ईरान से भी संदेश मिले थे जिनमें कहा गया था कि अगर इजरायल हमला करना बंद कर दे तो वे भी ऐसा ही करेंगे।</p>



<p>ट्रंप ने कहा कि इजरायल ने अपनी जवाबी कार्रवाई के बारे में बहुत कम समय पहले ही जानकारी दी थी। ट्रंप ने कहा, &#8220;वे पहले ही कार्रवाई के लिए निकल चुके थे। लेकिन आखिरकार मैंने (इजरायली हमले) को सीमित करवा दिया।&#8221;</p>



<p>एक इजरायली अधिकारी ने पुष्टि की कि संभावित लक्ष्यों पर सहमति बनाने के लिए नेतन्याहू और इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी बातचीत की थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पिछली बार की अपेक्षा इस बार शांत रही बातचीत</h2>



<p>दोनों पक्षों के सूत्रों ने बताया कि नेतन्याहू के साथ ट्रंप की हालिया बातचीत कुछ दिन पहले हुई बातचीत के मुकाबले काफी शांत थी। एक अमेरिकी अधिकारी ने हालिया बातचीत को विनम्र बताया, जबकि दूसरे ने कहा कि किसी ने भी चिल्लाकर बात नहीं की।</p>



<p>बातचीत के दौरान, नेतन्याहू ने तर्क दिया कि ईरान के मिसाइल हमले का जवाब न देने से इजरायल और अमेरिका दोनों की साख कमजोर होगी। एक इजरायली सूत्र का हवाला देते हुए Axios ने बताया कि उनका मानना था कि कोई कदम न उठाने से यह संदेश जाएगा कि ईरान दोनों में से किसी भी देश की सैन्य कार्रवाई को रोक सकता है।</p>



<p>हालांकि ट्रंप ने साफ कर दिया कि वे इजरायल की ओर से किसी बड़े जवाबी हमले के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इस संदेश में हमले पर साफ तौर पर रोक नहीं लगाई गई थी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>इजरायल ने ईरान पर दागी ताबड़तोड़ मिसाइलें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 07:55:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[इजरायल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iuot.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iuot.jpg 689w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iuot-300x172.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सख्त हिदायत को अनसुना करते हुए इजरायल ने ईरान पर बड़ा जवाबी हमला किया है। इजरायली वायुसेना ने ईरान के मध्य और पश्चिमी इलाकों में स्थित सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस कार्रवाई के बाद से मध्य पूर्व में एक बार फिर महायुद्ध छिड़ने का खतरा मंडराने लगा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iuot.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iuot.jpg 689w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/iuot-300x172.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सख्त हिदायत को अनसुना करते हुए इजरायल ने ईरान पर बड़ा जवाबी हमला किया है। इजरायली वायुसेना ने ईरान के मध्य और पश्चिमी इलाकों में स्थित सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस कार्रवाई के बाद से मध्य पूर्व में एक बार फिर महायुद्ध छिड़ने का खतरा मंडराने लगा है।</p>



<p>इजरायली सेना ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस एयरस्ट्राइक की जानकारी दी। एपी न्यूज एजेंसी के हवाले से ईरानी सरकारी टीवी ने भी पुष्टि की है कि राजधानी तेहरान के अलावा इस्फहान और तबरीज जैसे शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।</p>



<p>हमले की गंभीरता को देखते हुए ईरान ने आनन-फानन में तेहरान स्थित इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का एयरस्पेस पूरी तरह से बंद कर दिया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">नेतन्याहू ने नहीं मानी ट्रंप की बात</h2>



<p>एक्सियोस की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया था। ट्रंप ने उन्हें दो टूक शब्दों में कहा था कि वे ईरान पर किसी भी तरह की जवाबी सैन्य कार्रवाई करने से बचें। हालांकि, इजरायल ने अपने सबसे बड़े सहयोगी देश के राष्ट्रपति की इस चेतावनी को दरकिनार कर दिया।</p>



<p>फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री के पास वाशिंगटन द्वारा ईरान के साथ किए गए किसी भी समझौते को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा, और इस बात पर जोर दिया कि अंतिम कार्यकारी निर्णय उन्हीं के हाथ में हैं।</p>



<p>इस ताजा हमले की जड़ें कुछ दिन पहले हुई घटनाओं से जुड़ी हैं। 8 अप्रैल को हुए सीजफायर के बाद ईरान ने अचानक इजरायल पर मिसाइलों की बारिश कर दी थी। ईरान का तर्क था कि सीजफायर लागू होने के बावजूद इजरायल बाज नहीं आ रहा था और लेबनान पर लगातार हमले कर रहा था।</p>



<p>ईरान के मिसाइल हमले से ठीक एक दिन पहले ही इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के बमबारी की थी, जिसके बाद ईरान ने इस कार्रवाई की धमकी दी थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">स्थायी शांति की उम्मीदों को लगा बड़ा झटका</h2>



<p>ईरान और अमेरिका के बीच किसी स्थायी सीजफायर तक पहुंचने की कोशिशें पहले से ही डगमगा रही थीं। अब इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए इस हमले-दर-हमले के सिलसिले ने शांति की बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। जानकारों का मानना है कि अगर यह तनाव जल्द नहीं थमा, तो यह एक भयानक और बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।</p>



<p>एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने बेरूत हमले के लिए इज़राइल को हरी झंडी नहीं दी थी। अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ टेलीफोन पर बातचीत का इस्तेमाल यह तर्क देने के लिए किया कि मौजूदा समय तनाव को और बढ़ाने का नहीं है। अधिकारी ने कहा, &#8220;उन्होंने नेतन्याहू से रुकने के लिए कहा क्योंकि हम एक डील के मामले में कुछ अच्छा करने के करीब हैं।&#8221;</p>



<p>अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान के साथ समझौता करने का अभी भी एक अच्छा मौका है और वे ऐसी किसी भी कार्रवाई को रोकना चाहते हैं जो उन कूटनीतिक कोशिशों को पटरी से उतार सकती है।</p>



<p>अधिकारी ने बताया कि बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने शुरू में विरोध किया, लेकिन आखिरकार वे पीछे हटने और तुरंत जवाबी कार्रवाई न करने पर आंशिक रूप से सहमत हो गए। बताया जा रहा है कि यह बातचीत पिछले हफ्ते दोनों नेताओं के बीच हुई तनावपूर्ण चर्चा की तुलना में काफी कम टकराव वाली थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ईरान के साथ डील के करीब</h2>



<p>वरिष्ठ अधिकारी ने आगे कहा कि रविवार की चर्चा के दौरान ट्रंप ने अपनी आवाज ऊंची नहीं की। उन्होंने कहा, &#8220;हमें लगता है कि राष्ट्रपति को थोड़ा और समय मिल गया है। वे इस बात पर काफी अडिग हैं कि हम ईरान के साथ डील के करीब हैं। मुझे नहीं लगता कि इजरायल की ओर से कोई हमला तुरंत होने वाला है।&#8221;</p>



<p>हालांकि ट्रंप कूटनीतिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हाल के महीनों की तुलना में वे अब ईरान के साथ समझौते के करीब होने को लेकर कम निश्चित लग रहे थे। अप्रैल की शुरुआत में जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ बातचीत के पहले दौर का नेतृत्व किया था, तब से ट्रंप ने सफलता की संभावनाओं को लेकर बार-बार उम्मीद जताई थी।</p>
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		<title>&#8216;कंडीशन क्रिटकल है&#8217;, इजरायल की जासूसी गतिविधियों से टेंशन में अमेरिका</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 06:45:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[इजरायल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/tyue.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/tyue.jpg 710w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/tyue-300x162.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिका और इजरायल के बीच दशकों पुराने रिश्तों में इन दिनों एक अजीब सी खामोशी और अविश्वास की बर्फ जमती दिख रही है। वॉशिंगटन से आई एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने इजरायल की जासूसी गतिविधियों को लेकर अपनी चिंताएं इस हद तक बढ़ा दी हैं कि उसने आंतरिक रूप से इजरायल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/tyue.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/tyue.jpg 710w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/tyue-300x162.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिका और इजरायल के बीच दशकों पुराने रिश्तों में इन दिनों एक अजीब सी खामोशी और अविश्वास की बर्फ जमती दिख रही है। वॉशिंगटन से आई एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने इजरायल की जासूसी गतिविधियों को लेकर अपनी चिंताएं इस हद तक बढ़ा दी हैं कि उसने आंतरिक रूप से इजरायल के काउंटर-इंटेलिजेंस खतरे के स्तर को बढ़ाकर &#8216;क्रिटिकल&#8217; (गंभीर स्तर तक) कर दिया है।</p>



<p>यह अमेरिकी रक्षा विभाग का सबसे ऊंचा चेतावनी स्तर है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ जारी संघर्ष और पश्चिम एशिया की नीति पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच रणनीतिक मतभेद खुलकर सतह पर आ गए हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">इजरायल से डरा और सहमा अमेरिका</h2>



<p>&#8216;बर्नर फोन&#8217; और होटल के कमरों में खामोशी अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) द्वारा जारी सात पन्नों के आंतरिक मूल्यांकन दस्तावेज में साफ कहा गया है कि&nbsp;इजरायल की मानव और तकनीकी खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता बेहद आक्रामक है। आलम यह है कि अमेरिकी अधिकारी अब इजरायल के दौरों पर बेहद डरे और सहमे रहते हैं।&nbsp;सुरक्षा के लिहाज से अब वे अस्थायी कंप्यूटरों, बर्नर फोनों (एक बार इस्तेमाल होने वाले फोन) और बेहद कड़े सुरक्षा प्रोटोकाल का सहारा ले रहे हैं।</p>



<p>पूर्व राजनयिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी अब इजरायल के होटलों या असुरक्षित कमरों में गोपनीय मामलों पर बात करने से भी कतराते हैं। उन्हें इस बात का डर लगा रहता है कि उनकी बातें रिकॉर्ड की जा रही हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">जब नेतन्याहू पर फूट पड़ा ट्रंप का गुस्सा</h2>



<p>इस जासूसी विवाद के पीछे दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच उपजी कड़वाहट है। हाल ही में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई एक बातचीत बेहद तनावपूर्ण रही, जिसमें ट्रंप ने इजरायली नेता को &#8216;क्रेजी&#8217; (पागल) तक कह डाला। जब नेतन्याहू ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर फिर से हवाई हमले शुरू करने की धमकी दी, तो ट्रंप का गुस्सा फूट पड़ा।</p>



<p>ट्रंप ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, &#8220;इसी वजह से अब हर कोई तुमसे नफरत कर रहा है। हर कोई इजरायल से नफरत कर रहा है।&#8221; हालांकि, इजरायल ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। वॉशिंगटन में इजरायली दूतावास ने कहा कि वे अपने सहयोगियों पर जासूसी नहीं करते।</p>



<p>वहीं, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी इस पूरी खबर को झूठा और बेबुनियाद बताया है, लेकिन पेंटागन की इस हलचल ने यह साफ कर दिया है कि दोस्ती के दावों के पीछे अविश्वास की एक गहरी खाई तैयार हो चुकी है।</p>
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