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	<title>इंदिरा गांधी &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>इंदिरा गांधी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>Canada में खालिस्&#x200d;तान समर्थकों की करतूत, इंदिरा गांधी की &#8216;हत्&#x200d;या की झांकी&#8217; निकाली</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Jun 2024 06:47:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Canada में खालिस्‍तान समर्थकों]]></category>
		<category><![CDATA[इंदिरा गांधी]]></category>
		<category><![CDATA[हत्‍या की झांकी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="499" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter2-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter2-2.jpg 499w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter2-2-300x212.jpg 300w" sizes="(max-width: 499px) 100vw, 499px" />भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने शनिवार को कनाडा में खालिस्तान समर्थकों द्वारा इंदिरा गांधी की हत्या के पोस्टर लगाने पर चिंता व्यक्त की। आर्य ने दावा किया कि खालिस्तान समर्थक एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के पुतले लगाकर हिंदू-कनाडाई लोगों में हिंसा का डर पैदा करने की कोश&#x200d;िश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="499" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter2-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter2-2.jpg 499w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter2-2-300x212.jpg 300w" sizes="(max-width: 499px) 100vw, 499px" />
<p>भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने शनिवार को कनाडा में खालिस्तान समर्थकों द्वारा इंदिरा गांधी की हत्या के पोस्टर लगाने पर चिंता व्यक्त की। आर्य ने दावा किया कि खालिस्तान समर्थक एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के पुतले लगाकर हिंदू-कनाडाई लोगों में हिंसा का डर पैदा करने की कोश&#x200d;िश कर रहे हैं।</p>



<p>आर्य ने दावा किया कि खालिस्तान समर्थक एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के पुतले लगाकर हिंदू-कनाडाई लोगों में हिंसा का डर पैदा करने की कोश&#x200d;िश कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान समर्थकों ने  पूर्व प्रधानमंत्री के पु&#x200d;तले पर गोलियों के निशान दिखाए गए और सामने उनके हत्यारे सिख अंगरक्षकों के हाथ में बंदूकें थीं।</p>



<p>कनाडाई सांसद आर्य ने किया पोस्&#x200d;ट<br>कनाडाई सांसद आर्य ने आगे बताया कि कुछ साल पहले भी इसी तरह की धमकियां फैलाई गई थीं। आर्य ने एक्स पर साझा की एक पोस्ट में कहा,</p>



<p>वैंकूवर में खालिस्तान समर्थक हिंदू भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शरीर पर गोलियों के निशान और उनके हत्यारे अंगरक्षकों द्वारा बंदूक थामे पोस्टर लेकर हिंदू-कनाडाई लोगों में हिंसा का डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।</p>



<p>धमकियों का यह सिलसिला जारी है, जिसमें कुछ साल पहले ब्रैम्पटन में इसी तरह की तस्वीरें दिखाई गई थीं और कुछ महीने पहले सिख फॉर जस्टिस के पन्नू ने हिंदुओं से भारत वापस जाने के लिए कहा था। मैं फिर से कनाडा में कानून प्रवर्तन एजेंसियों से तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान करता हूं।<br>सांसद आर्य बोले- ऐसी घटना सच में हो सकती है<br>कनाडाई संसद सदस्य ने कहा कि अगर इसे चुनौती नहीं दी गई तो यह वास्तविक रूप ले सकता है। बंदूकों की तस्वीरों का इस्तेमाल संदेश देने के लिए आसानी से किया जा रहा है, अगर इसे चुनौती नहीं दी गई तो यह कुछ वास्तविक रूप ले सकता है।</p>



<p>आर्य ने जोर देकर कहा कि इंदिरा गांधी के माथे पर बिंदी को प्रमुखता से लगाने का उद्देश्य दोगुना रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए था कि उनका टारगेट हिंदू-कनाडाई ही हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पिछले साल भी निकाली थी परेड</h2>



<p>पिछले साल जून में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का जश्न मनाते हुए कनाडा में एक झांकी परेड का आयोजन किया गया था, जिसकी भारत ने कड़ी आलोचना की थी।</p>



<p>इस साल मार्च में खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में भारतीय दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए थे और कथित तौर पर मौके पर मौजूद भारतीय मूल के पत्रकारों पर हमला किया था।</p>



<p><a href="https://www.jagran.com/elections/lok-sabha.html?itm_source=articledetail_banner&amp;itm_medium=banner&amp;itm_campaign=election_promotion"></a></p>
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		<item>
		<title>क्या हुआ था इंदिरा गांधी के मौत से पहले, जानकर आपके उड़ जायेगें ​होश&#8230;</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%95/208748</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mamta Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Feb 2019 08:32:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ज़रा-हटके]]></category>
		<category><![CDATA[इंदिरा गांधी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/02/sonia-gandhi-indira-gandhi_730x419.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/02/sonia-gandhi-indira-gandhi_730x419.jpeg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/02/sonia-gandhi-indira-gandhi_730x419-300x172.jpeg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />इंदिरा गाँधी यानी की भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री जिसे आयरन लेडी के नाम से जाना जाता है। आयरन लेडी क्योकि उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए जो शायद आज तक कोई नहीं ले पाया। उनकी मौत का दुःख हर किसी को है। जिस दिन यानी की 31 अक्टूबर 1984 को उनकी हत्या हुई तो उस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/02/sonia-gandhi-indira-gandhi_730x419.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/02/sonia-gandhi-indira-gandhi_730x419.jpeg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/02/sonia-gandhi-indira-gandhi_730x419-300x172.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p>इंदिरा गाँधी यानी की भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री जिसे आयरन लेडी के नाम से जाना जाता है। आयरन लेडी क्योकि उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए जो शायद आज तक कोई नहीं ले पाया। उनकी मौत का दुःख हर किसी को है। जिस दिन यानी की 31 अक्टूबर 1984 को उनकी हत्या हुई तो उस दिन पूरा भारत अपने आप बंद हो गया लेकिन बहुत कम लोग ही जानते है की वो अपने आखिरी पलों में क्या कर रही थी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-208749" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/02/sonia-gandhi-indira-gandhi_730x419.jpeg" alt="" width="730" height="419" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/02/sonia-gandhi-indira-gandhi_730x419.jpeg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/02/sonia-gandhi-indira-gandhi_730x419-300x172.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 730px) 100vw, 730px" /></p>
<p>31 अक्टूबर को इंदिरा गाँधी की ह्त्या हुई और उससे ठीक एक दिन पहले इंदिरा गाँधी उडीसा में प्रचार करके आ रही थी। रात में जब वो दिल्ली आई तो वो सो नहीं पाई और उन्हें नींद नहीं आई। सोनिया गाँधी ने अपनी किताब “राजीव” में ये जिक्र किया है और कहा की “उस रात जब लगभग तीन बजे मैं अपने दमे की दवाई लेने बाथरूम की तरफ गई तो देखा की वो सोई नहीं थी और मेरी आवाज सुनकर वो आई और मेरी दवाई ढूढने लगे और बोली की अगर तुम्हारी तबियत ज्यादा खराब हो तो मुझे जगा देना मैं जगी हुई हूँ”। यानी की उस रात इंदिरा सो नहीं पाई थी।</p>
<p>भले ही इंदिरा रात को ना सोई हो लेकिन सुबह सात बजे उठकर नाश्ता किया। उन्होंने नाश्ते में दो टोस्ट, अंडे और संतरे का जूस लिया। इस दिन उन्होंने केसरिया रंग की साडी पहनी थी जिसका बॉर्डर ब्लैक था। उस दिन उनके कई सारे अपॉइंटमेंट थे जिनमे वो शाम को पीटर उस्तीनोव से मिलने वाली थी जो की इंदिरा के ऊपर एक डाक्यूमेंट्री बना रहे थे और इसके बाद शाम को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री और मिजोरम के एक नेता से मिलना था।</p>
<p>वही ब्रिटेन की राजकुमारी ऐन को एक भोज देने वाली थी। नाश्ते के बाद उनके पास डॉक्टर केपी माथुर आये तब इंदिरा गाँधी मेकअप कर रही थी और डॉक्टर रोजाना इसी समय आया करते थे। लगभग 9 बजे इंदिरा गाँधी बाहर आई तो खुशनुमा धूप थी जिससे सिपाही नारायण सिंह ने छाता उनके ऊपर लगाया।</p>
<p>इसके बाद चल पड़ी अकबर रोड की तरफ। वो अकबर रोड की जाने वाले गेट के पास पहुची तो सरदार बेअंत सिंह और पास में सरदार सतवंत सिंह भी तैनात था जो की एक गार्ड था। इंदिरा जैसे की उनके पास से गुजरी तो इंदिरा ने खुद उन्हें नमस्ते कहा और इसके बाद बेअंत सिंह ने रिवाल्वर निकाली और एक के बाद तीन गोलियां इंदिरा को डाल दी। इंदिरा केवल इतना कह सकी की ये क्या कर रहे हो।</p>
<p>इसके बाद सतवंत सिंह ने स्टेनगन निकाली और उनके ऊपर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया और तीस गोलियां उन्हें लगी। आँख, मुह, छाती हर जगा उन्हें गोली लगी। इसके बाद सोनिया गाँधी भागते हुए गाउन में ही आई और सुरक्षाबलों की सहायता से उन्हें गाडी में बैठाया और अस्पताल लेकर गई।</p>
<p>वो गली में कह रही थी “मम्मी आँखे खोलिए, सोना नहीं”। सोनिया का पूरा गाउन लाल हो गया था। इसके बाद एम्स के डॉक्टर उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन इंदिरा गांधी की आँखे नहीं खुली।</p>
<p>एक दिन पहले आखिरी भाषण-</p>
<p>ऐसा लगता है की जैसे इंदिरा को आभास था मौत का और उन्होंने एक दिन पहले उडीसा में अपनी भाषण में कहा की “मैं आज यहाँ हूँ। कल शायद यहाँ न रहूँ और मुझे चिंता नहीं मैं रहूँ या न रहूँ। मेरा लंबा जीवन रहा है और मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपना पूरा जीवन अपने लोगों की सेवा में बिताया है। मैं अपनी आख़िरी सांस तक ऐसा करती रहूँगी और जब मैं मरूंगी तो मेरे ख़ून का एक-एक क़तरा भारत को मज़बूत करने में लगेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जानिए, कौंन से इंदिरा गांधी के बड़े फैसले ने बदल दिया भारत का इतिहास&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mamta Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Nov 2018 06:38:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[इंदिरा गांधी]]></category>
		<category><![CDATA[कौंन से इंदिरा गांधी के बड़े फैसले ने बदल दिया भारत का इतिहास...]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="600" height="400" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll.jpg 600w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll-300x200.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" />19 नवंबर, 1917 को जन्मी इंदिरा गांधी ने कई ऐसे बड़े फैसले लिए जिसने देश के इतिहास को बदल दिया। 19 जुलाई, 1969 को इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक अध्यादेश पारित किया। यह अध्यादेश देश के 14 निजी बैंकों के राष्ट्रीयकरण के लिए था। इन 14 बैंकों में देश का करीब 70 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="600" height="400" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll.jpg 600w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll-300x200.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><p><strong>19 नवंबर, 1917 को जन्मी इंदिरा गांधी ने कई ऐसे बड़े फैसले लिए जिसने देश के इतिहास को बदल दिया। 19 जुलाई, 1969 को इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक अध्यादेश पारित किया। यह अध्यादेश देश के 14 निजी बैंकों के राष्ट्रीयकरण के लिए था। इन 14 बैंकों में देश का करीब 70 फीसदी जमा था। अध्यादेश पारित होने के बाद इन बैंकों का मालिकाना हक सरकार के पास चला गया। ऐसा आर्थिक समानता को बढ़ावा देने के लिए किया गया। इस अध्यादेश को बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण एवं स्थानांतरण) था। उसके बाद इसी नाम से एक कानून आया। </strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-189285 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll-300x200.jpg" alt="" width="470" height="313" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll-300x200.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll-310x205.jpg 310w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/2018_11image_10_17_451412610dd-ll.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 470px) 100vw, 470px" /></p>
<p><strong>इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को ऐसा जख्म दिया है जिसकी टीस हमेशा उसको महसूस होती रहेगी। पाकिस्तान के लिए यह जख्म 1971 के बांग्लादेश युद्ध के रूप में था जिसके बाद पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। पाकिस्तान के सैन्य शासन ने पूर्वी पाकिस्तान के नागरिकों पर जुल्म की इंतहा कर दी थी। उसके नतीजे में करीब 1 करोड़ शरणार्थी भागकर भारत में चले आए थे। बाद में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ जिसमें न सिर्फ पाकिस्तान की शर्मनाक हार हुई बल्कि उसके 90,000 सैनिकों को भारत ने युद्धबंदी बनाया था।</strong></p>
<p><strong>इंदिरा गांधी के संबंध में इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। उस याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसला दिया था। छह सालों तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी। उनको संसद से भी इस्तीफा देने को कहा गया था। लेकिन इंदिरा गांधी ने हाई कोर्ट का फैसला मानने से इनकार कर दिया। उसके बाद देश भर में विरोध-प्रदर्शन होने लगे और उनसे इस्तीफा की मांग की जाने लगी। इस सबको देखते हुए इंदिरा गांधी ने 25 जून, 1975 को आपातकाल लगा दिया और बड़ी संख्या में विरोधियों के गिरफ्तारी का आदेश दिया। भारतीय लोकतंत्र में इस दिन को &#8216;काला दिन&#8217; कहा जाता है। आपातकाल करीब 19 महीने तक रहा। </strong></p>
<p><strong>जरनैल सिंह भिंडरावाले और उसके सैनिक भारत का बंटवारा करवाना चाहते थे। उनलोगों की मांग थी कि पंजाबियों के लिए अलग देश &#8216;खालिस्तान&#8217; बनाया जाए। भिंडरावाले के साथी गोल्डन टेंपल में छिपे हुए थे। उन आतंकियों को मार गिराने के लिए भारतीय सेना ने &#8216;ऑपरेशन ब्लूस्टार&#8217; चलाए थे। इस ऑपरेशन में भिंडरावाले और उसके साथियों को मार गिराया गया। साथ ही कुछ आम नागरिक भी मारे गए थे। बाद में इसी ऑपरेशन ब्लूस्टार का बदला लेने के मकसद से इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी।</strong></p>
<p><strong>1984 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन मेघदूत को अंजाम दिया था और पाकिस्तान की कब्र खोदी थी। इस ऑपरेशन की मंजूरी इंदिरा गांधी ने ही दी थी। दरअसल पाकिस्तान ने 17 अप्रैल, 1984 को सियाचिन पर कब्जा करने की योजना बनाई थी जिसकी जानकारी भारत को लग गई। भारत ने उससे पहले सियाचिन पर कब्जा करने की योजना बनाई और इस ऑपरेशन का कोड नाम &#8216;ऑपरेशन मेघदूत&#8217; था। </strong></p>
<p><strong>18 मई, 1974 भारतीय इतिहास का अहम दिन था। इसी दिन भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण करके दुनिया को हैरत में डाल दिया था। इस ऑपरेशन का नाम स्माइलिंग बुद्धा था।</strong></p>
<h3 class="post-box-title"><span style="color: #ff6600;"><a style="color: #ff6600;" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%a8%e0%a4%88-%e0%a4%b8%e0%a5%8c%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95/189021" target="_blank" rel="bookmark noopener">नई सौगात, मोदी कल केएमपी एक्&#x200d;सप्रेस वे का करेंगे उद्घाटन, जानिए एक्&#x200d;सप्रेस वे की खास बातें…</a></span></h3>
<p><strong>आजादी के बाद भारत में अपनी रियासतों का विलय करने वाले राजपरिवारों को एक निश्चित रकम देने की शुरुआत की गई थी। इस राशि को राजभत्ता या प्रिवी पर्स कहा जाता था। इंदिरा गांधी ने साल 1971 में संविधान में संशोधन करके राजभत्ते की इस प्रथा को खत्म किया। उन्होंने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताया था।</strong></p>
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		<title>सोनिया गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में चल रहे राष्ट्रीय जैविक मेले में पहुंची</title>
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		<dc:creator><![CDATA[somali sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Nov 2018 06:09:13 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[इंदिरा गांधी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="408" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3.jpg 727w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3-300x198.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3-310x205.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है  बेहद दिलचस्प है. सोनिया गांधी बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में चल रहे राष्ट्रीय जैविक मेले में पहुंची. रोचक बात ये है कि इस मेले का आयोजन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने किया है जिसकी मंत्री मेनका गांधी हैं. &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="408" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3.jpg 727w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3-300x198.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3-310x205.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है  बेहद दिलचस्प है. सोनिया गांधी बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में चल रहे राष्ट्रीय जैविक मेले में पहुंची. रोचक बात ये है कि इस मेले का आयोजन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने किया है जिसकी मंत्री मेनका गांधी हैं. सोनिया के इस कार्यक्रम में जाने से सियासी गलियारे में चर्चा के साथ साथ कई कयास भी लगाए जाने लगे हैं.<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-185777" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3.jpg" alt="" width="727" height="480" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3.jpg 727w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3-300x198.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/11/index-3-310x205.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 727px) 100vw, 727px" /></strong></p>
<p><strong>दरअसल केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में &#8216;वुमन ऑफ इंडिया नेशनल ऑर्गेनिक फेस्टिवल&#8217; का आयोजन किया है जिसमें देश भर की महिलाओं ने ऑर्गेनिक उत्पादों का स्टॉल लगाया है. मोदी सरकार में मेनका गांधी के पास इस मंत्रालय का जिम्मा है.</strong></p>
<p><strong>इसी फेस्टिवल में आज यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी नजर आई. वो आज सुबह कुछ देर के लिए यहां पहुंची थीं. हालांकि सोनिया के इस कार्यक्रम को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं जुट पाई है. मौके पर मेनका गांधी मौजूद भी नहीं थी. लेकिन मेनका गांधी के मंत्रालय के कार्यक्रम में सोनिया का पहुंचना अपने आप में बेहद दिलचस्प है. ऑर्गेनिक फेस्टिवल से जुड़े मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी के आने की पूर्व सूचना उन लोगों के पास नहीं थी. आमंत्रण भेजे जाने के सवाल पर सूत्र ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम का निमंत्रण तमाम अहम लोगों को भेजा ही जाता है.</strong></p>
<p><strong>आपको बता दें कि सोनिया गांधी और मेनका गांधी का आपस में जेठानी-देवरानी का रिश्ता है. वैसे उनके रिश्तों में काफी पहले से खटास आ चुकी है और दोनों के बीच की दूरियां जगजाहिर है.</strong></p>
<p><strong>सोनिया के इस कार्यक्रम में जाने के बारे में पूछने पर एक कांग्रेस नेता ने मुस्कुराते हुए कहा कि &#8216;ये रोचक है, कुछ तो चल रहा है&#8217;. दरअसल बीजेपी में हाशिए पर पड़े वरुण गांधी को लेकर ये कयास लगातार लगता रहा है कि वो कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या सोनिया गांधी का महिलाओं से जुड़े इस कार्यक्रम में पहुंचना सामान्य बात थी और या ये आने वाले दिनों की सियासत को लेकर कोई इशारा है?</strong></p>
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		<title>बिग ब्रेकिंग: हुआ बड़ा खुलासा इंदिरा गांधी के सिर्फ दो नहीं बल्कि तीन बेटे हैं, जिनमे से एक आज भी&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Aug 2017 07:00:03 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[इंदिरा गांधी]]></category>
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		<category><![CDATA[बिग ब्रेकिंग: हुआ बड़ा खुलासा इंदिरा गांधी के सिर्फ दो नहीं बल्कि तीन बेटे हैं]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="313" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/rajiv-and-amitabh.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="बिग ब्रेकिंग: इंदिरा गांधी के सिर्फ दो नहीं बल्कि तीन बेटे हैं, जिनमे से एक आज भी..." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/rajiv-and-amitabh.png 702w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/rajiv-and-amitabh-300x152.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन की दीवानगी के बारे में हर कोई जनता है बच्चों से लेकर बूढ़े तक हर कोई अमिताभ बच्चन का फेन है. अमिताभ काम को लेकर इतना सीरियस है फिर चाहे उनकी तबियत खराब हो चाहे वो किसी परेशानी में हों वो अपना काम पूरी मेहनत के साथ करते हैं. लेकिन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="313" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/rajiv-and-amitabh.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="बिग ब्रेकिंग: इंदिरा गांधी के सिर्फ दो नहीं बल्कि तीन बेटे हैं, जिनमे से एक आज भी..." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/rajiv-and-amitabh.png 702w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/rajiv-and-amitabh-300x152.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन की दीवानगी के बारे में हर कोई जनता है बच्चों से लेकर बूढ़े तक हर कोई अमिताभ बच्चन का फेन है. अमिताभ काम को लेकर इतना सीरियस है फिर चाहे उनकी तबियत खराब हो चाहे वो किसी परेशानी में हों वो अपना काम पूरी मेहनत के साथ करते हैं. लेकिन आज हम आपको बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन की ज़िन्दगी का वो सच बतायेगे जिसे पढ़कर शायद आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाए.<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-71309 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/rajiv-and-amitabh.png" alt="बिग ब्रेकिंग: इंदिरा गांधी के सिर्फ दो नहीं बल्कि तीन बेटे हैं, जिनमे से एक आज भी..." width="702" height="355" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/rajiv-and-amitabh.png 702w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/rajiv-and-amitabh-300x152.png 300w" sizes="auto, (max-width: 702px) 100vw, 702px" /></strong><strong><a title="Permalink to अभी-अभी: DM के मना करने के बावजूद भी RSS प्रमुख मोहन भागवत ने स्कूल में…" href="http://www.livehalchal.com/dm-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a6-rss-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/71296" target="_blank" rel="bookmark noopener">अभी-अभी: DM के मना करने के बावजूद भी RSS प्रमुख मोहन भागवत ने स्कूल में…</a></strong></p>
<p><strong>यह मामला बॉलीवुड के शंहशाह और पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के ज़िन्दगी से जुड़ी है. बच्चन और गांधी दोनों परिवारों के सिफ़ारिश किसी से भी नहीं छुपी है.</strong></p>
<p><strong> अमिताभ और इंदिरा दोनों की नजदीकियों ने एक ऐसी कहानी को जन्म दे दिया जिसका चारों तरह जिक्र किया गया था. ये तो सब जानते है कि अमिताभ और इंदिरा गांधी के बड़े बेटे राजीव बचपन से काफी अच्छे दोस्त थे. कुछ लोग का यह भी कहना है कि अमिताभ बच्चन इंदिरा गांधी के ही बेटे हैं लेकिन दोनों के बीच के रिश्ते का सच क्या है ये शायद ही भारत में कम ही लोग जानते हैं.</strong></p>
<p><strong>भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन के लिए एक सिफ़ारिश खत लिखा था लेकिन खत किस चीज़ की  सिफ़ारिश के लिए लिखा था वो कोई भी नहीं जानता. गांधी और बच्चन परिवार से जुड़ी बातों में से एक मामला ये है कि अमिताभ इंदिरा गांधी के पुत्र थे. इंदिरा गांधी की मौत हुए काफी साल हो गये है और अमिताभ खुद अपने उम्र के सातवें दशक में हैं।</strong></p>
<p><strong>अमिताभ और इंदिरा के रिश्ते को लेकर आज भी लोग बड़े मजाक उड़ाते है. अमिताभ को इंदिरा गांधी का पुत्र बताने के पीछे कई तरह तरह की बाते की जाती थी. कहा जाता है कि अमिताभ को बॉलीवुड में काम दिलाने के पीछे इंदिरा गांधी का एहम रोल था. लेकिन आज भी कुछ लोग है जो इस बात पर यकीन नहीं करते है.</strong></p>
<p><strong>सूत्रों की मानें तो, “जब अमिताभ बच्चन कुली के सेट पर घायल हुए थे तो हो इंदिरा गांधी ने ख़ुद से ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉक्टरों और प्रशासन को खास हिदायतें दी थी और कहा था किसी भी क़ीमत पर अमिताभ को कुछ नहीं होना चाहिए”.</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>इंदिरा गांधी के ही चलते अगले ही दिन विदेश से डॉक्टरों की टीम अमिताभ बच्चन के इलाज के लिए आई थी. हम सबने यह भी देखा था जब इंदिरा गांधी की अंतिम यात्रा में अमिताभ किस तरह उनके पास खड़े जैसे उनकी ही अपनी मां हो इतना ही नहीं वो अंतिम यात्रा के दौरान अमिताभ फूट-फूट कर रो रहे थे.</strong></p>
<p><strong>अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन और इंदिरा गांधी में भी काफी गहरी दोस्ती थी. बच्चन परिवार का गांधी परिवार में काफी आना जान था. इंदिरा गांधी हमेशा से हीअमिताभ को अपने बेटे की तरह स्नेह करती थीं।</strong></p>
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