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	<title>आर्थिक बदहाली का शिकार &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>पाकिस्&#x200d;तान कर्ज से कितनी भर पाएगा अपनी सरकारी तिजोरी, आर्थिक बदहाली का शिकार </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nandita Pal]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Apr 2019 09:59:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="284" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/IMRAN-34_5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/IMRAN-34_5.jpg 980w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/IMRAN-34_5-300x138.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/IMRAN-34_5-768x353.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />पाकिस्&#x200d;तान की आर्थिक हालत दिनों-दिन खस्&#x200d;ता होती जा रही है। सीईआईसी के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्&#x200d;तान पर विदेशी कर्ज का दायरा 2017 में जहां 96.7 बिलियन यूएस डॉलर था वह दिसंबर 2018 में बढ़कर 99.1 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुंच चुका है। 2006 के बाद से यह इसकी उच्&#x200d;चतम स्थिति है। इस खस्&#x200d;ताहाल स्थिति को &#8230;]]></description>
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<p>पाकिस्&#x200d;तान की आर्थिक हालत दिनों-दिन खस्&#x200d;ता होती जा रही है। सीईआईसी के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्&#x200d;तान पर विदेशी कर्ज का दायरा 2017 में जहां 96.7 बिलियन यूएस डॉलर था वह दिसंबर 2018 में बढ़कर 99.1 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुंच चुका है। 2006 के बाद से यह इसकी उच्&#x200d;चतम स्थिति है। इस खस्&#x200d;ताहाल स्थिति को सही करने के लिए पाकिस्&#x200d;तान लगातार विदेशी मदद के लिए हर दर पर जाकर कोशिश कर रहा है। यही कोशिश उसको पहले चीन और सऊदी अरब भी लेकर गई थी।</p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-225783 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/IMRAN-34_5.jpg" alt="" width="980" height="450" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/IMRAN-34_5.jpg 980w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/IMRAN-34_5-300x138.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/IMRAN-34_5-768x353.jpg 768w" sizes="(max-width: 980px) 100vw, 980px" /></p>
<p><strong>इमरान की कर्ज मांगने की कोशिशें </strong></p>
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<p>नमंत्री इमरान खान की कर्ज मांगने की कोशिशें रंग जरूर लाईं और चीन समेत सऊदी अरब और यूएई ने पाकिस्&#x200d;तान को अरबों डॉलर की मदद दी। लेकिन इस कर्ज से पाकिस्&#x200d;तान अपनी सरकारी तिजोरी कितनी और कब तक भरी रख सकेगा, यह एक बड़ा सवाल है। वो भी तब जबकि देश में मुद्रास्फिती की दर लगातार बढ़ रही है।</p>
<p>खाने-पीने की चीजों में बेतहाशा तेजी हो रही है। उद्योग धंधे लगातार सिमट रहे हैं और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह सवाल बेहद वाजिब हो जाता है।</p>
<p><strong>अमेरिका से मायूसी </strong><br />
वहीं दूसरी तरफ पाकिस्&#x200d;तान को कभी उसके करीबी रहे अमेरिका से भी कोई उम्&#x200d;मीद नहीं दिखाई दे रही है। अमेरिका लगातार पाकिस्&#x200d;तान पर शिंकजा कड़ा कर रहा है। पहले आतंकवाद के नाम पर दी जाने वाली आर्थिक मदद को कम किया और फिर इसको बंद भी कर दिया। इसके बाद वह अब पाकिसतानी नागरिकों को वीजा न देने पर भी विचार कर रहा है।</p>
<p>यदि अमेरिका ने इस मुद्दे पर पाकिस्&#x200d;तान के हितों के खिलाफ फैसला लिया तो इसके गंभीर परिणाम पाकिस्&#x200d;तान को भुगतने होंगे। यूं भी पाकिस्&#x200d;तान का विदेशी मुद्रा भंडार खाली होने की कगार पर पहुंच चुका है। यदि पाकिस्&#x200d;तान को दिवालिया कहा जाए तो यह भी वर्तमान हालातों में गलत नहीं होगा। इसके अलावा एफएटीएफ की आगामी बैठक पर भी पाकिस्&#x200d;तान की नजर लगी हुई है।</p>
<p><strong>एफएटीएफ पर निगाह </strong><br />
आपको बता दें कि एफएटीएफ ने फिलहाल पाकिस्&#x200d;तान को काली सूची में नहीं डाला है, लेकिन यदि पाकिस्&#x200d;तान आतंकवाद पर काबू पाने में नाकाम रहा और अपनी जमीन को आतंकियों की शरण स्थिली बनाए रखा तो यह संस्&#x200d;था पाकिस्&#x200d;तान को काली सूची में डाल देगी। इसके बाद पाकिस्&#x200d;तान में विदेशी निवेश के दरवाजे पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में पाकिस्&#x200d;तान बाहर से वित्&#x200d;तीय मदद भी नहीं ले सकेगा।</p>
<p><strong>खस्&#x200d;ताहाल विदेशी भंडार </strong><br />
आंकड़ों के मुताबिक दो माह पहले पाकिस्तान के पास महज आठ अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बचा था। अगस्त 2018 से ही पाकिस्&#x200d;तान खुद को डिफॉल्टर होने से बचाने की कोशिश में लगा है। इसके लिए पाकिस्&#x200d;तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का भी दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से उसको कुछ हासिल नहीं हो सका।</p>
<p>1980 के दशक के बाद से पाकिस्तान आईएमएफ़ की शरण में 13 बार जा चुका है। जहां तक पाकिस्&#x200d;तान को कर्ज देने की बात है तो इसमें चीन और सऊदी अरब सबसे आगे हैं।</p>
<p><strong>विदेशी कर्ज</strong><br />
आपको बता दें कि चीन से पिछले माह ही पाकिस्&#x200d;तान को 2.1 अरब डॉलर का कर्ज दिया गया है। इससे पहले पाकिस्तान को मदद के तौर पर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से भी एक-एक अरब डॉलर मिल चुके हैं। पिछले दिनों जब सऊदी के क्राउन प्रिंस पाकिस्&#x200d;तान गए थे तब उन्&#x200d;होंने पाकिस्तान में पेट्रोकेमिकल्स, ऊर्जा और खनन परियोजनाओं में 20 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी।</p>
<p>यहां आपको ये भी बता दें कि सऊदी अरब पहले भी कई बार पाकिस्&#x200d;तान की वित्&#x200d;तीय मदद कर चनुका है। वर्ष 2014 में पाकिस्तानी रुपया के धड़ाम होने पर भी सऊदी अरब ने इस्लामाबाद को डेढ़ अरब डॉलर की मदद दी थी।</p>
<p><strong>सीपैक समेत अन्&#x200d;य परियोजना </strong><br />
चीन की जहां तक बात है तो उसने चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर में 62 अरब डॉलर का निवेश किया है। वहीं अब दोनों देशों के बीच कराची-पेशावर रेलवे लाइन के अपग्रेडेशन, द्वितीय चरण के मुक्त व्यापार समझौते और एक शुष्क बंदरगाह (ड्राई पोर्ट) के विकास के मसौदे पर समझौता हुआ है।</p>
<p>दरअसल, पाकिस्तान के आर्थिक विकास के लिए कराची-पेशावर रेलवे ट्रैक का डबल ट्रैक में परिवर्तन जरूरी समझा जा रहा था, इसलिए पाकिस्तान ने इसके विकास पर दस्तखत किए हैं। इस परियोजना के तहत 1,680 किलोमीटर की लंबाई में नया रेलवे ट्रैक बनेगा। इसके लिए चीन 8.4 अरब डॉलर (58 हजार करोड़ रुपये) की सहायता देगा। पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 19 अरब डॉलर (1.32 लाख करोड़ रुपये) की मदद दे रहा है।</p>
<p><strong>चीन का कर्ज </strong><br />
आपको यहां पर ये भी बताना जरूरी होगा कि चीन का पाकिस्&#x200d;तान पर करीब दस बिलियन अमेरिकी डॉलर का कर्ज अभी बकाया है। मालदीप पर चीन का करीब 1.5 बिलियन यूएस डॉलर कर्ज है। इसके अलावा दक्षिण अमेरिकी देश इक्&#x200d;वाडोर ने 2024 तक तेल में 80 फीसद हिस्&#x200d;सेदारी चीन को देने के बदले में 6.5 बिलियन यूएस डॉलर का कर्ज लिया है।</p>
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