<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%B2-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%B8/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Mon, 18 May 2026 10:46:55 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>एरिजोना यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन सेरेमनी में AI के बारे में बताने लगे गूगल के पूर्व CEO</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%8f%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%97/672860</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 May 2026 10:46:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=672860</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="360" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/lkjl.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/lkjl.jpg 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/lkjl-300x175.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />एक समय था जब यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन सेरेमनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का नाम लेने पर तालियां गूंजती थीं, लोगों में उत्सुकता और उत्साह दिखता था। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। रविवार को एरिजोना यूनिवर्सिटी में गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट जब मुख्य भाषण दे रहे थे, तो जैसे ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="360" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/lkjl.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/lkjl.jpg 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/lkjl-300x175.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>एक समय था जब यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन सेरेमनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का नाम लेने पर तालियां गूंजती थीं, लोगों में उत्सुकता और उत्साह दिखता था। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। रविवार को एरिजोना यूनिवर्सिटी में गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट जब मुख्य भाषण दे रहे थे, तो जैसे ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र किया, छात्रों ने जमकर हूटिंग और विरोध शुरू कर दिया।</p>



<p>एरिक श्मिट जब ग्रेजुएट को संबोधित करते हुए आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और समाज पर एआई के प्रभाव की बात कर रहे थे, तो छात्रों ने बार-बार उनके भाषण में बाधा डाली। इस घटना के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्यों है एआई को लेकर गुस्सा?</h2>



<p>विरोध करने वाले वे छात्र थे जो एक एआई-फर्स्ट दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। यह वह पीढ़ी है जो चैटजीपीटी, इंस्टाग्राम, टिकटॉक एल्गोरिदम और कई एआई टूल्स के साथ बड़ी हुई है। उम्मीद यह थी कि यह पीढ़ी सबसे ज्यादा एआई समर्थक होगी, लेकिन इसके उलट समारोह के भीतर का माहौल पूरी तरह से चिंता और तिरस्कार से भरा हुआ था।</p>



<p>आज के युवा कर्मचारी और छात्र अब एआई को एक कूल प्रोडक्टिविटी टूल के रूप में नहीं, बल्कि शुरुआती स्तर की नौकरियों, रचनात्मक कार्यों और अपने दीर्घकालिक करियर के लिए एक सीधे खतरे के रूप में देख रहे हैं। मीडिया, डिजाइन, सॉफ्टवेयर से लेकर कस्टमर सपोर्ट तक, हर उद्योग में यह तनाव पिछले कई महीनों से लगातार बढ़ रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कहीं&nbsp;नौकरी खोने का डर, तो कहीं काम आसान होने की खुशी</h2>



<p>द कटिंग एज ग्रुप के संस्थापक और एआई शिक्षक अंश मेहरा का मानना है कि एआई के खिलाफ यह गुस्सा इंसानी मनोविज्ञान से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर लोग लॉस एवर्स होते हैं, जिसका मतलब है कि वे किसी भी नुकसान से बचने के लिए कुछ भी करेंगे, भले ही उन्हें आगे चलकर ज्यादा फायदा होने की उम्मीद हो।</p>



<p>हमारे लिए नौकरी खोने का डर, काम के ऑटोमेशन से मिलने वाली खुशी से कहीं ज्यादा मजबूत है। यही वजह है कि हर कोई एआई को लेकर डरा हुआ है।</p>



<p>अंश मेहरा के अनुसार, यही कारण है कि टेक कंपनियों द्वारा एआई का आक्रामक प्रचार अब उत्साह के बजाय लोगों में बेचैनी पैदा कर रहा है। अब एआई से जुड़े किसी भी बड़े विमर्श को एक अपग्रेड के रूप में नहीं, बल्कि एक खतरे के रूप में देखा जा रहा है।</p>



<p>नौकरियों के अलावा, छात्र एआई की रचनात्मक सीमाओं पर भी भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा भुवि शर्मा कहती हैं कि मेरा मानना है कि एआई केवल वही दोहरा सकता है जो उसके सिस्टम में फीड किया गया है। यह नए विचारों का आविष्कार या निर्माण नहीं कर सकता। यह आउट ऑफ द बॉक्स नहीं सोच सकता।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अन्य विश्वविद्यालयों में भी दिखा विरोध</h2>



<p>दिलचस्प बात यह है कि इस दीक्षांत सत्र में इस तरह के विरोध का सामना करने वाले एरिक श्मिट अकेले वक्ता नहीं हैं। इससे कुछ ही दिन पहले, यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा में भी छात्रों ने एक मुख्य वक्ता की तब हूटिंग की थी, जब उन्होंने एआई को अगली औद्योगिक क्रांति करार दिया था।</p>



<p>क्राइस्ट यूनिवर्सिटी की छात्रा लक्षिता गजेंद्र बाबू का मानना है कि भविष्य में केवल वही हुनर काम आएंगे जिन्हें मशीनें नहीं सीख सकतीं। उन्होंने कहा कि हर वह चीज जो विशिष्ट रूप से मानवीय है और जिसे रोबोट पूरी तरह से कॉपी नहीं कर सकता, वही आगे टिकेगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">बयानबाजी का विरोध</h2>



<p>हालांकि, अर्थशास्त्री और प्रोफेसर अभिरूप सरकार का कहना है कि एआई को रोकना अब असंभव है। कंपनियां बुनियादी ढांचे में अरबों का निवेश कर रही हैं, सरकारें नीतियां बना रही हैं और टेक लीडर्स इसे इस सदी की सबसे बड़ी तकनीक बता रहे हैं। लेकिन अनिवार्य होने का मतलब यह नहीं है कि लोग इस पर भरोसा भी करते हों।</p>



<p>बेंगलुरु के क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के लिबरल आर्ट्स विभाग की प्रमुख डॉ. प्रेरणा श्रीमाल के अनुसार,&#8221;एरिक श्मिट का विरोध देखकर मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ। छात्र एआई के विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे इस बात का विरोध कर रहे हैं कि जिस तरह इस बदलाव के दौर में उनके भविष्य को बहुत हल्के में दांव पर लगाया जा रहा है।&#8221;</p>



<p>खुद श्मिट ने भी अपने भाषण में इस चिंता को स्वीकार किया। उन्होंने माना कि उनकी पीढ़ी ने जो डिजिटल सिस्टम बनाया, वह उम्मीद से कहीं ज्यादा जटिल साबित हुआ।</p>



<p>श्मिट ने छात्रों से कहा, &#8220;आपकी पीढ़ी में एक डर है कि भविष्य पहले ही लिखा जा चुका है, मशीनें आ रही हैं, नौकरियां खत्म हो रही हैं, और आप एक ऐसी अव्यवस्था को संभाल रहे हैं जिसे आपने पैदा नहीं किया। मैं आपके इस डर को समझता हूं।&#8221;</p>



<p>छात्रों द्वारा किया गया यह विरोध इसलिए मायने रखता है क्योंकि वे तकनीक को खारिज नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे अब सिलिकॉन वैली के झूठे उत्साह और वादों को बिना सोचे-समझे स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वजन घटाने के लिए AI से डाइट प्लान लेना कितना सही, क्या इसके हो सकते हैं कुछ नुकसान?</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-ai-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/663163</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 08:17:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=663163</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="366" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/unnamed-file-34.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/unnamed-file-34.jpg 898w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/unnamed-file-34-300x178.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/unnamed-file-34-768x455.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारे जीवन के हर हिस्से में अपनी जगह बना चुका है। चाहे ऑफिस का काम हो या मनोरंजन, एआई हर जगह मौजूद है। इतना तक कि लोग अब अपनी सेहत और वेट लॉस के लिए भी चैटबॉट्स का सहारा ले रहे हैं। लेकिन क्या वजन कम करने के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="366" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/unnamed-file-34.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/unnamed-file-34.jpg 898w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/unnamed-file-34-300x178.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/unnamed-file-34-768x455.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारे जीवन के हर हिस्से में अपनी जगह बना चुका है। चाहे ऑफिस का काम हो या मनोरंजन, एआई हर जगह मौजूद है। इतना तक कि लोग अब अपनी सेहत और वेट लॉस के लिए भी चैटबॉट्स का सहारा ले रहे हैं।</p>



<p>लेकिन क्या वजन कम करने के लिए एआई से सलाह लेना फायदेमंद है या इसके भी कुछ नुकसान हो सकते हैं? आइए समझते हैं इस बारे में।</p>



<p><strong>एआई की मदद क्यों ले रहे हैं लोग?<br></strong>AI टूल्स वजन घटाने की प्रक्रिया को बहुत आसान बना देते हैं। ये आपको तुरंत डाइट प्लान बनाकर दे सकते हैं, आपकी कैलोरी काउंट कर सकते हैं और आपको वर्कआउट के रिमाइंडर भेज सकते हैं। यह 24/7 उपलब्ध एक पर्सनल कोच की तरह लगता है जो आपके एक क्लिक पर हाजिर है, लेकिन, सुविधा के साथ-साथ इसके कुछ गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं।</p>



<p><strong>इसके नुकसान क्या हो सकते हैं?<br></strong>हालांकि, एआई बहुत स्मार्ट है, लेकिन यह कोई डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट नहीं है। इसलिए वेट लॉस के लिए डॉक्टर की जगह एआई पर निर्भर होना खतरनाक भी हो सकता है।</p>



<p>अलग-अलग जरूरतें- हर इंसान का मेटाबॉलिज्म, जेनेटिक्स और मेडिकल हिस्ट्री अलग होती है। एआई अक्सर उपलब्ध डेटा के आधार पर एक जनरल सलाह देता है। यह आपके शरीर की उन छोटी-छोटी जरूरतों को नहीं समझ पाता जो एक डायटिशियन या डॉक्टर समझ सकते हैं।<br>मेडिकल कंडीशन की अनदेखी- अगर आपको थायरॉइड, पीसीओडी, डायबिटीज या कोई अन्य छिपी हुई बीमारी है, तो एआई का दिया गया डाइट प्लान आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। गलत डाइट से शरीर में पोषक तत्वों की कमी या हार्मोनल असंतुलन पैदा हो सकता है।<br>क्रैश डाइट और मानसिक तनाव- कई बार एआई तेजी से वजन घटाने के चक्कर में बहुत कम कैलोरी वाली डाइट का सुझाव दे सकता है। इससे न केवल शारीरिक कमजोरी आती है, बल्कि बार-बार कैलोरी ट्रैक करने और मशीन के निर्देशों का पालन करने से व्यक्ति में ईटिंग डिसऑर्डर या मानसिक तनाव बढ़ सकता है।<br>डेटा पर सवाल- एआई वही जानकारी देता है जो उसे इंटरनेट पर मौजूद डेटा से मिलती है। इंटरनेट पर वेट लॉस से जुड़ी बहुत सी गलत जानकारी भी मौजूद है। ऐसे में एआई की दी गई सलाह हमेशा सही हो, यह जरूरी नहीं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महाकुंभ</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%b2-%e0%a4%87/661249</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 06:37:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=661249</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/tygjh.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/tygjh.png 711w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/tygjh-300x168.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सोमवार (16 फरवरी, 2026) से शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) तक चलने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसके महाकुंभ&#160;एआई इंपैक्ट समिट 2026&#160;में हिस्सा लेने के लिए दुनियाभर के दिग्गज दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस शिखर सम्मेलन के जरिये तेजी से बदलती एआई की दुनिया को समझना और आम लोगों तक इसके फायदे और असर को पहुंचाना आसान हो सकता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/tygjh.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/tygjh.png 711w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/tygjh-300x168.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सोमवार (16 फरवरी, 2026) से शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) तक चलने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसके महाकुंभ&nbsp;एआई इंपैक्ट समिट 2026&nbsp;में हिस्सा लेने के लिए दुनियाभर के दिग्गज दिल्ली पहुंच चुके हैं।</p>



<p>इस शिखर सम्मेलन के जरिये तेजी से बदलती एआई की दुनिया को समझना और आम लोगों तक इसके फायदे और असर को पहुंचाना आसान हो सकता है। समिट की महत्ता इसी बात से समझी जा सकती है कि&nbsp;इसमें न केवल टेक कंपनियों के दिग्गज, बल्कि अनेक देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी हिस्सा ले रहे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एआई इंपैक्ट समिट क्या है?</h2>



<p>इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और इंडिया एआई मिशन की पहल है। यह पांच दिन का कार्यक्रम है, जिसमें पॉलिसी, रिसर्च, इंडस्ट्री और आम भागीदारी, सबको जोड़ा गया है।&nbsp;सरकार ने इस समिट की थीम रखी है- सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।</p>



<h2 class="wp-block-heading">इस समिट में क्या होगा?</h2>



<p>समिट में टेक लीडर्स एआई को लेकर भविष्य की योजना बताएंगे। एक्सपो में 300 से ज्यादा प्रोजेक्ट दिखाए जाएंगे।&nbsp;यहां लोग जान सकेंगे कि अभी एआई में क्या नया हो रहा है और भविष्य में क्या बदलाव आनेवाला है।&nbsp;विशेषज्ञ बताएंगे कि अब तक क्या रिसर्च हुई है और आगे किन विषयों पर काम चल रहा है। साथ ही एआई से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">इससे पहले कहां हो चुकी है समिट?</h2>



<p>साल 2023 में&nbsp;सबसे पहले एआई समिट ब्रिटेन में हुई थी।&nbsp;इसमें एआई से जुड़े खतरों और सुरक्षा पर चर्चा हुई थी। इसके बाद मई, 2024 में दक्षिण कोरिया में एआई को सुरक्षित और समावेशी बनाने पर जोर दिया गया था। फरवरी, 2025 में पेरिस में एआई एक्शन समिट में एआई को सार्वजनिक हित और टिकाऊ विकास से जोड़ने पर चर्चा हुई थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पिछली सभी समिट का क्या परिणाम रहा?</h2>



<p>2023 में&nbsp;ब्रिटेन में हुई समिट में गोपनीयता, डाटा सुरक्षा, जवाबदेही और मानव निगरानी जैसे मुद्दों को उठाया गया।&nbsp;सियोल में एआई जोखिम को समझने और जांचने के लिए वैज्ञानिक सहयोग जरूरी बताया गया। पेरिस में 2025 की समिट में कहा गया कि एआई का उपयोग सार्वजनिक भलाई के लिए होना चाहिए।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दिल्ली की समिट की क्या है अहमियत?</h2>



<p>दिल्ली समिट को सरकार ग्लोबल साउथ में पहली वैश्विक एआई समिट बता रही है। इस बार चर्चा सिर्फ एआई के खतरे तक नहीं, बल्कि इस पर है कि&nbsp;एआई का फायदा गरीब और मध्यम वर्ग तक कैसे पहुंचे।&nbsp;सरकार ने इसे एआई विभाजन को खत्म करने की दिशा में एक कदम बताया है। यानी तकनीक से लैस और तकनीक रहित लोगों के बीच दूरी कम हो।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दिल्ली की समिट की क्या है अहमियत?</h2>



<p>दिल्ली समिट को सरकार ग्लोबल साउथ में पहली वैश्विक एआई समिट बता रही है। इस बार चर्चा सिर्फ एआई के खतरे तक नहीं, बल्कि इस पर है कि&nbsp;एआई का फायदा गरीब और मध्यम वर्ग तक कैसे पहुंचे।&nbsp;सरकार ने इसे एआई विभाजन को खत्म करने की दिशा में एक कदम बताया है। यानी तकनीक से लैस और तकनीक रहित लोगों के बीच दूरी कम हो।</p>



<h2 class="wp-block-heading">एआई इंपैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे ये दिग्गज</h2>



<p>इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में 100 से ज्यादा देशों का प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा। 20 सरकारों के प्रमुख, कई देशों के मंत्री और दुनियाभर की प्रमुख कंपनियों के 50 से ज्यादा सीईओ शामिल होंगे। इसमें भारतीय कंपनियों के प्रमुख भी होंगे। समिट में एआई इकोसिस्टम से जुड़े करीब 500 लोग हिस्सा लेंगे, जिसमें इनोवेटर्स, रिसर्चर, चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर शामिल हैं।</p>



<p>भारत से आरआईएल के प्रमुख मुकेश अंबानी, टाटा संस के नटराजन चंद्रशेखरन, इंफोसिस के नंदन नीलेकणी, भारती समूह के सुनील भारती मित्तल, टीसीएस के के कृतिवासन, एचसीएल टेक की रोशनी नादर, इंफोसिस के सलिल पारेख जैसे दिग्गज शामिल हो सकते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सैम अल्टमैनसैम</h2>



<p>अल्टमैन ओपन एआई के सह संस्थापक और सीईओ हैं। उन्होंने चैटजीपीटी जैसे एडवांस एआई मॉडल को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ब्रैड स्मिथ ब्रैड</h2>



<p>स्मिथ माइक्रोसाफ्ट के अध्यक्ष हैं। कंपनी में वह कानूनी मामलों, नियामक नीतियों और तकनीकी नैतिकता से जुड़े विषयों को देखते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">यान लेकुनयान लेकुन</h2>



<p>मेटा में चीफ एआई विज्ञानी हैं। डीप लर्निंग और कन्वोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क (सीएनएन) के विकास में उनकी विशेष भूमिका रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्रिस्टियानो एमोन</h2>



<p>क्रिस्टियानो एमोन क्वालकाम के सीईओ हैं। सेमीकंडक्टर और 5जी तकनीक में उनकी अहम भूमिका रही है। मोबाइल चिपसेट और आइओटी को उन्होंने आगे बढ़ाया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">डारियो अमोडेईडारियो</h2>



<p>अमोडेई एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक और सीईओ हैं। एडवांस लैंग्वेज माडल के विकास में उनका खास योगदान माना जाता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">डेमिस हसाबिस</h2>



<p>डेमिस हसाबिस ब्रिटिश एआई विज्ञानी हैं। वह डीपमाइंड के सह-संस्थापक और सीईओ हैं। हसाबिस को न्यूरोसाइंस और एआई के क्षेत्र में अग्रणी रिसर्चर माना जाता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सुंदर पिचाई</h2>



<p>सुंदर पिचाई गूगल और अल्फाबेट के सीईओ हैं। उन्होंने तकनीकी इनोवेशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खूब वायरल हो रही हैं एआई से बनी फोटो और वीडियो</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%96%e0%a5%82%e0%a4%ac-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%b8%e0%a5%87/548038</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Mar 2024 08:07:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टेक्नोलॉजी]]></category>
		<category><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस]]></category>
		<category><![CDATA[एआई]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=548038</guid>

					<description><![CDATA[<img width="462" height="486" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-1-15-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-1-15.jpg 462w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-1-15-medium.jpg 285w" sizes="auto, (max-width: 462px) 100vw, 462px" />आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स से बनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। इनमें नेताओं और सलेब्ल की फोटो वीडियो होती हैं। इन फोटो और वीडियो में कौन-सी AI की मदद से तैयार की गई हैं इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। यहां हम आपके साथ कुछ ऐसे टिप्स शेयर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="462" height="486" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-1-15-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-1-15.jpg 462w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-1-15-medium.jpg 285w" sizes="auto, (max-width: 462px) 100vw, 462px" />
<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स से बनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। इनमें नेताओं और सलेब्ल की फोटो वीडियो होती हैं। इन फोटो और वीडियो में कौन-सी AI की मदद से तैयार की गई हैं इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। यहां हम आपके साथ कुछ ऐसे टिप्स शेयर कर रहे हैं जिनसे इन्हें पहचान सकते हैं।</p>



<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का प्रयोग हर क्षेत्र में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए हो रहा है। लेकिन, दूसरी ओर इसके दुरुपयोग से इंटरनेट में गलत इन्फॉर्मेशन की भरमार है। आए दिन हमें व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर AI जनरेटेड कंटेंट वायरल होते रहते हैं।</p>



<p>वायरल हो रहे इन कंटेंट में बॉलीवुड सलेब्स, स्पोर्ट्समैन और नेताओं के फोटो वीडियो शामिल होते हैं। AI जनरेटेड कंटेंट की आसानी से पहचान की जा सकती हैं। यहां हम आपके साथ कुछ तरीके शेयर कर रहे हैं, जिनसे आप एआई की मदद से तैयार फोटो और वीडियो की पहचान कर सकते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आसानी से करें AI जनरेटेड कंटेंट की पहचान</h2>



<p><strong>सोर्स की पहचान :&nbsp;</strong>कोई भी वीडियो या फोटो एआई से बना है या नहीं इसकी पहचान ऑरिजनल सोर्स से कर सकते हैं। इसके लिए आप गूगल इमेज सर्च की मदद ले सकते हैं। इसके साथ ही दूसरे इमेज सर्च टूल्स जैसे TinEye और Yandex की भी मदद ली जा सकती है।</p>



<p>यहां इमेज अपलोड कर आपको इससे जुड़े रिजल्ट दिखाई देंगे। इससे आप इमेज के सोर्स का पता कर सकते हैं। अगर इमेज इंटरनेट पर पहले मौजूद नहीं होगी तो रिजल्ट नहीं मिलेंगे।</p>



<p><strong>फोटो के बैकग्राउंड को ध्यान से देखें :</strong>&nbsp;एआई की मदद से बनी फोटो को ध्यान से देखने पर आप पाएंगे इनका बैकग्राउंड काफी ब्लरी और अधूरा होता है। इसे जूम करके देखेंगे तो आप अंतर साफ देख पाएंगे।</p>



<p>ऐसा इस वजह से होता है कि AI सिर्फ फोटो बनाने में मुख्य ऑब्जेक्ट पर ही फोकस करता है। यही कारण है कि बैकग्राउंड को देखकर आप ऐसी फोटोज को आसानी से पहचान सकते हैं।</p>



<p><strong>डिस्क्रिप्शन या वॉटरमार्क :&nbsp;</strong>एआई से बनी फोटो में वॉटरमार्क होता है। ध्यान से देखने पर आप इसकी पहचान इससे कर सकते हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई जनरेटेड वीडियो या फोटो शेयर किया हो तो इसके कीवर्ड, टैग या डिस्क्रिप्शन को पढ़कर आप यह जान सकते हैं कि इसे AI से बनाया गया है या नहीं।</p>



<p><strong>हावभाव और बारीकियां :</strong> एआई से तैयार किए फोटो और वीडियो को ध्यान से देखें तो हावभाव और बारीकियों को देखकर इनकी पहचान करवाई जा सकती है।</p>



<p>फोटो-वीडियो में व्यक्ति की आंखे, दांत, बाल, और शरीर के दूसरे अंगों की बनावट में गड़बडी से एआई जनरेटेड फोटो और वीडियो की पहचान की जा सकती है। एआई से बनी तस्वीर और वीडियो में अक्सर ऑब्जेक्ट एक दूसरे से मैश-अप रहती हैं।</p>



<p><strong>एआई-डिटेक्शन टूल्स :&nbsp;&nbsp;</strong>एआई से बनी फोटो और वीडियो को पहचानने का सबसे आसान तरीका है। एआई-डिटेक्शन टूल्स जैसे- माइक्रोसॉफ्ट वीडियो ऑथेंटिकेटर, एआई और नॉट जैसे टूल्स की मदद से इनकी पहचान आसानी से की जा सकती है। इसके साथ ही गूगल क्रोम ब्राउजर पर कई एक्सटेंशन भी मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जल्द ही अध्ययन शुरू करेगी CCI</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%b2-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%aa/546228</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Mar 2024 11:11:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टेक्नोलॉजी]]></category>
		<category><![CDATA[CCI]]></category>
		<category><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=546228</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="371" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-3-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-3-3.jpg 720w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-3-3-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />CCI के के प्रमुख रवनीत कौर ने मंगलवार को कहा कि ऐसे में निष्पक्ष व्यापार नियामक CCI जल्द ही एंटीट्रस्ट चिंताओं की गहन समझ हासिल करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक बाजार अध्ययन शुरू करेगा। जल्द ही भारत में बाजारों में एआई और एआई के उपयोग के मामलों के विकसित परिदृश्य की व्यापक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="371" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-3-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-3-3.jpg 720w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/technology-3-3-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>CCI के के प्रमुख रवनीत कौर ने मंगलवार को कहा कि ऐसे में निष्पक्ष व्यापार नियामक CCI जल्द ही एंटीट्रस्ट चिंताओं की गहन समझ हासिल करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक बाजार अध्ययन शुरू करेगा। जल्द ही भारत में बाजारों में एआई और एआई के उपयोग के मामलों के विकसित परिदृश्य की व्यापक समझ विकसित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक बाजार अध्ययन शुरू किया जाएगा।</p>



<p>AI को लेकर लगातार नई समस्याएं सामने आ रही है। खासकर गूगल का चैटबॉट कई विवादों की हिस्सा बना हुआ है। CCI के के प्रमुख रवनीत कौर ने मंगलवार को कहा कि  ऐसे में निष्पक्ष व्यापार नियामक CCI जल्द ही एंटीट्रस्ट चिंताओं की गहन समझ हासिल करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक बाजार अध्ययन शुरू करेगा।  एआई अनुप्रयोग हाल ही में विभिन्न क्षेत्रों में अधिक आम होते जा रहे हैं।</p>



<p>कौर ने यह भी  कहा कि हम जल्द ही भारत में बाजारों में एआई और एआई के उपयोग के मामलों के विकसित परिदृश्य की व्यापक समझ विकसित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक बाजार अध्ययन शुरू करेंगे, जो नवाचार और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोग की रणनीतियों को सूचित कर सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">AI को लेकर जल्द शुरू होगा अध्ययन</h2>



<p>जनवरी में उन्होंने घोषणा की कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) जल्द ही व्यवसायों और सेवाओं पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक अध्ययन आयोजित करने के लिए एक निविदा जारी करेगा।</p>



<p>चेयरपर्सन ने आगे कहा कि सेटलमेंट एंड कमिटमेंट पर नियम जल्द ही जारी किए जाएंगे। बहुत जल्द, आप टर्नओवर और आय के निर्धारण पर निपटान प्रतिबद्धता ढांचे पर अन्य नियम और मौद्रिक दंड के लिए दिशानिर्देश लागू होते देखेंगे। सीसीआई ने अगस्त 2023 में प्रतिस्पर्धा कानून के तहत प्रतिबद्धता और निपटान प्रावधानों के लिए मसौदा नियम जारी किए। प्रावधानों का उद्देश्य त्वरित बाजार सुधार सुनिश्चित करना है।</p>



<p>आयोग को विभिन्न क्षेत्रों के बाजार में अनुचित व्यापार प्रथाओं पर अंकुश लगाने और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का अधिकार है। चेयरपर्सन ने कहा कि डिजिटल बाजारों में विकास ने सीसीआई की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता की ओर भी इशारा किया है।</p>



<p>आयोग के भीतर डिजिटल बाजारों के लिए विशेषज्ञता के एक विशेष अंतर-अनुशासनात्मक केंद्र के रूप में काम करने के लिए आयोग द्वारा डिजिटल बाजार और डेटा इकाई की स्थापना की गई है। विभिन्न न्यायक्षेत्रों में आर्थिक विश्लेषण, साक्ष्य&nbsp; और प्रतिस्पर्धा कानून प्रवर्तन की भूमिका में पिछले कुछ वर्षों में लगातार वृद्धि देखी गई है।</p>



<p>कौर ने कहा कि&nbsp; एंटीट्रस्ट और अन्य निर्णय अब आर्थिक सिद्धांतों पर आधारित हैं जिनका अनुभवजन्य परीक्षण किया गया है। ये नुकसान के सिद्धांतों की पहचान करने में मदद करते हैं, ऐसे नुकसानों को प्रभावी ढंग से संबोधित करते हैं, जबकि समर्थक प्रतिस्पर्धी प्रथाओं और नवाचार को पनपने की अनुमति देते हैं।</p>



<p>यह तभी होता है जब प्रतिस्पर्धा के अवसर संरक्षित होते हैं और प्रतिस्पर्धा-विरोधी होते हैं बाधाएं दूर हो गई हैं जिससे बाजार अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए कुशल परिणाम दे सकते हैं।&nbsp;</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत की वृद्धि के लिए जरूरी डिजिटल अर्थव्यवस्था</h2>



<p>इस बीच, नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था भारत की वृद्धि के लिए प्रमुख चालक हो सकती है। यह उच्च गुणवत्ता वाली सामाजिक सेवाओं के साथ-साथ मानव संसाधनों को उन्नत कर सकती है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि एआई विशेषज्ञ प्रणाली, डिजिटल एक ऐसी चीज है जो भारत को बदल सकती है। एआई आपको आगे बढ़ने और हर किसी के लिए सबसे अच्छी चीज प्राप्त करने की अनुमति देता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
