आप भी हो जायेंगे हैरान – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 26 Oct 2018 11:32:44 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg आप भी हो जायेंगे हैरान – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 कैंसर के मरीजों के बाल काटने की वजह जानकर, आप भी हो जायेंगे हैरान https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%9f/181163 Fri, 26 Oct 2018 11:32:44 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=181163 कैंसर एक असाध्य बीमारी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि कैंसर के मरीज को जानलेवा दर्द से गुजरना पड़ता है। कैंसर के मरीजों को आपने देखा होगा, तो एक बात गौर की होगी कि उनके बाल काट दिए जाते हैं। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने अपनी एक फोटो सोशल मीडिया …]]>

कैंसर एक असाध्य बीमारी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि कैंसर के मरीज को जानलेवा दर्द से गुजरना पड़ता है। कैंसर के मरीजों को आपने देखा होगा, तो एक बात गौर की होगी कि उनके बाल काट दिए जाते हैं। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने अपनी एक फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड की थी, जिसमें उनके सिर पर एक भी बाल नहीं था। हालांकि इसके बाद उन्होंने बिग पहने भी अपनी कई फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं। अब ऐसे में अक्सर यह सवाल मन में आता है कि आखिर कैंसर मरीजों के बाल क्यों झड़  जाते हैं या काट दिए जाते हैं, तो चलिए आज हम  आपको इसका जवाब दे देते हैं। 

दवाइयों  का असर— कैंसर मरीज को कई दवाइयों का सेवन करना पड़ता है। दर्द से  राहत के लिए उसे कई तरह के इंजेक्शन लगाए जाते हैं और दवाइयां दी जाती हैं। इन दवाइयों का मरीज के शरीर पर साइड इफेक्ट होता है, जिसका सबसे ज्यादा असर बालों पर पड़ता है और बाल झड़ जाते हैं। 

कीमोथैरेपी— कैंसर के मरीज को ठीक करने के लिए डॉक्टर कीमोथैरेपी के जरिए कैंसर सेल को नष्ट करते हैं। इस थैरेपी में जिस रसायन का उपयोग किया जाता है, उससे बाल झड़ जाते हैं। इसके साथ ही मरीज को इंफेक्शन से बचाने के लिए भी बाल काट दिए जाते हैं। इसके अलावा बाल झड़ने की समस्या कम करने के लिए कुछ प्रकार के कीमोथेरेपी उपचारों हेतु स्कैल्प कूलिंग का प्रयोग किया जा सकता है, जिसमें  बाल पूरी तरह से काट दिए जाते हैं। 

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इस स्कूल यूनिफार्म की कीमत ने उड़ा रखे हैं सभी के होश, आप भी हो जायेंगे हैरान https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%ae/116461 Mon, 12 Feb 2018 08:02:04 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=116461 आजकल स्कूल इतने बड़े बड़े हो गए जहाँ की फीस सुनकर ही हमारे होश उड़ जाते हैं. लेकिन महंगे स्कूल होने के कारण बच्चों में उनमे भेजना ही पड़ता है. अपनी फीस के कारन कई स्कूल चर्चा में रहते हैं. लेकिन आज हम स्कूल की नहीं बल्कि स्कूल की यूनिफार्म के बारे में बात कर …]]>

आजकल स्कूल इतने बड़े बड़े हो गए जहाँ की फीस सुनकर ही हमारे होश उड़ जाते हैं. लेकिन महंगे स्कूल होने के कारण बच्चों में उनमे भेजना ही पड़ता है. अपनी फीस के कारन कई स्कूल चर्चा में रहते हैं. लेकिन आज हम स्कूल की नहीं बल्कि स्कूल की यूनिफार्म के बारे में बात कर रहे हैं जो ड्रेस की कीमत को लेकर चर्चा में बना हुआ है.इस स्कूल यूनिफार्म की कीमत ने उड़ा रखे हैं सभी के होश, आप भी हो जायेंगे हैरान

जी हाँ, दरअसल, जापान की राजधानी टोक्यो की Ginza शहर में ताईमेई एलिमेंट्री(Taimei Elementary) नाम का स्कूल है जहाँ पर बच्चों के स्कूल यूनिफार्म की कीमत है 80,000 येन यानि करीब 49 हजार रुपए. स्कूल ने यूनिफार्म का ब्रांड बदल कर अरमानी ब्रांड कर दिया है जिसकी कीमत इतनी है कि बच्चों के माता पिता परेशान हो रहे हैं. स्कूल प्रशासन के इस फैसले से बच्चों के माँ बाप काफी परेशान है और उन्होंने इस यूनिफार्म को खरीदने से मना कर दिया है.

जापान में स्कूल शिक्षा को काफी महत्व दिया जाता है और उसी को देखते हुए स्कूल प्रशाशन ने ड्रेस को स्टाइलिश बनाने के लिए ये फैसला लिया है. इस पर सभी पेरेंट्स ने विरोध किया और उन्होंने इस यूनिफार्म को खरीदने से मना कर दिया है. लेकिन दूसरी ओर जापान के मशहूर शिक्षाविद नाओकी ओगी का मानना है कि स्कूल ड्रेस उनके लिए है जो उसे गर्व के साथ पहनना चाहते हैं ना कि गरीब बच्चों के लिए.

अब जब बच्चे ही इतनी महँगी ड्रेस पहनेंगे तो पढाई क्या खाक होगी. ऐसे में बच्चों की फीस कहाँ से भरी जाएगी और उन्हें इस यूनिफार्म का खर्च कहाँ से उठाना होगा. अगर हमारे देश में ऐसा हो जाये तो यहाँ के बच्चे स्कूल जाना ही छोड़ देंगे.

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