अहसास – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 08 Nov 2025 04:44:04 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg अहसास – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 यूपी: नवंबर में दिसंबर जैसी सर्दी का अहसास https://livehalchal.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%b8/642320 Sat, 08 Nov 2025 04:44:00 +0000 https://livehalchal.com/?p=642320 नवंबर के पहले सप्ताह में ही ठंड अपना रंग दिखाने लगी है। प्रदेश में अब दिन की धूप भले ही गर्माहट दे रही हो, लेकिन रातें तेजी से सिहरन भरी होती जा रही हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तड़के कोहरे की चादर दिखने लगी है। कानपुर शहर 9.2 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश में …]]>

नवंबर के पहले सप्ताह में ही ठंड अपना रंग दिखाने लगी है। प्रदेश में अब दिन की धूप भले ही गर्माहट दे रही हो, लेकिन रातें तेजी से सिहरन भरी होती जा रही हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तड़के कोहरे की चादर दिखने लगी है। कानपुर शहर 9.2 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। वहीं इटावा में 9.6 और बुलंदशहर में 11 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

पछुआ हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी है। रात के पारे में अच्छी खासी गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को पूरब से पश्चिम तक मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली, लखनऊ, कानपुर, हरदोई, वाराणसी और बाराबंकी सहित प्रदेश के 10 से ज्यादा जिलों में रात का तापमान 15 डिग्री या इसके आसपास दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि आने वाले दो दिनों में दिन के अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। साथ ही तराई और पूर्वांचल क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक सुबह कोहरा देखने को मिलेगा।

पछुआ के जोर से एक दिन में 5.3 डिग्री लुढ़का पारा
राजधानी में शुक्रवार को माैसम ने एकदम से करवट ली। बृहस्पतिवार और शुक्रवार के बीच की रात ठंडी पछुआ हवा चली और पारे में 5.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट से अचानक सिहरन भरी ठंड शुरू हो गई।

शाम में लोगों को गर्म कपड़ों और शाॅल आदि की जरूरत महसूस हुई। शुक्रवार को तड़के सुबह शहर के बाहरी इलाकों में कोहरे का असर रहा। दिन में गुनगुनी धूप खिली और दिन के तापमान में 0.7 डिग्री की गिरावट आई।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तरी पछुआ हवाओं के जोर से शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री से ज्यादा की गिरावट से एकदम से ठंड बढ़ी है। आगे अब रात का पारा लगभग स्थिर रहेगा और दिन के पारे में अगले दो दिनों में लगभग दो डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी।

शुक्रवार को दिन का तापमान 0.7 डिग्री की गिरावट के साथ 29.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। वहीं रात का तापमान 5.3 डिग्री की गिरावट के साथ 13.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

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हरियाणा: दिन का तापमान 3.5 डिग्री तक गिरा, पहाड़ों में बर्फबारी से ठंड का अहसास https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-3-5-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%97/640580 Wed, 29 Oct 2025 06:16:13 +0000 https://livehalchal.com/?p=640580 पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार को प्रदेश के दक्षिणी व मध्यवर्ती जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई, जबकि कई जिलों में बादल छाए रहे। मौसम में इस बदलाव में दिन के तापमान में भी 3.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बुधवार को भी विक्षोभ का असर रहेगा। मौसम विशेषज्ञ …]]>

पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार को प्रदेश के दक्षिणी व मध्यवर्ती जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई, जबकि कई जिलों में बादल छाए रहे। मौसम में इस बदलाव में दिन के तापमान में भी 3.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बुधवार को भी विक्षोभ का असर रहेगा।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी व मध्य राजस्थान पर बना है। इसके अलावा अरब सागर पर अत्यधिक कम दबाव का क्षेत्र व बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती तूफान सक्रिय है। मगर विक्षोभ के कमजोर होने के कारण इनका ज्यादा आंशिक असर ही देखने को मिल रहा है। मंगलवार को प्रदेश के दक्षिणी व मध्यवर्ती जिलों में ही कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई जबकि पश्चिमी जिलों में सिर्फ बादल ही छाए रहे।

वहीं, उत्तरी जिलों में इसका कोई असर नहीं हुआ। हालांकि दिन भर हवाओं की दिशा में भी बार-बार बदलाव होता रहा। कभी उत्तरी, कभी उत्तर पश्चिमी तो कभी दक्षिणी पूर्वी हवाएं चलती रहीं। लगातार बादलों के छाने से तापमान में गिरावट आई है। चूंकि इस विक्षोभ के कारण पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है तो आने वाले दिनों में दिन व रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी।

ये रहा अधिकतम तापमान

अंबाला-30.0 डिग्री

हिसार-30.0 डिग्री

करनाल-29.6 डिग्री

नारनौल-27.0 डिग्री

रोहतक-27.2 डिग्री

सिरसा-30.6 डिग्री

चरखी दादरी-27.4 डिग्री

फरीदाबाद-25.5 डिग्री

गुरुग्राम-25.2 डिग्री

जींद-29.6 डिग्री

कैथल-28.1 डिग्री

कुरुक्षेत्र-28.2 डिग्री

पलवल-27.1 डिग्री

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तेज धूप से मार्च में लोगों को गर्मी की दस्तक का अहसास https://livehalchal.com/up-107/547732 Thu, 14 Mar 2024 04:41:37 +0000 https://livehalchal.com/?p=547732 तेज धूप के कारण मार्च के मध्य महीने में ही लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा है। हालांकि, प्रदेश के कई इलाकों में हुई हल्की बारिश से तापमान में मामूली बदलाव दर्ज किया गया है। दिन में तेज धूप से लोगों को मार्च में गर्मी की दस्तक का अहसास होने लगा है। बुधवार की …]]>

तेज धूप के कारण मार्च के मध्य महीने में ही लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा है। हालांकि, प्रदेश के कई इलाकों में हुई हल्की बारिश से तापमान में मामूली बदलाव दर्ज किया गया है।

दिन में तेज धूप से लोगों को मार्च में गर्मी की दस्तक का अहसास होने लगा है। बुधवार की शाम पश्चिमी यूपी के अलीगढ़ व नोएडा में हुई हल्की बूंदाबांदी से तापमान में मामूली बदलाव दर्ज किया गया।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह तक सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं एवं आसपास इलाकों में गरज के साथ मामूली बूंदाबांदी के आसार हैं।

बताया कि आगामी 17-19 मार्च के बीच सोनभद्र व दक्षिणी पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी की संभावना है।

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बिना संबंध बनाए यह महिला दिनभर में पचासों बार हो जाती है संतुष्‍ट https://livehalchal.com/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%8f-%e0%a4%af%e0%a4%b9-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%a6/41872 Sat, 04 Mar 2017 07:03:39 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=41872 फ्लोरिडा। अमेरिका में 24 वर्षीय एक महिला को बड़ी ही अजीबो-गरीब बीमारी ने घेर रखा है। इस बीमारी के कारण महिला को दिनभर में कभी-कभी तो पचास बार ऑर्गज्म का अहसास होता है। फ्लोरिडा की रहने वाली 24 वर्षीय अमांडा ग्रेस बीते एक दशक से पर्सिस्टेंट जेनिटल अरॉउजल डिसऑर्डर (पीजीएडी) से पीड़ित है। लेकिन, अब …]]>

फ्लोरिडा। अमेरिका में 24 वर्षीय एक महिला को बड़ी ही अजीबो-गरीब बीमारी ने घेर रखा है। इस बीमारी के कारण महिला को दिनभर में कभी-कभी तो पचास बार ऑर्गज्म का अहसास होता है। फ्लोरिडा की रहने वाली 24 वर्षीय अमांडा ग्रेस बीते एक दशक से पर्सिस्टेंट जेनिटल अरॉउजल डिसऑर्डर (पीजीएडी) से पीड़ित है। लेकिन, अब वह अपनी जिंदगी बदलना चाहती है और इसमें उसका साथ दे रहे हैं उसके बॉयफ्रेंड और चिकित्सीय देखभाल।

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बिना संबंध बनाए यह महिला दिनभर में पचासों बार हो जाती है संतुष्‍टहालांकि, अमांडा और उसके 22 वर्षीय बॉयफ्रेंड स्टुअर्ट ट्रिपलेट डॉक्टरों की सलाह पर एक-दूसरे से यौन संबंध बनाने से दूर ही रहते हैं। अपनी बीमारी के बारे में अमांडा कहती हैं, ‘कई ऐसी बातें हैं जो मेरे पीजीएडी को बढ़ा देते हैं जिनमें वाइब्रेशंस, कार या ट्रेन में सवारी शामिल हैं।’

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वे आगे कहती हैं, ‘यह कभी भी हो सकती है और कभी-कभी तो एक के बाद एक पांच बार मुझे इस समस्या से जूझना पड़ता है। यह कहीं से भी आनंददायक नहीं होता और यह मेरे लिए एक टॉर्चर की तरह होता है।’

एक पेल्विक पेन एक्सपर्ट से इस बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि वह उम्‍मीद है कि अमांडा अपने ऑर्गज्म पर नियंत्रण पा लेंगी।

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दर्द सहकर भी आखिर वैक्स क्यों करवाती हैं महिलाएं? https://livehalchal.com/%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d/39928 Tue, 21 Feb 2017 10:36:13 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=39928 लड़कियां खुद को खूबसूरत और आकर्षक बनाने के लिए वैक्सिंग, थ्रेडिंग का सहारा लेती हैं. शरीर के हर अंग को इससे संवारना आज कल का ट्रेंड है. या यू कहें कि औरत के लिए ये खूबसूरती का पैमाना है. लड़कियां अंडर आर्म्स और प्राइवेट पार्ट की हेयर रिमूविंग पर विशेष ध्यान देती हैं. कई बार …]]>

लड़कियां खुद को खूबसूरत और आकर्षक बनाने के लिए वैक्सिंग, थ्रेडिंग का सहारा लेती हैं. शरीर के हर अंग को इससे संवारना आज कल का ट्रेंड है. या यू कहें कि औरत के लिए ये खूबसूरती का पैमाना है. लड़कियां अंडर आर्म्स और प्राइवेट पार्ट की हेयर रिमूविंग पर विशेष ध्यान देती हैं.दर्द सहकर भी आखिर वैक्स क्यों करवाती हैं महिलाएं?

कई बार ये लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए होता है तो कई बार पार्टनर को खुश करने के लिए होता है. मानों वैक्सिंग के बिना आपको खूबसूरती का सर्टिफिकेट नहीं मिल सकता.ये तो रही जमाने की बात. पर वैक्सिंग के बारे में कुछ छुपे तथ्य इलाहाबाद में जन्मी और दिल्ली में रहने वाली एनी ज़ैदी ने कहने की कोशिश की है. जो एक जानी मानी लेखक हैं.

वैक्सिंग से केवल लड़कियों की देह के बाल ही नहीं टूटते

गीता मेहता के नॉवेल ‘राज’ में एक राजपूत राजकुमारी है. उसके पति को उसमें रूचि नहीं.नॉवेल में एक पारसी मोहतरमा हैं जो राजकुमारी को सिर से पैर तक गौर से देखती हैं और इस नतीजे पर पहुंचती हैं कि राजकुमारी के शरीर पर बाल ज्यादा हैं. राजकुमारी चौंकती है. उसकी बाहें बिल्कुल चिकनी है.

बचपन से ही उसके पूरे शरीर को बेसन इत्यादि से रगड़ कर तैयार किया गया है ताकि बाल ना हों लेकिन फिर भी, बाल रह ही गए. उसके चहरे पर भौंए भी जरा मोटी थीं.

मैंने ये नॉवेल कॉलेज में पढ़ा और ये चित्र मैं भूल नहीं पाई. उस दौर में मेरे अपने दोस्त वैक्सिंग और थ्रेडिंग करने की हिदायतें देते थे.

तरह-तरह के तर्क. जैसे कि वैक्सिंग औरत की जिल्द को ‘अच्छा’ बनाती है. थ्रेडिंग से चेहरा ‘साफ’ दिखता है. ये सब ‘खुद का ख्याल’ रखने में शामिल है. वैक्सिंग करो, शेव ना करो, शेव करने से बाल और मोटे और काले हो जाएंगे.

जब पहली बार मैने वैक्सिंग करवाई तो खून निकल आया था. मुझे आज भी उस ब्यूटी पार्लर वाली लड़की का चेहरा याद है. थोड़ा घबराई, फिर कहने लगी, ‘ओहो, आपकी स्किन तो बहुत ज्यादा पतली है.

यूं ही शुरू होता है. बहुत ज्यादा बाल, बहुत पतली खाल, बहुत ज्यादा स्वतंत्रता, बहुत ज्यादा नाज़ुक, कपड़े बहुत लंबे, कपड़े बहुत छोटे, ज्यादा मोटी, ज्यादा दुबली.

लड़कियों में दर्द का अहसास यूं मारा जाता है

एक और चित्र मेरे मन में बसा हुआ है. मैं लड़कियों के हॉस्टिल में थी. हम ब्यूटी पार्लर कम ही जाते थे. इतने पैसे ही नहीं थे.लड़कियां आपस में ही एक-दूसरे की ‘साफ-सफाई’, खिंचाई-पुताई कर लेती. कमरे में लड़कियां यही कर रही थी.

एक लड़की ने जो दूसरी लड़की की टांग से बालों की कतार झटके से उखाड़ी, दूसरी लड़की चीखी और बिस्तर से उछल कर बिल्कुल सीधी खड़ी हो गयी.

हम हंस दिए. पर गौर करिए – वो चीखी. दर्द से चीखी. वैक्सिंग यही है. जिस्म के रोंगटों पर, त्वचा के नीचे के टिशू पर आघात.

जिस्म को दर्द की आदत पड़ सकती है लेकिन ये भी सच है की चाहे हम कितनी बार ही वैक्सिंग करें, वो लम्हा जब कोई पट्टी चिपका के बाल उखाड़ता है, दर्द का झटका जिस्म महसूस जरूर करता है.हम फिर भी आदत डालते हैं. सारी फालतू बातें दोहराते हैं जो हमको सुनाई गयी थी.

 

अक्सर औरत और दर्द के रिश्ते के बारे में सोचती हूं. क्या ये बरदाश्त करने की आदत अच्छी है?

क्या यही रियाज, यही शिक्षा मार-पिटाई के वक्त भी काम आती है? या तब जब कोई हमारी बेइज्जती करता है, या हमें घरों में कैद करना चाहता है?

क्या फर्क है दोनो में? बस इतना ही ना कि सज्जा या ‘ग्रूमिंग’ के नाम पे हम खुद पैसे दे कर दर्द मोल लेते हैं? शायद इसी लिए ये दर्द गवारा है.

क्या होता है रोंगटों के चले जाने पर

वैज्ञानिक बताते हैं, शरीर के बाल का भी मकसद है. कम से कम इतना तो है ही कि बाल से त्वचा का एहसास और तीखा हो जाता है.इंसान के छूने का एहसास हो या किसी चींटी-मकोड़े का, या हवा की सरसराहट. ये हमसे छिन जाती हैं.

कोई समझाए की जेंडर सिर्फ एक सांस्कृतिक रचना है, और हर संस्कृति में इसकी तमीर अलग ढंग से होती है, तो हम सर हिला के हामी भरते हैं.

होली आने से पहले जान लें ये कुछ जरुरी बातें!

लेकिन फिर ये कहने लगते हैं की वैक्सिंग करके हम खुद ही अच्छा महसूस करते हैं.

ये सच नहीं है. वैक्सिंग करना किसे अच्छा लगता है?

हां, वैक्सिंग करके हम खुद को आकर्षक महसूस करते हैं. हम जानते ही नहीं कि बालदार टांग या बालदार पीठ वाली औरत खूबसूरत कैसे हो सकती है.

कोई मर्द उसे प्यार से छू सकता है, हमने तो ऐसा ना देखा है ना सुना है. इसलिए, हमें ये औरत मनगढ़ंत लगती है.

उसकी कल्पना हम नहीं कर सकते क्योंकि कल्पना के शरीर से भी हर बाल उखाड़ दिया गया है. फिल्मों से, तस्वीरों से, पेंटिंग से, रंग मंच से, और आखिर सड़क से भी वो औरत गायब है.

हाल ये है, वही औरत जो शिक्षा और विरासत के हक़ के लिए लड़ती है, बराबर की मजदूरी और शहर में अपना अस्तित्व जमाने की बात करती है, शरीर के बाल के मुद्दे पर हथियार डाल देती है. जो औरत की छवि पर हावी है, उसी के आगे गर्दन झुका लेती है.

इसमें मैं भी शामिल हूं. लगता है ये लड़ाई मुझसे अकेले नहीं लड़ी जाएगी. शायद इसमें पहल मर्दों को करनी होगी.

उनकी कल्पना में, उनकी रचना में जब ऐसे औरतें पनपने लगेंगी जिनके बाल सलामत हों, तब शायद हम भी बेकार का दर्द मोल लेना छोड़ देंगे और जैसा कुदरती रूप है, उसी को आकर्षक मान लेंगे.

इलाहाबाद में जन्मी और दिल्ली में रहने वाली एनी ज़ैदी एक जानी मानी लेखक हैं.

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