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	<title>अमेरिकी संसद &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>अमेरिकी संसद में ट्रंप की ईरान युद्ध नीति पर टकराव, युद्ध रोकने का प्रस्ताव मामूली अंतर से खारिज</title>
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		<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 07:44:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी संसद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="324" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-05-234247.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-05-234247.png 853w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-05-234247-300x157.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-05-234247-768x402.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />ईरान के साथ युद्ध ने अमेरिका की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है। लेकिन पिछले दो दिनों में दो बार अमेरिकी संसद में इस युद्ध को रोकने के लिए पेश प्रस्ताव वोटिंग के बाद गिर गए हैं। अमेरिका &#8230;]]></description>
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<p>ईरान के साथ युद्ध ने अमेरिका की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है। लेकिन पिछले दो दिनों में दो बार अमेरिकी संसद में इस युद्ध को रोकने के लिए पेश प्रस्ताव वोटिंग के बाद गिर गए हैं। अमेरिका में ट्रंप की ईरान युद्ध नीति पर टकराव तेज होने लगा है।</p>



<p>अमेरिका में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को लेकर राजनीति तेज हो गई है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले रोकने के प्रस्ताव को बहुत कम अंतर से खारिज कर दिया। गुरुवार को हुए मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 212 वोट पड़े, जबकि 219 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता, तो ट्रंप प्रशासन को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकनी पड़ती, जब तक कि कांग्रेस इसकी अनुमति न देती। यह लगातार दूसरा दिन है जब अमेरिकी संसद में ऐसा प्रस्ताव गिरा है। इससे पहले सीनेट में भी इसी तरह का प्रस्ताव 47-53 मतों से खारिज हो चुका है।</p>



<p><strong>कांग्रेस में ट्रंप की रणनीति को लेकर मतभेद<br></strong>इस वोटिंग से साफ हो गया कि अमेरिका में ईरान युद्ध को लेकर सांसदों के बीच मतभेद गहरे हैं। कई सांसदों का कहना है कि संविधान के अनुसार युद्ध का फैसला करने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद ग्रेगरी मीक्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप राजा नहीं हैं। अगर उन्हें लगता है कि ईरान से युद्ध अमेरिका के हित में है, तो उन्हें पहले कांग्रेस के सामने आकर इसकी जरूरत साबित करनी चाहिए।</p>



<p><strong>रिपब्लिकन पार्टी का ट्रंप को समर्थन<br></strong>अमेरिका की सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी के अधिकतर सांसद ट्रंप के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान लंबे समय से पश्चिमी देशों के लिए खतरा बना हुआ था और यह सैन्य कार्रवाई उस खतरे को खत्म करने की कोशिश है। रिपब्लिकन सांसद ब्रायन मस्ट ने कहा कि राष्ट्रपति अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका को तत्काल खतरे से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि युद्ध रोकने का प्रस्ताव राष्ट्रपति से कुछ न करने की मांग जैसा था।</p>



<p><strong>डेमोक्रेट्स ने कहा- यह चुनाव का युद्ध<br></strong>वहीं डेमोक्रेट पार्टी के कई नेताओं ने ट्रंप के फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह एक चुनाव का युद्ध है, जिसे बिना कांग्रेस की अनुमति के शुरू किया गया। डेमोक्रेट सांसद जेमी रास्किन ने कहा कि संविधान साफ कहता है कि युद्ध का फैसला कांग्रेस करेगी। उनके मुताबिक अमेरिका को इतने बड़े फैसले से पहले व्यापक बहस और पारदर्शिता की जरूरत थी।</p>



<p><strong>युद्ध के कारण अमेरिका में बढ़ी चिंताएं<br></strong>ईरान युद्ध के चलते अमेरिका में चिंता भी बढ़ रही है। कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौतहो चुकी है। इसके अलावा मध्य पूर्व में रह रहे हजारों अमेरिकी नागरिक वहां से निकलने की कोशिश कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी स्वीकार किया है कि इस युद्ध में आगे और अमेरिकी सैनिकों की जान जा सकती है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार यह युद्ध करीब आठ सप्ताह तक चल सकता है, जो पहले बताए गए समय से दोगुना है। फिलहाल अमेरिका और इस्राइल मुख्य रूप से हवाई हमलों के जरिए ईरान के सैन्य ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक ईरान में 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।</p>



<p><strong>अमेरिकी सांसदों को सता रहा लंबे युद्ध का डर<br></strong>अमेरिका में कई सांसदों को डर है कि यह संघर्ष कहीं अफगानिस्तान और इराक की तरह लंबे युद्ध में न बदल जाए। कुछ सांसदों ने सुझाव दिया है कि राष्ट्रपति को सीमित समय के लिए युद्ध जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन उसके बाद कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होनी चाहिए। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी मतदान नहीं हुआ है।</p>
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		<title>पाकिस्तान में हुए आम चुनाव की होगी जांच? अमेरिकी संसद ने प्रस्ताव किया पारित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Jun 2024 07:15:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी संसद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="502" height="291" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter-3-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter-3-1.jpg 502w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter-3-1-300x174.jpg 300w" sizes="(max-width: 502px) 100vw, 502px" />पाकिस्तान में हुए आम चुनाव पर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के समर्थन में एक द्विदलीय प्रस्ताव पारित किया है। इसमें पाकिस्तान के 2024 के चुनावों में हस्तक्षेप के दावों की गहन और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। सदन के 85 प्रतिशत सदस्यों ने इसमें &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="502" height="291" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter-3-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter-3-1.jpg 502w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/inter-3-1-300x174.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 502px) 100vw, 502px" />
<p>पाकिस्तान में हुए आम चुनाव पर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के समर्थन में एक द्विदलीय प्रस्ताव पारित किया है। इसमें पाकिस्तान के 2024 के चुनावों में हस्तक्षेप के दावों की गहन और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। सदन के 85 प्रतिशत सदस्यों ने इसमें भाग लिया और इसके पक्ष में मतदान किया।</p>



<p>पाकिस्तान में हाल ही में हुए आम चुनाव में गड़बड़ी होने की बातें सामने आई थी। मुख्य विपक्षी दल पीटीआई के संस्थापक और पूर्व पीएम इमरान खान ने भी आरोप लगाए थे कि पाकिस्तान के चुनावों में घपला हुआ है और मतगणना के दौरान गड़बड़ी कर नवाज शरीफ की पार्टी को जिताया गया है। इस बीच अब इमरान को अमेरिका का भी साथ मिलते दिख रहा है। </p>



<h2 class="wp-block-heading">पाक के चुनाव पर अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पास</h2>



<p>दरअसल, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के समर्थन में एक द्विदलीय प्रस्ताव पारित किया और पाकिस्तान के 2024 के चुनावों (Pakistan elections 2024) में हस्तक्षेप के दावों की &#8220;गहन और स्वतंत्र जांच&#8221; का आह्वान किया। सदन के 85 प्रतिशत सदस्यों ने इसमें भाग लिया और इसके पक्ष में मतदान किया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रस्ताव में क्या हुआ पेश?</h2>



<ul class="wp-block-list">
<li>प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से लोकतंत्र, मानवाधिकार और कानून के शासन को बनाए रखने में पाकिस्तान के साथ सहयोग करने का आग्रह किया गया।</li>



<li>जॉर्जिया के कांग्रेसी मैककॉर्मिक और मिशिगन के कांग्रेसी किल्डी द्वारा &#8216;पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए समर्थन व्यक्त करना&#8217; शीर्षक वाले प्रस्ताव, एचआर 901 को पेश किया गया और 100 से अधिक सहयोगियों द्वारा सह-प्रायोजित किया गया। </li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">पाक के लोगों के साथ खड़ा है अमेरिका</h2>



<p>एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह प्रस्ताव लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने और पाकिस्तान के लोगों के अधिकारों का सम्मान करने के महत्व को रेखांकित करता है, क्योंकि वे आर्थिक अस्थिरता और सुरक्षा खतरों का सामना कर रहे हैं।</p>



<p>इस प्रस्ताव का लगभग सर्वसम्मति से पारित होना पाकिस्तान सरकार को एक स्पष्ट संदेश देता है कि अमेरिका पाकिस्तान के लोगों के साथ लोकतंत्र, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के सम्मान की तलाश में खड़ा है।&nbsp;</p>



<h2 class="wp-block-heading">पाक सरकार का आया रिएक्शन</h2>



<p>प्रस्ताव पर पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार की प्रतिक्रिया भी सामने आई। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि द्विदलीय प्रस्ताव देश की राजनीतिक स्थिति और चुनावी प्रक्रिया की &#8220;अपूर्ण समझ&#8221; से उपजा है। मंत्रालय ने कहा कि हमारा मानना ​​है कि इस विशेष प्रस्ताव का समय और संदर्भ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की सकारात्मक गतिशीलता के साथ मेल नहीं खाता है।</p>
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