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	<title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>भारतीय मूल के श्रीराम कृष्णन ने किया AI पॉलिसी एडवाइजर का पद छोड़ने का एलान, ट्रंप को झटका</title>
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		<pubDate>Sun, 07 Jun 2026 06:08:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/kjhkl.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/kjhkl.jpg 706w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/kjhkl-300x171.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन में सबसे चर्चित भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी सलाहकार श्रीराम कृष्णन इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपना पद छोड़ देंगे। उन्होंने पिछले 18 महीनों में प्रशासन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रणनीति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कृष्णन ने कहा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/kjhkl.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/kjhkl.jpg 706w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/kjhkl-300x171.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p><strong>&nbsp;</strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन में सबसे चर्चित भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी सलाहकार श्रीराम कृष्णन इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपना पद छोड़ देंगे। उन्होंने पिछले 18 महीनों में प्रशासन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रणनीति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है।</p>



<p>सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कृष्णन ने कहा कि अमेरिका के सामने एआई से जुड़ी बड़ी चुनौतियों पर काम करने के लिए लौटने से पहले वे कुछ समय का ब्रेक लेंगे। उन्होंने लिखा कि मैं इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपना पद छोड़ दूंगा। ब्रेक के बाद, मैं एआई के मामले में अमेरिका के सामने मौजूद कुछ बड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए काम करूंगा।</p>



<p>कृष्णन ने अपनी सरकारी सेवा को जीवन भर का सौभाग्य बताया और कहा कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में काम करना सम्मान की बात थी।</p>



<p>उन्होंने कहा, &#8220;उनकी लीडरशिप के बिना, हम एआई की दौड़ में इतने आगे नहीं होते। उन्होंने व्हाइट हाउस के एआई और क्रिप्टो सलाहकार डेविड सैक्स का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि एआई के क्षेत्र में अमेरिका की जीत के लिए उनकी लगातार वकालत बहुत अहम रही है और आगे भी रहेगी।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप प्रशासन में निभाई अहम भूमिका</h2>



<p>कृष्णन ने उन कई पहलों का भी जिक्र किया जिन्हें विकसित करने में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मदद की। इनमें प्रशासन के अमेरिकन एआई एक्शन प्लान का खाका तैयार करना और उसे जारी करना, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एआई एक्सेलरेशन साझेदारियों को आगे बढ़ाना, और नेशनल एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क से जुड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में योगदान देना शामिल है।</p>



<p>उन्होंने एआई समिट और कूटनीतिक मुलाकातों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी एआई हितों को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि दुनिया भर में अपने सहयोगियों के साथ अमेरिकी एआई स्टैक की वकालत करना, जैसे फ्रांस और भारत में एआई समिट, यूनाईटेड किंगडम, मध्य पूर्व और अन्य जगहों की राजकीय यात्राएं हो।</p>



<p>भविष्य को देखते हुए, कृष्णन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से विकास नीति और बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी चुनौतियां पेश करता है। उन्होंने कहा, &#8220;पिछले 18 महीनों में मुझे अमेरिका और हमारे सहयोगियों के सामने मौजूद एआई से जुड़े इस अहम मोड़ को बहुत करीब से देखने का मौका मिला है। चाहे वह ऊर्जा हो, डेटा सेंटर हों या अमेरिकियों के लिए एआई के फायदों का अनुभव करने का स्पष्ट रास्ता हो, कई मुश्किल मुद्दे हैं जिनसे हमें मिलकर निपटना होगा।&#8221;</p>



<p>उन्होंने बताया कि वे अब ऐसे संस्थान बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहे हैं जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए उन चुनौतियों से निपटने में मदद करें।</p>



<h2 class="wp-block-heading">डेविड सैक्स ने की कृष्णन के काम की तारीफ</h2>



<p>इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, डेविड सैक्स ने प्रशासन के एआई एजेंडा में कृष्णन के योगदान की तारीफ़ की और संकेत दिया कि यह भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी लीडर सरकार के बाहर से भी सलाह देना जारी रखेंगे।</p>



<p>सैक्स ने लिखा, &#8220;प्रशासन में मेरे कार्यकाल के दौरान पिछले 18 महीनों में आपके साथ इतनी करीब से काम करना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात रही है। एआई में गहरी तकनीकी समझ, नीतिगत मामलों की सटीक परख, बेहतरीन रणनीतिक सोच और सच्चे कूटनीतिक कौशल का दुर्लभ मेल आपकी क्षमताएं सचमुच अनोखी हैं।&#8221;</p>



<p>सैक्स ने आगे कहा कि कृष्णन ने प्रशासन के एआई एक्शन प्लान को मिलकर तैयार किया, एआई को तेज़ी से आगे बढ़ाने वाली साझेदारियों को बढ़ावा देने में मदद की, नेशनल एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क में योगदान दिया और अंतरराष्ट्रीय एआई समिट और राजकीय यात्राओं में अमेरिकी हितों का प्रतिनिधित्व किया।</p>



<p>सैक्स ने कहा, &#8220;यह प्रशासन के लिए एक बड़ा नुकसान होगा, लेकिन मुझे खुशी है कि हम आपके साथ बाहरी सलाहकार के तौर पर काम करना जारी रखेंगे।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">सिलिकॉन वैली और वाशिंगटन के बीच अहम कड़ी</h2>



<p>यह विदाई कृष्णन के लिए एक अहम अध्याय का अंत है, जो ट्रंप के व्हाइट हाउस के भीतर एआई नीति पर सबसे प्रभावशाली आवाजों में से एक बनकर उभरे और सिलिकॉन वैली तथा वाशिंगटन के टेक्नोलॉजी एजेंडा के बीच एक अहम कड़ी बने।</p>



<p>एक भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और टेक्नोलॉजी एग्जीक्यूटिव के तौर पर, कृष्णन ने पहले माइक्रोसॉफ्ट, एक्स, मेटा और स्नैप जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में सीनियर प्रोडक्ट और लीडरशिप भूमिकाएं निभाई हैं। वे उभरती हुई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक जाने-माने इन्वेस्टर और कमेंटेटर भी रहे हैं।</p>



<p>एआई ट्रंप प्रशासन की टेक्नोलॉजी और आर्थिक रणनीति का एक मुख्य आधार बन गया है। अधिकारियों का तर्क है कि एआई के क्षेत्र में अमेरिका की लीडरशिप बनाए रखना राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी इनोवेशन के लिए बहुत जरूरी है।</p>



<p>कृष्णन का काम उन्हें इन कोशिशों के केंद्र में ले आया था, क्योंकि वाशिंगटन ग्लोबल एआई पॉलिसी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को आकार देने की कोशिश कर रहा था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>रिपोर्टर के सवाल पर उठकर चल दिए PAK विदेश मंत्री और मार्को रुबियो</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 May 2026 07:07:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/tuo.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/tuo.jpg 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/tuo-300x166.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अरब और मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने आग्रह किया है। इसको लेकर जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से सवाल किया गया तो दोनों उठकर चले गए। शुक्रवार को वॉशिंगटन में इशाक डार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/tuo.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/tuo.jpg 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/tuo-300x166.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अरब और मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने आग्रह किया है। इसको लेकर जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से सवाल किया गया तो दोनों उठकर चले गए।</p>



<p>शुक्रवार को वॉशिंगटन में इशाक डार और मार्को रूबियो के बीच हुई एक बैठक के दौरान एक रिपोर्टर ने सवाल पूछा कि क्या पाकिस्तान इजरायल को मान्यता देने के लिए तैयार है।&nbsp;पाकिस्तान ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए खुद को एक मध्यस्थ के रूप में पेश किया है। वह इजरायल को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं देता और उसके साथ उसके कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">&#8216;पाकिस्तान का रुख अडिग&#8217;</h2>



<p>डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में पत्रकारों से बात करते हुए डार ने कहा, &#8220;फलस्तीन और गाजा पर पाकिस्तान का रुख अडिग है।&#8221; उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले कि इस्लामाबाद इजरायल के प्रति अपनी नीति में किसी भी बदलाव पर विचार करे, इजरायल को एक फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ना होगा।</p>



<p>ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किए, मिस्र और जॉर्डन से आग्रह किया है कि वे सामूहिक रूप से अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल हों और इजरायल के साथ अपने संबंधों को सामान्य बनाएं। ऐसा वे उस समझौते की दिशा में काम करते हुए कर रहे हैं जिसका उद्देश्य ईरान संघर्ष को समाप्त करना है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पाकिस्तान ने ठुकराया ट्रंप का सुझाव</h2>



<p>पाकिस्तान ने इस सुझाव को ठुकरा दिया। जिक्र किए गए अन्य देशों ने अब तक ट्रंप की इस अपील पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब्राहम समझौता ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान इजरायल और अरब देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के तहत करवाया गया था।</p>



<p>संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मोरक्को ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके साथ ही इजरायल के साथ उनके राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध खुल गए। सूडान भी इसमें शामिल था, लेकिन उसने अभी तक औपचारिक संबंध स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 06:52:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj.jpg 804w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी तनाव पर वे किसी बड़े फैसले के करीब हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं और रविवार तक यह तय कर लेंगे कि बातचीत को आगे बढ़ाना है या सैन्य कार्रवाई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj.jpg 804w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jhghkj-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी तनाव पर वे किसी बड़े फैसले के करीब हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं और रविवार तक यह तय कर लेंगे कि बातचीत को आगे बढ़ाना है या सैन्य कार्रवाई करनी है।</p>



<p>ट्रंप ने कहा कि स्थिति 50-50 पर है। या तो वे एक अच्छा समझौता कर लेंगे या फिर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देंगे। सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक समझौते के बहुत करीब पहुंच रहे हैं, जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा और उनके संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित रूप से संभालने की गारंटी देगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल</h2>



<p>राष्ट्रपति&nbsp;ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, यूएई, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं के साथ फोन पर बात करने की योजना बनाई है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि ईरान वार्ता पर जल्द ही कोई खबर आ सकती है।</p>



<p>दूसरी ओर, ईरान ने भी एक 14-सूत्रीय समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने की बात कही है और अमेरिका के साथ संबंधों में सुधार की दिशा में संकेत दिए हैं, हालांकि अभी भी कुछ बिंदुओं पर मतभेद बरकरार हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा FDI स्रोत बना अमेरिका</h2>



<p>वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, अमेरिका भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने मॉरीशस को पीछे छोड़ दिया है, जबकि सिंगापुर अभी भी भारत में निवेश करने वाला शीर्ष देश बना हुआ है। 2025-26 में अमेरिका से भारत में इक्विटी निवेश दोगुना होकर 11 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।</p>



<p>निवेश का रुख अब बदल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का क्षेत्र निवेश के मामले में सबसे आगे रहा, जिसने सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया है। डेटा सेंटर्स में हो रहे भारी निवेश को इसका एक मुख्य कारण माना जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चीन से मिले गिफ्ट और फोन डस्टबिन में फेंककर रवाना हुए डोनल्ड ट्रंप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2026 07:13:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="376" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/78yiokhj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/78yiokhj.jpg 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/78yiokhj-300x183.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की तीन दिनों की चीन यात्रा भले ही समाप्त हो चुकी है, लेकिन उनकी वापसी से जुड़ा एक बेहद हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। डेटा चोरी और जासूसी की गहरी आशंका के चलते अमेरिकी डेलिगेशन ने एयर फोर्स वन में कदम रखने से पहले ही चीनी अधिकारियों द्वारा दिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="376" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/78yiokhj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/78yiokhj.jpg 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/78yiokhj-300x183.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की तीन दिनों की चीन यात्रा भले ही समाप्त हो चुकी है, लेकिन उनकी वापसी से जुड़ा एक बेहद हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। डेटा चोरी और जासूसी की गहरी आशंका के चलते अमेरिकी डेलिगेशन ने एयर फोर्स वन में कदम रखने से पहले ही चीनी अधिकारियों द्वारा दिए गए सारे तोहफे और इलेक्ट्रॉनिक सामान या तो नष्ट कर दिए गए या फिर उन्हें वहीं छोड़ दिया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कूड़ेदान में फेंके गए चीनी तोहफे</h3>



<p>ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वदेश लौटने की तैयारी के बीच अमेरिकी टीम ने उन सभी चीजों को एक जगह इकट्ठा किया जो उन्हें चीनी मेजबानों से भेंट स्वरूप मिली थीं। इनमें वाइट हाउस के कर्मचारियों को इस्तेमाल के लिए दिए गए खास बर्नर फोन, डेलिगेशन पिन और क्रेडेंशियल्स जैसी कई अन्य चीजें शामिल थीं।</p>



<p>सुरक्षा के मद्देनजर इन सभी सामानों को अमेरिका ले जाने के बजाय, उड़ान भरने से ठीक पहले कूड़ेदान में फेंक दिया गया या पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">विमान में चीन का कोई भी सामान ले जाने की सख्त मनाही</h3>



<p>अमेरिकी प्रेस टीम के साथ यात्रा कर रहीं न्यूयॉर्क पोस्ट की पत्रकार एमिली गुडिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वाकये की पुष्टि की। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट लिखा कि हमें विमान के अंदर चीन से जुड़ा कोई भी सामान ले जाने की अनुमति नहीं है। हम जल्द ही अमेरिका के लिए उड़ान भरने वाले हैं।</p>



<p>हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और सामान नष्ट किए जाने की खबरों पर वाइट हाउस या ट्रंप प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सख्त काउंटर-इंटेलिजेंस प्रोटोकॉल का है हिस्सा</h3>



<p>कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कोई मनमाना फैसला नहीं था, बल्कि यह अमेरिका की &#8216;हाई-लेवल काउंटर-इंटेलिजेंस&#8217; और सुरक्षा रणनीति का एक अहम हिस्सा है।</p>



<p>दरअसल, जब भी अमेरिकी अधिकारी किसी ऐसे देश के दौरे पर जाते हैं जहां जासूसी का खतरा हो, तो प्रोटोकॉल के तहत वे वहां मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संवेदनशील चीजों को नष्ट कर देते हैं। इससे ट्रैकिंग, बगिंग या डेटा हैकिंग की कोई गुंजाइश नहीं बचती।</p>



<h3 class="wp-block-heading">9 साल बाद चीन पहुंचे थे ट्रंप</h3>



<p>आपको बता दें कि डोनल्ड ट्रंप लगभग नौ सालों के लंबे अंतराल के बाद चीन के दौरे पर गए थे। इस यात्रा के दौरान उनकी चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से सातवीं बार आमने-सामने की मुलाकात हुई। सुरक्षा से जुड़ा यह कड़ा कदम झोंगनानहाई लीडरशिप कंपाउंड में दोनों नेताओं की अंतिम दौर की बैठकों के बाद उठाया गया।</p>



<p>यह वही ऐतिहासिक और बेहद सुरक्षित परिसर है, जहां बैठक के बाद दोनों दिग्गजों ने सदियों पुराने पेड़ों और पारंपरिक चीनी वास्तुकला के बीच कुछ वक्त टहलते हुए बिताया था।</p>
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		<title>चीन में ट्रंप का शाही स्वागत, रोस्ट डक-आइसक्रीम के साथ स्टेट डिनर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2026 07:01:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uktoiu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uktoiu.jpg 799w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uktoiu-300x166.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/uktoiu-768x426.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सम्मान में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा बीजिंग में आयोजित स्टेट बैंक्वेट सिर्फ एक बेहतरीन भोजन का अनुभव नहीं था, बल्कि यह कूटनीति की एक और गहरी परत बनकर उभरा। बीजिंग रोस्टेड डक से लेकर टमाटर के सूप में लॉबस्टर तक, इस शाम के विशेष मेनू ने चीन की उस &#8230;]]></description>
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<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सम्मान में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा बीजिंग में आयोजित स्टेट बैंक्वेट सिर्फ एक बेहतरीन भोजन का अनुभव नहीं था, बल्कि यह कूटनीति की एक और गहरी परत बनकर उभरा।</p>



<p>बीजिंग रोस्टेड डक से लेकर टमाटर के सूप में लॉबस्टर तक, इस शाम के विशेष मेनू ने चीन की उस पुरानी परंपरा को दर्शाया जहां भोजन का उपयोग कूटनीति के एक सूक्ष्म हथियार के रूप में किया जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मेनू में क्या-क्या था खास?</h3>



<p>भोज में आए मेहमानों का स्वागत सबसे पहले हॉर्स डी&#8217;ओवर (स्टार्टर्स) के साथ किया गया। इसके बाद एक बेहद विस्तृत मुख्य पाठ्यक्रम (मेन कोर्स) परोसा गया, जिसमें टमाटर के सूप में लॉबस्टर, क्रिस्पी बीफ रिब्स, बीजिंग रोस्ट डक, पकी हुई मौसमी सब्जियां, मस्टर्ड सॉस में स्लो-कुक्ड साल्मन मछली, पैन-फ्राईड पोर्क बन्स जैसे खास व्यंजन शामिल थे। इसके बाद डेजर्ट में मेहमानों को ट्रंपेट शेल के आकार की पेस्ट्री, तिरामिसु, ताजे फल और आइसक्रीम परोसी गई।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ट्रंप ने शी चिनफिंग को दिया अमेरिका यात्रा का न्योता</h3>



<p>भोज की मेज पर दिखी यह राजनयिक गर्माहट केवल खाने तक ही सीमित नहीं रही। राष्ट्रपति ट्रंप ने बीजिंग में अपने संबोधन के दौरान एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और चीन की प्रथम महिला पेंग लियुआन को 24 सितंबर को होने वाले एक शिखर सम्मेलन के लिए व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है।</p>



<p>शी चिनफिंग को मेरा मित्र बताते हुए ट्रंप ने दोनों देशों के बीच के संबंधों की सराहना की और कहा कि दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के प्रति गहरे पारस्परिक सम्मान की भावना रखते हैं। चिनफिंग के साथ अपनी बातचीत को उन्होंने बेहद सकारात्मक और रचनात्मक बताया और शानदार स्वागत के लिए चीनी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कूटनीति का जरिया बना फूड</h3>



<p>चीन के दौरों पर भोजन अक्सर अप्रत्याशित राजनयिक क्षणों का गवाह बनता रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने याद दिलाया कि कैसे साल 2023 में तत्कालीन अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने बीजिंग के एक युन्नान रेस्तरां में मैजिक मशरूम खाने को लेकर मजाक किया था, जो काफी सुर्खियों में रहा था।</p>



<p>उससे भी कई साल पहले, तत्कालीन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बाइडेन बीजिंग के एक बेहद साधारण भोजनालय में पहुंचे थे, जो अपने फ्राइड लिवर (तली हुई कलेजी) के लिए प्रसिद्ध है।</p>



<p>रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1971 में हेनरी किसिंजर की गुप्त चीन यात्रा के दौरान चीन ने उनके नाम पर एक विशेष &#8216;चिकन डिश&#8217; का नाम रखा था।</p>



<p>वहीं, साल 2017 में ट्रंप की पिछली चीन यात्रा के दौरान उन्हें हुइयांग शैली के व्यंजन परोसे गए थे, जिसमें सूप में उबली सब्जियां और टमाटर के साथ स्ट्यूड बीफ शामिल था। माना जाता है कि यह ट्रंप की &#8216;वेल-डन स्टेक&#8217; (अच्छी तरह पके मांस) की व्यक्तिगत पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।</p>



<p>चीन में होने वाले ऐसे राजकीय भोज अक्सर सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश देने के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी टेबल पर सजे हर व्यंजन के पीछे एक खास संदेश छिपा नजर आया।</p>
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