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	<title>अमेरिका &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>अमेरिका &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>अमेरिका में चीनी ऑटो कंपनियों के खिलाफ वाले विधेयक को मंजूरी</title>
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		<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 09:17:58 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="335" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tyyuy.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tyyuy.jpg 794w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tyyuy-300x162.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tyyuy-768x416.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी सीनेट की वाणिज्य समिति ने चीनी ऑटोमोबाइल निर्माताओं पर शिकंजा कसने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है।&#160;इस नए और कड़े विधेयक के दायरे में आने से जर्मन लग्जरी कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज के अमेरिकी बाजार में वाहनों की बिक्री पर बड़ा संकट मंडराने लगा है, क्योंकि कंपनी में करीब 20% चीनी निवेश है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="335" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tyyuy.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tyyuy.jpg 794w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tyyuy-300x162.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tyyuy-768x416.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिकी सीनेट की वाणिज्य समिति ने चीनी ऑटोमोबाइल निर्माताओं पर शिकंजा कसने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है।&nbsp;इस नए और कड़े विधेयक के दायरे में आने से जर्मन लग्जरी कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज के अमेरिकी बाजार में वाहनों की बिक्री पर बड़ा संकट मंडराने लगा है, क्योंकि कंपनी में करीब 20% चीनी निवेश है।</p>



<p>इस बिल को सीनेटर बर्नी मोरेनो और एलिसा स्लोटकिन द्वारा संयुक्त रूप से आगे बढ़ाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य अमेरिकी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के बुनियादी ढांचे को बचाना और चीनी कंपनियों को अमेरिकी बाजार से पूरी तरह दूर रखना है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">2030 तक के लिए समय</h2>



<p>ओहियो के रिपब्लिकन सीनेटर बर्नी मोरेनो ने कहा कि मर्सिडीज-बेंज के पास अनुपालन करने के लिए 2030 तक का समय होगा और यदि आवश्यक हो तो स्वामित्व की आवश्यकता से छूट प्राप्त कर सकती है। मोरेनो और मिशिगन की डेमोक्रेट सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने बिडेन प्रशासन द्वारा लागू किए गए एक नियम को संहिताबद्ध करने के लिए एक विधेयक प्रस्तावित किया है।</p>



<p>यह प्रभावी रूप से सभी चीनी ऑटोमोबाइल निर्माताओं को अमेरिका में यात्री वाहन बेचने से रोकता है और चीन को अमेरिकी हल्के वाहन बाजार में प्रवेश करने से रोकने के लिए अन्य कदम उठाता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या मर्सिडीज-बेंज को बाजार से बाहर करना चाहता जनरल मोटर्स?</h2>



<p>समिति के अध्यक्ष और टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने साफ किया कि इस बिल को कानून का रूप लेने से पहले कई जरूरी बदलावों से गुजरना होगा। उन्होंने ये भी दावा किया कि जनरल मोटर्स ने मर्सिडीज-बेंज को बाजार से बाहर करने और अपनी कैडिलैक ब्रांड को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए इस प्रावधान पर खास जोर दिया था।</p>



<p>हालांकि, जनरल मोटर्स ने इन दावों का पुरजोर खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि यह कानून किसी एक ऑटोमोबाइल निर्माता के बारे में नहीं है और कंपनी ऐसी नीतियों का समर्थन करती है जो अमेरिकी विनिर्माण और अमेरिकी ऑटोमोबाइल निर्माताओं की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता की रक्षा और उसे मजबूत करती हैं।</p>
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		<title>10वें दिन भी ईरान पर अमेरिका ने दागी मिसाइलें, बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में गूंजे धमाके</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 08:59:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tubjh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tubjh.jpg 765w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tubjh-300x171.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />होर्मुज में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे ठिकानों पर लगातार हमला कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी सेना ने सोमवार देर रात ईरान पर नए हमलों का दौर शुरू कर दिया है। यह लगातार दसवीं रात है जब अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयास &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tubjh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tubjh.jpg 765w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tubjh-300x171.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>होर्मुज में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे ठिकानों पर लगातार हमला कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी सेना ने सोमवार देर रात ईरान पर नए हमलों का दौर शुरू कर दिया है। यह लगातार दसवीं रात है जब अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयास में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है।</p>



<p>यूएस सेंट्रल कमांड ने ट्वीट कर बताया कि कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर शाम 4 बजे (ईटी) ईरान के खिलाफ हमलों का नया दौर शुरू किया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमलों के लिए किया जा रहा है।</p>



<p>ये हमले एक अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद और ईरान द्वारा अमेरिकी सहयोगी देशों कुवैत, जॉर्डन तथा बहरीन (जहां अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा स्थित है) पर हमले करने के बाद किए गए हैं।</p>



<p>होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है और दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई ईरान की समुद्री गतिविधियों को रोकने और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।</p>



<p>संकट बढ़ने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतें भी तीन प्रतिशत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची हैं। अमेरिका में भी तेल महंगा हुआ और चार डालर प्रति गैलन तक जा पहुंचा।</p>



<p>इससे नवंबर में होनेवाले मध्यावधि चुनावों को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप पर दबाव बढ़ गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, दोनों पक्षों ने सोमवार को बातचीत फिर से शुरू करने के संकेत दिए हैं।</p>



<p>ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ज्यादा जानकारी न देते हुए केवल इतना बताया कि ईरान को तनाव घटाने के लिए विचार मिले हैं। वहीं, ट्रंप प्रशासन ने भी नई बातचीत में शामिल होने के लिए संकेत दिए हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान भेजे जा रहे हैं</h2>



<p>विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पत्रकारों से कहा कि अगर बातचीत के दरवाजे खुलते हैं, तो हम इसका स्वागत करेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि हमारा बेहतर व्यवहार देखने के लिए दूसरे पक्ष को भी अच्छा बर्ताव करना होगा।</p>



<p>हालांकि, दोनों पक्ष इतनी जल्दी समझौते पर पहुंच सकेंगे, इसमें संदेह है क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान भेजे जा रहे हैं।</p>



<p>इससे संकेत मिला कि ट्रंप प्रशासन अपने हमलों को तेज करने की तैयारी कर रहा है। भारत समेत तमाम देश अपने नागरिकों को पश्चिम एशिया से निकलने के निर्देश जारी कर रहे हैं।</p>
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		<title>30 साल बाद एक्शन में अमेरिका की गुप्त अदालत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 08:26:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="365" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/7uygh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/7uygh.jpg 729w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/7uygh-300x177.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 30 वर्ष पहले अमेरिका से तथाकथित विदेशी आतंकियों को निर्वासित करने के सरकारी अनुरोधों पर विचार करने के लिए बनाई गई एक गुप्त और निष्क्रिय अदालत में पहली बार याचिका दायर की है। बता दें कि विदेशी आतंकवादी निष्कासन न्यायालय की स्थापना 1996 में हुई थी, लेकिन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="365" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/7uygh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/7uygh.jpg 729w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/7uygh-300x177.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 30 वर्ष पहले अमेरिका से तथाकथित विदेशी आतंकियों को निर्वासित करने के सरकारी अनुरोधों पर विचार करने के लिए बनाई गई एक गुप्त और निष्क्रिय अदालत में पहली बार याचिका दायर की है।</p>



<p>बता दें कि विदेशी आतंकवादी निष्कासन न्यायालय की स्थापना 1996 में हुई थी, लेकिन इसमें पहली याचिका पिछले बुधवार को दायर की गई। न्याय विभाग ने एक ऐसे व्यक्ति को निष्कासित करने के लिए याचिका दायर की है, जिसका नाम अदालत की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक पृष्ठ के दस्तावेज में गुप्त रखा गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ?</strong></h3>



<p>पांच सदस्यों वाली अदालत की मुख्य न्यायाधीश जोन एरिक्सन ने याचिका के जवाब में लिखित रूप से कहा कि गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत के मन में सरकार की ओर से प्रतिवादी पर लगाए गए आरोपों और उस पर लगाई गईं खास धाराओं व उप-धाराओं के बीच संबंधों पर कई सवाल थे।</p>



<p>मिनेसोटा की फेडरल जज एरिक्सन ने लिखा, &#8220;जवाबों से अदालत को यकीन हो गया कि सरकार को इस मामले पर और सोच-विचार करने का मौका मिलने से फायदा हो सकता है। उन्होंने न्याय विभाग को बुधवार तक और जानकारी देने का निर्देश दिया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>भारत ने उठाया सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा, रूबियो ने साध ली चुप्पी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Jul 2026 06:36:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tuygj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tuygj.jpg 781w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tuygj-300x170.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tuygj-768x436.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिका ने वामपंथी उग्रवाद और राजनीतिक आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी मंत्रिस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में भारत समेत 67 देशों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा बैठक में मौजूद थे। विदेश मंत्री एस जयशंकर के यात्रा पर होने के कारण वो इसमें शामिल नहीं हो सके। अमेरिकी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tuygj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tuygj.jpg 781w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tuygj-300x170.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/tuygj-768x436.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिका ने वामपंथी उग्रवाद और राजनीतिक आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी मंत्रिस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में भारत समेत 67 देशों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा बैठक में मौजूद थे।</p>



<p>विदेश मंत्री एस जयशंकर के यात्रा पर होने के कारण वो इसमें शामिल नहीं हो सके।</p>



<p>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक में सभी देशों में वामपंथी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि आज के वामपंथी आतंकवादी अलग-अलग देशों में काम करते हैं। एक देश में पैसा जुटाते हैं, दूसरे में संचार चलाते हैं, तीसरे में ट्रेनिंग लेते हैं, चौथे देश में आतंकवादियों की भर्ती करते हैं और फिर एकसाथ पांचवें देश में हमला करते हैं। इसलिए हमें मिलकर इस खतरे से लड़ना होगा।</p>



<p>रुबियो ने दावा किया कि अमेरिका और यूरोप की आतंकवाद-विरोधी नीतियों की वजह से जिहादी आतंकवाद का खतरा काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा कि जिहादी खतरा खत्म नहीं हुआ है, लेकिन पहले के मुकाबले कम है।</p>



<p>भारत की ओर से राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा कि भारत वामपंथी उग्रवाद से लंबे समय से जूझ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। इसमें सीमा पार आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले समूह भी शामिल हैं।</p>



<p>इस बैठक में 67 देश शामिल हुए, लेकिन कई देशों ने सिर्फ जूनियर राजनयिक को भेजा। इसकी वजह इस्लामी कट्टरपंथी और दक्षिणपंथी आतंकवाद की तुलना में वामपंथी खतरे को ज्यादा बढ़ाकर पेश करना बताया जा रहा है।</p>



<p>भारत के लिए चिंता की बात यह है कि रुबियो ने जिहादी आतंकवाद के खतरे को कम बताया। जबकि भारत के लिए यह खतरा आज भी उतना ही बड़ा है, जितना पहले हुआ करता था। 2025 में हुआ पहलगाम आतंकी हमला इसका बड़ा उदाहरण है।</p>



<p>रुबियो ने कहा कि जब तक आप्रवासन प्रणाली में खामियां रहेंगी, तब तक जिहादी खतरा बना रहेगा।</p>



<p>बैठक में अमेरिका ने साफ किया कि अब दुनिया को वामपंथी हिंसा के खिलाफ एक साथ आना होगा, चाहे व्यापार या आव्रजन जैसे मुद्दों पर मतभेद ही क्यों न हों।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>अमेरिका ने होर्मुज में फिर से शुरू की नाकाबंदी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 07:28:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="368" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/iyujhk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/iyujhk.jpg 634w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/iyujhk-300x179.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;अमेरिकी सेना ने मंगलवार को घोषणा की है कि उसने होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी फिर से लागू कर दी है। इस कदम के साथ ही अंतरिम युद्धविराम समझौता टूटने की कगार पर पहुँच गया है और क्षेत्र में एक बार फिर पूर्ण युद्ध &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="368" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/iyujhk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/iyujhk.jpg 634w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/iyujhk-300x179.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;अमेरिकी सेना ने मंगलवार को घोषणा की है कि उसने होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी फिर से लागू कर दी है। इस कदम के साथ ही अंतरिम युद्धविराम समझौता टूटने की कगार पर पहुँच गया है और क्षेत्र में एक बार फिर पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका बढ़ गई है।</p>



<p>ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने बताया कि दक्षिणी शहर अहवाज में एक और धमाके की आवाज सुनी गई, जबकि केशम द्वीप पर भी कई धमाकों की खबर मिली।&nbsp;होर्मुज जलडमरूमध्य वाशिंगटन और तेहरान के बीच टकराव का केंद्र बना हुआ है, और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर नेविगेशन की आजादी को खतरे में डालने का आरोप लगा रहे हैं।</p>



<p>अमेरिका ने पहली बार अप्रैल के मध्य में यह नाकाबंदी लगाई थी, जिसे युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर होने के एक दिन बाद मध्य जून में हटा लिया गया था। इस समझौते के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए 60 दिन की समयसीमा तय की गई थी, लेकिन जलडमरूमध्य पर संघर्ष तेज होने के कारण वार्ता ठप हो गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप ने जहाजों पर टोल लगाने का फैसला लिया वापस</h2>



<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को नाकाबंदी की वापसी की घोषणा करते हुए जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20% शुल्क लगाने की बात कही थी। हालांकि, नाकाबंदी फिर से शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने खाड़ी सहयोगियों के अनुरोध का हवाला देते हुए शुल्क वसूलने की योजना को छोड़ दिया।</p>



<p>मंगलवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि उन्हें कई राजाओं और अमीरों के फोन आए, जिन्होंने शुल्क के बजाय एक वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव दिया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कहा कि वे अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश करना पसंद करेंगे।</p>



<p>ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह निवेश व्यवस्था को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि उनका मानना है कि किसी को भी जलडमरूमध्य के लिए शुल्क नहीं लेना चाहिए। ट्रंप के इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत जो $87 प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, वह गिरकर $78 पर आ गई।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अमेरिका और ईरान के बीच तेज हुए हमले</h2>



<p>नाकाबंदी दोबारा लागू करने से पहले अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमलों की एक और लहर शुरू की। अमेरिकी सैन्य सेंट्रल कमांड ने तटीय रक्षा प्रणालियों, मिसाइल और ड्रोन साइटों को निशाना बनाते हुए ईरान के कई क्षेत्रों पर हमले किए। अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों से वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नागरिकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता कम होगी।</p>



<p>जवाब में, ईरान ने बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तीन टैंकरों को निशाना बनाकर हमले किए। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े दो टैंकरों मोम्बासा और अल बहिया पर हुए हमले में दो नाविकों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। इसके बाद यूएई ने भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">होर्मुज पर संप्रभुता की लड़ाई</h2>



<p>युद्ध से पहले दुनिया का लगभग पांचवां कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता था, तब यह सभी के लिए बिना किसी टोल के खुला था। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरिबाबादी ने कहा कि अमेरिका तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी प्रभावी संप्रभुता का प्रयोग करने से रोकने की कोशिश कर रहा है।</p>



<p>कतर के विदेश मंत्रालय ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर हुए ईरानी हमलों की निंदा की और इसे संप्रभुता का घोर उल्लंघन करार देते हुए कूटनीति और बातचीत की अपील की है।</p>



<p>इस बीच, ईरानी मीडिया के अनुसार, फारस की खाड़ी पर स्थित ईरानी शहर बुशहर में कम से कम चार स्थानों पर हमले हुए हैं। दक्षिण-पश्चिमी शहर अवाज़ और बंदर अब्बास में भी विस्फोटों की खबरें हैं, जिससे यह आशंका पैदा हो गई है कि खाड़ी के अरब देश बिना सार्वजनिक घोषणा के ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">खतरे में शांति वार्ता और लेबनान-इजरायल विवाद</h2>



<p>हाल के दिनों में हुई गोलीबारी ने अंतरिम शांति समझौते पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय अधिकारी अब अमेरिका और ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान के नेतृत्व में मध्यस्थता टीम युद्धविराम को फिर से लागू करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है।</p>



<p>दूसरी ओर, लेबनान और इजरायल के प्रतिनिधिमंडल रोम में मुलाकात कर रहे हैं और अमेरिकी मध्यस्थता में वार्ता जारी रखेंगे। पिछले महीने दोनों देशों ने हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण के बदले दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी की रूपरेखा की घोषणा की थी, लेकिन इसे लागू करने का काम अभी भी अटका हुआ है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच पूर्ण पैमाने पर युद्ध होता है, तो लेबनान में मौजूद मौजूदा संघर्ष विराम के भी टूटने का खतरा मंडरा रहा है।</p>
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