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	<title>अपने ही बुने जाल में फंसा चीन &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>ब्री परियोजना के जरिए चला था भारत को घेरने, अपने ही बुने जाल में फंसा चीन, जानें पूरा केस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Alpana Vaish]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Mar 2021 08:42:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अपने ही बुने जाल में फंसा चीन]]></category>
		<category><![CDATA[जानें पूरा केस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-1024x576.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-1024x576.jpg 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-768x432.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf.jpg 1200w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />कोरोना वायरस के चलते चीन की महत्&#x200d;वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना पर ग्रहण लग गया है। इसके साथ ही चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की एक नई विश्व व्यवस्था स्थापित करने का सपना भी टूटने के कगार पर पहुंच गया है। दरअसल, इस योजना के जरिए ही चीन एक तीर से दो शिकार करने की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-1024x576.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-1024x576.jpg 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-768x432.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf.jpg 1200w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p>कोरोना वायरस के चलते चीन की महत्&#x200d;वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना पर ग्रहण लग गया है। इसके साथ ही चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की एक नई विश्व व्यवस्था स्थापित करने का सपना भी टूटने के कगार पर पहुंच गया है। दरअसल, इस योजना के जरिए ही चीन एक तीर से दो शिकार करने की फ&#x200d;िराक में हैं। चीनी राष्&#x200d;ट्रपति चिनफ&#x200d;िंग बीआरआइ योजना के तहत एक नई विश्&#x200d;व व्&#x200d;यवस्&#x200d;था को स्&#x200d;थापित करने के साथ भारत की आर्थिक और सामरिक रूप से घेराबंदी करने की जुगत में हैं। यही कारण है कि भारत शुरू से ही इस योजना का विरोधी रहा है। भारत ने कई दफा अंतरराष्&#x200d;ट्रीय मंच पर इसका विरोध भी किया है। आइए, जानते हैं क्&#x200d;या है चीन की बीआरआइ परियोजना ? इस परियोजना में कितने देशों की है हिस्&#x200d;सेदारी ? भारत का क्&#x200d;यों रहा है इस परियोजना से विरोध ?</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-428570 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf.jpg" alt="" width="1200" height="675" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf.jpg 1200w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-1024x576.jpg 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/03/frhyfghngf-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p><strong>भारत के सामरिक और रणनीतिक हितों को जबरदस्&#x200d;त चुनौती देगा चीन</strong></p>
<p>प्रो. हर्ष पंत का कहना है कि भारत, चीन की बीआरआइ परियोजना का भागीदार नहीं है। चीन की मंशा को देखते हुए भारत ने शुरू से ही इस परियोजना विरोध किया है। भारत ने अपनी संप्रभुता आर क्षेत्रीय अखंडता का सवाल उठाया है। दरअसल, इस परियोजना का एक हिस्&#x200d;सा पाकिस्&#x200d;तान के कब्&#x200d;जे वाले भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है। चीन इस परियोजना के जरिए भारत को सामरिक रूप से घेरने का प्रयास कर रहा है। यही कारण रहा है कि अंतराष्&#x200d;ट्रीय मंचों पर भी भारत ने बीआरआइ परियोजना का विरोध किया है। यदि इस परियोजना पर ब्रेक लगता  है तो भारत के प्रति चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल की नीति को भी गहर धक्&#x200d;का लगेगा।</p>
<p>इसके अलावा भी भारत के समक्ष एक और बड़ी चिंता है। दरअसल, चीन ने इस परियोजना के तहत भारत के पड़ोसी मुल्&#x200d;कों श्रीलंका, पाकिस्&#x200d;तान, बांग्&#x200d;लादेश और नेपाल को भारी कर्ज दे रखा है। अगर यह योजना अधर में लटकी तो चीन अपने कुचक्र में इन मुल्&#x200d;कों को फंसा सकता है। यदि ये मुल्&#x200d;क ऋण चुकाने में विफल रहे तो चीन इन देशों को अपना उपनिवेश बना सकता है। इनको ब्&#x200d;लैकमेल कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह सीधे तौर पर भारत के सामरिक और रणनीतिक हितों को जबरदस्&#x200d;त चुनौती देगा।</p>
<p><strong>कोरोना महामारी के चलते चीन की आर्थिक व्&#x200d;यवस्&#x200d;था चरमराई</strong></p>
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<div id="details_midarticle_480x320" data-google-query-id="CLro3PW0tO8CFZYQaAodQaMOQA">
<p>कोरोना वैश्विक महामारी के प्रसार और अन्&#x200d;य देशों के मध्&#x200d;य बढ़ते तनाव के कारण चीन की अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था पूरी तरह से चरमरा गई है। इसके चलते बीआरआइ योजना के लिए नए ऋण और निवेश दोनों चीन के लिए एक मुश्किल और चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है। वर्ष 2020 से चीन के निवेश में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कोरोना वायरस के प्रसार ने चीन की अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था को और नुकसान पहुंचाया। नए अंतराष्&#x200d;ट्रीय परिदृष्&#x200d;य और हालात के कारण चीन अपनी महत्&#x200d;वाकांक्षी बेल्&#x200d;ट एंड रोड इनिशिएटिव पर&#x200d;ियोजना पर रोक लगाने पर मजबूर हुआ। दरअसल, कोरोना वायरस का प्रसार चीन के अतिरिक्त उन देशों में अधिक हुआ है, जो उसकी महत्त्वाकांक्षी परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के भागीदार रहे हैं। चीन की इस परियोजना के जरिए ही कोरोना वायरस के प्रसार में वृद्धि हुई।</p>
<div class="relativeNews">
<p><strong>चीन की एशिया, यूरोप और अफ्रीका के 65 देशों को जोड़ने की योजना</strong></p>
<p>इस योजना के तहत चीन पूरी दुनिया में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए 65 देशों को जोड़ने की योजना बनाई है। इसमें एशिया, यूरोप और अफ्रीका के देश शामिल हैं। दरअसल, यह परियोजना छह आर्थिक गलियारों की मिली-जुली योजना है। इसके तहत रेलवे लाइन, सड़क और बंदरगाह और अन्&#x200d;य आधारभूत ढांचे शामिल हैं। इसके तहत तीन जमीनी रास्&#x200d;ते होंगे। इनकी शुरुआत चीन से होगी। इसके तहत पहला मार्ग मध्&#x200d;य एशिया और पूर्वी यूरोप के देशों की ओर जाएगा। इस मार्ग के जरिए चीन की पहुंच क&#x200d;िर्गिस्&#x200d;तान, ईरान, तुर्की से लेकर ग्रीस तक हो जाएगी। दूसरा, मध्&#x200d;य मार्ग मध्&#x200d;य एशिया से हाते हुए पश्चिम एशिया और भूमध्&#x200d;य सागर की ओर जाएगा। इस मार्ग से चीन, रूस तक जमीन के रास्&#x200d;ते व्&#x200d;यापार कर सकेगा। इस योजना के तहत तीसरा मार्ग दक्षिण एशियाई देश बांग्&#x200d;लादेश की ओर जाएगा। इसके साथ पाकिस्&#x200d;तान के सामरिक रूप से अहम बंदरगाह ग्&#x200d;वादर को पश्चिम चीन से जोड़ने पर भी कार्य हो रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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