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	<title>अकड़न &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जोड़ों में दर्द और सुबह की अकड़न को न करें नजरअंदाज, हो सकता है आर्थराइटिस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 04:56:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[अकड़न]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="315" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-205214.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-205214.png 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-205214-300x153.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />रूमेटॉइड आर्थराइटिस जोड़ों के दर्द, सूजन और जलन पैदा करने के साथ शरीर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। यह एक आटो इम्यून विकार हैं, लेकिन सही जीवनशैली और खान-पान से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके कारण और बचाव के बारे में। क्या आपको भी सुबह उठने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="315" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-205214.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-205214.png 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-205214-300x153.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>रूमेटॉइड आर्थराइटिस जोड़ों के दर्द, सूजन और जलन पैदा करने के साथ शरीर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। यह एक आटो इम्यून विकार हैं, लेकिन सही जीवनशैली और खान-पान से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके कारण और बचाव के बारे में।</p>



<p>क्या आपको भी सुबह उठने के बाद घुटने और जोड़ों में दर्द या अकड़न रहती है। क्या आप दिनभर थकान महसूस करते हैं और आपको भूख कम लगती है। अगर ऐसा है तो ये आर्थराइटिस के लक्षण हो सकते हैं। इसमें कभी-कभी बुखार भी हो सकता है।</p>



<p>यदि समय रहते इन लक्षणों का निदान नहीं हुआ, तो वह हाथों-पैरों, कोहनी, कूल्हे, घुटने समेत अनेक जोड़ों के लिए मुसीबत बन सकता है। अक्सर किसी भी बीमारी की शुरुआत में लोग थकान या दर्द को हल्का लक्षण मानकर अनदेखा कर देते हैं। समय बीतने के बाद बीमारी विकृत रूप ले लेती है।</p>



<p><br><strong>कैसा हो खानपान?</strong><br>साल्मन, टूना अदि मछलियां सूजन नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।<br>फलों सब्जियों का सेवन भी सूजन कम करता है। इनमें मटर और बस फैट रहित होते हैं। इनमें एंटीआक्सीडेंट्स, फैलिक एसिड, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक भी पाए जाते हैं।<br>रिफाइंड अनाज की तुलना में साबुत अनाज का इस्तेमाल ज्यादा करना चाहिए। इनमें पोषक तत्त्व और फाइबर की मात्रा अधिक होती है।<br>लेबल पढ़कर ही ब्रेड, अनाज और अन्य खाने का सामान खरीदना चाहिए।</p>



<p>सूजन बढ़ाने वाले आहार से बचें<br>अधिक तले-भुने ग्रिल्ड आहार।<br>चीनी और रिफाइंड कार्ब्स।<br>अधिक मात्रा में डेरी उत्पाद<br>शराब व तंबाकू का सेवन<br>नमक व प्रिजर्वेटिव वाले खाद्य पदार्थ आदि।</p>



<p><strong>इन बातों का रहे ध्यान</strong><br>अगर दर्द हो तो भी शरीरिक सक्रियता बनाकर रखनी चाहिए। हाथों-पैरों को चलाते रहना चाहिए।<br>योग और ध्यान से सूजन कम करने में मदद मिलती है।<br>प्रदूषण में बाहर निकलने से परहेज करें, मास्क का प्रयोग करें।<br>नींद से समझौता न हो, इसका ध्यान रहे। खराब नींद से मोटापा, अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।<br>अगर आप लगातार तनाव में रहते हैं, तो यह रोग को और बढ़ा सकता है, यह ध्यान रखें।<br>पुरुषों की तुलना में यह बीमारी महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है।</p>



<p><strong>अपनाएं स्वस्थ जीवन शैली</strong><br>डॉ. उमा कुमार (प्रोफेसर एवं विभागाध्या, रुमेटोलॉजी, एम्स, नई दिल्ली) रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक आटोइम्यून बीमारी है। यह तेजी से बढ़ रही है। इसके लिए पर्यावरण व जीवनशैली भी जिम्मेदार है। किसी भी बीमारी का 30 से 40 प्रतिशत कारक जीन होता है, शेष बाहरी कारण होते हैं।</p>



<p>स्वस्थ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ऊतकों और कोशिकाओं पर हमला करने वाले वायरस, बैक्टीरिया आदि बचाव करती है, लेकिन बाहरी कारकों के प्रभाव में आकर जब इन कोशिकाओं में मौजूद प्रोटीन के स्वरूप में बदलाव होता है तो प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही शरीर की कोशिकाओं को नष्ट करने लगती है।</p>



<p>इससे शरीर में सूजन उत्पन्न होने लगता है और आटोइम्यून बीमारियां पैदा होती हैं। वायु प्रदूषण, केमिकल पेस्टिसाइड, खराब खानपान आदि की इसमें बड़ी भूमिका है। बेहतर जीवनशैली से ही आर्थराइटिस जैसी बीमारी से बचाव संभव है।</p>
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		<title>मौसम में बदलाव के साथ बढ़ने लगी है जोड़ों की अकड़न</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Oct 2025 04:42:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[अकड़न]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/derff-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/derff.jpg 683w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/derff-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />मौसम में बदलाव के साथ हमारे शरीर पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है, खासतौर से जोड़ों की समस्या से पीड़ित लोगों और बुजुर्गों पर। सर्दियों की शुरुआत में अक्सर लोग जोड़ों में अकड़न, दर्द और सूजन की शिकायत करते देखे जाते हैं। ऐसे में जोड़ों की अकड़न को दूर करने में योगासन एक प्राकृतिक और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/derff-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/derff.jpg 683w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/derff-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मौसम में बदलाव के साथ हमारे शरीर पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है, खासतौर से जोड़ों की समस्या से पीड़ित लोगों और बुजुर्गों पर। सर्दियों की शुरुआत में अक्सर लोग जोड़ों में अकड़न, दर्द और सूजन की शिकायत करते देखे जाते हैं।</p>



<p>ऐसे में जोड़ों की अकड़न को दूर करने में योगासन एक प्राकृतिक और असरदार उपाय साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 योगासनों के बारे में जो जोड़ों की अकड़न दूर करने में मददगार साबित होंगे।</p>



<p><strong>भुजंगासन</strong></p>



<p>भुजंगासन रीढ़ की हड्डी के लिए बेहद फायदेमंद आसन है। यह कमर दर्द से राहत दिलाने के साथ-साथ कंधों और गर्दन की अकड़न को दूर करता है। इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं और हथेलियों को छाती के पास रखें। सांस भरते हुए छाती को ऊपर उठाएं, कोहनियां सीधी रखें। इस पोजीशन में 15-30 सेकंड तक रुकें फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं। यह आसन रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाता है और जोड़ों के दर्द में आराम पहुंचाता है।</p>



<p><strong>त्रिकोणासन</strong></p>



<p>त्रिकोणासन कूल्हों, घुटनों और टखनों की अकड़न दूर करने में सहायक है। सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और पैरों के बीच हल्की दूरी बनाएं। दाएं पैर को दाईं ओर मोड़ें और बाएं पैर को सीधा रखें। अब दाईं हथेली को दाएं पैर के पास जमीन से छूते हुए बाईं बाजू को ऊपर उठाएं। गर्दन को बाईं ओर घुमाएं और ऊपर देखें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक बने रहें फिर दूसरी ओर से दोहराएं।</p>



<p><strong>गोमुखासन</strong></p>



<p>यह आसन कंधों और कूल्हों की अकड़न दूर करने के लिए खासतौर से फायदेमंद है। बैठकर बाएं पैर को मोड़कर दाएं पैर के नीचे ले जाएं। अब दाएं हाथ को ऊपर से और बाएं हाथ को नीचे से पीठ के पीछे ले जाकर दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में मिलाने की कोशिश करें। इस दौरान रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और सामने की ओर देखें। कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद दूसरी ओर से दोहराएं।</p>



<p><strong>मार्जरी आसन</strong></p>



<p>मार्जरी आसन रीढ़ की हड्डी के लिए एक बेहतरीन आसन है, जो पीठ दर्द और अकड़न को दूर करता है। घुटनों और हथेलियों के बल टेबल टॉप पोजिशन में आ जाएं। सांस भरते हुए पेट को नीचे की ओर ले जाएं और सिर को ऊपर उठाएं। फिर सांस छोड़ते हुए रीढ़ को ऊपर की ओर उठाएं और सिर को नीचे झुकाएं। इस प्रक्रिया को 10-15 बार दोहराएं।</p>



<p><strong>वज्रासन</strong></p>



<p>वज्रासन एक ऐसा आसन है जिसे खाने के बाद भी किया जा सकता है। यह घुटनों और टखनों की अकड़न दूर करने में मदद करता है। इसे करने के लिए घुटनों के बल बैठ जाएं और नितंबों को एड़ियों पर टिका दें। हाथों को घुटनों पर रखें और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। इस आसन में 5-10 मिनट तक बैठ सकते हैं। नियमित अभ्यास से पैरों के जोड़ों में लचीलापन आता है और दर्द में राहत मिलती है।</p>



<p><strong>इन बातों का जरूर ध्यान रखें</strong></p>



<p>किसी भी आसन को जबरदस्ती न करें, अपनी बॉडी की लिमिट का ध्यान रखें</p>



<p>योगासन साफ और हवादार जगह पर ही करें</p>



<p>गंभीर जोड़ों की समस्या होने पर एक्सपर्ट की सलाह लें</p>



<p>नियमित रूप से इन आसनों की प्रैक्टिस करें</p>



<p>योग करते वक्त अपनी ब्रीदिंग तकनीक पर ध्यान दें</p>
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