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	<title>अंतिम संस्कार &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>अंतिम संस्कार &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>अंतिम संस्कार में क्यों फोड़ा जाता है घड़ा? जानें इस रहस्यमयी परंपरा के पीछे की वजह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 05:51:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[अंतिम संस्कार]]></category>
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					<description><![CDATA[हिंदू धर्म में जीवन के सोलह संस्कारों में अंतिम संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। यह वह पड़ाव है, जहां आत्मा का संसार से मोह छूट जाता है। दाह संस्कार के समय कई तरह की रस्म निभाई जाती हैं, जिनमें सबसे अधिक ध्यान खींचती है – ‘मिट्टी का घड़ा फोड़ने’ वाली रस्म। जब शव &#8230;]]></description>
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<p>हिंदू धर्म में जीवन के सोलह संस्कारों में अंतिम संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। यह वह पड़ाव है, जहां आत्मा का संसार से मोह छूट जाता है। दाह संस्कार के समय कई तरह की रस्म निभाई जाती हैं, जिनमें सबसे अधिक ध्यान खींचती है – ‘मिट्टी का घड़ा फोड़ने’ वाली रस्म। जब शव को मुखाग्नि दी जाती है, तब एक व्यक्ति पानी से भरा मिट्टी का घड़ा लेकर चिता की परिक्रमा करता है और अंत में उसे पीछे की ओर पटक कर फोड़ देता है। क्या आपने कभी सोचा है कि इस परंपरा के पीछे का रहस्य क्या है? तो आइए जानते हैं।</p>



<p><strong>समानता<br></strong>गरुड़ पुराण के अनुसार, इसके पीछे कई कारण छिपे हैं। सनातन परंपरा में मानव शरीर की तुलना मिट्टी के घड़े से की गई है। ‘क्षिति जल पावक गगन समीरा, पंच रचित अति अधम शरीरा।’ जिस तरह मिट्टी का घड़ा कच्चा होता है और आखिरी में मिट्टी में ही मिल जाता है, उसी तरह हमारा शरीर भी है। घड़ा फोड़ना इस बात का प्रतीक है कि अब यह ‘मिट्टी का शरीर’ समाप्त हो चुका है और इसकी आत्मा अब आजाद है।</p>



<p><strong>मोह का त्याग<br></strong>मृत्यु के बाद भी आत्मा अक्सर अपने परिवार और शरीर के मोह में आसपास ही भटकती रहती है। घड़ा फोड़ने की रस्म आत्मा को यह संकेत देने के लिए की जाती है कि अब उसका इस शरीर से नाता पूरी तरह टूट चुका है। घड़ा फूटने की आवाज और पानी का बह जाना दिखाता है कि जैसे फूटे हुए घड़े में पानी नहीं रुक सकता, वैसे ही अब इस शरीर में आत्मा का कोई स्थान नहीं बचा है।</p>



<p><strong>घड़े में तीन छेदों का रहस्य<br></strong>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घड़े के साथ चिता की परिक्रमा करते समय उसमें कुशा या किसी नुकीली वस्तु से तीन छेद किए जाते हैं। ये तीन छेद मनुष्य जीवन के तीन ऋणों – देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण की मुक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। जब घड़ा फूटता है, तो माना जाता है कि व्यक्ति इन सभी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर मिट्टी में विलीन हो गया है।</p>



<p><strong>सभी के लिए सीख<br></strong>यह रस्म केवल मृतक के लिए नहीं, बल्कि दाह संस्कार के समय मौजूद सभी लोगों के लिए भी एक सीख है। बहता हुआ पानी जीवन की तेजी से बीतती हुई अवधि को दिखाता है और घड़े का फूटना मृत्यु की अटलता को। साथ ही यह ये भी सीख देता है कि सबको एक दिन इसी तरह मिट्टी में मिल जाना है।</p>
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		<title>मशहूर कवि आन्दे श्री का निधन, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Nov 2025 07:36:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अंतिम संस्कार]]></category>
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					<description><![CDATA[तेलंगाना का प्रतिष्ठित राज्य गीत ‘जय जय हे तेलंगाना’ लिखने वाले कवि आन्दे श्री का निधन हो गया है। 64 वर्ष की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली है। आन्दे श्री के परिजनों के अनुसार, उनके निधन की वजह दिल का दौरा पड़ना बताया जा रहा है। 2 दिन पहले आन्दे की तबीयत अचानक खराब &#8230;]]></description>
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<p>तेलंगाना का प्रतिष्ठित राज्य गीत ‘जय जय हे तेलंगाना’ लिखने वाले कवि आन्दे श्री का निधन हो गया है। 64 वर्ष की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली है।</p>



<p>आन्दे श्री के परिजनों के अनुसार, उनके निधन की वजह दिल का दौरा पड़ना बताया जा रहा है। 2 दिन पहले आन्दे की तबीयत अचानक खराब हो गई थी और उन्हें खूब पसीना आ रहा था।</p>



<p>परिजनों का कहना है कि आन्दे सुबह अपने घर में जमीन पर गिरे मिले। आनन-फानन में उन्हें गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है।</p>



<p><strong>तेलंगाना का राज्यगीत लिखा</strong></p>



<p>आन्दे श्री का पूरा नाम आन्दे येल्लैया था। तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा दिलाने में उन्होंने अहम योगदान निभाया था। 2023 में तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई। इस दौरान आन्दे श्री के द्वारा लिखे गए गाने ‘जय जय हे तेलंगाना’ को राज्यगीत घोषित कर दिया गया था।</p>



<p><strong>सीएम ने दिए आदेश</strong></p>



<p>तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी, राज्य में बीजेपी के अध्यक्ष एन रामचंद्र राव समेत कई दिग्गज नेताओं ने आन्दे श्री के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सीएम रेवंत रेड्डी का कहना है कि आन्दे का जाना राज्य के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आदेश दिया है कि आधिकारिक राजकीय सम्मान के साथ आन्दे श्री का अंतिम संस्कार किया जाए।</p>
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		<title>पंजाब: बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मण का अंतिम संस्कार आज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Oct 2025 06:39:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[अंतिम संस्कार]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मशहूर बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मण का कार्डियक अरेस्ट की वजह से वीरवार को निधन हो गया था। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अमृतसर फोर्टिस में कंधे के ऑपरेशन के दौरान उन्हें दौरा पड़ा था। शाकाहारी रहकर बॉडी बिल्डिंग में नाम कमाने के कारण वरिंदर काफी चर्चित रहे। जालधंर के रहने वाले घुम्मण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पंजाब के मशहूर बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मण का कार्डियक अरेस्ट की वजह से वीरवार को निधन हो गया था। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।</p>



<p>अमृतसर फोर्टिस में कंधे के ऑपरेशन के दौरान उन्हें दौरा पड़ा था। शाकाहारी रहकर बॉडी बिल्डिंग में नाम कमाने के कारण वरिंदर काफी चर्चित रहे। जालधंर के रहने वाले घुम्मण ने हिंदी व कई पंजाबी फिल्मों में काम किया। 2019 में सिद्धार्थ की फिल्म मरजावां, सलमान खान की आगामी फिल्म टाईगर-3 में भी घुम्मण नजर आएंगे। इसके अलावा उन्होंने पंजाबी फिल्म कबड्डी वंस अगेन में भी अदाकारी की थी। वरिंदर ने मिस्टर एशिया प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया। वह पहले ऐसे भारतीय बॉडीबिल्डर थे जिन्हें आईएफबीबी प्रो कार्ड मिला। 2011 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया ग्रां प्रिक्स में सफलता मिली। उन्होंने कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं भी लड़ीं और भारतीय टीम का नेतृत्व किया।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>घर पहुंचा हिम्मत का शव, सोमवार को होगा अंतिम संस्कार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Jun 2024 05:47:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[अंतिम संस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[सोमवार]]></category>
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					<description><![CDATA[होशियारपुर। कुवैत में इमारत में आग लगने से मारे गए होशियारपुर के गांव कक्कों के निवासी हिम्मत राय का शव शनिवार तड़के यहां पहुंचा। कक्कों में ही हिम्मत राय के परिवार के साथ रहने वाला उनका भांजा इंद्रजीत सिंह उनका शव लाने के लिए शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गया था। प्रशासन की ओर से भेजी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>होशियारपुर। कुवैत में इमारत में आग लगने से मारे गए होशियारपुर के गांव कक्कों के निवासी हिम्मत राय का शव शनिवार तड़के यहां पहुंचा। कक्कों में ही हिम्मत राय के परिवार के साथ रहने वाला उनका भांजा इंद्रजीत सिंह उनका शव लाने के लिए शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गया था। प्रशासन की ओर से भेजी गई एंबुलेंस में वह शव लेकर शुक्रवार देर शाम दिल्ली से रवाना हुआ और शनिवार सुबह करीब पांच बजे वह यहां पहुंचा।</p>



<p>इंद्रजीत ने बताया कि उसके मामा हिम्मत राय की एक बेटी तो यहीं है और दूसरी विदेश में रहती हैं जो यहां पहुंच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि हिम्मत राय का एक और भांजा ग्रीस में रहता है जो रविवार शाम तक यहां पहुंचेगा। इसके बाद सोमवार सुबह 9-10 बजे के करीब गांव में ही हिम्मत राय का अंतिम संस्कार किया जाएगा। फिलहाल शव को सिख वेलफेयर सोसाइटी के सिंगड़ीवाला स्थित शव गृह में रखा गया है। इंद्रजीत ने कहा कि उसके मामा का शव लाने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से उन्हें पूर्ण सहयोग दिया गया। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि हिम्मत राय के नाबालिग बेटे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परिवार को आवश्यक सहायता प्रदान की जए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शहीद अनिल का सैन्य सम्मान के साथ कंवारी में अंतिम संस्कार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Jun 2024 04:35:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[अंतिम संस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[शहीद अनिल]]></category>
		<category><![CDATA[सैन्य सम्मान]]></category>
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					<description><![CDATA[रविवार सुबह जब अनिल कुमार का पार्थिव शरीर उनके गांव में लाया गया तो हर किसी की आंख नम थी। जिसे भी सूचना मिली, वह वहां पर दौड़ा चला आया।  जोधपुर में तैनात बीएसएफ के जवान शहीद अनिल कुमार का रविवार को उनके पैतृक गांव कंवारी में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>रविवार सुबह जब अनिल कुमार का पार्थिव शरीर उनके गांव में लाया गया तो हर किसी की आंख नम थी। जिसे भी सूचना मिली, वह वहां पर दौड़ा चला आया। </p>



<p>जोधपुर में तैनात बीएसएफ के जवान शहीद अनिल कुमार का रविवार को उनके पैतृक गांव कंवारी में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जोधपुर से बीएसएफ की ओर से आए सुभाष चंद्र ने बताया कि अनिल कुमार ड्यूटी करने के बाद बाइक से अपने कमरे पर जा रहे थे कि अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।</p>



<p>शहीद अनिल के भाई देवेंद्र ने बताया कि उनके भाई उनके लिए भगवान के बराबर थे। अनिल की माता कृष्णा देवी बार-बार अपने बेटे को पुकार रही थी। ऐसा ही हाल अनिल की पत्नी कविता देवी का था। शहीद की अंतिम यात्रा में जोधपुर से आई बीएसएफ के जवान और हिसार बीएसएफ कैंप से पहुंचे अधिकारी व जवानों के साथ-साथ हजारों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।</p>



<p>इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार किया गया। बीएसएफ की तरफ से पहुंचे अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद तिरंगे झंडे को सम्मान के साथ अनिल कुमार के स्वजनों में उनके बेटे अचल को सौंपा और सलामी दी।</p>



<p><strong>कबड्डी के दम पर ही बीएसएफ में हुआ था चयन</strong><br>वर्ष 2001 में बीएसएफ में स्पोर्ट्स कोटे से ट्रायल देकर भर्ती हुए अनिल कुमार गांव के पहले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने खेल कोटे से सेना में जाने का अवसर मिला। बीएसएफ की तरफ से खेलते हुए उन्होंने अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया। 7 साल तक कोचिंग भी की। नेशनल कबड्डी में कई बार बेस्ट रैडर का अवाॅर्ड भी मिला। वर्ष 1998 और 1999 में दो बार हरियाणा की टीम से नेशनल खेलते हुए अपनी टीम को बेहतरीन जीत दिलाई थी। इसी दौरान वह बेस्ट रैडर चुने गए थे। अनिल कुमार अक्सर कहते थे कि रिटायरमेंट के बाद वह नए खिलाड़ियों की पौध तैयार करेंगे और देश को बेस्ट प्लेयर देने का काम करेंगे।</p>



<p><strong>बेटा अचल पिता की तरह बनना चाहता है बेहतर खिलाड़ी</strong><br>अनिल कुमार के इकलौते बेटे अचल ने बताया कि वह अपने पिता की तरह कबड्डी में बेहतरीन खिलाड़ी बनना चाहता है और आर्मी में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते हैं। अचल फिलहाल दसवीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। अचल ने बताया कि उसकी फोन पर पिता से अक्सर बात होती थी, लेकिन फेस टू फेस वह पिता से मार्च में मिला था। अभी 15 जून को ही वह परिवार के साथ जोधपुर में पापा के पास घूमने के लिए जाने का मन बना रहा था। वह अपने मामा के घर गया हुआ था कि इसी दौरान यह हादसा हो गया जिसको वह कभी भूल नहीं सकता।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>सैन्य सम्मान से हुआ प्रदीप का अंतिम संस्कार, लोगों ने नम आंखों से दी विदाई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Apr 2024 12:27:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[अंतिम संस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[सैन्य सम्मान]]></category>
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					<description><![CDATA[लोहाघाट के खेतीखान तपनीपाल निवासी भारतीय सेना के आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात सैनिक प्रदीप बोहरा का पार्थिव शरीर उसके घर पहुंचा। जहां सैन्य सम्मान के साथ सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया।  लोहाघाट के खेतीखान तपनीपाल निवासी भारतीय सेना के आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात सैनिक प्रदीप बोहरा का पार्थिव शरीर उसके घर पहुंचा। जहां सैन्य &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>लोहाघाट के खेतीखान तपनीपाल निवासी भारतीय सेना के आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात सैनिक प्रदीप बोहरा का पार्थिव शरीर उसके घर पहुंचा। जहां सैन्य सम्मान के साथ सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया। </p>



<p>लोहाघाट के खेतीखान तपनीपाल निवासी भारतीय सेना के आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात सैनिक प्रदीप बोहरा का पार्थिव शरीर उसके घर पहुंचा। जहां सैन्य सम्मान के साथ सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक का पार्थिव शरीर उसके घर पहुंचते ही मातम पसर गया।</p>



<p>खेतीखान तपनीपाल निवासी आर्टिलरी रेजिमेंट बाड़मेर राजस्थान में तैनात सैनिक प्रदीप बोहरा विगत शुक्रवार को बाड़मेर राजस्थान से छुट्टी लेकर ट्रेन से घर लौट रहे थे, इसी दौरान चूरू राजस्थान में चलती ट्रेन से पैर फिसलने से प्रदीप का निधन हो गया। सोमवार सुबह करीब 10 बजे तिरंगे से लिपटा प्रदीप का पार्थिव शरीर उसके गांव तपनीपाल पहुंचा। जहां परिजन सैनिक प्रदीप के शव से लिपट गए। पूरा क्षेत्र शोक की लहर में डूब गया। प्रदीप का अंतिम संस्कार क्षेत्र के गुप्तेश्वर श्मशान घाट में किया गया। जहां पिथौरागढ़ से आई सेना की टुकड़ी ने सिपाही प्रदीप को अंतिम सलामी दी।</p>



<p>सैनिक के चाचा केशव बोहरा ने चिता को मुखाग्नि दी। प्रदीप के निधन के बाद पिता प्रताप सिंह, माता आनंदी देवी, पत्नी मीना देवी, पुत्र दीपांशु व गोलू व भाई अभिषेक अपनी सुधबुध खोए हुए हैं। अंतिम संस्कार में विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, पूर्व विधायक पूरन सिंह फत्र्याल, सतीश पांडेय, ग्राम प्रधान भरत बोहरा, बबलू देऊ आदि तमाम लोग शामिल रहे। </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>बाबा तरसेम सिंह के अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 Mar 2024 05:14:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[अंतिम संस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[उमड़ा जनसैलाब]]></category>
		<category><![CDATA[बाबा तरसेम सिंह]]></category>
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					<description><![CDATA[नानकमत्ता में डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। तरसेम सिंह की कल बाइक सवार दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनके अंतिम संस्कार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सतनाम वाहेगुरु के जाप के साथ बाबा तरसेम सिंह का पार्थिव शरीर गुरुद्वारा दूधवाला कुआं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>नानकमत्ता में डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। तरसेम सिंह की कल बाइक सवार दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनके अंतिम संस्कार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।</p>



<p>सतनाम वाहेगुरु के जाप के साथ बाबा तरसेम सिंह का पार्थिव शरीर गुरुद्वारा दूधवाला कुआं परिसर में पंचतत्व में विलीन हो गया। बाबा तरसेम सिंह की आत्मा की शांति के लिए हुई अंतिम अरदास में राजनीतिक,धार्मिक, सामाजिक के साथ ही हजारों की संगत ने गुरु महाराज से उनकी आत्मा की शांति की अरदास की। गुरुद्वारा दूध वाला कुआं परिसर में डेरा कार सेवा के दिवंगत जत्थेदार बाबा तरसेम सिंह को अश्रुपुरित आंखों से अंतिम विदाई देने के लिए क्षेत्र व यूपी के आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे।</p>



<p>बृहस्पतिवार को बाइक सवार दो हत्यारों ने सुबह डेरे में घुसकर बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम के बाद संगत को अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर डेरा कार सेवा परिसर में फूलों से सजाकर रखा गया था।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="836" height="466" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/uk-1-24-large.jpg" alt="" class="wp-image-550630" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/uk-1-24.jpg 836w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/uk-1-24-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/uk-1-24-768x428.jpg 768w" sizes="(max-width: 836px) 100vw, 836px" /></figure>



<p>शुक्रवार सुबह नौ बजे अरदास के बाद सतनाम वाहेगुरु के जाप के साथ फूलों से सजे विमान पर उनका शव दूधवाले कुआं परिसर में लाया गया। उनके पार्थिव शरीर को धार्मिक डेरा कार सेवा के प्रमुख संत बाबा बचन सिंह ने मुखाग्नि दी। वहां पर दिल्ली के बाबा सुरेंद्र सिंह, रीठा साहिब के बाबा श्याम सिंह, चंडीगढ़ के बाबा लखवीर सिंह, बाबा सतनाम सिंह बिलासपुर, बाबा प्रताप सिंह बाजवा, बाबा पाल सिंह आगरा का ताल, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरबंश सिंह चुघ, महासचिव अमरजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, दविन्दर सिंह, जोगिंदर सिंह, गुरवंत सिंह सोनी, गुरदयाल सिंह, प्रभारी प्रबंधक सुखवंत सिंह भुल्लर, रंजीत सिंह ढिल्लों, बलदेव सिंह चीमा, जसविंदर सिंह गिल, सुखदेव सिंह नामधारी, गुरु सेवक सिंह नामधारी आदि थे।</p>



<p><strong>इन्होंने भी दी श्रद्धांजलि</strong><br>नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, रुद्रपुर के विधायक शिव अरोरा, विधायक गोपाल सिंह राणा, किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, डॉ. प्रेम सिंह राणा, नारायण पाल, आरएसएस के क्षेत्र संपर्क प्रमुख हरीश, प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख नरेंद्र, ज्ञानेंद्र, वरुण अग्रवाल, उमेश अग्रवाल आदि शामिल थे।</p>
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		<title>किसान आंदोलन : आज होगा खनौरी में मारे गए शुभकरण का अंतिम संस्कार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Feb 2024 06:03:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[अंतिम संस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[शुभकरण]]></category>
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					<description><![CDATA[शुभकरण मौत मामले में पंजाब पुलिस ने पटियाला के पातड़ां थाने में अज्ञात लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। किसानों व परिजनों के राजी होने के बाद रात 11 बजे शुभकरण के शव का पोस्टमार्टम किया गया। सुबह शव खनौरी सीमा ले जाया जाएगा। वहां श्रद्धांजलि देने के बाद पैतृक गांव में &#8230;]]></description>
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<p>शुभकरण मौत मामले में पंजाब पुलिस ने पटियाला के पातड़ां थाने में अज्ञात लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। किसानों व परिजनों के राजी होने के बाद रात 11 बजे शुभकरण के शव का पोस्टमार्टम किया गया। सुबह शव खनौरी सीमा ले जाया जाएगा। वहां श्रद्धांजलि देने के बाद पैतृक गांव में अंतिम संस्कार होगा।</p>



<p>पंजाब में शंभू व खनौरी सीमा पर किसानों का आंदोलन जारी है। देर रात खनौरी सीमा पर मारे गए किसान शुभकरण सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया था। शुभकरण मौत मामले में पंजाब पुलिस ने पटियाला के पातड़ां थाने में अज्ञात लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।</p>



<p>किसानों व परिजनों के राजी होने के बाद रात 11 बजे शुभकरण के शव का पोस्टमार्टम किया गया। अब किसान नेता खनौरी बॉर्डर पर शुभकरण का पार्थिव शरीर लेकर पहुंच गए हैं। दोपहर 3 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं&nbsp;आज ही तय होगा कि दिल्ली कूच किया जाएगा या शंभू पर ही पक्का डेरा लगाया लाएगा।&nbsp;</p>



<p><strong>केंद्र सरकार किसानों से बातचीत को तैयार : मुंडा</strong><br>केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ वार्ता के लिए तैयार है। वह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) सोसाइटी की &nbsp;सालाना आम बैठक से इतर बोल रहे थे। बता दें कि केंद्र सरकार व किसानों के बीच अब तक चार दौर की बातचीत हो चुकी है, पर कोई समाधान नहीं निकला। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसान दिल्ली मार्च पर अड़े हैं।</p>
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