<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>इलाहाबाद &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/category/states/uttar-pradesh/allahabad/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Sun, 29 Mar 2026 05:28:39 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>इलाहाबाद &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>विवाहित व्यक्ति तलाक लिए बिना लिव-इन संबंध में नहीं रह सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a4%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%95-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f/666938</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Mar 2026 05:28:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इलाहाबाद]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[इलाहाबाद हाईकोर्ट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=666938</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="326" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2.jpg 975w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2-300x158.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2-768x406.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2-310x165.jpg 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />प्रयागराज:&#160;इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि शादीशुदा महिला और पुरुष अपने पति या पत्नी के जीवित रहते हुए उनसे तलाक लिए बगैर किसी तीसरे व्यक्ति के साथ कानूनी रूप से सहजीवन (लिव इन) संबंध में नहीं रह सकते। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने कहा कि सक्षम अदालत से तलाक हासिल किए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="326" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2.jpg 975w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2-300x158.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2-768x406.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/87-2-310x165.jpg 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p><strong>प्रयागराज:&nbsp;</strong>इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि शादीशुदा महिला और पुरुष अपने पति या पत्नी के जीवित रहते हुए उनसे तलाक लिए बगैर किसी तीसरे व्यक्ति के साथ कानूनी रूप से सहजीवन (लिव इन) संबंध में नहीं रह सकते। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने कहा कि सक्षम अदालत से तलाक हासिल किए बिना न्यायालय लिव-इन संबंध में रहने वाले याचिकाकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कोई रिट या निर्देश जारी नहीं कर सकता है।&nbsp;</p>



<p><strong>अदालत ने ये भी कहा…</strong><br>बहरहाल, अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता परेशान हैं या उन्हें किसी प्रकार की हिंसा की आशंका है तो वे एक विस्तृत प्रार्थना पत्र देकर संबंधित पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर सकते हैं और संबंधित अधिकारी प्रार्थना पत्र की विषय वस्तु की जांच कर याचिकाकर्ताओं के जीवन की सुरक्षा के लिए कानून के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई करेगा। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने अंजू और उसके पुरुष साथी द्वारा दायर याचिका निस्तारित कर दी जिसमें प्रतिवादियों को उनके ”शांतिपूर्ण जीवन” में दखल नहीं देने और सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि ”दोनों याचिकाकर्ता पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे हैं और उन्हें अपनी जान का खतरा है।”&nbsp;</p>



<p><strong>‘निजी स्वतंत्रता का अधिकार अपने आप में पूर्ण नहीं’</strong><br>राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता किसी अन्य व्यक्तियों के साथ विवाहित हैं और इन याचिकाकर्ताओं का साथ रहना ”अवैध” है क्योंकि इन्होंने अपने जीवन साथी से तलाक नहीं लिया है। इस पर अदालत ने कहा, ”ऐसी स्थिति में लिव-इन संबंध में होने का दावा करने वाले इन याचिकाकर्ताओं को भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए सुरक्षा नहीं दी जा सकती।”&nbsp;</p>



<p>अदालत ने 20 मार्च को दिए अपने निर्णय में कहा, “दो वयस्क व्यक्तियों की निजी स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने का अधिकार किसी को भी नहीं है और उनके माता पिता तक उनके संबंधों में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। लेकिन, स्वतंत्रता का अधिकार या निजी स्वतंत्रता का अधिकार अपने आप में पूर्ण नहीं है, बल्कि इस पर कुछ पाबंदियां भी लागू होती हैं।”&nbsp;</p>



<p><strong>‘एक पति या पत्नी को अपने जीवन साथी के साथ रहने का कानूनी अधिकार’</strong><br>अदालत ने कहा, “एक व्यक्ति की स्वतंत्रता वहां खत्म हो जाती है जहां दूसरे व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार प्रारंभ होता है। एक पति या पत्नी को अपने जीवन साथी के साथ रहने का कानूनी अधिकार है और निजी स्वतंत्रता के नाम पर उसे उसके इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।” अदालत ने कहा, “यह स्थापित कानून है कि कानून के उलट या दंडात्मक प्रावधान सहित एक कानूनी प्रावधान को विफल करने के लिए निर्देश जारी नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ताओं को कानूनी रूप से सुरक्षा पाने के लिए निर्देश जारी करने की मांग करने का अधिकार नहीं है।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इलाहबाद हाईकोर्ट ने कहा: पति के चरित्र पर कीचड़ उछालना क्रूरता…</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%aa/659511</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 05:15:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इलाहाबाद]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[इलाहबाद हाईकोर्ट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=659511</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-5.jpg 816w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-5-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-5-768x434.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पति के चरित्र पर कीचड़ उछालना क्रूरता है। बिना सबूत पति पर अवैध संबंध का आरोप लगाना उसकी सामाजिक और मानसिक हत्या करने जैसा है। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पति की ओर से दाखिल तलाक की अर्जी मंजूर कर ली। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-5.jpg 816w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-5-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/45-5-768x434.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पति के चरित्र पर कीचड़ उछालना क्रूरता है। बिना सबूत पति पर अवैध संबंध का आरोप लगाना उसकी सामाजिक और मानसिक हत्या करने जैसा है। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पति की ओर से दाखिल तलाक की अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा अगर पति ने वर्षों तक कोई गिला-शिकवा नहीं किया तो इसका यह मतलब कतई नहीं है कि वह प्रताड़ित नहीं है। भारतीय समाज में पुरुष अक्सर लोकलाज और बच्चों के भविष्य के लिए नरक जैसी स्थिति झेलते हैं।</p>



<p>मामला वाराणसी का है। गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में तैनात उप प्रबंधक की शादी वाराणसी में तैनात अध्यापिका से 25 नवंबर 2003 में हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी। उनके दो बेटे हैं। पति-पत्नी के बीच शंका की दीवार खड़ी होने से 2011 से दोनों अलग रहने लगे हैं। बच्चों का पालन-पोषण दादा-दादी कर रहे हैं।</p>



<p><strong>पति ने कहा…मां पर फेंकी गर्म दाल, मासूम को लटकाया छत से<br></strong>2014 में पति ने क्रूरता के आधार पर पत्नी से तलाक लेने की अर्जी वाराणसी के परिवार न्यायालय में दाखिल की। आरोप लगाया कि पत्नी झगड़ालू और शंकालु स्वभाव की है। वह उस पर भाभी संग अवैध संबंध का आरोप लगाती है। यही, नहीं मासूम बच्चों व माता-पिता संग क्रूरता का व्यवहार करती है। पति ने 2009 की घटना का जिक्र कर बताया कि चार माह के छोटे बेटे को पत्नी ने छत पर लटका दिया था। वहीं, बूढ़ी मां पर गर्म दाल भी फेंक दी थी। यह भी आरोप लगाया कि पत्नी उसे और उसके परिवार को सुसाइड नोट लिखकर जेल भिजवाने की धमकी देती थी। पति ने साक्ष्य के रूप में वॉइस रिकॉर्डिंग पेश की है। उसमें कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है।</p>



<p><strong>परिवार न्यायालय ने खारिज की अर्जी, पति पहुंचा हाईकोर्ट<br></strong>परिवार न्यायालय ने पहले पति की अर्जी एक पक्षीय आदेश पारित कर खारिज कर दी थी कि उसने पत्नी के व्यवहार को माफ कर दिया है। पति ने उसे नोटिस नहीं भेजा। इस आदेश के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो पाया गया कि पत्नी ने खुद स्वीकार किया था कि पति का भाभी के साथ अवैध संबंध है। इस खुलासे ने पति को गहरे अवसाद और आत्महत्या के कगार पर धकेल दिया था। बाद में पत्नी दोनों बेटों को बेसहारा छोड़कर वाराणसी में ही अलग किराये के कमरे में रहने लगी। हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में यह भी पाया कि पति की ओर से भेजा नोटिस पत्नी ने लेने से इन्कार कर दिया था।</p>



<p>जब एक मां अपने बच्चों को वर्षों तक छोड़ दे और पति के चरित्र पर कीचड़ उछाले तो उस शादी का केवल ढांचा बचता है, रूह नहीं। ऐसी स्थिति में तलाक ही एकमात्र विकल्प है।&nbsp;<strong>-इलाहाबाद हाईकोर्ट</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कक्षा पांच तक ऑनलाइन पढ़ाई पर लगे रोक! गाजियाबाद कांड के बाद महिला आयोग सख्त</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%91%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be/659116</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 05:31:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इलाहाबाद]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गाजियाबाद कांड]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=659116</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="319" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-213048.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-213048.png 777w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-213048-300x155.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-213048-768x396.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम की लत में तीन मासूम बहनों के जान देने की घटना पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चाैहान ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को मोबाइल की लत लग रही है। वे शारीरिक और मानसिक रूप से भी कमजोर हो रहे हैं। स्कूलों में कक्षा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="319" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-213048.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-213048.png 777w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-213048-300x155.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-213048-768x396.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम की लत में तीन मासूम बहनों के जान देने की घटना पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चाैहान ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को मोबाइल की लत लग रही है। वे शारीरिक और मानसिक रूप से भी कमजोर हो रहे हैं। स्कूलों में कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश देते हुए प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। विषम परिस्थितियों में ही स्कूल मोबाइल पर होमवर्क भेजें।</p>



<p>महिला आयोग की अध्यक्ष बृहस्पतिवार को जिला जेल में महिला बंदियों से संवाद करने पहुंची थीं। उन्होंने पाकशाला का निरीक्षण किया। बंदियों से भी बात की। दो महिला बंदियों ने सिलाई मशीन की आवश्यकता बताई तो उन्हें मशीन दिलवाने का आश्वासन दिया। जेल में साफ-सफाई भी उचित मिली। इस दाैरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि गाजियाबाद की घटना चिंतनीय है। कोरोना काल में शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों में मोबाइल की लत लगने लगी। अब हालात सामान्य हैं। इसके बावजूद कई स्कूल छोटे बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं। व्हाट्सएप पर होम वर्क भेजा जाता है। इससे बच्चे मोबाइल देखने के आदी बन रहे हैं।</p>



<p><strong>बच्चों पर ध्यान देंगे तो नहीं होगी ऐसी घटना<br></strong>उन्होंने कहा कि ज्यादातर माता-पिता बच्चों के मोबाइल चलाने से त्रस्त हैं। गाजियाबाद की घटना सोशल मीडिया की देन है। लत लगने पर ही इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। पिता के मोबाइल छोड़ने की बात कहने पर बच्चियों ने आत्महत्या कर ली। माता-पिता को बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है। उनके बीच किसी तरह की दूरी नहीं होनी चाहिए। बच्चे और अभिभावक एक-दूसरे के साथ समय बिताएं। थोड़ा सा ध्यान दें तो इस तरह की दुखद घटना को रोका जा सकता है।</p>



<p><strong>माता-पिता भी दें ध्यान<br></strong>अध्यक्ष ने कहा कि अभिभावक भी बच्चों का किताबों से नाता जोड़ें। अभिभावकों की शिकायत होती है कि होमवर्क और प्रोजेक्ट वर्क मोबाइल पर आते हैं। इस कारण बच्चे मोबाइल ले लेते हैं। इसके बाद वापस नहीं देते। इस कारण हर समय बच्चों के पास बैठ नहीं पाते हैं। कोरोना काल में मजबूरी थी लेकिन अब सबकुछ सामान्य है इसलिए पांचवीं तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई पर रोक लगनी चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पश्चिमी यूपी में आज से बारिश के आसार, कोहरे में आएगी कमी</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0/658065</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:58:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इलाहाबाद]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिमी यूपी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=658065</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="247" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-215810.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-215810.png 767w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-215810-300x120.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बदस्तूर जारी है। शनिवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में घना कोहरा छाया रहा और सुबह ठंड के साथ तेज हवा की वजह से सिहरन महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है। सोमवार को इसका असर प्रदेश के अन्य जिलों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="247" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-215810.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-215810.png 767w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-01-31-215810-300x120.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बदस्तूर जारी है। शनिवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में घना कोहरा छाया रहा और सुबह ठंड के साथ तेज हवा की वजह से सिहरन महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है। सोमवार को इसका असर प्रदेश के अन्य जिलों में भी देखने को मिल सकता है।</p>



<p>मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को सुबह बरेली, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, कानपुर और आजमगढ़ में घना कोहरा रहा और यहां दृश्यता शून्य दर्ज की गई। इसके अलावा मेरठ में दृश्यता 10 मीटर, बरेली और बलिया में 20, हमीरपुर में 40 और लखनऊ में 50 मीटर रही। प्रदेश में सबसे ठंडा हरदोई रहा जहां पर न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरे नंबर पर मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री, मेरठ में 6.8 डिग्री, कानपुर और बाराबंकी में 7 और राजधानी लखनऊ में 8.8 डिग्री दर्ज किया गया।</p>



<p>आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से एक फरवरी से लेकर तीन फरवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार हैं। इस दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इस दौरान वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ने से कोहरे में कमी आने की संभावना है। चार फरवरी से तापमान में एक बार फिर से गिरावट के आसार हैं। एक फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश के आसार हैं। दो फरवरी से प्रदेश के अन्य इलाकों में भी आंशिक बारिश हो सकती है।</p>



<p><strong>यहां घना कोहरा रहने की संभावना<br></strong>देवरिया, गोरखपुर, संतकबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुरखीरी, सीतापुर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और आसपास के इलाके।</p>



<p><strong>यहां आज शीत दिवस के आसार<br></strong>गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुरखीरी, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और आसपास के इलाके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हाईकोर्ट का निर्देश- चाइनीज मांझा के निर्माण,उपयोग और बिक्री पर प्रतिबंध लगाए राज्य सरकार</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8/654587</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Jan 2026 05:10:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इलाहाबाद]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[चाइनीज मांझा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=654587</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/7657.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/7657.jpg 810w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/7657-300x166.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/7657-768x425.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए एक बार फिर कहा कि चाइनीज मांझा के निर्माण, उपयोग और बिक्री पर राज्य सरकार प्रतिबंध लगाए। चाइनीज मांझा मानव के साथ ही पक्षियों के लिए भी घातक है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने दिया है। जौनपुर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/7657.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/7657.jpg 810w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/7657-300x166.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/7657-768x425.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए एक बार फिर कहा कि चाइनीज मांझा के निर्माण, उपयोग और बिक्री पर राज्य सरकार प्रतिबंध लगाए। चाइनीज मांझा मानव के साथ ही पक्षियों के लिए भी घातक है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने दिया है। जौनपुर निवासी हिमांशु श्रीवास्तव व दो अन्य ने जनहित याचिका दायर कर चाइनीज मांझा की बिक्री, निर्माण व उपयोग पर रोक लगाने की मांग की थी।</p>



<p>याचीगण के अधिवक्ता शिवा प्रिया प्रसाद ने दलील दी कि चाइनीज मांझा बनाने के लिए जिस सामग्री का प्रयोग किया जाता है वह इसे ब्लेड की तरह तेज धार वाला बना देते हैं। इससे कपड़ा पहने होने के बाद भी शरीर को काट देता है। यह मानव, जानवर, पक्षियों के जीवन के लिए खतरा है। दलील दी कि 11 दिसंबर 2025 को अध्यापक संदीप तिवारी अपनी बच्ची को स्कूल छोड़कर आ रहे थे। शास्त्री ब्रिज पर पहुंचते ही चाइनीज मांझा से गला कटने से उनकी मृत्यु हो गई। हाईकोर्ट ने पूर्व की याचिकाओं पर प्रदेश के सभी जिले के कलेक्टर को चाइनीज मांझा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद इसकी बिक्री जारी है।</p>



<p>कोर्ट ने दलीलों को सुनने के बाद कहा कि 19 नवंबर 2015 को एक जनहित याचिका पर राज्य सरकार को कानून के अनुसार चाइनीज मांझा की बिक्री, उपयोग व निर्माण पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था। राज्य सरकार इस न्यायालय की ओर से जारी निर्देशों को पालन करने के लिए बाध्य है। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि जब पतंगबाजी चरम पर हो तो चीनी मांझा के निर्माण, उपयोग और बिक्री न हो जिससे पंक्षियों और मनुष्यों का जीवन खतरे में पड़े। इसी के साथ याचिका निस्तारित कर दी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
