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		<title>नेपाल में एक और त्रासदी: हिमलुंग हिमाल बेस कैंप में अचानक हिमस्खलन, 10 लोग लापता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Sep 2026 10:23:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="570" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/9-4.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/9-4.jpg 570w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/9-4-300x181.jpg 300w" sizes="(max-width: 570px) 100vw, 570px" />नेपाल के पश्चिमी हिस्से में तिब्बत की सीमा के पास स्थित हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप में रविवार सुबह भीषण हिमस्खलन हुआ। इस हादसे के बाद कम से कम 10 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। लापता लोगों में अलग-अलग पर्वतारोहण अभियानों से जुड़े लोग शामिल हैं। अभियान आयोजकों के मुताबिक, दो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="570" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/9-4.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/9-4.jpg 570w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/9-4-300x181.jpg 300w" sizes="(max-width: 570px) 100vw, 570px" />
<p>नेपाल के पश्चिमी हिस्से में तिब्बत की सीमा के पास स्थित हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप में रविवार सुबह भीषण हिमस्खलन हुआ। इस हादसे के बाद कम से कम 10 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। लापता लोगों में अलग-अलग पर्वतारोहण अभियानों से जुड़े लोग शामिल हैं। अभियान आयोजकों के मुताबिक, दो लापता लोग रसोई में काम करने वाले कर्मचारी हैं। इलाके में पिछले कई दिनों से भारी बर्फबारी हो रही थी और खराब मौसम के कारण पर्वतारोहण अभियान पहले ही मुश्किल हो गए थे।</p>



<p><strong>हिमलुंग हिमाल में आखिर क्या हुआ?<br></strong>अभियान आयोजक मिंगमा ग्यालजे शेरपा के मुताबिक, हिमस्खलन रविवार सुबह आया। उन्होंने बताया कि उनके रसोई कर्मचारियों में से दो लोग भी लापता हैं। पिछले सप्ताह मौसम को लेकर चेतावनी जारी होने के बाद पर्वतारोहण दल और रस्सी लगाने वाली टीमें पहाड़ की ढलानों से नीचे लौट आई थीं। हालांकि, कुछ लोग वहां रुक गए थे। रविवार को आए हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद कम से कम 10 लोगों के लापता होने की जानकारी मिली है। ये सभी लोग अलग-अलग अभियान कंपनियों से जुड़े हुए थे।</p>



<p><strong>क्या कई दिनों से लगातार हो रही थी बर्फबारी?<br></strong>हिमलुंग हिमाल क्षेत्र में पिछले कई दिनों से भारी बर्फबारी हो रही थी। खराब मौसम के कारण पर्वतारोहियों को शरद ऋतु में होने वाली चढ़ाई से पीछे हटना पड़ा था। लगातार बारिश और बर्फबारी ने नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हालात और मुश्किल कर दिए हैं। मौसम बिगड़ने के बाद पर्यटन अधिकारियों ने ट्रेकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों को रोकने की सलाह दी है। पर्यटन विभाग ने भी लोगों को मौसम साफ होने तक पर्यटन गतिविधियां स्थगित रखने को कहा है।</p>



<p><strong>कितने मीटर ऊंचा है हिमलुंग हिमाल?<br></strong>हिमलुंग हिमाल की ऊंचाई 7,126 मीटर है और यह नेपाल के मनांग जिले में स्थित है। ऊंचाई पर पर्वतारोहण का अनुभव हासिल करने वाले पर्वतारोहियों के बीच यह चोटी काफी लोकप्रिय है। हालांकि, यहां पहुंचना आसान नहीं है। हिमलुंग हिमाल क्षेत्र में हेलीकॉप्टर उड़ाने के लिए अतिरिक्त अनुमति की जरूरत होती है। ऐसे में किसी हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। लापता लोगों की तलाश के बीच खराब मौसम इस चुनौती को और बढ़ा रहा है।</p>



<p><strong>नेपाल में क्यों बिगड़े हैं मौसम के हालात?<br></strong>बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसम तंत्र का असर नेपाल के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। पहाड़ों में भारी बर्फबारी हो रही है, जबकि पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार से खराब मौसम के कारण नेपाल में कई जगह सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने कुछ सड़कों को यातायात के लिए बंद भी किया है। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण कई ट्रेकिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं और मनास्लू तथा धौलागिरी जैसे पहाड़ों पर प्रमुख पर्वतारोहण अभियानों को रद्द या स्थगित करना पड़ा है।</p>



<p><strong>पिछले महीने आई बाढ़ के बाद अब हिमस्खलन की मार?<br></strong>नेपाल अभी पिछले महीने आई विनाशकारी बाढ़ के असर से भी जूझ रहा है। रसुवा में आई बाढ़ में 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 5000 से अधिक लोग लापता बताए गए थे। त्रिशूली नदी के किनारे बसे कई इलाकों को बाढ़ ने तबाह कर दिया था। इस आपदा का असर नेपाल के पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ा। अब लगातार बारिश और बर्फबारी ने ट्रेकिंग मार्गों और पर्वतारोहण गतिविधियों को प्रभावित कर दिया है। ऐसे में हिमलुंग हिमाल में हुआ हिमस्खलन नेपाल के लिए एक और गंभीर चुनौती बन गया है।</p>
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		<title>व्हाइट हाउस में नए चैनल की एंट्री, ट्रंप का प्रमुख मीडिया आउटलेट्स  पर बैन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 10:30:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[व्हाइट हाउस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/546ryf.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/546ryf.png 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/546ryf-300x168.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;अमेरिका में ट्रंप प्रशासन और प्रमुख मीडिया संस्थानों के बीच विवाद चरम पर पहुंच गया है। प्रमुख समाचार चैनलों और मीडिया हाउस को व्हाइट हाउस से बाहर किए जाने के बाद, प्रशासन ने सोमवार को अपना खुद का समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म &#8216;ट्रंप टीवी: द एसेंशियल्स स्टेशन&#8217; लॉन्च कर दिया है। यह 24/7 चलने वाली डिजिटल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/546ryf.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/546ryf.png 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/546ryf-300x168.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;अमेरिका में ट्रंप प्रशासन और प्रमुख मीडिया संस्थानों के बीच विवाद चरम पर पहुंच गया है। प्रमुख समाचार चैनलों और मीडिया हाउस को व्हाइट हाउस से बाहर किए जाने के बाद, प्रशासन ने सोमवार को अपना खुद का समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म &#8216;ट्रंप टीवी: द एसेंशियल्स स्टेशन&#8217; लॉन्च कर दिया है।</p>



<p>यह 24/7 चलने वाली डिजिटल वीडियो स्ट्रीम है, जिसमें प्रशासन की आधिकारिक घोषणाएं, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बयान और प्रमुख कार्यक्रमों के फुटेज दिखाए जाएंगे।</p>



<p>इस प्लेटफॉर्म को सोमवार शाम 7 बजे पर व्हाइट हाउस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर शुरू किया गया। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह नई सेवा प्रशासन के सबसे महत्वपूर्ण पलों को एक जगह लाएगी और इसे रियल-टाइम में अपडेट किया जाएगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मीडिया आउटलेट्स के मुकदमे के बाद उठाया कदम</h2>



<p>&#8216;ट्रंप टीवी&#8217; का यह लॉन्च CNN, MS NOW और Politico द्वारा ट्रंप प्रशासन के खिलाफ दायर किए गए एक संघीय मुकदमे के महज कुछ घंटों बाद आया है। इन तीनों मीडिया संगठनों ने शनिवार को उनके पत्रकारों के प्रेस क्रेडेंशियल्स रद्द करने और उन्हें परिसर में प्रवेश से रोकने के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">यह वीडियो भी देखें</h4>



<p>https://www.youtube.com/embed/_5d8UvUflUk?controls=0&amp;playsinline=1&amp;preload=metadata&amp;enablejsapi=1&amp;cc_load_policy=1&amp;showinfo=0&amp;rel=0&amp;iv_load_policy=3&amp;modestbranding=1Play0:00&nbsp;/&nbsp;8:25SettingsEnter fullscreen mode</p>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p>मीडिया संस्थानों का तर्क है कि प्रशासन का यह फैसला अमेरिकी संविधान के फर्स्ट अमेंडमेंट (अभिव्यक्ति और प्रेस की आजादी) के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।</p>



<p>तनाव इतना बढ़ गया कि CNN को तय टेलीविजन पूल ड्यूटी से हटाए जाने के बाद ABC, CBS, Fox News और NBC जैसे अन्य प्रमुख मीडिया हाउस ने भी विरोध स्वरूप व्हाइट हाउस टेलीविजन पूल में अपनी भागीदारी रोक दी।</p>



<p>पूल कवरेज बाधित होने के कारण व्हाइट हाउस द्वारा जारी यह डिजिटल स्ट्रीम ही अब राष्ट्रपति के कार्यक्रमों का मुख्य वीडियो स्रोत बन गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप ने साधा मीडिया पर निशाना</h2>



<p>मुकदमा दर्ज होने के बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन मीडिया आउटलेट्स पर तीखा हमला बोला। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ये संगठन अज्ञात सूत्रों के हवाले से नकारात्मक और फर्जी खबरें चलाकर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।</p>



<p>ट्रंप ने कहा, ऐसी बेईमान और भ्रष्ट प्रेस को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय में आने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। जो मीडिया संस्थान जानबूझकर सच को मरोड़ते हैं, उन्हें एक्सेस देना जरूरी नहीं है। फेक न्यूज लोकतंत्र के लिए खतरा है और देश की सफलता के लिए मैं लड़ता रहूंगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अदालत में बुधवार को होगी सुनवाई</h2>



<p>तीनों मीडिया आउटलेट्स ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि उनका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकार यह तय न करे कि प्रेस को क्या रिपोर्ट करना चाहिए। यह मामला यूएस डिस्ट्रिक्ट जज टिमोथी केली को सौंपा गया है, जिन्होंने 2018 में भी पत्रकार जिम अकोस्टा के प्रेस क्रेडेंशियल रद्द होने से जुड़े मामले की सुनवाई की थी।</p>



<p>अदालत बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगी कि केस लंबित रहने के दौरान मीडिया संस्थानों का एक्सेस बहाल किया जाए या नहीं। फिलहाल, ट्रंप टीवी के लॉन्च ने इस कानूनी और मीडिया विवाद में एक नया और अभूतपूर्व पहलू जोड़ दिया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाएगा अमेरिका, NATO के तहत आएगी आर्कटिक की सुरक्षा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 10:27:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ग्रीनलैंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/09uj.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/09uj.png 781w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/09uj-300x164.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/09uj-768x419.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिका दक्षिणी ग्रीनलैंड में शीत युद्ध के समय के अपने एक पुराने सैन्य अड्डे को फिर से खोलने और पूर्वी ग्रीनलैंड की एक अग्रिम चौकी पर अपनी सैन्य मौजूदगी स्थापित करने की योजना बना रहा है।&#160;रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के यह दावा किया गया है। माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिका, डेनमार्क और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/09uj.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/09uj.png 781w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/09uj-300x164.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/09uj-768x419.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिका दक्षिणी ग्रीनलैंड में शीत युद्ध के समय के अपने एक पुराने सैन्य अड्डे को फिर से खोलने और पूर्वी ग्रीनलैंड की एक अग्रिम चौकी पर अपनी सैन्य मौजूदगी स्थापित करने की योजना बना रहा है।&nbsp;रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के यह दावा किया गया है।</p>



<p>माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच होने वाले एक नए त्रिस्तरीय सुरक्षा समझौते का हिस्सा है। इस समझौते पर मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।</p>



<p>सूत्रों के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिका दक्षिणी ग्रीनलैंड के नार्सारसुआक स्थित ब्लूई वेस्ट वन सैन्य अड्डे को दोबारा चालू कर सकता है, जिसे उसने 1950 के दशक तक संचालित किया था।</p>



<p>इसके अलावा पूर्वी तट पर स्थित मेस्टर्सविग आउटपोस्ट पर भी अमेरिकी मौजूदगी बढ़ेगी, जिसका इस्तेमाल फिलहाल डेनमार्क की स्पेशल फोर्सेज यूनिट सिरियस डॉग स्लेज पेट्रोल करती है। हालांकि, तैनाती का सटीक दायरा क्या होगा, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप के दबाव के बाद बनी सहमति</h2>



<p>यह ऐतिहासिक रक्षा समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के महीनों से जारी राजनीतिक दबाव के बाद संभव हुआ है। ट्रंप कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि वे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस डेनिश क्षेत्र पर अमेरिकी नियंत्रण चाहते हैं।</p>



<p>ट्रंप ने इस क्षेत्र को हासिल करने के लिए सैन्य या आर्थिक ताकत के इस्तेमाल से भी इनकार नहीं किया था। जनवरी में ट्रंप के सख्त रुख के कारण नाटो के भीतर गहरा राजनयिक संकट पैदा हो गया था, जिसके बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड को वाशिंगटन के साथ रक्षा वार्ता की दिशा में आगे बढ़ना पड़ा।</p>



<p>डेनमार्क सरकार का कहना है कि नया समझौता आर्कटिक सुरक्षा को पूरी तरह से नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (NATO) के ढांचे के तहत लाएगा, जिससे इसकी जिम्मेदारी केवल अमेरिका और डेनमार्क के बीच सीमित नहीं रहेगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">शीत युद्ध में 17 ठिकाने और 10 हजार सैनिक थे तैनात</h2>



<p>भौगोलिक दृष्टिकोण से ग्रीनलैंड उत्तरी अमेरिका और यूरोप के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है, जो आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक महासागर में गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रणनीतिक रूप से अहम है।</p>



<p>शीत युद्ध के दौरान ग्रीनलैंड में अमेरिका के 17 सैन्य ठिकाने थे और 10,000 से अधिक सैनिक तैनात थे। वर्तमान में वहां केवल पिटुफिक स्पेस बेस ही सक्रिय है, जहां करीब 150 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। नए ठिकानों के सक्रिय होने से आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका और नाटो की पकड़ काफी मजबूत होगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा के हैरान करने वाले आंकड़े</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 10:23:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बांग्लादेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/89yhu.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/89yhu.png 773w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/89yhu-300x169.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/89yhu-768x433.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />बांग्लादेश से हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं। स्थानीय मीडिया ने एक मानवाधिकार संगठन का हवाला देते हुए बताया कि इस साल जनवरी से अगस्त के दौरान बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं में 155 बच्चों की मौत हुई। बांग्लादेश में बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच देश भर में अपहरण के बाद हत्या, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/89yhu.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/89yhu.png 773w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/89yhu-300x169.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/89yhu-768x433.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>बांग्लादेश से हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं। स्थानीय मीडिया ने एक मानवाधिकार संगठन का हवाला देते हुए बताया कि इस साल जनवरी से अगस्त के दौरान बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं में 155 बच्चों की मौत हुई।</p>



<p>बांग्लादेश में बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच देश भर में अपहरण के बाद हत्या, रेप, शारीरिक शोषण और हिंसा की अन्य घटनाओं इन बच्चों की जान गई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बांग्लादेश में बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा</h3>



<p>ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन &#8216;एन ओ सालिश केंद्र&#8217; (ASK) ने बताया कि इस साल के पहले आठ महीनों में लापता हुए 36 बच्चों के शव बरामद किए गए, जबकि 68 बच्चों की मौत शारीरिक शोषण के कारण और 49 बच्चों की मौत परिवार से जुड़ी हिंसा की घटनाओं में हुई।</p>



<p>मानवाधिकार संगठन ने बताया ऐसे 26 मामलों के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें पहले बच्चों का रेप किया गया और फिर उन्हें मार डाला। इन मामलों में दो लड़के भी शामिल थे।</p>



<p>मानवाधिकार संगठन ने कहा कि रेप की कोशिश के बाद चार बच्चों की जान चली गई, जबकि तीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई।</p>



<p>शारीरिक शोषण के कारण दो घरेलू कामगारों की मौत हो गई, दो बच्चों की हत्या पीछा करने वालों (स्टॉकर) ने कर दी और एक बच्चे की हत्या अपहरण के बाद कर दी गई।</p>



<p>बांग्लादेशी अखबार &#8216;ढाका ट्रिब्यून&#8217; की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान ASK ने आत्महत्या, रहस्यमय मौतों और बच्चों के शव मिलने के 99 मामले दर्ज किए।&nbsp;कई मामलों में, आरोपी पीड़ितों के परिचित बताए जाते हैं।</p>



<p>मानवाधिकार संगठन की रिपोर्टों से पता चलता है कि लापता बच्चों के शवों का मिलना बांग्लादेश में नाबालिगों के खिलाफ हिंसा के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है, जिसमें हाल के मामलों में रेप और हत्या, जानलेवा शारीरिक शोषण और परिवार के सदस्यों के साथ बच्चों की हत्या शामिल है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हजारों की संख्या में बच्चे लापता</h3>



<p>सितंबर महीने की शुरुआत में ही बांग्लादेशी पुलिस मुख्यालय ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि साल के पहले सात महीनों में 15,717 बच्चे लापता हुए थे।</p>



<p>हालांकि 13,679 बच्चों का पता लगा लिया गया, लेकिन 2,038 बच्चे अभी भी लापता हैं, जो कुल संख्या का लगभग 13 प्रतिशत हैं।</p>
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		<title>यमन के पहाड़ी इलाकों पर कब्जा करने में जुटे हूती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 10:16:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[यमन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/4d.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/4d.png 792w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/4d-300x154.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/4d-768x394.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />यमन में चल रहा संघर्ष अब रणनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को हूती लड़ाकों ने वहां की मुख्य पहाड़ियों और ऊंचे इलाकों पर कब्जा करने की पूरी कोशिश की। इनकी योजना सऊदी अरब के समर्थन वाली सेनाओं को लाल सागर के तट से पूरी तरह अलग-थलग कर देना चाहते हैं। इसी बीच, एक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/4d.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/4d.png 792w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/4d-300x154.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/4d-768x394.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>यमन में चल रहा संघर्ष अब रणनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को हूती लड़ाकों ने वहां की मुख्य पहाड़ियों और ऊंचे इलाकों पर कब्जा करने की पूरी कोशिश की। इनकी योजना सऊदी अरब के समर्थन वाली सेनाओं को लाल सागर के तट से पूरी तरह अलग-थलग कर देना चाहते हैं।</p>



<p>इसी बीच, एक हैरान करने वाली खबर भी चर्चा में है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान हूतियों पर होने वाले अमेरिकी हवाई हमलों को ऐन मौके पर रोक दिया था।</p>



<p>ईरान के समर्थन वाले इस गुट ने इस महीने जिस तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं, उसने मध्य पूर्व के युद्ध को एक नए और खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। इसका असर अब सिर्फ यमन तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर की ऊर्जा आपूर्ति पर भी एक बड़ा संकट मंडराने लगा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पहाड़ी इलाकों में भीषण संघर्ष</h2>



<p>साल 2014 से यमन की राजधानी पर नियंत्रण रखने वाले हूतियों ने इस महीने तेजी से आगे बढ़ते हुए देश के लाल सागर तट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकार की सेनाओं को दक्षिण की ओर पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।</p>



<p>हूतियों के अनुसार, सऊदी अरब ने हाल के दिनों में पहाड़ी इलाकों में उनके ठिकानों पर सैकड़ों हवाई हमले किए हैं। लेकिन इन हवाई हमलों का हूतियों की बढ़त को धीमा करने में अब तक बहुत कम असर हुआ है, क्योंकि जमीन पर सऊदी-समर्थित सरकारी सेनाएं कमजोर पड़कर पीछे हट गई हैं।</p>



<p>संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, लड़ाई तेज होने के बाद से अब तक लगभग 700 लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हुए हैं। 1,20,000 से ज्यादा यमनी नागरिकों को अपने घर छोड़कर देश के भीतर ही विस्थापित होना पड़ा है, जबकि हजारों अन्य लोग नावों के जरिए लाल सागर पार करके अफ्रीका भाग गए हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">लाल सागर तट पर कब्जे की अहम रणनीति</h2>



<p>रॉयटर्स के अनुसार, हूती अब ताइज और लाहिज प्रांतों में स्थित कहबूब पर्वत पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। ये इलाके लाल सागर के तट को सरकार के नियंत्रण वाले दक्षिणी हिस्से से अलग करते हैं।</p>



<p>वर्तमान में मुख्य लड़ाई ताइज प्रांत के दूर-दराज पहाड़ी इलाके अल-वाजिया जिले के बाहरी हिस्सों और हिंद महासागर के तट पर स्थित रस अल-आरा में हो रही है। यह इलाका लाल सागर के मुहाने और अदन में मौजूद सरकारी सैन्य बेस के बीच स्थित है।</p>



<p>सूत्रों के मुताबिक, ऊंचे इलाकों पर कब्जा करके हूती लड़ाके लाल सागर की ओर जाने वाले बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के आस-पास अपने पिछले मोर्चे को सुरक्षित करना चाहते हैं, ताकि वे जंग के नए मोर्चे खोल सकें।</p>



<p>इससे उन्हें लाल सागर के किनारे धुबाब और जलडमरूमध्य में पेरिम द्वीप के आस-पास आगे बढ़ते हुए कब्जा किए गए अपने नए और असुरक्षित ठिकानों की हिफाजत करने में मदद मिलेगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">रियाद पर हमले के बावजूद सऊदी अरब की चुप्पी</h2>



<p>वॉशिंगटन ने अब तक सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की यमन युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने की बार-बार की गई अपीलों को ठुकरा दिया है। इस बीच, हूथियों ने शनिवार को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हमला किया है।</p>



<p>वहां जोरदार धमाकों के बाद हवाई अड्डे के पास धुएं के गुबार देखे गए थे। हालांकि, तनाव बढ़ने के बीच राजधानी पर हुए इन शुरुआती हमलों पर सऊदी अरब ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप ने आखिरी वक्त में रद किए हवाई हमले?</h2>



<p>न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस की नई अपीलों के बाद ट्रंप प्रशासन ने हूथियों के खिलाफ हवाई हमले करने की पूरी तैयारी कर ली थी। जब लड़ाकू विमानों पर बम लोड किए जा रहे थे, तभी ट्रंप ने आखिरी समय में इन हमलों को रद कर दिया।</p>



<p>समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने भी इस संबंध में टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया।</p>
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