<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>अन्तर्राष्ट्रीय &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/category/international/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Fri, 17 Apr 2026 08:26:46 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>अन्तर्राष्ट्रीय &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम, राष्ट्रपति ट्रंप ने किया एलान</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b2-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-10-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8b/669184</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:26:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=669184</guid>

					<description><![CDATA[पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों ने रफ्तार पकड़ ली है, हालांकि जमीनी हालात अब भी जटिल बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम का एलान किया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि युद्धविराम शाम पांच बजे ईटी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों ने रफ्तार पकड़ ली है, हालांकि जमीनी हालात अब भी जटिल बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम का एलान किया।</p>



<p>ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि युद्धविराम शाम पांच बजे ईटी (भारतीय समयानुसार तड़के 3.30 बजे) से लागू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने इस पर सहमति जताई है।</p>



<p><strong>इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम<br></strong>हिजबुल्ला ने कहा है कि इजरायल के रवैये पर निर्भर करेगा कि युद्धविराम टिकेगा या नहीं। वहीं, पाकिस्तान और ईरान ने भी कहा है कि अमेरिका से शांति वार्ता से पहले लेबनान में शांति जरूरी है। उधर, अमेरिका-ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की वार्ता की तैयारियां तेज हो गई हैं। हालांकि, परमाणु संवर्धन पर अब भी पेच फंसा हुआ है।</p>



<p>तेहरान पहुंचे पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने गुरुवार को वरिष्ठ ईरानी नेताओं से मुलाकात की। व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान से वार्ता की तारीख तय नहीं हुई है। इस बीच, पीएम नरेन्द्र मोदी ने होर्मुज जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही के मुद्दे पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों से चर्चा की। वहीं, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लागू नौसैनिक नाकाबंदी को लेकर सख्त चेतावनी दी है।</p>



<p><strong>होर्मुज खोलने की अपील<br></strong>अमेरिकी जनरल डैन केन ने कहा कि जो भी जहाज नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश करेगा, उस पर हमला किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर फायरिंग भी की जाएगी। इसमें जहाज को रोकना, उस पर चढ़ना और कब्जा करना शामिल है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान के सैन्य नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा, &#8216;हम आपको देख रहे हैं।&#8217; अब तक 14 तेल टैंकर अमेरिकी नौसेना की चेतावनी के बाद होर्मुज वापस जा चुके हैं।</p>



<p>चीन ने भी ईरान से होर्मुज जलमार्ग को खोलने की अपील की है। ट्रंप ने नेतन्याहू-औन को व्हाइट हाउस बुलाया एपी के अनुसार, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत में साफ कर दिया था कि जब तक हिजबुल्ला से संघर्ष विराम नहीं होता, तब तक इजरायल से किसी तरह की बातचीत का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा था कि दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले और तबाही चल रही है, ऐसे में इजरायल से बातचीत अनुचित है। रूबियो ने भी औन से कहा कि वह स्थिति को समझ रहे हैं।</p>



<p><strong>ट्रंप ने किया एलान<br></strong>न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा करते हुए ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी प्रशासन ने स्थायी शांति स्थापित करने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री रूबियो और ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन को इजरायल और लेबनान के साथ समन्वय का जिम्मा सौंपा है।</p>



<p>ट्रंप ने दावा किया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच स्थायी शांति की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। ट्रंप ने दोनों देशों के नेताओं को व्हाइट हाउस आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि इजरायल और लेबनान को 1983 के बाद पहली सार्थक द्विपक्षीय वार्ता के लिए बुलाएंगे। उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्ष शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं और यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकती है। ट्रंप ने ये भी लिखा कि वह अब तक 10 युद्ध रुकवा चुके हैं।</p>



<p>रायटर के अनुसार, के वरिष्ठ सांसद हसन फद्लल्ला ने कहा कि लेबनान में ईरानी राजदूत ने एक हफ्ते के युद्धविराम के बारे में जानकारी दी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या हिजबुल्ला इस युद्धविराम का सम्मान करेगा, तो फद्लल्ला ने कहा कि इससे जुड़ी हर चीज इजरायल की प्रतिबद्धता से जुड़ी हुई है।</p>



<p>उन्होंने इस युद्धविराम के लिए ईरानी कूटनीतिक प्रयासों को श्रेय दिया। वहीं, लेबनान के पीएम नवाफ सलाम ने युद्धविराम का स्वागत किया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिका, फ्रांस, सऊदी अरब, मिस्त्र, कतर और जार्डन को इस प्रयास के लिए आभार जताया।</p>



<p><strong>युद्ध में अब तक कितना नुकसान?<br></strong>इस संघर्ष में अब तक 2,196 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। उधर, गुरुवार को इजरायली सेना ने लेबनान की लिटानी नदी पर स्थित उस आखिरी पुल को भी ध्वस्त कर दिया, जो दक्षिणी लेबनान को देश से जोड़ता था। दावा किया कि हिजबुल्ला के 70 आतंकी ठिकानों को एक मिनट के अंदर ध्वस्त कर दिया गया। हिजबुल्ला ने 24 घंटे में 39 सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया।</p>



<p>इजरायली सेना ने दावा किया है कि युद्धविराम के दौरान वह दक्षिणी लेबनान से सैनिकों को पीछे नहीं हटाएगी। चीन ने ईरान से की अपील प्रेट्र के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से होर्मुज जलमार्ग में आवागमन फिर से शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते का खुला रखना सभी देशों के हित में है।</p>



<p>हालांकि, वांग यी ने कहा कि एक तरफ होर्मुज में ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन दूसरी तरफ इस रास्ते से जहाजों के सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन की भी गारंटी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन संघर्ष विराम बनाए रखने और बातचीत फिर से शुरू करने का समर्थन करता है।</p>



<p>पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरान के खातम अल-अनबिया हेडक्वार्टर के कमांडर अली अब्दोल्लाही से मुलाकात की और युद्ध खत्म करने के प्रयासों पर चर्चा की। बैठक के दौरान मुनीर ने संघर्ष समाप्त करने के लिए उठाए गए कदमों और तेहरान में हुई अपनी बातचीत का ब्योरा साझा किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ब्लैक होल के रहस्य से उठा पर्दा, पहली बार जेट ऊर्जा की सटीक माप</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%aa/669181</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:16:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ब्लैक होल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=669181</guid>

					<description><![CDATA[&#160;ब्लैक होल से निकलने वाली जेट ऊर्जा को विज्ञानियों ने पहली बार मापा है। ब्लैक होल के ध्रुवों से निकलने वाली अत्यधिक ऊर्जावान प्लाज्मा की धाराओं को ब्लैक होल जेट कहते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि अब तक, ब्लैक होल जेट की शक्ति का औसत हजारों वर्षों के आधार पर निकाला जाता था।अंतरराष्ट्रीय शोध दल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>&nbsp;ब्लैक होल से निकलने वाली जेट ऊर्जा को विज्ञानियों ने पहली बार मापा है। ब्लैक होल के ध्रुवों से निकलने वाली अत्यधिक ऊर्जावान प्लाज्मा की धाराओं को ब्लैक होल जेट कहते हैं।</p>



<p>शोधकर्ताओं ने कहा कि अब तक, ब्लैक होल जेट की शक्ति का औसत हजारों वर्षों के आधार पर निकाला जाता था।अंतरराष्ट्रीय शोध दल ने गुरुवार को बताया कि इस अपेक्षाकृत निकटवर्ती ब्लैक होल- स्टार सिस्टम से निकलने वाली जेट ऊर्जा 10 हजार सूर्यों के बराबर है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कितना होता है एक प्रकाश वर्ष?</h2>



<p>विज्ञानियों ने जेट की गति का भी पता लगाया। यह लगभग 35 करोड़ 50 लाख मील प्रति घंटा है जो प्रकाश की गति का आधा है। 7200 प्रकाश वर्ष दूर स्थित, सिग्नस एक्स-1 में न केवल ब्लैक होल है, बल्कि नीला विशालकाय तारा भी है।</p>



<p>एक प्रकाश वर्ष लगभग 6 ट्रिलियन मील (9.7 ट्रिलियन किलोमीटर) के बराबर होता है। नीले सुपरजायंट तारे अत्यंत गर्म, विशाल और चमकदार तारे होते हैं। ब्लैक होल अंतरिक्ष में स्थित अत्यधिक सघन खगोलीय पिंड हैं, जिनका गुरुत्वाकर्षण इतना शक्तिशाली होता है कि प्रकाश सहित कुछ भी, यहां तक कि विकिरण भी, इससे बाहर नहीं निकल सकता।</p>



<p>आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के स्टीव प्रबु और उनकी टीम ने 18 वर्षों के हाई-रिजाल्यूशन रेडियो इमे¨जग डाटा का उपयोग कर इन जेट की ताकत और गति की गणना की। उन्होंने यह शोध आस्ट्रेलिया के कर्टिन विश्वविद्यालय में रहते हुए किया था।</p>



<p>यह अध्ययन नेचर एस्ट्रोनामी में प्रकाशित हुआ है। तारों के पवन द्वारा जेटों के झुकाव की मात्रा और कंप्यूटर माडलिंग के आधार पर प्रबु और उनके सहयोगियों ने इन डासिंग जेट की तीव्र शक्ति को मापने में सफलता प्राप्त की। इस शोध से पुष्टि हुई है कि ब्लैक होल में गिरने वाले पदार्थ से निकलने वाली कुल ऊर्जा का 10 प्रतिशत जेट के रूप में बाहर निकलता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या है डांसिंग जेट ब्लैक?</h2>



<p>डांसिंग जेट ब्लैक होल की ऐसी शक्तिशाली जेट धाराएं हैं जो प्रकाश की गति के आधे वेग से प्लाज्मा बाहर फेंकती हैं। सिग्नस एक्स-1 में स्थित ब्लैक होल आकार में छोटा है, लेकिन यह अपने साथी तारे से लगातार गैसें खींचता रहता है क्योंकि वे एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं। इस शोध से विज्ञानी यह बेहतर ढंग से समझ सकेंगे कि ब्लैक होल आकाशगंगाओं और अन्य ब्रह्मांडीय संरचनाओं को आकार देने में कैसे मदद करते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>परमाणु अधिकारों पर अड़ा ईरान, अमेरिका को दिया साफ संदेश</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a5%81-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%88/669173</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:06:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=669173</guid>

					<description><![CDATA[ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु संवर्धन के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने गुरुवार को कहा कि परमाणु ऊर्जा का अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत सुनिश्चित है और यह किसी बाहरी दबाव में नहीं बदलेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु संवर्धन के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने गुरुवार को कहा कि परमाणु ऊर्जा का अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत सुनिश्चित है और यह किसी बाहरी दबाव में नहीं बदलेगा।</p>



<p>मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शांति समझौते के तहत अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 साल के लिए अपना परमाणु कार्यक्रम स्थगित कर दे, जबकि ईरान केवल पांच साल तक के लिए ऐसा करने पर अड़ा है। अमेरिका जोर दे रहा है कि उच्चस्तरीय संवर्धित यूरेनियम को ईरान देश से बाहर भेजे, जबकि तेहरान इसकी एवज में अपने ऊपर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने की मांग कर रहा है।</p>



<p><strong>मीडिया अटलकों को किया खारिज<br></strong>बगाई ने पश्चिमी मीडिया में चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण संवर्धन ईरान का वैध अधिकार है, जिसे किसी “रियायत&#8221; की तरह नहीं देखा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान में हुई हालिया ईरान-अमेरिका वार्ता में समृद्धि से जुड़े किसी ठोस मुद्दे पर चर्चा तभी संभव होगी, जब व्यापक समझौते का ढांचा तय हो जाए।</p>



<p>लेबनान के मुद्दे पर ईरान ने अपने समर्थन को बरकरार बताते हुए कहा कि संघर्षविराम समझौते के एक हिस्से के रूप में वहां युद्ध समाप्त करना जरूरी था, लेकिन इजरायल ने इसका पालन नहीं किया।होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर बकाई ने यूरोपीय देशों के संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि क्षेत्रीय देश खुद इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हैं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर “युद्ध भड़काने&#8221; का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि बाहरी दखल से हालात और जटिल होंगे।</p>



<p><strong>होर्मुज नहीं छोड़ेगा ईरान, अधिकार सुरक्षित होने तक डटा रहेगा<br></strong>एएनआई के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक उसके अधिकार पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से पीछे नहीं हटेगा।</p>



<p>उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर युद्धविराम के समर्थन में नहीं हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, रेजाई ने कहा कि तेहरान इस रणनीतिक जलमार्ग को अपने प्रभाव का अहम केंद्र मानता है और अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में यहां अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा।</p>



<p>उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान की आर्थिक और समुद्री गतिविधियों पर “गैरकानूनी प्रतिबंध&#8221; लगा रहा है।रेजाई ने कहा कि ईरान लंबे युद्ध के लिए तैयार और अनुभवी है, जबकि अमेरिका इससे बचना चाहता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा हालात में वार्ता की शर्तें अब ईरान तय कर रहा है।</p>



<p>उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि अमेरिका से आर्थिक मामलों पर बातचीत में बेहद सतर्कता बरतें। इजरायल की नई चेतावनी एपी के अनुसार, इजरायल ने ईरान पर नए हमले की चेतावनी दी है।</p>



<p><strong>इजरायल की चेतावनी<br></strong>इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अमेरिकी प्रस्ताव को नहीं माना, तो उसके नए ठिकानों पर और भी भीषण बमबारी की जाएगी। उन्होंने कहा है कि ईरान ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहां एक रास्ता आतंकवाद और परमाणु शस्त्रों को त्यागने का है, जब कि दूसरा रास्ता उसे खाई की ओर ले जाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेपाल में &#8216;सफेदपोश&#8217; भ्रष्टाचार की खैर नहीं&#8230; मृत नेताओं से लेकर वर्तमान मंत्रियों तक</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b6-%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f/669170</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 07:42:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[नेपाल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=669170</guid>

					<description><![CDATA[&#160;नेपाल में नई सरकार ने एक ऐतिहासिक और व्यापक कदम उठाते हुए पूर्ववर्ती राजनीतिक और प्रशासनिक नेताओं की संपत्ति की जांच के लिए पांच सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित कर दिया है। 2006 से 2025-26 तक की सभी संपत्तियों की जांच यह आयोग 2006 (राजतंत्र समाप्ति के बाद) से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक सार्वजनिक पद पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>&nbsp;नेपाल में नई सरकार ने एक ऐतिहासिक और व्यापक कदम उठाते हुए पूर्ववर्ती राजनीतिक और प्रशासनिक नेताओं की संपत्ति की जांच के लिए पांच सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित कर दिया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">2006 से 2025-26 तक की सभी संपत्तियों की जांच</h2>



<p>यह आयोग 2006 (राजतंत्र समाप्ति के बाद) से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक सार्वजनिक पद पर रह चुके सभी लोगों की संपत्ति की जांच करेगा। इसमें पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह, तीन पूर्व राष्ट्रपतियों, 2005-06 के बाद के सभी प्रधानमंत्रियों (दो अंतरिम सरकारों सहित), मंत्रियों, संवैधानिक पदाधिकारियों और वरिष्ठ नौकरशाहों को शामिल किया जाएगा।</p>



<p>आयोग की जांच में आने वाले प्रमुख नामों में पूर्व राष्ट्रपति राम बरन यादव और विद्या देवी भंडारी, वर्तमान राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल, पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला, पुष्प कमल दहल (प्रचंड), माधव कुमार नेपाल, झलनाथ खनाल, बाबूराम भट्टराई, केपी शर्मा ओली और शेर बहादुर देउबा शामिल हैं। साथ ही दो अंतरिम प्रधानमंत्री खिलराज रेग्मी और सुशीला कार्की भी इस जांच के दायरे में आएंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">शाह सरकार के अपने सहयोगियों पर भी जांच</h2>



<p>नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेतृत्व वाली सरकार ने आयोग के दायरे को इतना व्यापक रखा है कि इसमें वर्तमान स्पीकर डोल प्रसाद अर्याल, कुछ वर्तमान मंत्री और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने जैसे उनके अपने राजनीतिक सहयोगी भी शामिल हो सकते हैं। जांच मृत नेताओं की संपत्ति तक भी पहुंचेगी, जिससे गिरिजा प्रसाद कोइराला और सुशील कोइराला जैसे नेताओं के परिवार और राजनीतिक उत्तराधिकारियों पर भी नजर पड़ेगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">युवा आंदोलन के बाद बना आयोग</h2>



<p>यह आयोग मार्च 2025 में हुए चुनाव में आरएसपी की भारी जीत के कुछ हफ्तों बाद गठित किया गया है। यह जीत पिछले साल युवाओं के नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद हुई थी।</p>



<p>कैबिनेट प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने कहा, “यह न्यायिक पैनल कानून और सबूत के आधार पर राजनीतिक पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति की जांच करेगा। निष्पक्ष जांच सबूतों के आधार पर कानूनी मानकों के अनुसार की जाएगी। आयोग की रिपोर्ट और सिफारिशों को सरकारी एजेंसियां लागू करेंगी।”</p>



<p>आयोग की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज राजेंद्र कुमार भंडारी कर रहे हैं।यह कदम नेपाल में लोकतंत्र स्थापना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक वर्ग की अब तक की सबसे व्यापक संपत्ति जांच माना जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>युद्धविराम खत्म होने से पहले अमेरिका भेजेगा और सैनिक</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%96%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa/669035</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 07:51:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=669035</guid>

					<description><![CDATA[&#160;मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम के खत्म होने से पहले क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिका सैनिक भेजने की तैयारी में&#160; रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>&nbsp;मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम के खत्म होने से पहले क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अमेरिका सैनिक भेजने की तैयारी में&nbsp;</h3>



<p><strong>रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन को आशंका है कि जैसे ही युद्धविराम की अवधि समाप्त होगी, ईरान और उसके समर्थित समूह फिर से हमले तेज कर सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए अमेरिकी सेना अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।</strong></p>



<p>बताया जा रहा है कि नए सैनिकों की तैनाती का मकसद सिर्फ रक्षा नहीं, बल्कि संभावित हमलों को रोकना और क्षेत्र में अमेरिकी हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। खासकर खाड़ी क्षेत्र और रणनीतिक जलमार्गों में अमेरिका की सक्रियता बढ़ सकती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">वैश्विक व्यापार पर असर संभव</h3>



<p>रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग ने पहले ही अतिरिक्त सैन्य संसाधनों को तैयार रहने के निर्देश दे दिए हैं। इसमें युद्धपोत, एयर डिफेंस सिस्टम और विशेष बल शामिल हो सकते हैं।</p>



<p>दूसरी ओर, ईरान की ओर से इस कदम को उकसावे वाली कार्रवाई के रूप में देखा जा सकता है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्धविराम के बाद कोई बड़ा टकराव होता है, तो इसका असर पूरी दुनिया, खासकर तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पाकिस्तान में बत्ती गुल: ऊर्जा और आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाक</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%8a/669032</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 07:45:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[पाकिस्तान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=669032</guid>

					<description><![CDATA[पाकिस्तान में शाम के समय करीब दो घंटे के लिए बिजली कटौती करने का नियम बनाया गया है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की वजह से पाकिस्तान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सरकार ने बुधवार को एक बयान में कहा कि शाम 5.00 बजे से रात 1.00 बजे के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पाकिस्तान में शाम के समय करीब दो घंटे के लिए बिजली कटौती करने का नियम बनाया गया है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की वजह से पाकिस्तान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।</p>



<p>ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सरकार ने बुधवार को एक बयान में कहा कि शाम 5.00 बजे से रात 1.00 बजे के बीच बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, जबकि बिजली उत्पादन में कमी के कारण आपूर्ति में अंतर बढ़ गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पाकिस्तान में बत्ती गुल</h3>



<p>सरकार ने कहा कि शाम के व्यस्त समय के दौरान मांग को नियंत्रित करने से घरों के लिए बिजली की कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकने में मदद मिलेगी।</p>



<p>सरकार ने वितरण कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे उपभोक्ताओं को किसी भी निर्धारित बिजली कटौती के बारे में पहले से सूचित करें और यह सुनिश्चित करें कि बिना किसी योजना के बिजली कटौती न हो।</p>



<p>पाकिस्तान के पंजाब के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पहले से ही बार-बार बिजली कटौती की खबरें आ रही हैं। पाकिस्तान के ग्रामीण इलाकों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">16 घंटे तक बिजली गुल</h3>



<p>पाकिस्तान में खासकर उन इलाकों में ज्यादा समय के लिए बिजली काटी जा रही है, जो मुल्तान इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (MEPCO) के अंतर्गत आते हैं। द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ इलाकों में हर घंटे बिजली कटने से लेकर दिन में 16 घंटे तक बिजली गुल रह रही है।</p>



<p>मुजफ्फरगढ़ और खानेवाल जैसे जिलों के निवासियों ने लंबे समय तक और बिना किसी पूर्व सूचना के होने वाली बिजली कटौती की शिकायत की ।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पाकिस्तान ने POK में सक्रिय किए 70 आतंकी लॉन्चपैड</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%87-pok-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af-%e0%a4%95/669026</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 07:37:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[पाकिस्तान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=669026</guid>

					<description><![CDATA[पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ और उसकी सेना ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास करीब 70 आतंकी लॉन्चपैड सक्रिय कर दिए हैं, जहां लगभग 800 आतंकियों को घुसपैठ के लिए तैयार रखा गया है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन आतंकियों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर जम्मू-कश्मीर में एक साथ कई स्थानों से घुसपैठ कराने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ और उसकी सेना ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास करीब 70 आतंकी लॉन्चपैड सक्रिय कर दिए हैं, जहां लगभग 800 आतंकियों को घुसपैठ के लिए तैयार रखा गया है।</p>



<p>खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन आतंकियों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर जम्मू-कश्मीर में एक साथ कई स्थानों से घुसपैठ कराने की योजना है, ताकि भारतीय सुरक्षा बलों पर दबाव बनाया जा सके। हर समूह में 10 से 15 प्रशिक्षित और हथियारबंद आतंकी शामिल हो सकते हैं, जिनका मकसद घाटी में बड़े हमलों को अंजाम देना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने की कोशिश</h3>



<p>बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा कई घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के बाद पाकिस्तान ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।</p>



<p>अब वह समन्वित और बहु-दिशात्मक घुसपैठ की योजना पर काम कर रहा है, जिससे कुछ आतंकी किसी भी हाल में भारतीय सीमा में प्रवेश कर सकें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहता है पाक</h3>



<p>खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, का फायदा मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और भारत में चल रही राजनीतिक गतिविधियों का फायदा उठाकर इस साजिश को अंजाम देना चाहता है।</p>



<p>विशेष रूप से लाइन आफ कंट्रोल के पास गतिविधियां तेज की गई हैं। हालांकि, भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा पर निगरानी कड़ी कर दी गई है।</p>



<p>पिछले अनुभवों के आधार पर घुसपैठ की हर कोशिश को विफल करने के लिए मजबूत रणनीति अपनाई जा रही है, जिससे पाकिस्तान की यह नई चाल भी नाकाम हो सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> इजरायल से रक्षा समझौता खत्म करने पर बोले ट्रंप</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%9d%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%96%e0%a4%a4/668914</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:31:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[इजरायल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668914</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर मंगलवार को पलटवार किया। ट्रंप ने इतालवी समाचार पत्र को बताया कि वह मेलोनी के रवैये से हैरान हैं। मेलोनी ट्रंप की मुखर समर्थक रही हैं, लेकिन उन्होंने ईरान युद्ध संबंधी ट्रंप के फैसले की आलोचना की थी। मेलोनी ने ट्रंप द्वारा पोप &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर मंगलवार को पलटवार किया। ट्रंप ने इतालवी समाचार पत्र को बताया कि वह मेलोनी के रवैये से हैरान हैं।</p>



<p>मेलोनी ट्रंप की मुखर समर्थक रही हैं, लेकिन उन्होंने ईरान युद्ध संबंधी ट्रंप के फैसले की आलोचना की थी। मेलोनी ने ट्रंप द्वारा पोप लियो की आलोचना किए जाने को भी अस्वीकार्य बताया था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ट्रंप से अलग मेलोनी की सोच</h3>



<p>ट्रंप ने कोरिएरे डेला सेरा के साथ साक्षात्कार में कहा कि मेलोनी का सोच मेरे सोच से बहुत अलग था। ट्रंप ने ईरान द्वारा अवरुद्ध होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में मदद करने से इनकार करने के लिए भी मेलोनी की निंदा की।</p>



<p>ऑनलाइन पोस्ट किए गए इतालवी लेख में उनके हवाले से कहा गया,&nbsp;&#8216;मैं मेलोनी से स्तब्ध हूं। मुझे लगा था कि उसमें साहस है, लेकिन मैं गलत था।&#8217;</p>



<p>व्हाइट हाउस ने इन बयानों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। मेलोनी के कार्यालय ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।</p>



<p>पोप लियो पर मेलोनी की टिप्पणियों की निंदा के बारे में पूछे जाने पर, ट्रंप ने इसे अस्वीकार्य बताया और कहा, &#8216;मेलोनी को इस बात की परवाह नहीं है कि ईरान के पास परमाणु हथियार है और अगर उसे मौका मिले तो वह दो मिनट में इटली को उड़ा देगा।&#8217;</p>



<p>ट्रंप ने कहा, &#8216;वे (इटली) दुनिया में सबसे अधिक ऊर्जा लागत का भुगतान करते हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए लड़ने को भी तैयार नहीं हैं। वे होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए डोनल्ड ट्रंप पर निर्भर हैं।&#8217;</p>



<h3 class="wp-block-heading">इटली और अमेरिका के बीच बढ़ रहीं दूरियां</h3>



<p>ट्रंप ने जिस तरह से मेलोनी पर पलटवार किया है उससे प्रतीत होता है कि दोनों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं। पिछले महीने ही उन्होंने कोरिएरे डेला सेरा को बताया था कि मेलोनी महान नेता हैं, लेकिन मंगलवार को उन्होंने उन पर ऊर्जा सुरक्षा और ईरान को लेकर अमेरिकी प्रयासों का समर्थन करने में विफल रहने का आरोप लगाया।</p>



<p>मेलोनी को उम्मीद थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ उनके घनिष्ठ संबंध देश और विदेश में उनकी स्थिति को मजबूत करेंगे, लेकिन इसके बजाय यह एक राजनीतिक बोझ बनने का खतरा पैदा कर रहा है। अब लगभग 66 प्रतिशत इतालवी अमेरिकी नेता के बारे में नकारात्मक राय रखते हैं।</p>



<p>सर्वेक्षणकर्ताओं का कहना है कि व्हाइट हाउस से मेलोनी के संबंधों के कारण पिछले महीने न्यायिक सुधार पर जनमत संग्रह में मेलोनी को हार का सामना करना पड़ा था। ईरान में चल रहे युद्ध ने इटली में ऊर्जा की कीमतों को बढ़ा दिया है, जो तेल और गैस आयात पर काफी हद तक निर्भर है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">इटली ने इजरायल के साथ&nbsp;रक्षा समझौता किया निलंबित</h3>



<p>पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इजरायल के साथ रक्षा सहयोग समझौते को निलंबित कर बड़ा संदेश दिया है। यह कदम उन दोनों देशों के रिश्तों में आई खटास को उजागर करता है, जो अब तक यूरोप में इजरायल के मजबूत सहयोगियों में गिने जाते थे।</p>



<p>इटली सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब उसने हाल के हफ्तों में इजरायल की लेबनान में सैन्य कार्रवाई की खुलकर आलोचना की थी। इन हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं।</p>



<p>स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब इजरायली बलों ने संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत तैनात इतालवी सैनिकों के पास चेतावनी के तौर पर गोलीबारी की, जिससे एक सैन्य वाहन को नुकसान पहुंचा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">जहां मतभेद होते हैं, वहां कदम उठाना जरूरी</h3>



<p>मेलोनी ने साफ कहा कि जहां मतभेद होते हैं, वहां कदम उठाना जरूरी होता है। उनके इस फैसले को एक बड़े कूटनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर तब जब उन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की भी आलोचना की थी। हालांकि इजरायली विदेश मंत्रालय ने इस फैसले को ज्यादा महत्व नहीं दिया।</p>



<p>मंत्रालय का कहना है कि दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक सुरक्षा समझौता नहीं, बल्कि एक पुराना समझौता ज्ञापन है, जिसका वास्तविक प्रभाव सीमित है और इससे इजरायल की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">रणनीति में बदलाव किया</h3>



<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम घरेलू राजनीति से भी जुड़ा हो सकता है। रोम के लुइस विश्वविद्यालय में राजनीतिक इतिहासकार लोरेंजो कैस्टेलानी के अनुसार, मेलोनी को आशंका है कि इजरायल-ईरान तनाव और उसके आर्थिक असर को लेकर मतदाताओं का रुख बदल सकता है, इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।</p>



<p>गौरतलब है कि यह रक्षा समझौता 2003 में सिल्वियो बर्लुस्कोनी के कार्यकाल में हुआ था, जो हर पांच साल में स्वत: नवीनीकरण के तहत चलता रहा है। अब इटली का यह कदम वैश्विक कूटनीति में नए समीकरणों के संकेत दे रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होर्मुज की नाकेबंदी से अमेरिका दोहराने जा रहा 60 साल पुरानी ब्रिटिश भूल</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%ae/668911</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:25:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[होर्मुज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668911</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी का फैसला सिर्फ एक सैन्य कदम नहीं, बल्कि एक जटिल क्षेत्रीय ताने-बाने को नजरअंदाज करने वाला जोखिम भरा दांव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट केवल तेल आपूर्ति या समुद्री मार्गों तक सीमित नहीं, बल्कि इतिहास, समाज और स्थानीय पहचान की गहरी परतों से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी का फैसला सिर्फ एक सैन्य कदम नहीं, बल्कि एक जटिल क्षेत्रीय ताने-बाने को नजरअंदाज करने वाला जोखिम भरा दांव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट केवल तेल आपूर्ति या समुद्री मार्गों तक सीमित नहीं, बल्कि इतिहास, समाज और स्थानीय पहचान की गहरी परतों से जुड़ा है, जिसे समझे बिना कोई भी बाहरी शक्ति सफल नहीं हो सकती।</p>



<p><strong>विशेषज्ञ इस पूरे घटनाक्रम की तुलना 1956 के स्वेज संकट से कर रहे हैं, जब ब्रिटेन बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय हालात को समझने में नाकाम रहा था। उसने मिस्त्र पर सैन्य दबाव बनाकर नहर पर नियंत्रण बनाए रखना चाहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विरोध और अमेरिका-सोवियत दबाव के आगे झुकना पड़ा, जिससे उसके वैश्विक प्रभुत्व के अंत की शुरुआत हुई।</strong></p>



<p>करीब 40 दिनों तक चले अमेरिका-इजरायल और ईरान के टकराव के बाद शांति वार्ता टूटने के तुरंत बाद होर्मुज की नाकेबंदी का फैसला सामने आया है। ऐसे में होर्मुज, जिसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की धमनी माना जाता है, अब एक बड़े भू-राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">तेल राजतंत्रों की जड़ें और पश्चिमी रणनीति की विरासत</h3>



<p>होर्मुज पर नियंत्रण की लड़ाई नई नहीं है। 17वीं सदी में पुर्तगालियों के बाद ब्रिटेन ने यहां अपना प्रभुत्व स्थापित किया और स्थानीय कबीलों व शेखों को साथ लेकर समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाया। यही प्रक्रिया आगे चलकर खाड़ी के आधुनिक तेल राजतंत्रों &#8211; यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत- की नींव बनी।</p>



<p>1971 के बाद जब अमेरिका ने ब्रिटेन की जगह ली, तो उसने भी इन्हीं शासक परिवारों पर भरोसा बनाए रखा। लेकिन इस दौरान क्षेत्र की जटिल सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को काफी हद तक नजरअंदाज किया गया- जो आज की अस्थिरता की एक बड़ी वजह मानी जा रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">दिखने वाली एकता के पीछे छिपी विविधता</h3>



<p>खाड़ी क्षेत्र को अक्सर अरब-सुन्नी और ईरानी-शिया पहचान के आधार पर देखा जाता है, लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल है। ईरान के उत्तरी तट पर अरब और बलूच समुदाय रहते हैं, जिनके तेहरान के साथ संबंध हमेशा सहज नहीं रहे।</p>



<p>वहीं ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप जैसे इलाकों में कुमजारी भाषा बोलने वाले समुदाय हैं, जिनकी पहचान समुद्र से गहराई से जुड़ी है और जो खुद को पारंपरिक राष्ट्रीय सीमाओं से अलग महसूस करते हैं।</p>



<p>इन समुदायों की यही अलग पहचान मौजूदा संकट में निर्णायक भूमिका निभा सकती है- खासतौर पर तब, जब राज्य की पकड़ कमजोर होती दिख रही हो।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ईरान कमजोर हुआ तो उभरेंगे स्थानीय समूह</h3>



<p>विशेषज्ञों के अनुसार, इजरायल और अमेरिका के लगातार दबाव के बीच ईरान की केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई है और शक्ति का केंद्रीकरण आईआरजीसी (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) के सीमित दायरे में सिमटता जा रहा है।</p>



<p>ऐसे हालात में होर्मुज के आसपास रहने वाले विभिन्न जातीय और क्षेत्रीय समूह अधिक मुखर हो सकते हैं, जिससे स्थिति और जटिल होने की आशंका है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ओमान-यूएई तनाव और नया सामरिक खतरा</h3>



<p>संकट का एक और अहम पहलू खाड़ी देशों के आपसी मतभेद हैं। जहां यूएई ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं ओमान पारंपरिक रूप से संतुलित और मध्यस्थ की भूमिका में रहा है।</p>



<p>रिपोर्टों में यह भी संकेत मिला है कि होर्मुज में संभावित टोल सिस्टम को लेकर ओमान और ईरान के बीच चर्चा हुई, हालांकि मस्कट ने इससे इन्कार किया है।</p>



<p>मुसंदम प्रायद्वीप, जो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, को लेकर यूएई और ओमान के बीच तनाव की संभावना भी जताई जा रही है। स्थानीय पहचान की राजनीति का इस्तेमाल कर इस क्षेत्र पर प्रभाव बढ़ाने की कोशिशें भविष्य में बड़े टकराव का कारण बन सकती हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ट्रंप की धमकियों पर ईरान का फिल्मी जवाब- पिक्चर अभी बाकी है</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95/668905</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:15:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम एशिया]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668905</guid>

					<description><![CDATA[पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी टकराव के बीच ईरान अब सिर्फ सैन्य और कूटनीतिक मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी आक्रामक अंदाज में नजर आ रहा है। दुनियाभर में उसके दूतावास और वाणिज्य दूतावास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और इजरायल पर चुटीले और व्यंग्यात्मक पोस्ट के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी टकराव के बीच ईरान अब सिर्फ सैन्य और कूटनीतिक मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी आक्रामक अंदाज में नजर आ रहा है।</p>



<p>दुनियाभर में उसके दूतावास और वाणिज्य दूतावास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और इजरायल पर चुटीले और व्यंग्यात्मक पोस्ट के जरिए जवाब दे रहे हैं। दूतावासों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अलग तरह का युद्ध छेड़ रखा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&#8216;पिक्चर अभी बाकी है&#8217;</h3>



<p>एएनआइ के अनुसार, मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने मंगलवार को ट्रंप की धमकियों का जवाब देते हुए&nbsp;बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान के मशहूर डायलॉग &#8216;ये तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है&#8217; का इस्तेमाल करते हुए संकेत दिया कि ईरान की प्रतिक्रिया अभी और तीखी हो सकती है।</p>



<p>एक्स पर पोस्ट में ईरान ने ट्रंप के उस दावे पर भी तंज कसा, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरानी नौसेना खत्म हो चुकी है। दूतावास ने लिखा कि फारस की खाड़ी की रेड बीज (लाल मधुमक्खियां)- यानी तेज रफ्तार मिसाइल नौकाएं- अब भी सक्रिय हैं और किसी भी वक्त जवाब देने को तैयार हैं।</p>



<p>सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि लंदन, अंकारा, बेरूत, घाना, दक्षिण अफ्रीका, जिंबाब्वे और अन्य जगहों पर मौजूद ईरानी दूतावासों ने भी हाल के दिनों में इसी तरह के व्यंग्यात्मक और तीखे पोस्ट साझा किए हैं। इन पोस्टों में कहीं ट्रंप के बयानों का मजाक उड़ाया गया, तो कहीं इजरायल की सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।</p>



<p>एपी के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने भी एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें ट्रंप को एक म्यूजिकल स्टाइल वीडियो में दिखाया गया, जहां वह जहाजों को नाकेबंदी से गुजरने देने की अपील करते नजर आते हैं। इस क्लिप में वह गाने के अंदाज में कहते हैं, &#8216;अगर तुम मुझे रोकोगे, तो मैं तुम्हें रोकूंगा। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था- ट्रंप का &#8216;ब्लॉकेड।&#8217;</p>



<p>पिछले दिनों ईरान में मार गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान के पायलट ने ईरान में दो दिन तक छिपकर बिताए थे। इस दौरान पायलट की मां ने उसकी सुरक्षित वापसी की अपील की थी।</p>



<p>इस पर पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के दूतावास ने कहा था कि आपका बेटा ट्रंप के देश से ज्यादा सुरक्षित ईरान में महसूस करेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: livehalchal.com @ 2026-04-18 09:33:17 by W3 Total Cache
-->