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	<title>अध्यात्म &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>चरणामृत लेने का सही तरीका क्या है? जानिए इसे दाएं हाथ से ही क्यों लेते हैं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 05:14:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="386" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-27.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-27.jpg 851w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-27-300x188.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-27-768x480.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सनातन धर्म में चरणामृत को भगवान का आशीर्वाद माना जाता है। इसका अर्थ है कि भगवान के चरणों का अमृत है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चरणामृत का सेवन करने से साधक को सभी प्रकार के पापों से छुटकारा मिलता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही प्रभु की कृपा बनी रहती है। अक्सर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="386" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-27.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-27.jpg 851w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-27-300x188.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-27-768x480.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सनातन धर्म में चरणामृत को भगवान का आशीर्वाद माना जाता है। इसका अर्थ है कि भगवान के चरणों का अमृत है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चरणामृत का सेवन करने से साधक को सभी प्रकार के पापों से छुटकारा मिलता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही प्रभु की कृपा बनी रहती है।</p>



<p>अक्सर लोग चरणामृत लेते समय कई तरह की गलतियां कर देते हैं, जिसकी वजह से उन्हें अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और प्रभु नाराज हो सकते हैं। इसलिए कहा जाता है कि चरणामृत को लेने से पहले इससे जुड़े नियम के बारे में जान लें। क्या आपको पता है चरणामृत लेने का सही तरीका क्या है। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।</p>



<p><strong>क्या है चरणामृत लेने का सही तरीका?<br></strong>चरणामृत को लेते समय कई बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चरणामृत को हमेशा दाएं हाथ से लेना शुभ माना जाता है। एक बात का ध्यान रखें कि चरणामृत भूलकर भी नहीं नहीं गिरना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि चरणामृत जमीन पर गिरने से प्रभु का अपमान होता है।</p>



<p><strong>चरणामृत के बाद क्या करें?<br></strong>कई लोग चरणामृत को ग्रहण करने के बाद अपने सिर पर हाथ फेरे लेते हैं। शास्त्रों में इस काम को करने की मनाही है। जूठे हाथ सिर पर लगाने से नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए चरणामृत को ग्रहण करने के बाद अपने सिर पर हाथ फेरने से बचना चाहिए।</p>



<p><strong>दाएं हाथ से क्यों लेना चाहिए चरणामृत?<br></strong>धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ और मांगलिक काम को करने के लिए दाएं हाथ को शुभ माना जाता है। पूजा-पाठ को भी दाएं हाथ से ही करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस हाथ से शुभ काम को करने से कोई बाधा नहीं आती है।</p>



<p>धार्मिक मान्यता है कि दाएं हाथ की हथेली में देवी-देवताओं का वास होता है। इसी वजह से चरणामृत या फिर प्रसद को दाएं हाथ से लेना शुभ माना जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाएं हाथ से चरणामृत लेना अशुभ माना जाता है।</p>



<p><strong>चरणामृत पीने के धार्मिक लाभ<br></strong>चरणामृत को ग्रहण करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है और मन में अच्छे विचार आते हैं। साथ ही देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।</p>
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		<title>आज से शुरू हुआ चातुर्मास, श्री हरि के शयन के बाद कौन करेगा सृष्टि का संचालन?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 05:11:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/34-15.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/34-15.jpg 997w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/34-15-300x164.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/34-15-768x421.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सनातन धर्म में देवशयनी एकादशी को महत्वपूर्ण माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी देवशयनी एकादशी 25 जुलाई मनाई जा रही है। इस दिन से चातुर्मास की शुरुआत हो गई है। चातुर्मास के दौरान शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चातुर्मास में भगवान विष्णु &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/34-15.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/34-15.jpg 997w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/34-15-300x164.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/34-15-768x421.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सनातन धर्म में देवशयनी एकादशी को महत्वपूर्ण माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी देवशयनी एकादशी 25 जुलाई मनाई जा रही है। इस दिन से चातुर्मास की शुरुआत हो गई है। चातुर्मास के दौरान शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं।</p>



<p>आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चातुर्मास में भगवान विष्णु 4 महीने के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और भगवान विष्णु कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन जागते हैं। कार्तिक माह में देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। अब आप सोच रहे होंगे कि चातुर्मास के दौरान सृष्टि का संचालन कौन करता है। चलिए आपको बताते हैं कि चातुर्मास की अवधि के दौरान सृष्टि का संचालन कौन करता है।</p>



<p><strong>चातुर्मास में सृष्टि का संचालन कौन करता है?<br></strong>पौराणिक कथा के अनुसार, जब जगत के पालनहार भगवान विष्णु 4 महीने के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं, तो चातुर्मास की अवधि के दौरान सृष्टि का संचालन देवों के देव महादेव यानी भगवान शिव संभालते हैं। आखिर यही वजह है कि चातुर्मास का पहला महीना यानी सावन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। इस दौरान भगवान शिव सृष्टि का संचालन करते हैं। चातुर्मास में भगवान शिव के द्वारा सृष्टि के संचालन का वर्णन शिव पुराण की रुद्र संहिता और कोटिरुद्र संहिता में मिलता है।</p>



<p><strong>देवशयनी एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Devshayani Ekadashi 2026 Date and Shubh Muhurat)<br></strong>वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जुलाई को सुबह 09 बजकर 12 मिनट पर हुई है। वहीं, इस तिथि का समापन 25 जुलाई को 11 बजकर 34 मिनट पर होगा। ऐसे में आज देवशयनी एकादशी मनाई जा रही है।</p>



<p><strong>कब करें व्रत का पारण? (Devshayani Ekadashi 2026 Vrat Paran Time)<br></strong>एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर किया जाता है। व्रत का पारण करने का समय 26 जुलाई को सुबह 05 बजकर 39 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 22 मिनट तक है। इस दिन अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें। ऐसा माना जाता है कि विशेष चीजों का दान करने से व्रत सफल होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में कभी भी अन्न-धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता।</p>
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		<title>25 जुलाई 2026 का राशिफल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 04:54:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[राशिफल]]></category>
		<category><![CDATA[25 जुलाई 2026 का राशिफल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="460" height="367" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/1-18.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/1-18.jpg 460w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/1-18-300x239.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 460px) 100vw, 460px" />मेष राशिआज कुछ नया सोचने और उसे करने का जुनून रहेगा। काम का बोझ जरूर बढ़ेगा, लेकिन आपकी मेहनत आपको पीछे नहीं हटने देगी। नौकरी बदलने वालों के लिए किस्मत मुस्कुरा रही है और प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले भी आपके पक्ष में जा सकते हैं। किसी सहकर्मी की बात दिल को चुभ सकती है, लेकिन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="460" height="367" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/1-18.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/1-18.jpg 460w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/1-18-300x239.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 460px) 100vw, 460px" />
<p><strong>मेष राशि<br></strong>आज कुछ नया सोचने और उसे करने का जुनून रहेगा। काम का बोझ जरूर बढ़ेगा, लेकिन आपकी मेहनत आपको पीछे नहीं हटने देगी। नौकरी बदलने वालों के लिए किस्मत मुस्कुरा रही है और प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले भी आपके पक्ष में जा सकते हैं। किसी सहकर्मी की बात दिल को चुभ सकती है, लेकिन आप उसे नजरअंदाज करना ही बेहतर समझेंगे। वहीं, अविवाहित लोगों के जीवन में किसी खास की एंट्री दिल की धड़कनें बढ़ा सकती है।</p>



<p><strong>वृषभ राशि<br></strong>आज का दिन आपके लिए राहत और खुशियों की सौगात लेकर आया है। खर्चों पर कंट्रोल रखेंगे तो मन भी हल्का रहेगा। राजनीति से जुड़े लोगों को पहचान और सम्मान मिल सकता है। आपकी मेहनत और काम करने का तरीका बॉस को प्रभावित करेगा, जिससे आपका आत्मविश्वास और बढ़ेगा। नए लोगों से मुलाकात आपके लिए नए रास्ते खोल सकती है। जीवनसाथी के साथ चल रही खटास भी आज प्यार में बदलती नजर आएगी।</p>



<p><strong>मिथुन राशि<br></strong>आज किस्मत आपके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। सामाजिक कार्यों में आपकी पहचान बढ़ेगी और बड़े लोगों से मिलने का मौका भी मिल सकता है। लेकिन ध्यान रखें, आपके आसपास कुछ लोग आपकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें। घर के अधूरे कामों को नजरअंदाज करना आगे परेशानी खड़ी कर सकता है। परिवार में किसी सदस्य के बाहर जाने की खबर भावुक कर सकती है।</p>



<p><strong>कर्क राशि<br></strong>आज आप ऊर्जा से भरपूर नजर आएंगे और आपकी समझदारी हर काम को आसान बना देगी। भगवान की भक्ति में मन लगेगा और दिल को सुकून मिलेगा। बिजनेस में आपकी सोच आपको आगे बढ़ाएगी और नया काम शुरू करने का साहस भी आएगा। विद्यार्थियों के लिए मेहनत ही सफलता की कुंजी बनेगी। संतान की ओर से मिलने वाली खुशखबरी आपका दिन बना देगी।</p>



<p><strong>सिंह राशि<br></strong>आज आपका आत्मविश्वास आसमान छूता नजर आएगा, खासकर बिजनेस में आपकी योजनाएं आपको शानदार लाभ दिला सकती हैं। घर में किसी मेहमान के आने से माहौल खुशनुमा रहेगा, लेकिन आपकी व्यस्तता भी बढ़ेगी। अपनी दिनचर्या को सुधारने की जरूरत महसूस होगी। काम को टालने की आदत आपको थोड़ा पीछे खींच सकती है, इसलिए सावधान रहें। घूमने-फिरने की योजना दिल को ताजगी दे सकती है।</p>



<p><strong>कन्या राशि<br></strong>आज निवेश से जुड़े फैसले आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। काम के सिलसिले में यात्रा भी करनी पड़ सकती है, जो आगे चलकर लाभ देगी। सेहत को हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। भाई-बहनों के साथ समय बिताना खुशी देगा और किसी दूर के रिश्तेदार से मुलाकात दिल को सुकून देगी। माता-पिता की सेवा करने का अवसर मिलेगा और कोई रुकी हुई डील आखिरकार पूरी हो सकती है।</p>



<p><strong>तुला राशि<br></strong>आज आर्थिक स्थिति मजबूत होती नजर आएगी और व्यापार में नई साझेदारी का रास्ता खुल सकता है। विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए दरवाजे खुलेंगे। नई मुलाकातें आपके जीवन में ताजगी लाएंगी। दूर से मिलने वाली कोई खुशखबरी दिल को खुश कर देगी। दिया हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है और नौकरी में प्रमोशन की खबर भी आपको उत्साहित कर सकती है।</p>



<p><strong>वृश्चिक राशि<br></strong>आज आपका दिन सफलता और संतोष से भरा रहेगा। उन्नति की राह पर आप तेजी से आगे बढ़ेंगे और धन-समृद्धि में वृद्धि होगी। आपने जो वादे किए हैं, उन्हें निभाने का समय आ गया है। आपका भला सोचने वाला दिल हर किसी के लिए अच्छा करेगा, भले ही लोग उसे समझ न पाएं। सेहत भी आपका साथ देगी और किसी जरूरतमंद की मदद करने से मन को सच्ची खुशी मिलेगी।</p>



<p><strong>धनु राशि<br></strong>आज काम के क्षेत्र में आपका प्रदर्शन शानदार रहेगा और बॉस के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे। बिजनेस में आपकी मेहनत रंग लाएगी और जीवनसाथी को दी गई सलाह उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। आपकी लगन आपको एक नई ऊंचाई तक पहुंचाएगी। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में रिश्तों की मिठास बढ़ेगी, हालांकि किसी की बात दिल को लग सकती है।</p>



<p><strong>मकर राशि<br></strong>आज आपको हर कदम सोच-समझकर उठाने की जरूरत है, क्योंकि जल्दबाजी आपको परेशानी में डाल सकती है। बिजनेस में बदलाव करने से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। कठिन परिस्थितियों में धैर्य ही आपका सबसे बड़ा हथियार बनेगा। मदद मांगने पर आपको सहयोग जरूर मिलेगा, लेकिन कोई काम बनते-बनते बिगड़ सकता है, इसलिए सतर्क रहें।</p>



<p><strong>कुंभ राशि<br></strong>आज का दिन सामान्य रहेगा, लेकिन आपको अपने भावनाओं पर काबू रखना होगा। किस्मत आपका साथ देगी, लेकिन आलस्य आपको पीछे खींच सकता है। सिंगल लोगों के जीवन में प्यार की दस्तक हो सकती है। आप अपने लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी, बस उनकी कमियों पर ध्यान देने से बचें।</p>



<p><strong>मीन राशि<br></strong>आज सेहत आपका पूरा साथ देगी और पुरानी समस्याओं से राहत मिलेगी। हालांकि कोई विरोधी आपको परेशान करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन आप संभाल लेंगे। कुछ नया करने की चाह आपके अंदर जोश भर देगी। संतान के व्यवहार को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है। लिया हुआ कर्ज वापस मांगने की स्थिति बन सकती है, इसलिए तैयार रहें। सरकारी कामों को समय पर निपटाने की आपकी कोशिश सफल होगी।</p>
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		<title>गरु, बुध, चंद्र और मंगल दोष से परेशान हैं? सावन में करें भगवान शिव की विशेष आराधना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 05:09:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान शिव]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="419" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23.jpg 774w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23-300x203.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23-768x521.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />30 जुलाई से सावन शुरू हो रहे हैं। यह महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय होता है। धार्मिक मान्&#x200d;यताओं के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव स्&#x200d;वयं धरती पर अपने भक्&#x200d;तों के साथ रहने के लिए आते हैं। इस पूरे महीने शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। जल, बेलपत्र और मंत्रों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="419" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23.jpg 774w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23-300x203.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23-768x521.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/6-23-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>30 जुलाई से सावन शुरू हो रहे हैं। यह महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय होता है। धार्मिक मान्&#x200d;यताओं के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव स्&#x200d;वयं धरती पर अपने भक्&#x200d;तों के साथ रहने के लिए आते हैं। इस पूरे महीने शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। जल, बेलपत्र और मंत्रों से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। ऐसी मान्यता भी है कि सावन में की गई शिव उपासना बहुत जल्दी फल देती है।</p>



<p>ज्योतिष शास्&#x200d;त्र के अनुसार हमारी कुंडली में मौजूद ग्रह दोष हमारे जीवन में रुकावट, बीमारी, पैसों की तंगी और रिश्तों में परेशानी लाते हैं। कहा जाता है कि शिवजी सभी ग्रहों के स्वामी हैं। इसलिए सावन में शिव की आराधना से नौ ग्रहों के बुरे प्रभाव को कम किया जा सकता है।आइए जानते हैं कि किस ग्रह दोष के लिए सावन में किस तरह की शिव उपासना करनी चाहिए।</p>



<p><strong>सूर्य दोष<br></strong>सूर्य दोष को पिता से जोड़कर देखा जाता है। जब कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, तब पिता से संबंध बिगड़ते हैं, मान सम्&#x200d;मान में कमी आती है, नौकरी में दिक्&#x200d;कत और आत्&#x200d;मविश्&#x200d;वास भी कम हो जाता है। ऐसे में यदि जातक सावन में हर दिन शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाता है, तो सुर्य दोष के प्रभाव में कमी आ सकती है।</p>



<p><strong>चंद्र दोष<br></strong>चंद्र दोष जिसकी भी कुंडली में होता है, उसकी मानसिक शांति छिन जाती है। दरअसल, चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। चंद्र कमजोर होने पर तनाव, डर, नींद न आना और माता से दूरी होने जैसी दिक्&#x200d;कतों का सामना करना पड़ता है। यदि आपको भी ऐसा कुछ अनुभव हो रहा है, तो शिवलिंग पर कच्&#x200d;चा दूध और सफेद फूल चढ़ाएं।</p>



<p><strong>मंगल दोष<br></strong>मंगल दोष के कारण विवाह में बाधा , बहुत गुस्&#x200d;सा आना, किसी दुर्घटना का शिकार हो जाना, कर्ज में डूब जाना आदि दिक्&#x200d;कतों का सामना करना पड़ सकता है। यदि इन दोषों से बचना है तो सावन में भगवान शिव को लाल फूल, गुड़ और लाल चंदन अर्पित करें।</p>



<p><strong>बुध दोष<br></strong>एबुध के खराब होने पर पढ़ाई में दिक्कत, बोलने में अटकन और व्यापार में नुकसान होता है। सावन के हर बुधवार को शिव को हरे फूल और बेलपत्र चढ़ाएं। छात्रों के लिए यह उपाय बहुत फायदेमंद है।</p>



<p><strong>गुरु दोष<br></strong>कुंडली में यदि गुरु दोष है, तो आप चाहे कितनी ही मेहनत कर लें करियर में रुकावट आएगी ही आएगी। गरु का संबंध ज्ञान और भाग्&#x200d;य से होता है। इसके कमजोर होने पर सारे काम रुक जाते हैं। आप कोई भी सही निर्णय नहीं ले पाते हैं और न ही आपको तरक्&#x200d;की मिलती है। ऐसे में सावन में हर गुरुवार को शिवलिंग पर पीले फूल अर्पित करें।</p>



<p><strong>शुक्र दोष<br></strong>किसी जातक के वैवाहिक जीवन में चीजें ठीक नहीं चल रही हैं, प्रेम, धन, भौतिक सुख में कमी आ रही है। जा&#x200d;तक के बालों और त्&#x200d;वचा में कोई संक्रमण या परेशानी आ रही है, तो यह सीधा संकेत है कि कुंडली में शुक्र की अच्&#x200d;छी स्थिति में नहीं है। सावन भर यदि आप शिव-पार्वती की हर शुक्रवार पूजा करते हैं, तो इससे आपको बड़ा लाभ मिल सकता है।</p>



<p>अत: सावन में भगवान शिव की सच्&#x200d;चे दिल से पूजा करने से जरूर फल मिलता है क्&#x200d;योंकि भगवान शिव भोला भंडारी हैं और वे अपने भक्&#x200d;तों को दुख में नहीं देख सकते हैं।</p>
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		<title>सुहागिनों और कुंवारी कन्याओं का खास पर्व कजरी तीज साल 2026 में कब है?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 04:58:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[कजरी तीज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="461" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-25.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-25.jpg 666w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-25-300x224.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />हिंदू धर्म में तीज का पर्व महिलाओं के बीच काफी मायने रखता है। तीज त्योहार के दौरान विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख की कामना से कजरी तीज का विधिपूर्वक व्रत रखती हैं। विवाहित महिलाओं के अलावा अविवाहित कन्याएं भी योग्य वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को रखती हैं। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="461" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-25.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-25.jpg 666w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/12-25-300x224.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हिंदू धर्म में तीज का पर्व महिलाओं के बीच काफी मायने रखता है। तीज त्योहार के दौरान विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख की कामना से कजरी तीज का विधिपूर्वक व्रत रखती हैं।</p>



<p>विवाहित महिलाओं के अलावा अविवाहित कन्याएं भी योग्य वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को रखती हैं। आइए जानते हैं साल 2026 में कजरी तीज का व्रत कब रखा जाएगा?</p>



<p><strong>कजरी तीज क्या है?<br></strong>हर साल कजरी तीज का व्रत भाद्रपद यानी अगस्त-सितंबर महीने के बीच कृष्ण पक्ष के तीसरे दिन रखा जाता है। कजरी तीज को काजली तीज और बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। एक साल में कई अन्य तरह की तीज मनाई जाती है, जिसमें हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज और अखा तीज शामिल है।</p>



<p><strong>साल 2026 में कब मनाई जाएगी कजरी तीज?<br></strong>इस साल कजरी तीज का पर्व 31 अगस्त 2026, सोमवार के दिन मनाई जाएगी।<br>तृतीया तिथि की शुरुआत- 30 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 36 मिनट से<br>तृतीया तिथि की समाप्ति- 31 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर</p>



<p><strong>कजरी तीज कहां मनाई जाती है?<br></strong>कजरी तीज का पर्व उत्तर भारत के राज्यों जैसे- राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, और मध्य प्रदेश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाई जाती है। कजरी तीज में विवाहित महिलाएं देवी-पार्वती की पूजा करती हैं।</p>



<p><strong>कजरी तीज की पूजा कैसे करें?<br></strong>कजरी तीज की पूजा संध्याकाल में की जाती है। चाहें तो इस व्रत का पालन महिलाएं अपने मायके में रहकर भी कर सकती है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में कजरी तीज की पूजा विधि में अंतर देखने को मिल सकता है।</p>



<p>कजरी तीज के दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठती हैं और स्नान करने के बाद शाम तक व्रत का संकल्प लेती हैं।</p>



<p>शाम को सूर्यास्त होने के बाद महिलाएं कजरी तीज की पूजा करती हैं, व्रत कथा सुनने के बाद ही व्रत तोड़ती है।</p>



<p>कई महिलाएं इस दिन निर्जला एकादशी का व्रत भी रखती हैं। इस दिन महिलाएं मां पार्वती की पूजा के साथ भगवान शिव की भी पूजा करती हैं।</p>



<p>इस दिन खासतौर पर नीम के पेड़ की पूजा की जाती है। कजरी तीज के मौके पर महिलाएं तरह-तरह के व्यंजन भी बनाती हैं।</p>
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