<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>अध्यात्म &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/category/devotional/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Wed, 15 Apr 2026 06:15:02 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>अध्यात्म &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>गंगा सप्तमी पर ये आसान काम दिलाएंगे &#8216;पापमोचनी&#8217; की कृपा</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae/668902</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:15:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[गंगा सप्तमी]]></category>
		<category><![CDATA[पापमोचनी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668902</guid>

					<description><![CDATA[वैदिक पंचांग के अनुसार, गंगा सप्तमी हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर मनाई जाती है। इस दिन गंगा स्नान से साधक को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष के द्वार खुलते हैं। लेकिन किसी कारणवश अगर आप इस दिन पर गंगा में स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं, तो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, गंगा सप्तमी हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर मनाई जाती है। इस दिन गंगा स्नान से साधक को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष के द्वार खुलते हैं। लेकिन किसी कारणवश अगर आप इस दिन पर गंगा में स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं, तो निराश होने की जरुरत नहीं है। आप घर बैठे भी कुछ विशेष और सरल नियमों का पालन करके मां गंगा का आशीर्वाद और स्नान का पुण्य पा सकते हैं।</p>



<p><strong>इस मुहूर्त में करें स्नान<br></strong>आप घर पर ही ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके भी गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए पानी में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाएं। इसके बाद मां गंगा का स्मरण करें और ‘हर-हर गंगे’ कहते हुए स्नान करें। या फिर आप इस मंत्र का भी जप कर सकते हैं – ‘गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति, नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरू’</p>



<p>गंगा सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 4 बकर 20 मिनट से प्रातः 5 बजकर 4 मिनट तक</p>



<p>गंगा सप्तमी पर मध्याह्न मुहूर्त में पूजा, स्नान और दान करना उत्तम माना गया है। यह मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहेगा –</p>



<p>गंगा सप्तमी मध्याह्न मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 1 मिनट से दोपहर 1 बजतक 38 मिनट तक</p>



<p><strong>घर पर कैसे करें पूजा?<br></strong>अगर गंगा स्नान संभव न हो, तो घर पर ही इस तरीके से गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं-</p>



<p>घर के मंदिर में मां गंगा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।<br>श्रद्धापूर्वक फल, फूल तथा मिठाई का भोग लगाएं<br>इस दिन पर ‘गंगा चालीसा’ का पाठ करना भी शुभ माना गया है।<br>अंत में शुद्ध घी का दीपक जलाकर आरती करें।<br>शाम के समय अपने घर के मंदिर, तुलसी के पौधे या किसी पवित्र स्थान पर दीपदान करें।</p>



<p><strong>मां गंगा के मंत्र<br></strong>गंगा सप्तमी पर पूजा के समय मां गंगा का ध्यान करते हुए इन मंत्रों का स्पष्ट उच्चारण करें –</p>



<p>ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः<br>गंगा पापं शशी तापं दैन्यं कल्पतरुस्तथा। पापं तापं च दैन्यं च हन्ति सज्जनसङ्गमः।।</p>



<p><strong>इस कार्यों से भी मिलेगा लाभ<br></strong>मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से होकर पृथ्वी पर आईं हैं। इसलिए, गंगा सप्तमी के अवसर पर शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।<br>गंगा सप्तमी पर किए गए दान से साधक को ‘पापमोचनी’ की विशेष कृपा मिलती है। ऐसे में आप इस दिन पर असहाय और जरूरतमंद लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, धन और विशेष रूप से सफेद रंग के कपड़ों का दान कर सकते हैं। इसके साथ ही पितरों की आत्मा की शांति के लिए इस दिन पर गुड़ और तिल का दान करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा हैं माता जानकी, सुख-समृद्धि के लिए सीता नवमी पर करें ये काम</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a4%be/668889</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:02:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[साक्षात लक्ष्मी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668889</guid>

					<description><![CDATA[वैशाख माह में आने वाले शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर सीता नवमी मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन पर सुहागिनों द्वारा व्रत रखने से अखंड सौभाग्य, संतान सुख और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आज हम आपको कुछ ऐसे काम बताने जा रहे हैं, जिन्हें सीता नवमी के शुभ अवसर पर करने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>वैशाख माह में आने वाले शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर सीता नवमी मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन पर सुहागिनों द्वारा व्रत रखने से अखंड सौभाग्य, संतान सुख और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आज हम आपको कुछ ऐसे काम बताने जा रहे हैं, जिन्हें सीता नवमी के शुभ अवसर पर करने से घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने लगता है।</p>



<p><strong>सुबह उठकर करें ये काम<br></strong>सीता नवमी के दिन सूर्योदय या उससे पहले उठें और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें।<br>इस दिन पर पीले रंग के कपड़े पहनना बहुत शुभ माना जाता है।<br>सीता नवमी के विशेष अवसर पर माता सीता के साथ-साथ प्रभु श्रीराम की पूजा भी जरूर करें।</p>



<p><strong>इस तरह करें पूजा<br></strong>एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता सीता और श्रीराम की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।<br>सीता नवमी की पूजा में माता सीता को पीले फूल और शृंगार की सामग्री अर्पित करें।<br>अब फूल-माला, चावल, रोली, धूप, दीप, फल, मिठाई आदि चढ़ाएं।<br>माता सीता और प्रभु श्रीराम को भी पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।<br>माता जानकी के माथे पर सात बार सिंदूर अर्पित करें और फिर, अपने माथे पर इस सिंदूर को लगाएं।<br>पूजा में “श्री जानकी रामाभ्यां नमः” मंत्र का जप करें।<br>माता सीता के मंत्रों का 108 बार जाप और सीता चालीसा का पाठ करें।<br>अब दीपक जलाकर माता सीता और श्रीराम की आरती करें।</p>



<p><strong>दान करें ये चीजें<br></strong>सीता नवमी के दिन शृंगार की सामग्री के साथ-साथ पीले रंग के वस्त्र और पीले फलों का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही आप इस दिन पर अन्न जैसे गेहूं, चावल और दाल आदि का दान करते हैं,तो इससे घर में अन्नपूर्णा का वास होता है। सीता नवमी पर श्रद्धाभाव से दान करने से साधक को माता सीता और प्रभु श्रीराम का विशेष आशीर्वाद मिलता है, जिससे घर में सदैव सकारात्मकता बनी रहती है।</p>



<p><strong>शाम को क्या करना चाहिए<br></strong>सीता नवमी की शाम को घर के मुख्य द्वार और तुलसी के पौधे के पास एक गाय के घी का दीपक जरूर जलाना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, जिससे घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मासिक शिवरात्रि पर 1 बार जरूर पढ़ें &#8216;शिव तांडव स्तोत्र</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-1-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%b0/668877</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 05:29:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मासिक शिवरात्रि]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668877</guid>

					<description><![CDATA[वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि आज यानी 15 अप्रैल को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान शिव की पूजा मध्य रात्रि में करने का विधान है। ऐसे में पूजा का मुहूर्त रात 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक रहने वाला है। पूजा में शिव तांडव स्तोत्र &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि आज यानी 15 अप्रैल को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान शिव की पूजा मध्य रात्रि में करने का विधान है। ऐसे में पूजा का मुहूर्त रात 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक रहने वाला है। पूजा में शिव तांडव स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी माना गया है, जिससे साधक को महादेव की कृपा मिलती है, जिससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं।</p>



<p><strong>शिव तांडव स्तोत्र<br></strong>जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले</p>



<p>गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् ।</p>



<p>डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं</p>



<p>चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ।।</p>



<p>जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी</p>



<p>विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि ।</p>



<p>धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके</p>



<p>किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ।।</p>



<p>धराधरेन्द्रनंदिनीविलासबन्धुबन्धुर</p>



<p>स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे ।</p>



<p>कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि</p>



<p>क्वचिद्दिगम्बरे(क्वचिच्चिदम्बरे) मनो विनोदमेतु वस्तुनि ।।</p>



<p>जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्फणामणिप्रभा</p>



<p>कदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे ।</p>



<p>मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे</p>



<p>मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ।।</p>



<p>सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर</p>



<p>प्रसूनधूलिधोरणी विधूसराङ्घ्रिपीठभूः ।</p>



<p>भुजङ्गराजमालया निबद्धजाटजूटक</p>



<p>श्रियै चिराय जायतां चकोरबन्धुशेखरः ।।</p>



<p>ललाटचत्वरज्वलद्धनञ्जयस्फुलिङ्गभा</p>



<p>निपीतपञ्चसायकं नमन्निलिम्पनायकम् ।</p>



<p>सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं</p>



<p>महाकपालिसम्पदेशिरोजटालमस्तु नः ।।</p>



<p>करालभालपट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल</p>



<p>द्धनञ्जयाहुतीकृतप्रचण्डपञ्चसायके ।</p>



<p>धराधरेन्द्रनन्दिनीकुचाग्रचित्रपत्रक</p>



<p>प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम ।।</p>



<p>नवीनमेघमण्डली निरुद्धदुर्धरस्फुरत्</p>



<p>कुहूनिशीथिनीतमः प्रबन्धबद्धकन्धरः ।</p>



<p>निलिम्पनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्तिसिन्धुरः</p>



<p>कलानिधानबन्धुरः श्रियं जगद्धुरंधरः ।।</p>



<p>प्रफुल्लनीलपङ्कजप्रपञ्चकालिमप्रभा</p>



<p>वलम्बिकण्ठकन्दलीरुचिप्रबद्धकन्धरम् ।</p>



<p>स्मरच्छिदं पुरच्छिदं भवच्छिदं मखच्छिदं</p>



<p>गजच्छिदांधकच्छिदं तमन्तकच्छिदं भजे ।।</p>



<p>अगर्व सर्वमङ्गलाकलाकदम्बमञ्जरी</p>



<p>रसप्रवाहमाधुरी विजृम्भणामधुव्रतम् ।</p>



<p>स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं</p>



<p>गजान्तकान्धकान्तकं तमन्तकान्तकं भजे ।।</p>



<p>जयत्वदभ्रविभ्रमभ्रमद्भुजङ्गमश्वस</p>



<p>द्विनिर्गमत्क्रमस्फुरत्करालभालहव्यवाट् ।</p>



<p>धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदङ्गतुङ्गमङ्गल</p>



<p>ध्वनिक्रमप्रवर्तित प्रचण्डताण्डवः शिवः ।।</p>



<p>दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजङ्गमौक्तिकस्रजोर्</p>



<p>गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः ।</p>



<p>तृणारविन्दचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः</p>



<p>समं प्रव्रितिक: कदा सदाशिवं भजाम्यहम ।।</p>



<p>कदा निलिम्पनिर्झरीनिकुञ्जकोटरे वसन्</p>



<p>विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरः स्थमञ्जलिं वहन् ।</p>



<p>विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः</p>



<p>शिवेति मंत्रमुच्चरन् कदा सुखी भवाम्यहम् ।।</p>



<p>निलिम्प नाथनागरी कदम्ब मौलमल्लिका-</p>



<p>निगुम्फनिर्भक्षरन्म धूष्णिकामनोहरः ।</p>



<p>तनोतु नो मनोमुदं विनोदिनींमहनिशं</p>



<p>परिश्रय परं पदं तदङ्गजत्विषां चयः ।।</p>



<p>प्रचण्ड वाडवानल प्रभाशुभप्रचारणी</p>



<p>महाष्टसिद्धिकामिनी जनावहूत जल्पना ।</p>



<p>विमुक्त वाम लोचनो विवाहकालिकध्वनिः</p>



<p>शिवेति मन्त्रभूषगो जगज्जयाय जायताम् ।।</p>



<p>इमं हि नित्यमेवमुक्तमुत्तमोत्तमं स्तवं</p>



<p>पठन्स्मरन्ब्रुवन्नरो विशुद्धिमेतिसंततम् ।</p>



<p>हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नान्यथा गतिं</p>



<p>विमोहनं हि देहिनां सुशङ्करस्य चिंतनम् ।।</p>



<p>पूजावसानसमये दशवक्त्रगीतं</p>



<p>यः शम्भुपूजनपरं पठति प्रदोषे ।</p>



<p>तस्य स्थिरां रथगजेन्द्रतुरङ्गयुक्तां</p>



<p>लक्ष्मीं सदैव सुमुखिं प्रददाति शम्भुः ।।</p>



<p><strong>भगवान शिव के मंत्र –</strong></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>ॐ नमः शिवाय</li>



<li>ॐ नमो भगवते रूद्राय</li>



<li>ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात</li>



<li>ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्<br>उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्</li>



<li>कर्पूरगौरं करुणावतारं<br>संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।<br>सदावसन्तं हृदयारविन्दे<br>भवं भवानीसहितं नमामि</li>
</ol>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>15 अप्रैल 2026 का राशिफल</title>
		<link>https://livehalchal.com/15-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b2-2026-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%b2/668873</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Apr 2026 04:58:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[राशिफल]]></category>
		<category><![CDATA[15 अप्रैल 2026 का राशिफल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668873</guid>

					<description><![CDATA[मेष राशिआज आपका दिन थोड़ा कमजोर रह सकता है। परिवार में छोटे-छोटे मनमुटाव हो सकते हैं, इसलिए समझदारी और धैर्य से काम लें। धन संबंधी मामलों में अजनबियों पर भरोसा करने से बचें। यदि कोई प्रॉपर्टी डील अटकी हुई है, तो उसे फाइनल करने की कोशिश करेंगे, लेकिन माता जी की सेहत पर ध्यान देना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मेष राशि<br></strong>आज आपका दिन थोड़ा कमजोर रह सकता है। परिवार में छोटे-छोटे मनमुटाव हो सकते हैं, इसलिए समझदारी और धैर्य से काम लें। धन संबंधी मामलों में अजनबियों पर भरोसा करने से बचें। यदि कोई प्रॉपर्टी डील अटकी हुई है, तो उसे फाइनल करने की कोशिश करेंगे, लेकिन माता जी की सेहत पर ध्यान देना आवश्यक रहेगा। आज आप अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को पूरा करने में समय बिताएंगे।</p>



<p><strong>वृषभ राशि<br></strong>आज का दिन धन के मामले में अनुकूल रहेगा। किसी उम्मीद के काम में आपको सफलता और धन लाभ दोनों मिल सकते हैं। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी और रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें, नहीं तो बाद में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बिजनेस में उठापटक के बावजूद आपको लाभ प्राप्त होगा और परिवार में किसी सदस्य के विवाह प्रस्ताव से माहौल खुशनुमा रहेगा।</p>



<p><strong>मिथुन राशि<br></strong>आज का दिन मिश्रित अनुभवों से भरा रहेगा। लोगों की पहचान करना जरूरी होगा, क्योंकि कुछ दोस्त आपकी राह में रोड़ा अटका सकते हैं। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखें और भरोसा सोच-समझकर करें। एक साथ कई काम संभालने होंगे। किसी सामाजिक या राजनीतिक आयोजन में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जो आपकी प्रतिष्ठा बढ़ाएगा।</p>



<p><strong>कर्क राशि<br></strong>आज का दिन अप्रत्याशित लाभ और नई संभावनाएं लेकर आएगा। निर्णय लेने की आपकी क्षमता मजबूत रहेगी। कार्यक्षेत्र में किसी से बेवजह विवाद न करें, नहीं तो बॉस से डांट पड़ सकती है। बिजनेस में रुकी योजनाएं लाभदायक साबित होंगी। विद्यार्थी पूरी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करेंगे और सफलता प्राप्त करेंगे। पारिवारिक जीवन में तालमेल बनाकर चलना लाभकारी रहेगा।</p>



<p><strong>सिंह राशि<br></strong>आज नए संपर्क और अवसर आपके लिए लाभ लेकर आएंगे। भाग-दौड़ और जल्दबाजी से बचें, नहीं तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखने से रिश्तों में स्थिरता आएगी। भाई-बहनों का सहयोग कम रहेगा, लेकिन आप नए काम की शुरुआत कर सकते हैं। राजनीतिक या सामाजिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां मिलने से आपकी स्थिति मजबूत होगी।</p>



<p><strong>कन्या राशि<br></strong>आज का दिन थोड़े चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अधूरे कामों को समय से पूरा करने का प्रयास करेंगे। बॉस के साथ मतभेद होने की संभावना है और पुराने निर्णय को लेकर पछतावा हो सकता है। दांत या स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए डॉक्टर से परामर्श लाभकारी रहेगा। बिजनेस में पार्टनरशिप की डील फाइनल करने का अवसर मिलेगा।</p>



<p><strong>तुला राशि<br></strong>आज आलस्य को दूर करके आगे बढ़ना आवश्यक है। परोपकार के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। मनोकामना पूरी होने से खुशी का अनुभव होगा। किसी बात को लेकर पिताजी नाराज हो सकते हैं। विवाह संबंधी बाधाएं दूर हो सकती हैं। पुराने अनुभवों से सबक लें और कर्ज को समय पर चुकाने की पूरी कोशिश करें।</p>



<p><strong>वृश्चिक राशि<br></strong>आज का दिन नुकसान और सतर्कता का संकेत देता है। जीवनसाथी से बातचीत में सावधानी रखें। वाद-विवाद और समय पर काम न होने से नुकसान हो सकता है। रहन-सहन में सुधार की कोशिश करेंगे। मित्रों के साथ पार्टी या आयोजन की योजना बनेगी। वाहन चलाते समय सावधानी आवश्यक है।</p>



<p><strong>धनु राशि<br></strong>आज का दिन मध्यम रूप से फलदायक रहेगा। लेन-देन से जुड़ी समस्याएं हल होंगी। कार्यक्षेत्र में जूनियर्स की मदद लेनी पड़ सकती है। खोई हुई प्रिय वस्तु मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन में साथी की बातों पर ध्यान दें और निवेश करते समय सतर्क रहें। मेहनत का फल निश्चित रूप से मिलेगा।</p>



<p><strong>मकर राशि<br></strong>आज बुद्धि और विवेक से निर्णय लेने का दिन है। खर्च और बचत दोनों पर ध्यान देना आवश्यक है। परोपकार के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। घर में मेहमान का आगमन हो सकता है। जीवनसाथी से चल रहे वाद-विवाद को सुलझाने का प्रयास सफल रहेगा। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। विदेश से व्यापार करने वालों को खुशखबरी मिल सकती है।</p>



<p><strong>कुंभ राशि<br></strong>आज दिन की शुरुआत थोड़ी कमजोर रहेगी। काम में मुश्किलें आ सकती हैं, इसलिए बिना सोचे-समझे कोई कदम न उठाएं। आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का समय है। बाहर जाने या यात्रा की योजना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में धोखा मिलने की संभावना को नजरअंदाज न करें।</p>



<p><strong>मीन राशि<br></strong>आज का दिन सोच-समझकर काम करने का है। सेहत पर ध्यान दें और परिवार में पैतृक संपत्ति के वाद-विवाद सुलझ सकते हैं। परिवार के किसी सदस्य से किए वादे को समय पर पूरा करें। राजनीति में कार्यरत लोगों को बड़े नेताओं से मिलने का अवसर मिलेगा, जिससे आपकी छवि निखरेगी। घर में पूजा-पाठ का आयोजन भी होने की संभावना है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्यों मनाई जाती है बैसाखी, इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है?</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a5%80/668757</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 04:59:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668757</guid>

					<description><![CDATA[आज देशभर में बैसाखी (Baisakhi 2026) का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पंजाब और हरियाणा के खेतों में जब सुनहरी फसलें लहलहाने लगती हैं, तब खुशियों के इस पर्व की शुरुआत होती है। लेकिन, बैसाखी सिर्फ एक फसल उत्सव नहीं है; यह सिख समुदाय के साहस, नई शुरुआत और धार्मिक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आज देशभर में बैसाखी (Baisakhi 2026) का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पंजाब और हरियाणा के खेतों में जब सुनहरी फसलें लहलहाने लगती हैं, तब खुशियों के इस पर्व की शुरुआत होती है। लेकिन, बैसाखी सिर्फ एक फसल उत्सव नहीं है; यह सिख समुदाय के साहस, नई शुरुआत और धार्मिक पहचान का भी प्रतीक है।</p>



<p>बैसाखी के दिन सूर्य देव अपनी राशि बदलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं (मेष संक्रांति), जिसे सिख धर्म में नए साल (Nav Varsh) की शुरुआत माना जाता है। किसानों के लिए यह दिन उनकी मेहनत का फल मिलने का दिन होता है, क्योंकि रबी की फसलें (जैसे गेहूं) कटने के लिए तैयार होती हैं।</p>



<p><strong>कैसे मनाई जाती है बैसाखी?<br></strong>आज के दिन गुरुद्वारों में सुबह से ही रौनक देखते ही बनती है। लोग नए कपड़े पहनकर विशेष अरदास में शामिल होते हैं। जगह-जगह लंगर लगाए जाते हैं और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा किया जाता है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि कैसे एकजुट होकर हम बुराई का सामना कर सकते हैं और अपनी खुशियों को सबके साथ बांट सकते हैं।</p>



<p><strong>बैसाखी पर खुशहाली लाने के आसान उपाय<br></strong>सबसे पहले घर के हर कोने को अच्छे से साफ करें। सफाई के बाद पानी में नमक मिलाकर पोंछा लगाएं और पूरे घर में गंगाजल छिड़कें। इससे घर की सारी नेगेटिव एनर्जी बाहर निकल जाएगी।<br>घर के मेन गेट पर आम के पत्ते (तोरण) लगाएं। दरवाजे के दोनों तरफ स्वास्तिक बनाएं और सुंदर रंगोली सजाएं। इससे घर में सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होगा।<br>बैसाखी पर अपनी रसोई साफ करें और वहां गुड़-चावल की खीर या मीठे चावल जरूर बनाएं। भगवान को भोग लगाने के बाद इसे परिवार के साथ खाएं, इससे रिश्तों में मिठास और सुख-शांति बढ़ती है।<br>घर के उत्तर-पूर्वी कोने (ईशान कोण) में सुबह और शाम शुद्ध घी का दीपक जलाएं। यह मानसिक शांति और दैवीय कृपा पाने का सबसे सरल तरीका है।<br>इस दिन घर में कोई नया पौधा जरूर लगाएं। तुलसी या मनी प्लांट लगाना सबसे शुभ माना जाता है, जो वातावरण में फ्रेशनेस और पॉजिटिविटी भर देता है।<br>अपनी तिजोरी या जहां आप पैसे रखते हैं, उस जगह को साफ करें। वहां एक लाल कपड़े में चांदी का सिक्का और हल्दी की एक गांठ बांधकर रख दें। माना जाता है कि इससे धन की बरकत तेजी से होती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मेष संक्रांति 2026: आरती के बिना अधूरी है सूर्य पूजा</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b7-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-2026-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8/668751</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 04:49:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668751</guid>

					<description><![CDATA[ज्योतिष शास्त्र में मेष संक्रांति (Mesh Sankranti 2026) का दिन एक बड़े बदलाव का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सूर्य देव अपनी उच्च राशि यानी मेष में प्रवेश करते हैं, जिससे सौर नववर्ष का आरंभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव की पूजा में आरती का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसा कहा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>ज्योतिष शास्त्र में मेष संक्रांति (Mesh Sankranti 2026) का दिन एक बड़े बदलाव का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सूर्य देव अपनी उच्च राशि यानी मेष में प्रवेश करते हैं, जिससे सौर नववर्ष का आरंभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव की पूजा में आरती का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि विधि-विधान से पूजा करने के बाद अगर आरती न की जाए, तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। ऐसे में आइए भक्ति भाव के साथ भगवान सूर्य देव की आरती करते हैं, जो इस प्रकार हैं –</p>



<p><strong>।।भगवान सूर्य देव की आरती।। (Bhagwan Surya Dev Ji Ki Aarti)<br></strong>ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।</p>



<p>जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।</p>



<p>धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।</p>



<p>।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।</p>



<p>सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।</p>



<p>अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।</p>



<p>।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।</p>



<p>ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।</p>



<p>फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।</p>



<p>।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।</p>



<p>संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।</p>



<p>गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।</p>



<p>।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।</p>



<p>देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।</p>



<p>स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।</p>



<p>।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।</p>



<p>तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।</p>



<p>प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।</p>



<p>।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।</p>



<p>भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।</p>



<p>वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।</p>



<p>।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।</p>



<p>पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।</p>



<p>ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।</p>



<p>।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।</p>



<p>ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।</p>



<p>जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।</p>



<p>धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>14 अप्रैल 2026 का राशिफल</title>
		<link>https://livehalchal.com/14-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b2-2026-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%b2/668748</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 04:30:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[राशिफल]]></category>
		<category><![CDATA[14 अप्रैल 2026 का राशिफल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668748</guid>

					<description><![CDATA[मेष राशिआज का दिन आपके लिए ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। आपके सम्मान और मान में बढ़ोतरी होगी, जिससे मन में गर्व और संतोष महसूस होगा। सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से आपकी छवि और निखरेगी। आप अपने धन का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में लगाने के लिए सोचेंगे। भाई-बहनों के साथ बेवजह विवाद से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मेष राशि</strong><br>आज का दिन आपके लिए ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। आपके सम्मान और मान में बढ़ोतरी होगी, जिससे मन में गर्व और संतोष महसूस होगा। सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से आपकी छवि और निखरेगी। आप अपने धन का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में लगाने के लिए सोचेंगे। भाई-बहनों के साथ बेवजह विवाद से बचें, और प्रॉपर्टी संबंधी किसी निर्णय में जल्दबाजी न करें। घूमने-फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी भी मिल सकती है।</p>



<p><strong>वृषभ राशि</strong><br>आज आप अपने नेतृत्व कौशल और समय प्रबंधन में निखार महसूस करेंगे। अनजान लोगों से दूरी बनाए रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ कहीं घूमने-फिरने का आनंद भी मिलेगा। सेहत पर थोड़ा ध्यान दें और किसी पुराने बिजनेस या निवेश संबंधी समस्या को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करें। परिवार में किसी सदस्य के विवाह प्रस्ताव से माहौल खुशनुमा रहेगा।</p>



<p><strong>मिथुन राशि</strong><br>आज का दिन आपके लिए अप्रत्याशित लाभ और खुशियों से भरा रहेगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल बढ़ाने से रिश्तों की परेशानियां दूर होंगी। नया वाहन खरीदने के अवसर मिल सकते हैं। धन उधार देने में सावधानी बरतें, क्योंकि वापस मिलने की संभावना कम है। राजनीतिक या सामाजिक आयोजनों में हिस्सा लेने से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।</p>



<p><strong>कर्क राशि</strong><br>आज का दिन मिश्रित अनुभव लेकर आएगा, लेकिन फलदायक साबित होगा। श्रेष्ठ व्यक्तियों का मार्गदर्शन आपको अपने काम समय पर पूरा करने में मदद करेगा। भाई-बहनों के साथ संबंध मधुर रहेंगे और किसी विरोधी से बातचीत करने का अवसर मिलेगा। आपकी कोई मनोकामना पूरी होने से मन को बड़ी खुशी मिलेगी। जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचें।</p>



<p><strong>सिंह राशि</strong><br>आज का दिन सामान्य से बेहतर रहने वाला है। बेवजह विवादों से दूर रहें। नौकरी में कोई खुशखबरी मिलने के योग हैं और जिम्मेदारियों में जूनियर्स से सहयोग मिलेगा। संतान की पढ़ाई को लेकर गुरुजनों से बातचीत कर सकते हैं। शौक और मनोरंजन पर आप खर्च करेंगे, जिससे खर्चा बढ़ सकता है, लेकिन मन को संतोष मिलेगा।</p>



<p><strong>कन्या राशि</strong><br>आज का दिन आपके लिए अनुकूल और सुखद रहेगा। आपकी ऊर्जा और अनुभव आपके काम में लाभ देंगे। संतान से कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। अपनी वाणी और व्यवहार में सभ्यता बनाए रखें। संतान को पढ़ाई-लिखाई के लिए बाहर भेजने के अवसर बन सकते हैं। धार्मिक या सामाजिक आयोजनों में भाग लेने से मानसिक संतोष मिलेगा।</p>



<p><strong>तुला राशि<br></strong>आज आपको अपनी सेहत पर पूरा ध्यान देना होगा। वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग मिलेगा और लंबे समय से रुके हुए काम गति पकड़ेंगे। घर के रिनोवेशन या छोटे निर्माण कार्य की शुरुआत हो सकती है। माताजी से किसी जरूरी काम को लेकर संवाद होगा। कुछ पुराने शत्रु मित्र बन सकते हैं, जिसे देखकर आपको हैरानी होगी।</p>



<p><strong>वृश्चिक राशि<br></strong>आज आपका रुका हुआ धन मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में समय से काम पूरा करने की कोशिश सफल होगी। साथी की समस्याओं का समाधान निकालेंगे और परिवार में पूजा-पाठ या धार्मिक आयोजन से सब व्यस्त रहेंगे। छोटे बच्चों के साथ कुछ समय मौज-मस्ती में बीतेगा। अगर आपका बिजनेस या धन डूबा हुआ था, तो उसे वापस पाने की संभावना है।</p>



<p><strong>धनु राशि<br></strong>आज का दिन आपके लिए लाभदायक और उत्साहवर्धक रहेगा। धर्म-कर्म के कामों में रुचि रहेगी। संतान की परीक्षा या कार्यक्षेत्र में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। मौज-मस्ती में समय बिताएंगे और मेहनत का फल भी प्राप्त करेंगे। जरूरी जानकारी साझा करने में सतर्क रहें। पारिवारिक मामलों को मिल बैठकर सुलझाने की कोशिश करेंगे। बॉस से प्रमोशन को लेकर बातचीत हो सकती है।</p>



<p><strong>मकर राशि<br></strong>आज आपको विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना होगा। सोच-समझकर कदम उठाने से काम पूरे होंगे। पैतृक संपत्ति के मामलों में सफलता मिलेगी। यदि आपने किसी से धन उधार लिया था, तो वह वापस मांग सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे। वाहन चलाने या किसी सहयोगी से मदद लेने में सतर्क रहें। नई कोशिशें सफल होंगी।</p>



<p><strong>कुंभ राशि<br></strong>आज जोखिम भरे कामों से दूर रहें। भाग्य आपका पूरा साथ देगा। कारोबार में आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। किसी सहयोगी से अनावश्यक कहासुनी हो सकती है। शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कार्यक्षेत्र में कोई आपको धोखा देने की कोशिश कर सकता है, इसलिए सतर्क रहें। परिवार में किसी सदस्य के विवाह प्रस्ताव से माहौल खुशनुमा रहेगा।</p>



<p><strong>मीन राशि<br></strong>आज का दिन सोच-समझकर काम करने का रहेगा। संतान के करियर को लेकर चिंता हो सकती है। बिजनेस में जोखिम से बचें और अनजान लोगों से दूरी बनाए रखें। माता-पिता की सेहत पर ध्यान दें। परिवार के साथ मौज-मस्ती और घूमने-फिरने का समय अच्छा रहेगा। यात्रा के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वरुथिनी एकादशी व्रत पर करें ये आरती, तभी मिलेगा व्रत का पूरा फल</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0/668613</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 05:14:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[वरुथिनी एकादशी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668613</guid>

					<description><![CDATA[वरुथिनी एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है। यह विष्णु भगवान को समर्पित है, जो लोग इस व्रत को रखते हैं, उन्हें शुभ फलों की प्राप्ति होती है। एकादशी माह में दो बार शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल यह एकादशी (Varuthini Ekadashi 2026) &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>वरुथिनी एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है। यह विष्णु भगवान को समर्पित है, जो लोग इस व्रत को रखते हैं, उन्हें शुभ फलों की प्राप्ति होती है। एकादशी माह में दो बार शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल यह एकादशी (Varuthini Ekadashi 2026) आज यानी 13 अप्रैल, 2026 को मनाई जा रही है।</p>



<p>ऐसा माना जाता है कि जो भक्त इस दिन भक्ति भाव के साथ पूजा करते हैं, उन्हें धन-वैभव और अपार यश की प्राप्ति होती है, तो आइए यहां श्री हरि की कृपा पाने के लिए उनकी आरती करते हैं, जो इस प्रकार है।</p>



<p><strong>॥भगवान विष्णु की आरती॥ (Lord Vishnu Aarti)<br></strong>ॐ जय जगदीश हरे आरती</p>



<p>ॐ जय जगदीश हरे,</p>



<p>स्वामी जय जगदीश हरे ।</p>



<p>भक्त जनों के संकट,</p>



<p>दास जनों के संकट,</p>



<p>क्षण में दूर करे ॥</p>



<p>॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥</p>



<p>जो ध्यावे फल पावे,</p>



<p>दुःख बिनसे मन का,</p>



<p>स्वामी दुःख बिनसे मन का ।</p>



<p>सुख सम्पति घर आवे,</p>



<p>सुख सम्पति घर आवे,</p>



<p>कष्ट मिटे तन का ॥</p>



<p>॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥</p>



<p>मात पिता तुम मेरे,</p>



<p>शरण गहूं किसकी,</p>



<p>स्वामी शरण गहूं मैं किसकी ।</p>



<p>तुम बिन और न दूजा,</p>



<p>तुम बिन और न दूजा,</p>



<p>आस करूं मैं जिसकी ॥</p>



<p>॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥</p>



<p>तुम पूरण परमात्मा,</p>



<p>तुम अन्तर्यामी,</p>



<p>स्वामी तुम अन्तर्यामी ।</p>



<p>पारब्रह्म परमेश्वर,</p>



<p>पारब्रह्म परमेश्वर,</p>



<p>तुम सब के स्वामी ॥</p>



<p>॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥</p>



<p>तुम करुणा के सागर,</p>



<p>तुम पालनकर्ता,</p>



<p>स्वामी तुम पालनकर्ता ।</p>



<p>मैं मूरख फलकामी,</p>



<p>मैं सेवक तुम स्वामी,</p>



<p>कृपा करो भर्ता॥</p>



<p>॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥</p>



<p>तुम हो एक अगोचर,</p>



<p>सबके प्राणपति,</p>



<p>स्वामी सबके प्राणपति ।</p>



<p>किस विधि मिलूं दयामय,</p>



<p>किस विधि मिलूं दयामय,</p>



<p>तुमको मैं कुमति ॥</p>



<p>॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥</p>



<p>दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,</p>



<p>ठाकुर तुम मेरे,</p>



<p>स्वामी रक्षक तुम मेरे ।</p>



<p>अपने हाथ उठाओ,</p>



<p>अपने शरण लगाओ,</p>



<p>द्वार पड़ा तेरे ॥</p>



<p>॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥</p>



<p>विषय-विकार मिटाओ,</p>



<p>पाप हरो देवा,</p>



<p>स्वमी पाप(कष्ट) हरो देवा ।</p>



<p>श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,</p>



<p>श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,</p>



<p>सन्तन की सेवा ॥</p>



<p>ॐ जय जगदीश हरे,</p>



<p>स्वामी जय जगदीश हरे ।</p>



<p>भक्त जनों के संकट,</p>



<p>दास जनों के संकट,</p>



<p>क्षण में दूर करे ॥</p>



<p><strong>॥एकादशी माता की आरती॥<br></strong>ॐ जय एकादशी, जय एकादशी,जय एकादशी माता।</p>



<p>विष्णु पूजा व्रत को धारण कर,शक्ति मुक्ति पाता॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>तेरे नाम गिनाऊं देवी,भक्ति प्रदान करनी।</p>



<p>गण गौरव की देनी माता,शास्त्रों में वरनी॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष की उत्पन्ना,विश्वतारनी जन्मी।</p>



<p>शुक्ल पक्ष में हुई मोक्षदा,मुक्तिदाता बन आई॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>पौष के कृष्णपक्ष की,सफला नामक है।</p>



<p>शुक्लपक्ष में होय पुत्रदा,आनन्द अधिक रहै॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>नाम षटतिला माघ मास में,कृष्णपक्ष आवै।</p>



<p>शुक्लपक्ष में जया, कहावै,विजय सदा पावै॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>विजया फागुन कृष्णपक्ष मेंशुक्ला आमलकी।</p>



<p>पापमोचनी कृष्ण पक्ष में,चैत्र महाबलि की॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>चैत्र शुक्ल में नाम कामदा,धन देने वाली।</p>



<p>नाम वरूथिनी कृष्णपक्ष में,वैसाख माह वाली॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>शुक्ल पक्ष में होयमोहिनी अपरा ज्येष्ठ कृष्णपक्षी।</p>



<p>नाम निर्जला सब सुख करनी,शुक्लपक्ष रखी॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>योगिनी नाम आषाढ में जानों,कृष्णपक्ष करनी।</p>



<p>देवशयनी नाम कहायो,शुक्लपक्ष धरनी॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>कामिका श्रावण मास में आवै,कृष्णपक्ष कहिए।</p>



<p>श्रावण शुक्ला होयपवित्रा आनन्द से रहिए॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>अजा भाद्रपद कृष्णपक्ष की,परिवर्तिनी शुक्ला।</p>



<p>इन्द्रा आश्चिन कृष्णपक्ष में,व्रत से भवसागर निकला॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>पापांकुशा है शुक्ल पक्ष में,आप हरनहारी।</p>



<p>रमा मास कार्तिक में आवै,सुखदायक भारी॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>देवोत्थानी शुक्लपक्ष की,दुखनाशक मैया।</p>



<p>पावन मास में करूंविनती पार करो नैया॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>परमा कृष्णपक्ष में होती,जन मंगल करनी।</p>



<p>शुक्ल मास में होयपद्मिनी दुख दारिद्र हरनी॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>



<p>जो कोई आरती एकादशी की,भक्ति सहित गावै।</p>



<p>जन गुरदिता स्वर्ग का वासा,निश्चय वह पावै॥</p>



<p>ॐ जय एकादशी…॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वरुथिनी एकादशी व्रत कथा: राजा मान्धाता को कैसे मिला था वैकुंठ?</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%b0/668610</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 05:07:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[वरुथिनी एकादशी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668610</guid>

					<description><![CDATA[वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों में इस एकादशी का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह व्रत सौभाग्य प्रदान करने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों में इस एकादशी का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह व्रत सौभाग्य प्रदान करने वाला और दुखों का नाश करने वाला है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi 2026) की पौराणिक व्रत कथा और इसका धार्मिक महत्व जानते हैं।</p>



<p><strong>वरुथिनी एकादशी व्रत कथा (Varuthini Ekadashi 2026 Katha)<br></strong>पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में नर्मदा नदी के तट पर राजा मान्धाता राज्य करते थे। वे बहुत बड़े तपस्वी थे। एक बार राजा जंगल में तपस्या कर रहे थे, तभी एक जंगली भालू आया और राजा के पैर चबाने लगा। भालू राजा को घसीटकर जंगल के अंदर ले गया। राजा मान्धाता घबराए नहीं और उन्होंने मौन रहकर भगवान विष्णु की आराधना जारी रखी। उनकी पुकार सुनकर भगवान विष्णु प्रकट हुए और उन्होंने अपने सुदर्शन चक्र से भालू का वध कर दिया, लेकिन भालू के हमले से राजा का पैर जख्मी हो चुका था। राजा को दुखी देखकर भगवान विष्णु ने कहा, ‘हे राजन! तुम दुखी मत हो। यह तुम्हारे पूर्व जन्म के अपराध का फल है। तुम मथुरा जाकर वरुथिनी एकादशी का व्रत करो। मेरी वराह अवतार की पूजा करने से तुम फिर से स्वस्थ हो जाओगे।’</p>



<p>राजा मान्धाता ने श्रीहरि की आज्ञा का पालन किया और पूरी श्रद्धा के साथ वरुथिनी एकादशी का व्रत रखा। व्रत के प्रभाव से वे न केवल स्वस्थ हुए, बल्कि उन्हें अंत में वैकुंठ धाम की प्राप्ति हुई।</p>



<p><strong>वरुथिनी एकादशी व्रत का महत्व<br></strong>वरुथिनी एकादशी का व्रत बेहद मंगलकारी माना गया है, जो व्यक्ति इस कथा का पाठ करता है या इसे सुनता है, उसे एक हजार गौदान का फल प्राप्त होता है। ऐसे में इस पावन तिथि पर विधि-विधान से पूजा करें और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करें।</p>



<p><strong>पूजा मंत्र<br></strong>शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं,<br>विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभांगम्।<br>लक्ष्मीकांतं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं,<br>वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥<br>ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सोया भाग्य जगा देंगी गंगा सप्तमी पर घर लाई गईं ये शुभ चीजें</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be/668605</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 05:04:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668605</guid>

					<description><![CDATA[हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी का दिन मां गंगा के जन्मोत्सव का प्रतीक माना जाता है। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही मां गंगा शिव की जटाओं से धरती लोक में उतरी थीं, इसलिए इसे गंगा जयंती भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी का दिन मां गंगा के जन्मोत्सव का प्रतीक माना जाता है। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही मां गंगा शिव की जटाओं से धरती लोक में उतरी थीं, इसलिए इसे गंगा जयंती भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान करने से व्यक्ति के सात जन्मों के पाप धुल जाते हैं।</p>



<p>लेकिन क्या आप जानते हैं कि गंगा सप्तमी के दिन केवल स्नान ही काफी नहीं है? अगर इस शुभ तिथि पर आप कुछ विशेष पवित्र चीजों को अपने घर लाते हैं, तो इससे न केवल मां गंगा बल्कि महादेव की भी असीम कृपा बरसती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वे कौन सी चीजें हैं, जो आपके सोए हुए भाग्य को जगा सकती हैं?</p>



<p><strong>चांदी या तांबे के पात्र में गंगाजल<br></strong>गंगा सप्तमी के दिन सबसे शुभ काम है पवित्र गंगाजल को घर लाना। अगर ऐसा करना मुश्किल है, तो घर में रखे गंगाजल को तांबे या चांदी के नए पात्र में भरकर उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।</p>



<p><strong>दक्षिणवर्ती शंख<br></strong>शंख को साक्षात लक्ष्मी का भाई माना जाता है। ऐसे में गंगा सप्तमी के दिन दक्षिणवर्ती शंख खरीदकर घर लाना और उसे पूजा स्थान पर स्थापित करना बहुत शुभ होता है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में शंख की ध्वनि होती है और उसकी पूजा होती है, वहां दरिद्रता कभी कदम नहीं रखती।</p>



<p><strong>कमल या हाथी की प्रतिमा<br></strong>मां गंगा को कमल का फूल बेहद प्रिय है और हाथी ऐश्वर्य का प्रतीक है। इस दिन चांदी का छोटा सा कमल का फूल या चांदी का हाथी घर लाना आपके करियर और व्यापार में उन्नति के द्वार खोलता है। साथ ही, यह सौभाग्य को भी आकर्षित करने वाली वस्तु मानी जाती है। अगर ऐसा करना मुश्किल है, तो आप अन्य किसी धातु की भी प्रतिमा (कमल या हाथी) ला सकते हैं।</p>



<p><strong>रुद्राक्ष<br></strong>मां गंगा महादेव की जटाओं में वास करती हैं, इसलिए गंगा सप्तमी पर रुद्राक्ष घर लाना और उसे धारण करना या पूजा घर में रखना विशेष फलदायी माना गया है। यह आपके जीवन के तनाव को कम कर मानसिक शांति प्रदान करता है।</p>



<p><strong>गंगा सप्तमी पूजा मंत्र<br></strong>ॐ गंगे नमः॥<br>गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।<br>नर्मदे सिन्धु कावेरी जलस्मिन् सन्निधिं कुरु॥<br>नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: livehalchal.com @ 2026-04-15 12:30:38 by W3 Total Cache
-->