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	<title>कारोबार &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>कारोबार &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>&#8216;पहले कंपनी की बात सुनें&#8217;, डाबर पर FSSAI के &#8216;100% शुद्ध&#8217; बैन वाले आदेश पर कोर्ट ने लगाई रोक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:32:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="288" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78y.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78y.jpg 816w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78y-300x140.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78y-768x358.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को फ़ूड रेगुलेटर FSSAI के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें डाबर इंडिया को शहद, गाय का घी और खाने वाले तेल जैसे प्रोडक्ट &#8216;100 प्रतिशत&#8217; होने के दावे के साथ बेचने से रोका गया था। जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि डाबर लंबे समय से ये प्रोडक्ट &#8230;]]></description>
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<p>दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को फ़ूड रेगुलेटर FSSAI के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें डाबर इंडिया को शहद, गाय का घी और खाने वाले तेल जैसे प्रोडक्ट &#8216;100 प्रतिशत&#8217; होने के दावे के साथ बेचने से रोका गया था। जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि डाबर लंबे समय से ये प्रोडक्ट बेच रही है और राहत देने के लिए शुरुआती तौर पर मामला बनता है, क्योंकि फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) ने आदेश जारी करने से पहले कंपनी को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया था।</p>



<p>जस्टिस महाजन ने कहा, &#8220;कोर्ट की शुरुआती राय है कि पाबंदी लगाने वाला आदेश सुनवाई का मौका दिए बिना जारी नहीं किया जाना चाहिए था। विवादित आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगी रहेगी।&#8221;</p>



<p>इसके अलावा, हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई दो हफ़्ते बाद के लिए तय की है। डाबर की तरफ़ से पेश हुए सीनियर वकील ने दलील दी कि FSSAI का आदेश बिना किसी &#8216;शो-कॉज़ नोटिस&#8217; या सुनवाई के जारी किया गया था, जिससे &#8216;नैचुरल जस्टिस&#8217; (प्राकृतिक न्याय) के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है। वहीं, केंद्र सरकार के वकील ने फ़ूड रेगुलेटर के आदेश का बचाव करते हुए कहा कि कंपनी को पहले भी &#8216;सुधार नोटिस&#8217; और एडवाइज़री जारी की गई थीं और उसके उत्पादों के बारे में किया गया &#8216;100 प्रतिशत&#8217; का दावा गुमराह करने वाला था।</p>



<p>सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, FSSAI ने बताया कि उसने डाबर इंडिया लिमिटेड को ऐसे फ़ूड प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकने का आदेश दिया है जिन पर &#8220;100 प्रतिशत&#8221; जैसे गुमराह करने वाले दावे किए गए हैं। इन प्रोडक्ट्स में शहद, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन कोकोनट ऑयल, तिल का तेल, गाय का घी, नारियल पानी और नारियल का दूध शामिल हैं।</p>
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		<title>Titan Q1 Result: टाटा की टाइटन ने काटा बवाल, मुनाफा 63% बढ़कर हुआ 1777 करोड़</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:06:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[Titan]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/7iuhkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/7iuhkj.jpg 811w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/7iuhkj-300x165.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/7iuhkj-768x422.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />टाटा समूह की दिग्गज कंपनी टाइटन (Titan Company Limited) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, टाइटन के शुद्ध मुनाफे (Profit After Tax) में सालाना आधार पर 63% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कैसे रहे टाटा के टाइटन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/7iuhkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/7iuhkj.jpg 811w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/7iuhkj-300x165.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/7iuhkj-768x422.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>टाटा समूह की दिग्गज कंपनी टाइटन (Titan Company Limited) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, टाइटन के शुद्ध मुनाफे (Profit After Tax) में सालाना आधार पर 63% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।</p>



<p><strong>कैसे रहे टाटा के टाइटन के नतीजे<br></strong>टाइटन लिमिटेड का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर (YoY) 63% बढ़कर 1,777 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 1,091 करोड़ रुपये था।</p>



<p>रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में टाइटन की कुल समेकित आय (Consolidated Total Income) ₹20,753 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही (₹14,778 करोड़) के मुकाबले 40% अधिक है।</p>



<p><strong>ज्वेलरी सेगमेंट में रिकॉर्ड मांग<br></strong>टाइटन के सबसे बड़े कारोबार &#8216;ज्वेलरी&#8217; (Tanishq, Mia, Zoya) ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। अक्षय तृतीया और शादियों के सीजन की वजह से ज्वेलरी पोर्टफोलियो में 43% की वृद्धि देखी गई और यह ₹18,253 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ज्वेलरी कारोबार में 136% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है, जिसमें उत्तरी अमेरिका और खाड़ी देशों (GCC) का बड़ा योगदान रहा।</p>



<p><strong>घड़ी और आईकेयर कारोबार की स्थिति<br></strong>घड़ी (Watches): प्रीमियम घड़ियों की बढ़ती मांग के कारण इस सेगमेंट में 21% की वृद्धि हुई और रेवेन्यू ₹1,543 करोड़ रहा।<br>आईकेयर (EyeCare): टाइटन आईप्लस (Titan Eye+) के कारोबार में भी 21% की मजबूती देखी गई, जिससे इसका रेवेन्यू ₹289 करोड़ हो गया।</p>



<p>नतीजों पर टिप्पणी करते हुए टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चावला ने कहा, &#8220;वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत हमारे लिए बहुत मजबूत रही है। हमारे कंज्यूमर बिजनेस ने 40% की सालाना ग्रोथ दर्ज की है। हम इनोवेशन और प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे ग्राहकों का भरोसा और बढ़ा है।&#8221;</p>



<p>टाइटन ने इस तिमाही में अपने रिटेल नेटवर्क का आक्रामक विस्तार किया है। कंपनी ने भारत में कुल 33 नए ज्वेलरी स्टोर और 34 नए घड़ी स्टोर (Titan World, Fastrack, Helios) खोले हैं।</p>
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		<title>रसोई गैस पर बड़ी खबर, सरकार LPG पर लगा सकती है टैक्स</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:50:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[रसोई गैस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14-1024x575.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14-1024x575.jpg 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14-768x432.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14.jpg 1098w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />ईरान संघर्ष के चलते दुनिया इस समय एनर्जी संकट का सामना कर रही है। युद्ध की वजह से सप्लाई चेन में आई दिक्कतों से पता चला कि सप्लाई चेन कितनी कमजोर हो सकती है। इसे देखते हुए भारत सरकार देश में 42 बिलियन डॉलर के स्ट्रैटेजिक फ्यूल रिजर्व यानी रणनीतिक ईंधन भंडार जुटाने को लेकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14-1024x575.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14-1024x575.jpg 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14-768x432.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-14.jpg 1098w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>ईरान संघर्ष के चलते दुनिया इस समय एनर्जी संकट का सामना कर रही है। युद्ध की वजह से सप्लाई चेन में आई दिक्कतों से पता चला कि सप्लाई चेन कितनी कमजोर हो सकती है। इसे देखते हुए भारत सरकार देश में 42 बिलियन डॉलर के स्ट्रैटेजिक फ्यूल रिजर्व यानी रणनीतिक ईंधन भंडार जुटाने को लेकर मंथन कर रही है।</p>



<p>स्ट्रैटेजिक फ्यूल रिजर्व के लिए फंड जुटाने के मकसद से सरकार कुकिंग गैस और नैचुरल गैस इस्तेमाल करने वालों पर कोई शुल्क लगा सकता है। यानी रसोई गैस चाहे फिर वह LPG हो या अन्य प्रकार की इस्तेमाल होने वाली गैस हो, उस पर सरकार अलग से टैक्स लगा सकती है।</p>



<p>अगर सरकार रसोई गैस पर किसी प्रकार का टैक्स लगाती है, तो जाहिर सी बात है कि इसकी कीमतों में उछाल आएगा। यानी LPG से लेकर PNG महंगी हो सकती है। हालांकि, अभी इस पर सरकार की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है।</p>



<p>न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने इसकी जानकारी दी और बताया कि स्ट्रैटेजिक फ्यूल रिजर्व के फंड के लिए सरकार रसोई गैस पर लेवी लगा सकती है।</p>



<p><strong>LPG पर लग सकता है 1.29 रुपये का लेवी टैक्स<br></strong>सूत्रों के मुताबिक, भारत का पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय LPG पर ₹1.29 ($0.0136) प्रति किलोग्राम का लेवी (टैक्स) लगाने पर विचार कर रहा है। मौजूदा खपत के आधार पर इससे सालाना लगभग $460 मिलियन की कमाई होगी और घरेलू इस्तेमाल वाले गैस सिलेंडर की कीमत में लगभग ₹18 की बढ़ोतरी होगी।</p>



<p>सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस के लिए ₹1.43 प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की लेवी का प्रस्ताव रखा है, जिससे मौजूदा खपत के स्तर पर सालाना लगभग $1 बिलियन की कमाई होगी।</p>



<p><strong>लेवी लगने से सरकार की होगी मोटी कमाई<br></strong>रॉयटर्स के अनुसार दो सूत्रों ने बताया कि इस प्लान के तहत भारत के स्ट्रैटेजिक रिज़र्व (रणनीतिक भंडार) को पहली बार कच्चे तेल से आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें लगभग दो महीने की कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की मांग, और लगभग छह हफ्ते की लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) या कुकिंग गैस की खपत को पूरा करने के लिए स्टॉक जमा किया जाएगा।</p>



<p>सूत्रों ने बताया कि इस प्लान के तहत, कुकिंग और नेचुरल गैस स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए यूजर्स पर लेवी (शुल्क) लगाकर फंड जुटाया जाएगा, जिससे सालाना लगभग 1.5 अरब डॉलर यानी लगभग 3.93 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई हो सकती है।</p>
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		<title> शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के समय में हुआ बदलाव! नया CAS सिस्टम लागू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:29:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[शेयर मार्केट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="327" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj.jpg 784w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj-300x159.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj-768x407.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj-310x165.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अगस्त से एक्सचेंज एक नया बदलाव लागू करने जा रहे हैं, जिस पर ट्रेडर्स को ध्यान देना चाहिए। मार्केट रेगुलेटर &#8216;सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया&#8217; (SEBI) ने उन सिक्योरिटीज के लिए &#8216;क्लोजिंग ऑक्शन सेशन&#8217; (CAS) का एलान किया था जिनमें F&#38;O ट्रेडिंग की इजाजत है, ताकि क्लोजिंग प्राइस में हेरफेर करना मुश्किल हो सके। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="327" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj.jpg 784w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj-300x159.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj-768x407.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/78yiuhkj-310x165.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अगस्त से एक्सचेंज एक नया बदलाव लागू करने जा रहे हैं, जिस पर ट्रेडर्स को ध्यान देना चाहिए। मार्केट रेगुलेटर &#8216;सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया&#8217; (SEBI) ने उन सिक्योरिटीज के लिए &#8216;क्लोजिंग ऑक्शन सेशन&#8217; (CAS) का एलान किया था जिनमें F&amp;O ट्रेडिंग की इजाजत है, ताकि क्लोजिंग प्राइस में हेरफेर करना मुश्किल हो सके। सोमवार से एक्सचेंज F&amp;O स्टॉक्स के लिए वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) से हटकर CAS सिस्टम अपनाएंगे।</p>



<p><strong>क्या बदलेगा?<br></strong>CAS 15 मिनट का एक नया सेशन होगा जो शेयरों (स्क्रिप्स) की क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए दोपहर 3:15 बजे से 3:30 बजे के बीच (Stock market new timing) होगा। अब तक, किसी स्टॉक की क्लोजिंग प्राइस मुख्य रूप से आखिरी 30 मिनट (दोपहर 3:00-3:30 बजे) में हुए ट्रेड की औसत कीमत पर आधारित होती थी। 3 अगस्त से, एक्सचेंज एक फाइनल क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए क्लोजिंग ऑक्शन आयोजित करेगा।</p>



<p>CAS के तहत, खरीद और बिक्री के ऑर्डर एक ही इक्विलिब्रियम प्राइस (संतुलन कीमत) पर इकट्ठा और मैच किए जाएंगे। इक्विटी और डेरिवेटिव मार्केट में ट्रेड करने वाले रिटेल ट्रेडर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि पहले चरण में, यह कदम केवल उन स्टॉक्स पर लागू होगा जिनमें F&amp;O ट्रेडिंग की इजाजत है।</p>



<p>HDFC सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नंदिश शाह का कहना है कि CAS से इक्विलिब्रियम प्राइस तय करने में मदद मिलेगी, जो अंडरलाइंग स्टॉक के लिए क्लोजिंग प्राइस होगी। उन्होंने कहा कि इसमें चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि यह कदम असल में ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप है।</p>



<p>जो स्टॉक्स CAS का हिस्सा नहीं हैं, उनके लिए सामान्य ट्रेडिंग दोपहर 3:30 बजे तक जारी रहेगी। इन सिक्योरिटीज के लिए पोस्ट-क्लोजिंग सेशन का समय अब बदलकर दोपहर 3:50 बजे से शाम 4:00 बजे कर दिया जाएगा।</p>



<p><strong>क्या इसका असर रिटेल इन्वेस्टर्स पर पड़ेगा?<br></strong>129 वेल्थ के फंड मैनेजर और पॉल एसेट के रिसर्च एनालिस्ट प्रसेनजीत पॉल ने कहा कि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए यह काफी हद तक पर्दे के पीछे होने वाला बदलाव है, लेकिन इससे क्लोजिंग प्राइस ज़्यादा सही होंगे, जिससे म्यूचुअल फंड NAV और पोर्टफोलियो वैल्यूएशन ज़्यादा सटीक होंगे।</p>



<p>उन्होंने आगे कहा कि शुरुआती दौर में यह सिस्टम सिर्फ़ F&amp;O सेगमेंट के स्टॉक्स पर लागू होगा, जबकि ज़्यादातर लिस्टेड स्टॉक्स की ट्रेडिंग पहले की तरह ही होती रहेगी।</p>



<p><strong>सेबी यह बदलाव क्यों कर रहा है?<br></strong>इस बदलाव का मकसद दो समस्याओं को हल करना है। ज़ेरोधा के फाउंडर नितिन कामथ ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि इस कदम का मकसद स्टॉक की कीमतों में हेरफेर को रोकना है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि इंडेक्स को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड्स को क्लोजिंग प्राइस से मैच करने के लिए दिन के आखिर में बड़े ऑर्डर पूरे करने होते हैं, और चूंकि इन ऑर्डर्स से कीमतें बदल सकती हैं, इसलिए ट्रैकिंग एरर का रिस्क बढ़ जाता है।</p>



<p>दूसरा, उन्होंने देखा कि आखिरी कुछ मिनटों में दिए गए बड़े ऑर्डर स्टॉक की क्लोजिंग प्राइस और उन इंडेक्स पर बहुत ज़्यादा असर डाल सकते हैं जिनका वे हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, &#8220;ऐसी चिंताएं रही हैं कि इसका इस्तेमाल इंडेक्स को कुछ खास क्लोजिंग लेवल तक ले जाने के लिए किया जा सकता है। चूंकि CAS सभी ऑर्डर्स को एक साथ लाता है और उन्हें एक ही कीमत पर मैच करता है, इसलिए क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित करना मुश्किल हो जाता है।&#8221;</p>



<p>SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा, &#8220;इससे आखिरी मिनट में होने वाले बड़े इंस्टीट्यूशनल ट्रेड्स का असर कम होता है, प्राइस डिस्कवरी बेहतर होती है, और बेंचमार्क वैल्यूज़ असल मार्केट डिमांड और सप्लाई को बेहतर ढंग से दिखाती हैं। कुल मिलाकर, इससे मार्केट में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है।&#8221;</p>



<p>इसके अलावा, इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट के लिए, सभी ट्रेडिंग दिनों में ट्रेडिंग पहले के 3:30 बजे के बजाय 3:40 बजे तक जारी रहेगी।</p>
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		<title>शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन उछाल, निफ्टी 24350 के पार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 12:14:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[शेयर बाजार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="303" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/86iyu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/86iyu.jpg 773w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/86iyu-300x147.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/86iyu-768x377.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;लगातार तीसरे सेशन में 31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। फाइनेंशियल, ऑटो और कुछ बड़े शेयरों में तेज़ी की वजह से निफ्टी 24,350 के लेवल के ऊपर बंद हुआ। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21% बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27% बढ़कर 24,383.60 पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="303" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/86iyu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/86iyu.jpg 773w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/86iyu-300x147.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/86iyu-768x377.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;लगातार तीसरे सेशन में 31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। फाइनेंशियल, ऑटो और कुछ बड़े शेयरों में तेज़ी की वजह से निफ्टी 24,350 के लेवल के ऊपर बंद हुआ। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21% बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27% बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आज के सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर</h2>



<p>निफ्टी पर बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, जियो फाइनेंशियल, M&amp;M और अडानी पोर्ट्स सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयर रहे, जबकि TCS, एटरनल, मैक्स हेल्थकेयर, इंफोसिस और विप्रो सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">किस सेक्टर में दिखी ज्यादा तेजी</h2>



<p>सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस ज़्यादातर पॉजिटिव रही। निफ्टी मीडिया सबसे ज़्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2% की तेज़ी आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो (1.6%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1%), निफ्टी एनर्जी (1%), निफ्टी फार्मा (0.7%), निफ्टी इंफ्रा (0.7%) और निफ्टी PSU बैंक (0.5%) रहे। दूसरी ओर, निफ्टी IT में 1.5% की गिरावट आई, जिससे यह सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर बन गया, जबकि निफ्टी FMCG में 1% की गिरावट आई।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या कहते हैं एक्सपर्ट</h2>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>बाज़ार में तेज़ी का रुख बना रहा, हालांकि ऊंचे स्तरों पर कुछ प्रॉफिट बुकिंग भी देखी गई, क्योंकि हाई यील्ड और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के बीच सावधानी बरती जा रही थी। रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी, यह काफी हद तक मौजूदा अर्निंग्स सीज़न (कंपनियों के नतीजों के दौर) पर निर्भर करेगा, जिसके नतीजे अभी अनुमानों से बेहतर आ रहे हैं और साथ ही ग्लोबल रिस्क में कमी पर भी।-&nbsp;विनोद नायर, हेड ऑफ़ रिसर्च, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड</p>
</blockquote>



<p>हालिया तेज़ी के बाद घरेलू IT इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। वहीं, मजबूत नतीजों और खर्च की योजनाओं के दम पर ग्लोबल चिपमेकर्स में आई रिकवरी ने AI वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताओं को कम किया, जिससे घरेलू टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव पड़ा। जैसे-जैसे अर्निंग्स सीज़न तेज़ी पकड़ेगा, बाज़ार यह पुष्टि करना चाहेगा कि नतीजों में हालिया सुधार व्यापक है, न कि सिर्फ़ कुछ ही सेक्टर तक सीमित।&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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