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	<title>बड़ीखबर &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>बड़ीखबर &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>विदेशी बैंकों में ईरान की जब्त संपत्ति छोड़ेगा अमेरिका</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 11:12:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने को लेकर कई तरह के समझौतों पर चर्चा चल रही है। अमेरिका, कतर और बाकी विदेशी बैंकों में जमा ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने पर सहमत हो गया है। रॉयटर्स को एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र से आज शनिवार को &#8230;]]></description>
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<p>अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने को लेकर कई तरह के समझौतों पर चर्चा चल रही है। अमेरिका, कतर और बाकी विदेशी बैंकों में जमा ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने पर सहमत हो गया है।</p>



<p>रॉयटर्स को एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र से आज शनिवार को मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिका का ये फैसला होर्मुज में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने से सीधे तौर पर जुड़ा है।</p>



<p><strong>ईरान की संपत्ति छोड़ेगा अमेरिका<br></strong>रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने शनिवार को बताया कि अमेरिका कतर और अन्य विदेशी बैंकों में जमा ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने पर सहमत हो गया है।</p>



<p>सूत्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए पाकिस्ताम में इसे अमेरिका के साथ बातचीत में किसी समझौते तक पहुंचने के लिए गंभीरता का संकेत बताया।</p>



<p>अमेरिका ने अभी तक ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करने के मुद्दे पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>देश की ही प्राइवेट कंपनियां बनाएंगी MiG-29K फाइटर जेट्स के पुर्जे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 09:53:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भरता और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। नौसेना ने अपने रूसी मूल के MiG-29K लड़ाकू विमानों की महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों और परीक्षण प्रणालियों के स्वदेशी विकास के लिए भारतीय निजी कंपनियों को आमंत्रित किया है। भारतीय नौसेना के इस पहल का उद्देश्य विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भरता और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। नौसेना ने अपने रूसी मूल के MiG-29K लड़ाकू विमानों की महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों और परीक्षण प्रणालियों के स्वदेशी विकास के लिए भारतीय निजी कंपनियों को आमंत्रित किया है।</p>



<p>भारतीय नौसेना के इस पहल का उद्देश्य विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करना और महत्वपूर्ण विमान घटकों पर भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। ताकि समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में तैनात यह लड़ाकू विमान हर समय युद्ध के लिए तैयार रहे।</p>



<p><strong>मिग-29 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान<br></strong>दरअसल, मिग-29के अत्याधुनिक, हर मौसम में कारगर रहने वाला सुपरसोनिक बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है, यह भारतीय नौसेना का प्रमुख विमानवाहक पोत आधारित हमलावर विमान है। यह INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत से संचालित होता है और हवाई वर्चस्व, समुद्री हमले और समुद्री नियंत्रण पर विशेष ध्यान देता है।</p>



<p><strong>नौसेना ने क्यों उठाया ऐसा कदम?<br></strong>नौसेना को इसके रखरखाव, पुर्जों की उपलब्धता और सेवायोग्यता से संबंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कई बार ऐसा देखने में आया है कि विमानों के मेंटेनेंस की जरूरतें समय पर पूरा नहीं हो पाती, ऐसे में भारतीय नौसेना ने MiG-29K फाइटर जेट्स की परिचालन क्षमता और रखरखाव को मजबूत करने के लिए स्वदेशी निजी कंपनियों, एमएसएमई और रक्षा फर्मों को आमंत्रित किया है।</p>



<p><strong>किसे किया आमंत्रित?<br></strong>नौसेना ने उन प्रतिष्ठित भारतीय फर्मों को आमंत्रित किया है, जिनके पास इस परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए तकनीकी और वित्तीय क्षमता, बुनियादी ढांचा और अनुभव हो। ये फर्म भारत में स्थित हों और जिनके पास इस परियोजना को क्रियान्वित करने की तकनीकी और वित्तीय क्षमता, बुनियादी ढांचा और अनुभव हो।</p>



<p><strong>यह निजी कंपनियां संभवतः&nbsp;</strong>रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों और अनुसंधान संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगी। इस कदम का उद्देश्य स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करना और आपूर्ति श्रृंखला नियंत्रण के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान का बेबी बम: होर्मुज में बिछाया मिनी पनडुब्बियों का जाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 12:18:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[बेबी बम]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज 39वां दिन है। इजरायल और अमेरिका मिलकर लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं। वहीं ईरानी सेना भी खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रही है। मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के मध्य में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। ईरान इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज 39वां दिन है। इजरायल और अमेरिका मिलकर लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं। वहीं ईरानी सेना भी खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रही है।</p>



<p>मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के मध्य में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। ईरान इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत के रूप में देख रहा है। इस जलमार्ग में ईरान ने कई मिनी पनडुब्बी तैनात की हुई हैं। ये पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपी हुई हैं।</p>



<p><strong>ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछाया जाल<br></strong>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान ने बेबी पनडुब्बियां तैनात की हुई हैं। इनमें से 20 से ज्यादा पनडुब्बियां पूरी तरह एक्टिव हैं। ईरान की ये पनडुब्बियां काफी छोटी हैं, लेकिन उतनी ही घातक साबिक हो सकती हैं। इस जलमार्ग में ये बेबी पनडुब्बियां अमेरिकी सेना के लिए घातक बन सकती हैं।</p>



<p>ईरान की इन पनडुब्बियों का नाम गादिर क्लास है, जो कि इलेक्ट्रिक-डीजल पनडुब्बी है। ये पनडुब्बी 29 मीटर लंबी, 9 मीटर चौड़ी है। इन पनडुब्बियों को ऐसे जलमार्ग पर भी छोड़ा जा सकता है, जहां सिर्फ 8.2 मीटर गहरा पानी है।</p>



<p><strong>अमेरिका के लिए पनडुब्बी ढूंढना मुश्किल<br></strong>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता काफी संकरा और छिछला है। इस जलमार्ग की औसत गहराई 36 मीटर है। कहीं-कहीं पर ये जलमार्ग सिर्फ 20 मीटर ही गहरा है, वहीं तट के पास इसकी गहराई 50 से 110 मीटर के करीब है।</p>



<p>ईरान के पास जो पनडुब्बी हैं, वो 20 मीटर गहरे पानी में भी छिपाई जा सकती हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सोनार सिस्टम भी काम नहीं कर पाता, जिससे किसी भी सेना के लिए इन पनडुब्बियों का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।</p>



<p><strong>छोटा पैकेट, बड़ा धमाका<br></strong>ईरान की ये पनडुब्बी इतनी छोड़ी होती है कि इसमें सिर्फ 7 लोगों का क्रू होता है। ये पनडुब्बियां लंबी-लंबी यात्राएं नहीं कर सकतीं, इन्हें छोटी यात्राओं के लिए ही बनाया गया है।</p>



<p>इन पनडुब्बियों का आकार छोटा होने के बाद भी ये तेज हमलों के लिए बनाई गई हैं। पानी की सतह पर ये पनडुब्बी 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं, वहीं पानी के अंदर इन मिनी पनडुब्बी की स्पीड 14 किलोमीटर प्रति घंटा के करीब होती है।</p>



<p>ईरान की इन पनडुब्बियों का आकार छोटा है, लेकिन ये घातक हथियार भी अपने साथ ले जा सकती हैं। इन पनडुब्बी में 533 मिलीमीटर की टॉरपीडो ट्यूब हैं।</p>



<p>इस पनडुब्बी का सबसे खतरनाक हथियार हूट सुपरकैविटेटिंग टॉरपीडो है। ये टॉरपीडो पानी में 360 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है। ये टॉरपीडो एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे बड़े जहाज को भी तबाह कर सकता है।</p>



<p><strong>सोनार के लिए भी पकड़ पाना मुश्किल<br></strong>गादिर क्लास पनडुब्बी को ढूंढना किसी भी सेना के लिए इसलिए मुश्किल है, क्योंकि इन पनडुब्बियों को आसानी से पानी के अंदर छिपाया जा सकता है। ये पनडुब्बी समुद्र तल पर आसानी से बैठ सकती है।</p>



<p>गादिर क्लास पनडुब्बी का इंजन बंद कर दिया जाता है। इंजन बंद होने पर सोनार से भी इन्हें नहीं ढूंढा जा सकता है। सोनार पानी के अंदर हथियारों को डिटेक्ट करने वाला यंत्र है। जब इन पनडुब्बियों का इंजन बंद होता है तो सोनार पर ये किसी चट्टान या समुद्र तल की तरह ही दिखती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत के सबसे उन्नत परमाणु रिएक्टर ने पार किया पहला पड़ाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 12:08:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[उन्नत परमाणु रिएक्टर]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत ने सोमवार को अपने नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक लंबे समय से प्रतीक्षित मील का पत्थर हासिल कर लिया। देश का सबसे उन्नत परमाणु रिएक्टर तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) क्रिटिकैलिटी स्टेज तक पहुंच गया है। इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>भारत ने सोमवार को अपने नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक लंबे समय से प्रतीक्षित मील का पत्थर हासिल कर लिया। देश का सबसे उन्नत परमाणु रिएक्टर तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) क्रिटिकैलिटी स्टेज तक पहुंच गया है। इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की परमाणु यात्रा में एक निर्णायक क्षण बताया।</p>



<p><strong>पीएम ने PFBR की नई उपलब्धि पर बधाई दी<br></strong>प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा, “आज, भारत अपनी नागरिक परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम उठा रहा है, जिससे उसके परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण आगे बढ़ रहा है। कलपक्कम में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है।” उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि “हमारी वैज्ञानिक क्षमता की गहराई और हमारी इंजीनियरिंग उद्यम की ताकत” को दर्शाती है।</p>



<p>भविष्य में भारत के विशाल थोरियम भंडारों का उपयोग करने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है। मालूम हो कि क्रिटिकैलिटी वह स्टेज है, जहां रिएक्टर एक स्व स्थायी परमाणु विखंडन प्रतिक्रिया प्राप्त कर लेता है। इस स्थिति में उत्पन्न न्यूट्रॉनों की संख्या प्रतिक्रिया को बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के जारी रखने के लिए पर्याप्त होती है।</p>



<p>हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि रिएक्टर अभी पूरी क्षमता से बिजली उत्पन्न कर रहा है, लेकिन किसी भी परमाणु संयंत्र को चालू करने की प्रक्रिया में यह सबसे महत्वपूर्ण मील के पत्थरों में से एक है।</p>



<p><strong>500 मेगावाट बिजली होगी तैयार<br></strong>PFBR, जो कि 500 मेगावाट क्षमता वाला एक सोडियम-कूल्ड फास्ट ब्रीडर रिएक्टर है। इसको तैयार होने में दो दशकों से अधिक का समय लगा है। इसके निर्माण में भारत के परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठान द्वारा अब तक की सबसे जटिल इंजीनियरिंग और सामग्री संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इस रिएक्टर को परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाले ‘भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड’ (BHAVINI) द्वारा विकसित और संचालित किया जाता है। यह रिएक्टर कलपक्कम स्थित ‘इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र’ (IGCAR) के परिसर में स्थित है।</p>



<p>भारत के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए। परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ अजीत कुमार मोहंती ने कहा कि कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने अपनी ‘पहली क्रिटिकैलिटी’ हासिल कर ली है। यह उपलब्धि भारत के उस तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रवेश का प्रतीक है। जिसकी परिकल्पना होमी जहांगीर भाभा ने की थी।</p>



<p><strong>वैश्विक स्तर पर इस तकनीक का रूस कर रहा इस्तेमाल<br></strong>आज, भारत ने देश में परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। भारत ने डॉ. होमी जहांगीर भाभा द्वारा परिकल्पित तीन-चरणों वाले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रवेश कर लिया है। डॉ. भाभा को हमारे देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का जनक माना जाता है।</p>



<p>वैश्विक स्तर पर, वर्तमान में केवल रूस ही एक कार्यरत वाणिज्यिक फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का संचालन कर रहा है, जो इस उपलब्धि की तकनीकी विशिष्टता को रेखांकित करता है। अतीत में कई अन्य देशों ने भी ब्रीडर रिएक्टर कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया था, लेकिन लागत, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और तकनीकी जटिलताओं के कारण उन्होंने इन कार्यक्रमों को त्याग दिया।</p>



<p>यह उपलब्धि भारत के व्यापक जलवायु और ऊर्जा लक्ष्यों के भी अनुरूप है। सरकार ने कम कार्बन और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की दिशा में अपने प्रयासों के तहत, 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर 100 गीगावाट करने की एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। PFBR जैसे ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों’ को संभावित ‘गेम चेंजर’ के रूप में देखा जा रहा है, जो कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी लाने के साथ-साथ दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एअर इंडिया ने भी बढ़ाए टिकट के दाम, 26 हजार रुपये तक महंगा हो जाएगा किराया</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%8f%e0%a4%85%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%8f-%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%95/667999</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:56:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर अब हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है। देश की प्रमुख एयरलाइन एअर इंडिया ने लागत के बढ़ते दबाव को देखते हुए अपने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव का फैसला लिया है। एयरलाइन के इस कदम के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर अब हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है। देश की प्रमुख एयरलाइन एअर इंडिया ने लागत के बढ़ते दबाव को देखते हुए अपने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव का फैसला लिया है।</p>



<p>एयरलाइन के इस कदम के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों की कीमतों में इजाफा होना तय है, जिससे आने वाले दिनों में डोमेस्टिक फ्लाइट में किराया 299 रुपये लेकर 899 रुपये तक बढ़ जाएगा। वहीं, इंटरनेशनल टिकटों के दाम 2,200 रुपये लेकर 26,000 रुपये तक बढ़ जाएंगे।</p>



<p><strong>8 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें<br></strong>दुनिया भर में जेट फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी के बाद एअर इंडिया की ओर से अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया है। यह बदलाव 8 अप्रैल, बुधवार से ज्यादात्तर रूट्स पर लागू हो जाएंगे। वहीं, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए, बदला हुआ सरचार्ज 10 अप्रैल, 2026 से लागू होगा।</p>



<p>एयरलाइन के अनुसार, टिकटों की कीमतों में बढ़ोत्तरी का फैसला पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अपनाए गए एक संतुलित दृष्टिकोण के बाद लिया गया है। जिसमें घरेलू एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी को 25 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया था।</p>



<p><strong>दूरी-आधारित ग्रिड सिस्टम लागू<br></strong>एअर इंडिया की ओर से घरेलू उड़ानों के लिए एक तय सरचार्ज के बजाय दूरी-आधारित ग्रिड सिस्टम लागू किया है। वहीं, इंटरनेशनल उड़ानों के लिए एयरलाइन ने कीमतों में ज्यादा बदलाव किया है। क्योंकि इंटरनेशनल ATF की कीमतों पर कोई लिमिट नहीं है।</p>



<p>हालांकि, एयर इंडिया ने कहा कि यह सरचार्ज जेट फ्यूल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को पूरी तरह से कवर नहीं करता है। एयरलाइन इस बढ़ोतरी के एक हिस्से का बोझ खुद उठाना जारी रखे हुए है।</p>



<p><strong>फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी<br></strong>इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के डेटा के अनुसार, 27 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में जेट फ्यूल की औसत वैश्विक कीमत बढ़कर 195.19 डॉलर प्रति बैरल हो गई। यह कीमत फरवरी में 99.40 डॉलर प्रति बैरल थी। यानी एक महीने में फ्यूल की कीमतों में करीब 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से, दुनिया भर की एयरलाइंस के लिए फ्यूल सबसे बड़े लागत दबावों में से एक बन गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> शाही अंदाज में शादी के बंधन में बंधे IPS केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा, जोधपुर में गूंजी शहनाइयां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Mar 2026 12:35:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[अंशिका वर्मा]]></category>
		<category><![CDATA[आईपीएस केके बिश्नोई]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित पुलिस अधिकारी आईपीएस केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा रविवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में विवाह बंधन में बंध गए। जोधपुर के ऐतिहासिक अजीत भवन में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल शादी में पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति और आधुनिक शाही अंदाज का आकर्षक संगम देखने को मिला। समारोह में परिवारजन, करीबी मित्र &#8230;]]></description>
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<p>उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित पुलिस अधिकारी आईपीएस केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा रविवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में विवाह बंधन में बंध गए। जोधपुर के ऐतिहासिक अजीत भवन में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल शादी में पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति और आधुनिक शाही अंदाज का आकर्षक संगम देखने को मिला। समारोह में परिवारजन, करीबी मित्र और गणमान्य लोग शामिल हुए।</p>



<p><strong>पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ&nbsp;रवाना हुई&nbsp;बारात</strong><br>शादी की शुरुआत बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना स्थित केके बिश्नोई के पैतृक निवास से हुई, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बारात रवाना की गई। बारात में शामिल लोगों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया और पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। दूल्हे के रूप में केके बिश्नोई शाही अंदाज में नजर आए। काले चश्मे और हाथ में तलवार लिए उनका लुक आकर्षण का केंद्र रहा।</p>



<p><strong>शादी में दिखी&nbsp;राजस्थानी रीति-रिवाजों की झलक</strong><br>जोधपुर पहुंचने पर अजीत भवन में बारात का भव्य स्वागत किया गया। पूरे स्थल को पारंपरिक साज-सज्जा और रोशनी से सजाया गया था, जिसने समारोह को और भी खास बना दिया। विवाह के दौरान राजस्थानी रीति-रिवाजों का पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पालन किया गया। इससे पहले सर्किट हाउस, जोधपुर में भी बारातियों ने जमकर नृत्य किया।</p>



<p><strong>मेहमानों के लिए थी खास व्यवस्था</strong><br>समारोह में ढोल-नगाड़ों की थाप पर महिलाओं और परिजनों ने नृत्य कर खुशियां मनाईं। शादी का हर पल उत्साह और उल्लास से भरा नजर आया। इस अवसर पर मेहमानों के लिए विशेष राजस्थानी व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई थी।</p>



<p><strong>शादी के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल</strong><br>यह विवाह समारोह सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा। दोनों अधिकारियों की जोड़ी को ‘पावर कपल’ के रूप में देखा जा रहा है। जैसे ही शादी की तस्वीरें सामने आईं, वे तेजी से वायरल हो गईं और लोगों ने शुभकामनाओं की बाढ़ लगा दी।</p>
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		<title>ट्रैफिक कंट्रोलर बोला- मैंने गलती कर दी; न्यूयॉर्क के एयरपोर्ट पर बड़ी विमान दुर्घटना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 11:20:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रैफिक कंट्रोलर]]></category>
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					<description><![CDATA[न्यूयॉर्क के हवाई अड्डे पर हुई इस दुर्घटना ने हवाई अड्डों पर जमीनी यातायात और हवाई यातायात के समन्वय पर सवाल उठाए हैं। पूर्व परिवहन विभाग निरीक्षक जनरल मैरी स्कियावो ने कहा कि यह एफएए के लिए एक चेतावनी है, क्योंकि हवाई अड्डों पर ऐसी दुर्घटनाएं पहले भी होती रही हैं। ला गार्डिया एयरपोर्ट उन्नत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>न्यूयॉर्क के हवाई अड्डे पर हुई इस दुर्घटना ने हवाई अड्डों पर जमीनी यातायात और हवाई यातायात के समन्वय पर सवाल उठाए हैं। पूर्व परिवहन विभाग निरीक्षक जनरल मैरी स्कियावो ने कहा कि यह एफएए के लिए एक चेतावनी है, क्योंकि हवाई अड्डों पर ऐसी दुर्घटनाएं पहले भी होती रही हैं। ला गार्डिया एयरपोर्ट उन्नत सतह निगरानी प्रणाली वाले 35 प्रमुख अमेरिकी हवाई अड्डों में से एक है, जो विमानों और वाहनों की आवाजाही पर नजर रखता है।</p>



<p>न्यूयॉर्क के ला गार्डिया एयरपोर्ट पर रविवार देर रात एक बड़ा विमान हादसा हो गया। एयर कनाडा के एक विमान की लैंडिंग के दौरान फायर ट्रक से टक्कर हो गई। इस भीषण टक्कर में विमान के पायलट और सह-पायलट की मौत हो गई। इस दुर्घटना में कई अन्य लोग घायल हुए हैं।</p>



<p>यह हादसा स्थानीय समयानुसार रविवार रात करीब 11:46 बजे हुआ। 70 से ज्यादा यात्रियों को लेकर एयर कनाडा का विमान मॉन्ट्रियल से ला गार्डिया एयरपोर्ट पर उतर रहा था। इसी दौरान एक फायर ट्रक टैक्सीवे पार कर रहा था। यह फायर ट्रक किसी अन्य विमान में आई गंध की सूचना पर जांच के लिए भेजा गया था।</p>



<p><strong>एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने दिया था फायर ट्रक को रुकने का निर्देश<br></strong>एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने फायर ट्रक को रुकने का निर्देश दिया था, लेकिन यह निर्देश स्पष्ट रूप से नहीं पहुंचा या उसका पालन नहीं हुआ। इसके तुरंत बाद विमान और फायर ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। घटना के बाद एयरपोर्ट संचार पर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को यह कहते हुए सुना गया कि हम पहले एक आपात स्थिति से निपट रहे थे। मैंने गलती कर दी। यह घटना एयर ट्रैफिक कंट्रोल के समन्वय में गंभीर चूक की ओर इशारा करती है।</p>



<p><strong>कई घायलों की हालत गंभीर<br></strong>विमान में सवार लगभग 40 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को चोटें आईं, जिनमें से कुछ गंभीर थीं। फायर ट्रक में सवार दो लोग भी घायल हुए। अधिकांश घायलों को सोमवार सुबह तक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। टक्कर के कारण विमान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे तार और मलबा लटकते दिखाई दिए। घटनास्थल की तस्वीरों में फायर ट्रक एक तरफ पलटा हुआ नजर आया, जिसका पिछला हिस्सा सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त था।</p>



<p>इस दुर्घटना के कारण ला गार्डिया एयरपोर्ट को कम से कम सोमवार दोपहर तक बंद कर दिया गया। यह पहले से ही सरकारी शटडाउन के कारण हवाई अड्डों पर चल रही अव्यवस्था के बीच एक बड़ी समस्या बन गया। दोपहर तक ला गार्डिया में 600 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं।</p>



<p><strong>यात्रियों ने सुनाई आपबीती<br></strong>यात्री रेबेका लिकोरी ने बताया कि उतरते समय विमान में झटके महसूस हुए और फिर एक तेज धमाका हुआ। उन्होंने कहा, “सभी अपनी सीटों से उछल गए। लोगों के सिर टकराए, खून बहने लगा।” लिकोरी ने आपातकालीन निकास द्वार खोलने में मदद की और यात्रियों को एक-दूसरे की मदद करते हुए पंख के सहारे बाहर निकलते देखा। उन्होंने कहा, “मैं जिंदा हूं, बस यही बहुत है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक घंटे की उड़ान, जिसे मैंने अनगिनत बार किया है, ऐसे समाप्त होगी।”</p>



<p><strong>दुर्घटना की जांच जारी<br></strong>इस दुर्घटना की जांच नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के नेतृत्व में की जा रही है। अमेरिका और कनाडा दोनों ने जांच दल भेजे हैं। न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के पोर्ट अथॉरिटी के कार्यकारी निदेशक कैथरीन गार्सिया ने बताया कि मरने वाले पायलट और सह-पायलट कनाडा के थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “भयानक” स्थिति बताया।</p>
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		<title>114 राफेल, 60 MTA विमान और AEW&#038;C का सौदा कब तक होगा पूरा?</title>
		<link>https://livehalchal.com/114-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%b2-60-mta-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-aewc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%95/666434</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 10:08:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[114 राफेल]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए भारत वित्त वर्ष 2026-27 में कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट पूरी करने की तैयारी में है। इनमें 114 राफेल फाइटर जेट, 60 तक मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (एमटीए) और एक्स्ट्रा एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्ल्यू एंड सी) सिस्टम खरीद सौदा शामिल है। इस बात की जानकारी रक्षा मंत्रालय ने संसदीय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए भारत वित्त वर्ष 2026-27 में कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट पूरी करने की तैयारी में है। इनमें 114 राफेल फाइटर जेट, 60 तक मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (एमटीए) और एक्स्ट्रा एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्ल्यू एंड सी) सिस्टम खरीद सौदा शामिल है। इस बात की जानकारी रक्षा मंत्रालय ने संसदीय समिति को दी।</p>



<p>मंत्रालय ने रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति को बताया को बताया, “2025-26 के बजट अनुमानों की तुलना में इंडियन एयरफोर्स के कैपिटल बजट में 37.03% की बढ़ोतरी हुई है। आवंटित फंड का इस्तेमाल कुछ बड़ी नई योजनाओं के लिए करने की योजना है, जैसे मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (प्रस्तावित राफेल डील का जिक्र), कॉम्बैट इनेबलर्स, मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और मीडियम-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस RPA, इसके अलावा पहले से चल रही जरूरी देनदारियों के लिए भी इसका इस्तेमाल होगा।”</p>



<p><strong>फरवरी में दी गई मंजूरी<br></strong>इस साल फरवरी में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) कार्यक्रम के तहत 114 राफेल जेट की खरीद को मंजूरी दी। इन जेट और सैन्य साजो-सामान के लिए प्रस्तावित सौदे की लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।</p>



<p>MRFA मॉडल के तहत नए राफेल विमान भारत में ही फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन द्वारा एक भारतीय पार्टनर के सहयोग से बनाए जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है, “सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए, विशेष रूप से मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में समिति वायु सेना से आग्रह करती है कि वह आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग हथियारों और अन्य महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म की खरीद में प्रभावी ढंग से करे।”</p>



<p>रक्षा अधिग्रहण बोर्ड ने हाल ही में IAF के लिए 60 मध्यम परिवहन विमान (MTA) खरीदने की एक योजना को मंजूरी दी है, जिसकी अनुमानित लागत 1 लाख करोड़ रुपये है।</p>



<p><strong>क्या है कार्यक्रम का मकसद?<br></strong>इस कार्यक्रम का मकसद पुराने हो चुके An-32 बेड़े को बदलना है, जिसके लिए 12 विमानों की ‘फ्लाई-अवे’ हालत में जरूरत होगी और 48 विमानों को देश में ही बनाया जाएगा। इसके मुख्य दावेदारों में एम्ब्रेयर C-390 मिलेनियम, लॉकहीड मार्टिन C-130J सुपर हरक्यूलिस और यूरोपीय एयरबस डिफेंस एंड स्पेस का ए-400एम शामिल हैं।</p>



<p>मंत्रालय ने समिति को बताया, “AEWACs, फ्लाइट रिफ्यूलर और विशेष इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस और निगरानी प्लेटफॉर्म जैसे महत्वपूर्ण युद्ध-सहायक साधन बहुत जरूरी हैं… ये सिस्टम न केवल हमारी इंटेलिजेंस और युद्धक्षेत्र में संचार क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि कमांडरों को आधुनिक युद्ध की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध-व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी देते हैं। ये सभी युद्ध-संबंधी इंटेलिजेंस सिस्टम तीनों सेनाओं की युद्धक क्षमता को बढ़ाने के लिए बेहद असरदार प्लेटफॉर्म हैं।”</p>



<p>समिति को यह भी बताया गया कि IAF आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्ध है और राष्ट्रीय उद्देश्यों को पूर्ण समर्थन प्रदान कर रहा है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>जेडी वेंस का दावा- ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका का सैन्य अभियान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 07:33:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[जेडी वेंस]]></category>
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					<description><![CDATA[जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत सैन्य कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप की नीति के तहत उठाया गया है। वहीं ट्रंप ने दावा किया कि हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत सैन्य कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप की नीति के तहत उठाया गया है। वहीं ट्रंप ने दावा किया कि हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।</p>



<p>अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका एक सैन्य अभियान चला रहा है, जिसे आधिकारिक तौर पर &#8216;ऑपरेशन एपिक फ्यूरी&#8217; के नाम से जाना जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों से विदेशों में तैनात सैनिकों के लिए प्रार्थना करने का भी आग्रह किया।<br>रॉकी माउंट में एक संबोधन के दौरान जेडी वेंस ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। उन्होंने दोहराया कि यह राष्ट्रपति की कही हुई बात है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>



<p><strong>ईरान पर हमले की बताई वेंस ने वजह<br></strong>वेंस ने यह भी कहा कि पिछले अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने भी इसी तरह की चिंताएं व्यक्त की थीं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए थे। उन्होंने इस सिद्धांत को सरल और सीधा बताते हुए कहा कि हर राष्ट्रपति ने इस पर विश्वास व्यक्त किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।</p>



<p><strong>अमेरिकी सैनिकों के लिए प्रार्थना का आग्रह<br></strong>जेडी वेंस ने विदेशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों के जोखिमों को भी स्वीकार किया और लोगों से प्रार्थना करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तरी कैरोलिना के कई लोग इस समय खतरे में हैं। उन्होंने सभी से, न केवल उत्तरी कैरोलिना के लोगों के लिए, बल्कि हमारे सभी 50 राज्यों के उन लोगों के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया, जो वर्दी पहनते हैं और अमेरिका की सुरक्षा, संरक्षा और स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिकों को उन लोगों का समर्थन दिखाना चाहिए, जो अमेरिका की सुरक्षा, संरक्षा और स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने को तैयार हैं।</p>



<p><strong>ट्रंप ने ईरान के हालात पर क्या कहा?<br></strong>इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया कि उन्हें लगता है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई जीवित हैं, लेकिन घायल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को &#8216;तबाह&#8217; कर रहा है और फारस की खाड़ी के देश को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक नुकसान हुआ है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पीएम मोदी आज कोलकाता में करेंगे करोड़ों की परियोजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 07:14:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम मोदी]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं, जहां वे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे राज्य को बुनियादी ढांचे, सड़क, रेलवे, बंदरगाह और कनेक्टिविटी से जुड़ी कुल 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं, जहां वे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे राज्य को बुनियादी ढांचे, सड़क, रेलवे, बंदरगाह और कनेक्टिविटी से जुड़ी कुल 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।</p>



<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं, जहां वे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे राज्य को बुनियादी ढांचे, सड़क, रेलवे, बंदरगाह और कनेक्टिविटी से जुड़ी कुल 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।</p>



<p><strong>18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन<br></strong>प्रधानमंत्री का मुख्य फोकस सड़क अवसंरचना पर है, जिसमें लगभग 16,990 करोड़ रुपये की लागत वाली 420 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें सबसे प्रमुख है खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारा का शिलान्यास, जो NH-116A का हिस्सा है।</p>



<p>यह 231 किलोमीटर लंबा चार-लेन कॉरिडोर खड़गपुर से सिलीगुड़ी के बीच की दूरी को करीब 120 किलोमीटर कम कर देगा और यात्रा समय में 7-8 घंटे की बचत करेगा। यह परियोजना पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, बीरभूम, पूर्वी बर्धमान, हुगली और मुर्शिदाबाद जिलों से गुजरेगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास, पर्यटन और व्यापार को बड़ी गति मिलेगी।</p>



<p><strong>सड़क नेटवर्क में बड़ा विस्तार<br></strong>इसके अलावा, प्रधानमंत्री एनएच-19 (पश्चिम बंगाल और झारखंड में खंड), एनएच-114 (पश्चिम बंगाल में खंड), दुबराजपुर बाईपास (NH-14 पर 5.6 किमी चार-लेन), कांगशबती और शिलाबती नदियों पर नए प्रमुख पुलों की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से सड़क सुरक्षा में सुधार, भीड़भाड़ और प्रदूषण में कमी, बेहतर क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक उन्नति की उम्मीद है।</p>



<p><strong>रेलवे क्षेत्र में भी बड़ी सौगात मिलेगी<br></strong>रेलवे क्षेत्र में भी बड़ी सौगात मिलेगी। प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छह पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों (कामाख्यागुरी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बाराभूम और सिउरी) का उद्घाटन करेंगे। वे पुरुलिया-अनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे और बेलदा-दंतन के बीच 16 किमी तीसरी रेल लाइन तथा अन्य रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।</p>



<p>बंदरगाह और शिपिंग क्षेत्र में हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 2 का मशीनीकरण, खिद्दरपुर डॉक्स का नवीनीकरण, कोलकाता डॉक सिस्टम में बेस्क्यूल ब्रिज का विकास और हावड़ा ब्रिज से निमतला घाट तक कोलकाता रिवरफ्रंट की बैंक प्रोटेक्शन कार्य शामिल हैं।</p>



<p><strong>रैली में ममता सरकार पर साधेंगे निशाना<br></strong>प्रधानमंत्री की इस जनसभा में ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी केंद्र की योजनाओं को लागू न करने, विकास में बाधा डालने और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर केंद्र सरकार की उपलब्धियों के साथ तुलना करेंगे। यह दौरा लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की &#8216;परिवर्तन यात्रा&#8217; के समापन का हिस्सा है, जिसमें विकास और कनेक्टिविटी को प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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