एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले अधिकारी को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना भारी पड़ गया। रिटर्न के लालच में आकर अधिकारी ने स्कैमर्स को पैसे दिए दिए, जिसके चलते उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। पुणे के हिंजेवाड़ी में एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कंपनी के एक कर्मचारी (31) को साइबर बदमाशों ने 5 नवंबर से 20 नवंबर के बीच दो बार ठगकर 25 लाख रुपये गंवा दिए।
25 लाख गंवाने के बाद पीड़ित ने बुधवार को हिंजेवाड़ी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। हिंजेवाड़ी पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि पीड़ित को 5 नवंबर को उसके मोबाइल मैसेंजर ऐप पर पार्ट-टाइम जॉब के बारे में एक मैसेज मिला। जब उसने जॉब प्रोफ़ाइल के बारे में पूछना शुरू किया, तो उसे ऐप पर एक ग्रुप में जोड़ दिया गया।
पीड़ित को मिलता 30% का कमीशन
मामले की जांच कर एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित को क्रिप्टोकरेंसी में उसके इन्वेस्टमेंट पर 30% कमीशन देने का वादा किया गया था। उसे क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट करने के काम दिए गए थे।”
उन्होंने कहा कि पीड़ित ने 13 नवंबर तक उन्हें दिए गए अलग-अलग बैंक अकाउंट नंबर में 16.45 लाख रुपये ट्रांसफर किए। जब उन्होंने अपने पैसे निकालने चाहे, तो उन्हें और पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। तब पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हो रहा है और उन्होंने उन्हें जवाब देना बंद कर दिया। उन्होंने कहा, “13 नवंबर को उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।”
ऑफिसर ने बताया कि 13 नवंबर पीड़ित को दो अलग-अलग नंबर से दो लिंक मिले। उन्होंने अनजाने में उन लिंक पर क्लिक कर दिया। स्कैमर्स ने उनके फोन और दो बैंक अकाउंट का एक्सेस ले लिया और 18 से 20 नवंबर के बीच उनके बैंक अकाउंट से 8.58 लाख रुपये निकाल लिए।
साउथ कोरिया में हुआ क्रिप्टो साइबर अटैक
योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, साउथ कोरिया को शक है कि देश के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, अपबिट पर हुए एक बड़े साइबर अटैक के पीछे नॉर्थ कोरिया की टीम का हाथ हो सकता है। इस हमले की वजह से गुरुवार को क्रिप्टोकरेंसी में बिना इजाज़त के 44.5 बिलियन वॉन ($30.4 मिलियन) निकाले गए।
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